[0:00]अरे भाई अग्रवाल जी, आप जरा अपनी किचन में और बाथरूम में जाकर थोड़ा नजर डालिए. क्यों? नीचे आकर देखिए, नाली में मटन की चर्बी तैर रही है. पूरा गटर जाम है. नाली में हड्डी के छोटे-छोटे टुकड़े मिले हैं. बरात आप ही के यहां आई थी ना? हमने पुलिस को बुला लिया है, आप नीचे आ जाइए.
[0:24]क्या हुआ? कुछ नहीं. आ रहा हूं. तू तू तुम यही रहना. नहीं नहीं, हम भी चलते हैं. अरे नहीं वो पुलिस वाले क्या कर रहे हैं, देखते हैं. चलिए, हम देखते हैं. आप तैयारी करो सब.
[0:38]अरे आप लोग नहीं देखेंगे तो और कौन देखेगा? पूरा नाला जाम पड़ा हुआ है. यहां पड़ी है, वहां पड़ी है. कितनी बदबू आ रही है. क्या हुआ? अरे होना क्या है? देश्मुखी साहब, हम लोगों की पूरी सोसाइटी वेजिटेरियन लोगों की सोसाइटी है. अब ऐसे में यहां मटन का निकलना, आप समझ सकते हैं ना? समझ रहे हैं. लेकिन क्या है ना, यह लॉ एंड ऑर्डर सिचुएशन नहीं है. पुलिस इसमें क्या करेगी?



