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बुज़ुर्गों, ये 5 फल तुरंत बंद करें – ये आपकी सेहत खराब कर रहे हैं!

Healthy Hamesha

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[0:00]क्या आपको पता है 60 साल की उम्र के बाद कुछ फ्रूट्स आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं? जी हां, हम बचपन से सुनते आए हैं कि फ्रूट्स खाना हेल्दी होता है। पर एक शौकिंग बात बताऊं? हर एक फ्रूट सीनियर्स के लिए हेल्दी नहीं होता। क्यों? क्योंकि कुछ फ्रूट्स ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं। कुछ आपके डाइजेशन को खराब कर सकते हैं और कुछ चुपचाप हार्ट और जॉइंट्स को डैमेज भी कर सकते हैं। दोस्तों, 60 साल की उम्र के बाद अपनी डाइट में सही फ्रूट्स को इंक्लूड करना बहुत जरूरी होता है। सही फलों से इम्यूनिटी बूस्ट होती है, डाइजेशन बेटर होता है और डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी कॉमन प्रॉब्लम्स कंट्रोल में रह सकती हैं। तो आज के इस वीडियो में हम 60 साल या उससे ज्यादा उम्र वाले सभी लोगों के लिए पांच बेस्ट और पांच वर्स्ट फ्रूट्स के बारे में बात करेंगे। यह रिकमेंडेशंस मैंने मॉडर्न न्यूट्रिशन साइंस और आयुर्वेदिक प्रिंसिपल्स दोनों को ध्यान में रखते हुए तैयार की हैं ताकि आप अपनी फैमिली में सबको सेहतमंद और सेफ रख सकें। तो चलिए शुरुआत करते हैं आज के इस वीडियो की और जानते हैं इन सभी फ्रूट्स के बारे में अच्छे भी और बुरे भी पूरी डिटेल में। सीनियर्स के लिए फ्रूट्स चूज करते वक्त हमने दोस्तों कुछ इंपोर्टेंट क्राइटेरिया ध्यान में रखे हैं। पहला क्राइटेरिया है इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स एंड शुगर कंटेंट। यानी किसी फ्रूट के अंदर कितनी शुगर है और यह आपके ब्लड शुगर पर कितना असर डालता है। दूसरा क्राइटेरिया है इनकी न्यूट्रिएंट डेंसिटी। यानी किसी फ्रूट में कितने विटामिंस कितने मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। तीसरा क्राइटेरिया है डाइजेशन एंड फाइबर। यानी किसी फ्रूट को डाइजेस्ट करना हमारे लिए कितना इजी है और इसमें फाइबर कितनी मात्रा में है और चौथा क्राइटेरिया है आयुर्वेदिक दोषा बैलेंस। यानी इस फ्रूट का यानी जो भी फ्रूट आप ले रहे हैं उसका आपके दोषों के ऊपर क्या असर पड़ता है तो आइए अब डिटेल में देखते हैं कि इन सभी क्राइटेरिया के ऊपर बेस्ड कौन से ऐसे फ्रूट्स हैं जो कि सीनियर्स के लिए बेस्ट है? और कौन से फ्रूट्स ऐसे हैं जो कि उन्हें अवॉइड करने चाहिए या फिर लिमिट में रखने चाहिए? तो पहला है आंवला यानी इंडियन गूसबेरी। दोस्तों, आंवला विटामिन सी का किंग है। आपको जानकर बड़ी ही हैरानी होगी कि सिर्फ 100 ग्राम आंवला के अंदर 20 संत्रों जितना विटामिन सी होता है। हाई विटामिन सी से इम्यूनिटी बहुत स्ट्रांग होती है और बॉडी को इनफेक्शंस से लड़ने में मदद मिलती है। आंवला में पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लैवोनोइड्स भी होते हैं जो कि ब्रेन हेल्थ को और मेमोरी को भी सपोर्ट करते हैं। मतलब सीनियर्स की याददाश्त और कॉग्निटिव हेल्थ के