[0:00]आयरलैंड के एक छोटे से गांव बेली यूज़ टाउन में लोग आज भी एक ऐसे शख्स को याद करते हैं जिसने दिन दहाड़े 36 लाख डॉलर्स का डाका डाला. हैरत की बात तो यह है कि ना तो उसके हाथ में बंदूक थी और ना ही चेहरे पर नकाब. इस कारवाई के बाद वो खुलेआम घूमता रहा लेकिन पुलिस उसका बाल भी बाका ना कर सकी. क्योंकि उसने यह सारी लूटमार बिल्कुल कानूनी तरीके से की थी. इस शख्स का नाम था बारनी करली एक मिस्टीरियस और शातिर गैंबलर. इतना शातिर कि खिलाड़ियों के खिलाड़ी और बुकीज उसका नाम सुनते ही जुआ बंद कर देते थे. उसने अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हुए सिस्टम की कमजोरियों को ना सिर्फ ढूंढा बल्कि उनको अपना हथियार बना लिया. यह 1975 की वो हैरतअंगेज दास्तान है जिसे दुनिया आज येलो सैम बैटिंग कुके नाम से जानती है. जैम्स टीवी की वीडियोस में एक बार फिर से खुशामदीद. नाजरीन 26 जून 1975 डब्लिन से 26 किमी दूर बेलीयूस टाउन नामी एक छोटा सा गांव है जहां घोड़ों की रेस हो रही थी. रेस कोर्स में काफी रौनक लगी थी रेस शुरू होने की तैयारियां चल रही थी लोग मुख्तलिफ घोड़ों पर पैसे लगा रहे थे और बुकीज अपनी जगह संभाल रहे थे. मगर बारनी करली वहां कहीं नजर नहीं आ रहा था. वह रेस कोर्स के अंदर ही कांटेदार झाड़ियों में छुपा हुआ रेस शुरू होने का इंतजार कर रहा था. उसके छुपने की वजह वहां मौजूद बुकीज थे जिनको अगर पता चल गया कि बारनी भी वहां आया है या उसका घोड़ा रेस में दौड़ेगा तो वह फौरन अलर्ट हो जाएंगे. यहां तक कि जुआ बंद भी कर देंगे. उस वक्त गैंबलिंग इंडस्ट्री में बारनी का नाम काफी बदनाम था. बारनी जिस भी रेस में शिरकत करता था या सिर्फ ग्राउंड पर नजर भी आ जाता बुकीज समझ जाते थे कि यहां कोई ना कोई गड़बड़ जरूर होगी. लेकिन जो चाल वह इस दिन चलने जा रहा था वह इसकी जिंदगी की सबसे बड़ी और सबसे खतरनाक चाल थी. बारनी करली एक ऐसा शख्स था जिसने अपने सगे बाप तक को नहीं छोड़ा था. उसके वालिद चार्ली करली ग्रे हाउंड्स कुत्ते ट्रेन करते थे और उनकी रेस करवाकर जुआ खेलते थे. वह रेस के आखिरी मूवमेंट पर अपने सबसे सुस्त कुत्ते को ड्रग्स देकर उसे तेज भागने पर मजबूर करते और सारे पैसे उसी पर लगा देते थे. ऐसे वह बुकीज को धोखा देकर अच्छा खासा पैसा बना लेते. अपने बाप की इस हरकत के बारे में बारनी को अच्छी तरह मालूम था. एक दिन जब वह 15 साल का बच्चा था चार्ली ने उसे कुत्ते को दवाई से भरा गोश्त देने का कहा. लेकिन बारनी ने जानबूझकर वह गोश्त कुत्ते को नहीं दिया. अगले दिन रेस में वह कुत्ता हार गया. चार्ली को हुआ ठीक-ठाक नुकसान पर एक शख्स इसमें बहुत खुश था वो था बारनी. बारनी ने चुपके से दूसरे कुत्ते को दवाई वाला गोश्त खिला दिया और उसी पर पैसे लगा दिए. अपने बाप को धोखा देकर पहली बार बारनी ने 12 पाउंड्स कमाए जो कि आज के 500 डॉलर्स बनते हैं. यानी जिस शख्स ने जुए की शुरुआत ही अपने बाप को धोखा देकर की हो वो बाकी दुनिया का क्या हाल करने वाला था इसका अंदाजा आपको थोड़ी ही देर में हो जाएगा. बैटिंग में एक जुआ खेलने वाला होता है जो घोड़ों पर पैसा लगाता है और अगर उसका घोड़ा जीत गया तो पैसा डबल ट्रिपल या जो भी रेट होता है. यह रेट सेट करने वाला होता है बुकी जो यह रेट तय करता है कि कौन से घोड़े पर कितने टाइम्स ज्यादा पैसे मिलेंगे. अगर घोड़ा सुस्त होता है तो उसके जीतने के चांसेस कम होते हैं तो उसका रेट सबसे ज्यादा होता है. 