लिए यह एक दमदार फ्रूट है। प्लस इसमें कैलोरीज भी बहुत कम होती हैं और शुगर भी नेगलिजिबल है। तो वेट के ऊपर भी या शुगर के ऊपर भी आपको इसका कोई ज्यादा बुरा असर नहीं दिखता है। आयुर्वेद आंवला को एक एंटी-एजिंग टॉनिक मानता है, दोस्तों, क्योंकि यह शरीर को डिटॉक्स करके डिजीज से फाइट करने की शक्ति देता है। तो डेली एक आंवला आप जरूर खाएं। आंवला को आप इसके सीजन में दोस्तों फ्रेश खाएंगे तो आपके लिए बेस्ट रहेगा। वैसे ये बहुत खट्टा और कसैला होता है तो अगर इसका टेस्ट आपको ज्यादा ही स्ट्रांग लगता है, खा नहीं पाते हैं तो इसे आप काला नमक डालकर या फिर शहद के साथ भी खा सकते हैं। या फिर आप चाहें तो इसका जूस निकालकर पी भी सकते हैं। जूस निकालने के लिए आपको बाजार से नहीं लेना है बल्कि एक या दो आंवले ले लीजिए। उनकी गुठली निकालकर आप इन्हें बारीक काट लीजिए और एक ग्लास पानी के साथ इनको ब्लेंड कर लीजिए। टेस्ट के लिए आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा शहद या फिर थोड़ा सा काला नमक भी मिला सकते हैं। दूसरा है जामुन। दोस्तों जामुन डायबिटिक सीनियर्स के लिए एक नेचुरल इंसुलिन की तरह है। यह ब्लड शुगर स्पाइक नहीं होने देता है। और पेट का भी बहुत ही बढ़िया दोस्त है और आपके पेट के अंदर कब्ज को और डायरिया को दोनों को ही दूर करता है। दरअसल जामुन में एक खास कंपाउंड जंबोलिन होता है जो कि स्टार्च को शुगर में कन्वर्ट होने के प्रोसेस को स्लो कर देता है। और इसी वजह से आयुर्वेद से लेकर मॉडर्न साइंस तक सभी जामुन को डायबिटीज के लिए रामबाण मानते हैं। जामुन में डाइजेस्टिव एंजाइम्स भी होते हैं। जो कि खाने को ब्रेक डाउन करने में हेल्प करते हैं। यह आपके कॉन्स्टिपेशन को भी प्रिवेंट करता है और इम्यूनिटी बूस्ट करता है और यह आपके हार्ट के लिए भी बहुत ही बढ़िया चीज है। आपके बीपी को स्टेबल रखता है और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी आपकी मदद कर सकता है। तो जब भी सीजन हो तो जामुन को भी आपको जरूर खाना चाहिए। इट इज ऑल्सो वन ऑफ द बेस्ट फ्रूट्स फॉर सीनियर सिटीजंस। तीसरा है अनार यानी पोमेग्रेनेट। दोस्तों अनार हार्ट और ब्रेन के लिए एक सुपर फ्रूट है। यह आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करेगा, आर्टरीज को हेल्दी रखेगा और बॉडी में नया खून बनाएगा। कोलेस्ट्रॉल पर भी अनार का कुछ हद तक फायदा देखा गया है। दो रिजल्ट्स मिक्सड है, लेकिन एटलीस्ट एचडील यानी जो आपका गुड कोलेस्ट्रॉल होता है, उसको इंप्रूव करने में यह आपकी हेल्प कर सकता है। जॉइंट्स और अर्थराइटिस की बात करें तो इनके लिए भी अनार बहुत बेनिफिशियल है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स इन्फ्लेमेटरी मार्कर्स को कम कर सकते हैं। जो कि जॉइंट पेन रिलीफ में आपकी हेल्प करेगा। तो ऑल इन ऑल अगर हम बात करें तो अनार एक ऑल राउंडर फ्रूट है जो कि हार्ट से लेकर ब्रेन तक सबको सपोर्ट करता है। सो फॉर होलिस्टिक हेल्थ सीनियर्स के लिए हफ्ते में तीन से चार बार अनार लेना एक अच्छी स्ट्रेटजी होगी। चौथा है पपीता। पपीता सीनियर्स के लिए डाइजेस्टिव एंजाइम्स को सही रखने