1 टू 20 यानी ₹1 लगाओ और इसके जीतने पर ₹20 ले जाओ. इसी तरह जिस घोड़े के जीतने के चांसेस ज्यादा होते हैं उसका रेट सबसे कम होता है क्योंकि सभी उस पर पैसे लगा रहे होते हैं. देखा जाए तो सबसे ज्यादा पैसे वो कमाता है जिसने सबसे सुस्त घोड़े पर पैसे लगाए हो और उसका घोड़ा जीत भी जाए 20 टाइम्स कमाई. चार्ली ने सारी जिंदगी अपने सुस्त ग्रे हाउंड्स को मेडिसिंस के जरिए चुस्त किया और अपने चुस्त कुत्ते को सुस्त. ऐसे वो बुकीज को धोखा देता था. और क्योंकि उस वक्त बैटिंग लीगल नहीं थी तो रूल्स भी कुछ खास नहीं थे. 1956 में एक ऐसा वाक्या पेश आया जिसने चार्ली को नाक तक कर्जों में डुबो दिया. उसने हमेशा की तरह अपने सुस्त कुत्ते को ड्रग्स दी और सारे पैसे उस पर लगा दिए. लेकिन कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था. मेडिसिन का गलत असर होने की वजह से ना सिर्फ वह कुत्ता हार गया बल्कि गिरने की वजह से उसकी रीढ़ की हड्डी भी टूट गई. उस वक्त बारनी 16 साल का था और अपने बाप की हार को दिल पर ले लिया. इस एक हार ने पूरे खानदान को कर्जों की दलदल में धकेल दिया. बारनी को स्कूल छोड़कर फैक्ट्री में मजदूरी करनी पड़ी ताकि अपने बाप के कर्जे अदा करने में उसका सहारा बन सके. अगले 18 महीनों तक दोनों ने दिन रात मेहनत की और जो कुछ कमाया वह सारा का सारा बुकीज को वापस करने में खर्च हो गया. यह वह वक्त था जब बारनी ने जुए के खतरनाक और तारीख पहलू को बहुत करीब से देखा. इसके बाद बारनी ने अपनी जिंदगी में बहुत से काम किए लेकिन हर जगह उसे सिर्फ नुकसान ही हुआ. कभी बैटिंग शॉप खोली तो कभी पब म्यूजिक मैनेजमेंट में भी कदम रखा लेकिन वहां भी बात नहीं बनी. यहां तक के उसने स्मग्लिंग भी शुरू कर दी. वह क्रॉस बॉर्डर जिलेट के ब्लेड्स स्मगल करने लगा लेकिन एक दिन बॉर्डर पर जंग छिड़ गई और गोलियों की आवाज ने बारनी को खौफजदा कर दिया. उसका दिल हमेशा हॉर्स रेसिंग और जुए में अटका रहता था. आखिरकार उसने गैंबलिंग की प्रोफेशनल दुनिया में कदम रखने का फैसला कर लिया. बेशक अपने बाप को धोखा देकर ही सही लेकिन उसने अपनी पहली कमाई यहीं से की थी. 1975 तक उसने गैंबलिंग की दुनिया में खूब लूट मार मचाई. कई बार उसकी ट्रिक्स काम कर जाती थी कभी वह कर्जों तले डूब जाता था. नबत यहां तक आ पहुंची कि बुकीज अब बारनी का नाम सुनते ही घबरा जाते थे. उसे गेम नहीं खेलने देते थे या फिर जिन घोड़ों पर सबसे ज्यादा रेट होता था वो रेट फौरन गिरा देते थे. इस बार बारनी 12000 पाउंड्स के कर्जे में डूबा हुआ था और उसका इस दलदल से निकलने का सिर्फ एक ही तरीका था. यहीं पर उसके जहन में एक खाराफातिया ने जन्म लिया. बारनी ने अपने एक पुराने दोस्त से राबता किया और उससे एक ऐसा घोड़ा मांगा जिसका रिकॉर्ड काफी खराब हो. इस घोड़े का नाम येलो सैम रखा गया जो कि बारनी के बाप का निकनेम हुआ करता था. इस घोड़े का रिकॉर्ड हद से ज्यादा खराब था पिछले नौ रेसेस में उसने आठवीं से भी बुरी पोजीशन हासिल की थी. बारनी ने एक इंतिहाही चालाक स्ट्रेटेजी अपनाई. उसने घोड़े को जानबूझकर ऐसी जमीन और ऐसी रेसेस में दौड़ाया जो उसके मिजाज के खिलाफ हो. इससे येलो सैम की ऑफिशियल रेटिंग मजीद कम हो गई यहां तक के वह हैंडीकैप रेसिंग के लिए एलिजिबल हो गया. जबकि असल में हकीकत यह थी कि येलो सैम सख्त जमीन पर तेज दौड़ने वाला घोड़ा था. बारनी ने येलो सैम को अंडर हैंडीकैप्ड करवाया ताकि जब असल रेस आए तो वह तेज दौड़ सके. उसने 26 जून 1975 को बैली यूज़ टाउन रेस कोर्स में होने वाली एक नेशनल रेस का इंतखाब किया. यह एक हैंडीकैप्ड रेस थी माउंट हनोवर हैंडीकैप्ड हर्डल. पर अभी तक उसने जो कुछ किया वह उसकी प्लानिंग का सिर्फ एक हिस्सा था. बैली यूज़ टाउन ट्रैक को चुनने की भी एक खास वजह थी वहां कम्युनिकेशन के लिए सिर्फ एक ही फोन बूथ लगा था. उस दौर में जब भी कोई रेस होती थी तो कई घंटों पहले से मुल्क भर में बैटिंग शॉप्स पर लोग अपनी पसंद के घोड़ों पर पैसे लगाना शुरू कर देते थे. बैटिंग शॉप्स वाले बुकीज के साथ कनेक्टेड रहते थे. जिस घोड़े पर ज्यादा पैसे लग जाते शॉप्स वाले बुकीज को बताकर उस घोड़े का रेट कम कर देते थे. पर रूल यह था कि एक बार रेस शुरू हो गई तो रेट लॉक कर दिया जाएगा. बारनी ने सोचा कि अगर वह आखिरी मूवमेंट पर बैली यूज़ टाउन रेस कोर्स की इकलौती फोन लाइन को किसी तरह ब्लॉक कर दे तो वहां बुकीज का राबता बैटिंग शॉप्स वालों से टूट जाएगा. और येलो सैम का रेट आखिरी वक्त तक वन टू 20 ही रहेगा. पर यह काम कुछ ऐसे करना था कि किसी को भी शक ना हो. बुकीज को भनक भी पड़ गई तो वह सब घोड़ों के रेट गिरा देंगे. इस प्लान की कामयाबी तब मुमकिन होगी जब बारनी के भरोसेमंद दोस्त उसका साथ देंगे. उसने पूरे आयरलैंड में 300 लोगों को चुना जो आखिरी वक्त में जाकर येलो सैम पर पैसे लगाएंगे. इसके लिए बारनी ने उनको 50 से 300 पाउंड्स तक का कैश एनवेलप दिया था. इस प्लानिंग के लिए बारनी ने 15000 पाउंड्स जमा किए थे जो उस वक्त उसकी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी थी. अगर यह प्लान नाकाम हो गया तो वह ना सिर्फ तबाह हो जाएगा बल्कि कर्जे के बोझ तले उसे जेल तक जाना पड़ सकता था. अब आया रेस वाला दिन. कई घंटों पहले से ही बैटिंग शॉप्स पर जुआ शुरू हो गया. जैसा कि उम्मीद की गई थी येलो सैम पर सबसे ज्यादा रेट था क्योंकि उसकी ऑफिशियल रेटिंग ही काफी कमजोर थी. रेस शुरू होने के आखिरी 25 मिनट पहले बेनी नामी शख्स बैली यूज़ टाउन रेस कोर्स के पब्लिक फोन बूथ में पहुंचा. यह बारनी का एक काबिले एतमाद दोस्त था और इसी को ही पब्लिक फोन बूथ पर कब्जा करना था. उसने फोन उठाया और जानबूझकर जारो कतार रोना शुरू हो गया. कुछ देर तक लाइन में खड़े लोगों ने बर्दाश्त किया लेकिन उसने कहा कि उसकी खाला बीमार है और मौत के बिस्तर पर पड़ी है. मेरा उनसे बात करना बहुत जरूरी है. कई लोग उसके दुख में शरीक हो गए लेकिन उसी लाइन में खड़े बुकीज को बहुत ज्यादा मसला था. उसे बारनी ने कुछ इंस्ट्रक्शंस दे रखी थी कि अगर कोई जबरदस्ती तुमसे फोन लेने की कोशिश करे तो बेशक गुस्से से फोन को ही तोड़ देना पर किसी भी सूरत किसी और को वहां से फोन ना करने देना. 