वाला एक बेहतरीन हथियार है। जो लोग रोज सुबह पपीता खाते हैं उनको कब्ज, गैस, इनडाइजेशन और एसिडिटी जैसी शिकायतें बहुत ही कम होती हैं। क्यों? क्योंकि यह नेचुरली आपकी गट को क्लीन रखता है। यह उन लोगों के लिए भी बहुत हेल्पफुल है जिन्हें पाइल्स की प्रॉब्लम रहती है। क्योंकि सॉफ्ट स्टूल निकलने से उनकी तकलीफ किसी हद तक कम होने लगती है। पपीता हार्ट के लिए भी बहुत ही अच्छा है। इसके फाइबर एंड एंटीऑक्सीडेंट्स मिलकर आपके बैड कोलेस्ट्रॉल को यानी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं और ब्लड प्रेशर को भी नॉर्मल रेंज में रखने में आपकी हेल्प करते हैं। इससे लॉन्ग टर्म में क्या होता है कि आपको स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का रिस्क भी कम हो सकता है। ऑल्सो क्योंकि पपीता मीठा तो है पर इसमें शुगर कंटेंट उतना ज्यादा हाई नहीं होता है। तो डायबिटिक पेशेंट्स भी इसे मॉडरेट अमाउंट में ले सकते हैं। बट स्टिल अगर आप डायबिटिक हैं, आपके अंदर शुगर बड़ी रहती है तो आधा कप से ज्यादा एक टाइम पर पपीता आपको नहीं लेना चाहिए क्योंकि ज्यादा लेने से भले ही यह सेफ है बट स्टिल आपकी शुगर को बढ़ा सकता है। तो ऑल इन ऑल पपीता इज अ मस्ट इंक्लूड फ्रूट फॉर ग्रेसफुल एजिंग। पांचवा है अमरूद यानी ग्वावा। अमरूद एक बहुत ही कॉमन देसी फ्रूट है। इसके ठेले तो आपने गलियों में नुक्कड़ पर देखे होंगे बहुत बार लगे हुए। लेकिन यह जितना मामूली फ्रूट दिखता है, उतना दरअसल है नहीं। अमरूद की सबसे बड़ी खासियत है इसका लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स। जी हां, अमरूद का जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स है वह सिर्फ 12 से 24 के बीच होता है जो कि बहुत ही लो है। मतलब डायबिटिक्स भी इसको बिना किसी टेंशन के आराम से एंजॉय कर सकते हैं। दूसरा ग्वावा उन सीनियर्स के लिए भी बहुत ही यूजफुल है जिन्हें कॉन्स्टिपेशन की प्रॉब्लम रहती है, कब्ज रहती है। रोजाना एक पका हुआ अमरूद खाने से इसका फाइबर आपके बावल मूवमेंट्स को स्टिमुलेटिंग से पेट आसानी से साफ होता है। डेली एक अमरूद आप स्नैक की तरह जरूर लीजिए। अगर इसका मौसम है तो आपके लिए इट इज वन ऑफ द बेस्ट फ्रूट्स फॉर हेल्दी एजिंग। अब आप सोच रहे होंगे कि यह तो सिर्फ बेस्ट फ्रूट्स थे, पर वो पांच फ्रूट्स कहां पर हैं जो कि सीनियर्स को अवॉइड करने चाहिए? तो चलिए आइए इनके बारे में भी जान लेते हैं। लेकिन उससे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि अब आप मुझसे पर्सनल ऑनलाइन कंसल्टेशन भी ले सकते हैं। इसके लिए आपको बस एक सिंपल सा फॉर्म भरना है जो कि हमारी वेबसाइट के ऊपर अवेलेबल है। इसके अंदर आपको अपनी मेन प्रॉब्लम्स अपनी हेल्थ डिटेल्स, अपना रूटीन, लैब रिपोर्ट्स और जो जो सवाल आपसे पूछे जाएंगे वो सब लिखकर हमें सेंड करने हैं। मैं और मेरी टीम पर्सनली आपके हर एक केस को डिटेल से स्टडी करेगी और फिर आपको एक पर्सनलाइज्ड हेल्थ प्लान सजेस्ट करेंगे। जिसमें आपके हेल्थ का पूरा एनालिसिस हम लोग करेंगे। आपको कुछ आयुर्वेदिक या यूनानी दवाइयों के सजेशंस दिए जाएंगे आपकी जरूरत के मुताबिक। कुछ डीआईवाई होम रेमेडीज यानी कुछ नुस्खे आपको हम लोग बताएंगे जो आप घर में ट्राई कर सकते हैं और इसके साथ-साथ कुछ लाइफ स्टाइल और डाइट के क्लियर और प्रैक्टिकल एडवाइसेज भी आपको दी जाएंगी। और अगर जरूरत हुई तो कुछ एक्सरसाइज भी हम आपको रिकमेंड कर सकते हैं। यह होलिस्टिक हेल्थ असेसमेंट रिपोर्ट हम आपको एक पीडीएफ डॉक्यूमेंट की फॉर्म में ईमेल या फिर whatsapp-web सेफ रखें। चलिए अब वापस आते हैं आज के इस मेन टॉपिक पर और जानते हैं उन पांच फ्रूट्स के बारे में जो कि सीनियर सिटीजंस को खाना अवॉइड करना चाहिए। दोस्तों, अब जो फल मैं आपको बताने जा रहा हूं, यह वो फल हैं जो कि या तो ब्लड शुगर को स्पाइक कर देते हैं, बढ़ा देते हैं, या फिर डाइजेशन में आपके दिक्कत पैदा कर सकते हैं, या फिर आयुर्वेद में सीनियर्स के लिए ठीक नहीं माने गए हैं। वर्स्ट का मतलब ऐसे यह मत समझिएगा कि यह फल ओवरऑल बुरे हैं या कोई पॉइजन है, जहरीले हैं या बहुत ही ज्यादा नुकसानदेह हैं सबके लिए नुकसानदेह हैं। बस इसका मतलब यह है कि इन्हें कभी-कभी खाया जा सकता है और सीनियर्स की एज में यानी 60 साल की उम्र के बाद खासतौर से इसको थोड़ा सा ध्यान से आपको खाना है और अवॉइड करना है जितना भी हो सके अपनी जरूरत के हिसाब से अपनी बॉडी के हिसाब से। चलिए देखते हैं यह पांच फ्रूट्स कौन से हैं? तो नंबर वन पर है मैंगो यानी कि आम शॉक्ड। जी हां मैंगो टेस्टी तो है, दोस्तों। फलों का राजा भी है पर सीनियर्स के लिए यह रिस्की हो सकता है। इसका शुगर कंटेंट काफी ज्यादा हाई होता है जिससे कि यह ब्लड शुगर को स्पाइक और एसिडिटी को भी बढ़ा सकता है। तो सीनियर्स के लिए मैंगो एक वीकेंड ट्रीट की तरह तो यूज किया जा सकता है। यानी कभी-कभी तो आप इसको ले सकते हैं लेकिन रोजाना या ज्यादा क्वांटिटी में लेने से आपको बचना चाहिए। वैसे अगर आप आम के दीवाने हैं तो कुछ चीजें आप फॉलो जरूर करें। सबसे पहली बात कभी भी आम को आपको खाली पेट नहीं खाना है। दूसरी बात कि एक बार में ज्यादा नहीं, बस दो से तीन आम की स्लाइसेज या फिर मैक्सिमम 100 ग्राम पल्प ही आपको खाना है। खासतौर से अगर आपको डायबिटीज है तो उस केस में तीसरी बात यह है कि रात को आम आपको बिल्कुल ही अवॉइड करना है और चौथी बात कोशिश करें। कि आम को आप किसी प्रोटीन रिच फूड के साथ कंबाइन करके खाएं जैसे कि आम के स्लाइसेज के साथ आप थोड़े से बादाम खा सकते हैं या फिर अनस्वीटेंड योगर्ट खा सकते हैं जिससे कि शुगर अब्जॉर्प्शन स्लो हो जाएगा एकदम से नहीं बढ़ेगा। नंबर टू पर आता है, दोस्तों चीकू। दोस्तों चीकू एक नेचुरल कैंडी की तरह है और इसमें बहुत ज्यादा शुगर होती है। डायबिटीज और वेट गेन के लिए यह फ्रूट डेंजरस होता है और इसीलिए सीनियर्स के लिए चीकू स्ट्रिक्टली कभी कभार ही रिकमेंडेडेड है। ज्यादा इसको कभी भी आपको नहीं खाना चाहिए बुढ़ापे में। नंबर तीन पर है लीची। दोस्तों लीची एक सोने पे सुहागा टाइप का फ्रूट है। कभी-कभार आपने चार-पांच खाई तो कोई बात नहीं मन भी खुश होगा और आपको न्यूट्रिशन भी मिलेगा। पर अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं तो एक या दो से