25 मिनटों तक बेनी अपनी बीमार खाला से बात करता रहा और रोता रहा. जैसे ही रेस शुरू हुई बेनी ने रिसीवर रखा और रोता हुआ बाहर निकला और फौरन कहीं गायब हो गया. इसी दौरान बारनी के लोग जो मुल्क भर में फैले हुए थे उन्होंने येलो सैम पर पैसे लगा दिए. येलो सैम का रेट वन टू 20 ही रहा और रेस शुरू होते ही लॉक हो गया. बैटिंग मैनेजर्स ने फौरन ट्रैक पर कॉल करने की कोशिश की ताकि इसका रेट कम किया जा सके लेकिन उन्हें हर बार फोन बिजी ही मिला. ट्रैक पर बुकीज को अंदाजा ही नहीं था कि बाहर क्या तूफान आ चुका है. उस वक्त बारनी खुद रेस कोर्स में मौजूद था लेकिन वह बुकीज की नजरों से बचने के लिए झाड़ियों में छुपकर बायनोकुलर्स की मदद से रेस देख रहा था. जब रेस शुरू हुई तो येलो सैम ने अपने चौकी के साथ हैरतअंगेज रफ्तार दिखाई. सिल्वर रोड जैसा फेवरेट घोड़ा भी उसके सामने नाकाम नजर आया. येलो सैम ने 13 हर्डल्स बड़ी आसानी से पार की और ढाई मीटर की लेंथ से रेस जीत ली. जब रेस खत्म हुई और बुकीज को पता चला कि उनके साथ क्या हुआ है तो वहां काफी हंगामा राई हुई. वह बेनी को ढूंढ कर लाए जिसने फोन बूथ पर कब्जा कर रखा था लेकिन उसने कहा कि मौज हो गया मेरी खाला अब बेहतर है और उसने बारनी को पहचानने से भी इंकार कर दिया. अब बारी थी बुकीज की बारनी को पैसे देने की. इस गेम में बारनी की टोटल इन्वेस्टमेंट 15000 पाउंड थी जिसका उसे 20 टाइम्स ज्यादा मिलना था. यानी 3 लाख पाउंड्स जो आज के दौर में 35 लाख डॉलर्स बनते हैं. बुकीज ने गुस्से में यह पैसे एक-एक पाउंड के नोट्स में अदा किए जिनकी टोटल 108 बोरियां बनती थी. यह कुपूरे आयरलैंड और यूके में हेडलाइंस बन गया. बारनी करली रातों रात एक लेजेंड बन गया. सबसे अहम बात यह थी कि उसने कोई भी कानून नहीं तोड़ा था. उसने सिर्फ सिस्टम की कमजोरी का फायदा उठाकर उसको अपना हथियार बना लिया. इस वाक्य के बाद बुकीज ने अपने रूल्स बदल दिए और बड़ी बैट्स के लिए कम से कम 30 मिनट का टाइम फ्रेम लाजिमी कर दिया. बारनी करली 1975 के बाद कई छोटे-बड़े गैंबल्स किए. लेकिन 2010 और 2014 के कुने साबित किया कि उसका दिमाग 70 साल की उम्र में भी उतना ही तेज चलता था. बारनी करली 23 में 2021 को 81 साल की उम्र में कैंसर से लड़ते हुए चल बसे. उनकी मौत पर हॉर्स रेसिंग की दुनिया ने उन्हें जीनियस और रॉबिन हुड ऑफ रेसिंग के तौर पर ट्रिब्यूट पेश किया. क्योंकि वह एक ऐसे शख्स थे जो एक तरफ सिस्टम को लूटने का हुनर जानते थे और दूसरी तरफ वही पैसा गरीबों पर खर्च करने का हौसला भी रखते थे. उम्मीद है जम टीवी की यह वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे. आप लोगों के प्यार भरे कमेंट्स का बेहद शुक्रिया मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में.
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