ज्यादा लीची आपको एक टाइम पर मत लीजिए। नॉन डायबिटिक सीनियर्स भी ध्यान रखें कि लीची बहुत एडिक्टिव होती है। एक खाएंगे तो हाथ रुकेगा नहीं। इसलिए हमेशा सोच समझकर ही लीची खाइए। छ सात लीची बस एक प्लेट में निकाल लीजिए और उसी को डिसाइड करके खाइए कि इससे ज्यादा मुझे नहीं खानी है। ऐसा नहीं कि बास्केट लेके बस बैठ गए और गप्पे मारते-मारते 20-25 खाली। इसके साथ-साथ ध्यान रखिए कि लीची खाने का बेस्ट टाइम मिड-मॉर्निंग या फिर मिड-आफ्टरनून होता है जब पेट थोड़ा सा खाली हो। तो इन शॉर्ट लीची को आप खाइए, लेकिन कभी-कभी और बहुत ही कम क्वांटिटी में और खासतौर से अगर आप डायबिटिक हैं तो आपको इसमें ज्यादा सजर करने की जरूरत है। और नंबर चार पर है तरबूज यानी वाटरमेलन। दोस्तों तरबूज समर सीजन का एक फेवरेट फ्रूट है और सीनियर्स के लिए इसके साथ केयरफुल रहना बहुत जरूरी होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा हाई है और इसीलिए शुगर तेजी से बढ़ सकती है। अगर आपने इसे ज्यादा खा लिया तो ब्लोटिंग भी आपको होगी, पेट भी चढ़ेगा और साथ-साथ शुगर भी बढ़ जाएगी। इसलिए हमेशा लिमिटेड क्वांटिटी में ही आप इसको लें और अगर डायबिटीज है तो इसको आप पूरी तरह से अवॉइड करें। और नंबर पांच पर है कटहल, जैक फ्रूट। जी हां, कटहल को हम सब्जी मानते हैं, लेकिन असल में यह एक फ्रूट है जो कि टेस्टी तो है, लेकिन डाइजेशन के लिए बहुत ज्यादा हैवी होता है। इससे सीनियर्स को गैस, ब्लोटिंग और कॉन्स्टिपेशन हो सकता है। इसलिए जितना भी हो सके कटहल खाने से भी आपको परहेज करना है। दोस्तों, सीनियर सिटीजंस के लिए डाइट एक इन्वेस्टमेंट की तरह है। सही फ्रूट्स चुन के वह अपने शुगर को कंट्रोल में दिल को स्ट्रांग और जॉइंट्स को स्मूथ रख सकते हैं। वहीं गलत फ्रूट्स अगर चुन लिए तो तरह-तरह की सेहत में प्रॉब्लम्स आ सकती है। तो फ्रूट्स का मजा लीजिए क्योंकि सीनियर्स के लिए भी फ्रूट्स एंजॉयमेंट करना जरूरी होता है। बस यह ध्यान रखिएगा कि टेस्ट के साथ-साथ हेल्थ आपकी बिल्कुल भी संतुलन में रहनी चाहिए। ऐसा नहीं है कि अंधाधुन कुछ भी खा लिया, ध्यान से खाएंगे समझ के खाएंगे तो आपको फ्रूट कभी भी नुकसान नहीं देगा। लेकिन अगर बिना सोचे समझे या अपनी बॉडी की सिचुएशन को कंडीशन को ध्यान में रखते हुए अगर आपने फ्रूट नहीं खाया तो हो सकता है कि इससे आपको नुकसान भी हो जाए। तो आज जितनी भी बातें मैंने आपको बताई है इनका ध्यान रखिए। फ्रूट्स को खाइए, लेकिन ध्यान से खाइए और जो अच्छे फ्रूट है उन पर फोकस ज्यादा कीजिए। जो बुरे फ्रूट हैं जो आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं, उनसे थोड़ा सा दूरी बनाए रखिए। उम्मीद है आज की यह वीडियो आपको पसंद आई होगी और इससे आपने कुछ ना कुछ नया जरूर सीखा होगा। वीडियो पसंद आई हो तो इसको लाइक करिएगा। अपने घर के सभी बड़े बुजुर्गों के साथ इसको शेयर कीजिए ताकि वह लोग ये सारी बातें जान सकें और अपने लिए सही फ्रूट्स का चुनाव कर सकें। हंसते रहिए, मुस्कुराते रहिए। रोज कुछ ना कुछ नया सीखते रहिए ताकि आप रह सकें हेल्दी हमेशा।

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