[0:00]21 मार्च 2023, यह वह दिन था जब मैंने अपने चैनल की पहली वीडियो डाली थी। वह वीडियो डालने के सिर्फ एक महीने बाद मेरा चैनल मोनिटाइज हो गया था, और 2 महीने में मेरे 10,000 सब्सक्राइबर भी पूरे हो गए थे। मजेदार बात यह है कि इस पूरे टाइम पीरियड में मैंने सिर्फ 7 वीडियोज ही अपलोड किए थे। फिर क्या था? मैं अपलोड करता गया, और सिर्फ 13 वीडियोज से इस चैनल का सिल्वर प्ले बटन भी आ गया। इस समय तक AdSense से मैं एक काफी डिसेंट अमाउंट अर्न करने लगा था। एंड, आई ऑल्सो स्टार्टेड गेटिंग स्पॉन्सर्ड बाय बिग ब्रांड्स। नाउ, आई नो ये सब सुनने में एक सपने के जैसा लग रहा है, बट बिलीव मी अगर आप 2026 में एक नया YouTube चैनल स्टार्ट करने वाले हो, तो यह सेम लेवल ऑफ सक्सेस आप अपने चैनल पर भी अचीव कर सकते हो। शर्त यह है कि आप एक क्लियर रोडमैप फॉलो करोगे जो मैं इस कोर्स में शेयर करने वाला हूँ। मुझे YouTube पे ऑलमोस्ट 8 साल का एक्सपीरियंस है। एंड आई नो कि अल्गोरिथम एक नए चैनल को पुश करने से पहले एग्जेक्टली किन फैक्टर्स को चेक करता है। एंड यह रोडमैप मैंने इन्हीं फैक्टर्स को ध्यान में रखकर क्रिएट किया है। ऑफकोर्स, अगर आप YouTube पे सर्च करते हो how to start and grow a channel in 2026, तो आपको इस टॉपिक पे हजारों वीडियोज़ मिल जाएंगे। बट द प्रॉब्लम इज़ दैट आपको सिर्फ 5-10 मिनट के ही वीडियोज़ मिलेंगे जिनमें आधी-अधूरी इंफॉर्मेशन होगी जिसे देखकर ग्रो करना ऑलमोस्ट इम्म्पॉसिबल हो जाता है। That's why मैंने यह फुल कोर्स डिजाइन किया है सो दैट इवन अगर आप एक कंप्लीट बिगिनर हो जिसने आज तक YouTube को सिर्फ वीडियोज़ देखने के लिए यूज किया है, एंड आपको कॉन्टेंट क्रिएशन की जीरो नॉलेज है, तो भी इस कोर्स को पूरा देखने के बाद आपको इतनी नॉलेज मिल जाएगी कि आप एक नया YouTube चैनल स्टार्ट कर पाओगे, उसको एक अच्छे सब्सक्राइबर बेस तक ग्रो कर पाओगे, एंड फाइनली आपके पास एक न्यू सोर्स ऑफ इनकम होगा। इस कोर्स में टोटल 8 बहुत ही इंपॉर्टेंट चैप्टर्स हैं, लाइक अपना niche कैसे फाइंड करें, अपना पहला वायरल वीडियो कैसे क्रिएट करें, फिर अल्गोरिथम कैसे काम करता है, इसका भी बहुत डीप एक्सप्लेनेशन मिलेगा आपको, एंड सो मच मोर। आप टाइमस्टैंप्स की हेल्प से वीडियो के किसी भी पार्ट में नेविगेट कर सकते हो, बट आई हाईली रेकमेंड कि आप पूरा कोर्स बिना स्किप किए देखो। चैप्टर 1: Why Everyone Should Start a YouTube Channel in 2026 अगर आप बहुत समय से एक YouTube चैनल स्टार्ट करने का सोच रहे हो, देन 2026 से अच्छा साल आपके लिए हो ही नहीं सकता। लोग अक्सर यह सोचते हैं कि काश मैंने और पहले स्टार्ट किया होता जब YouTube इतना सैचुरेटेड नहीं था, और इसी वजह से वो अपना चैनल कभी स्टार्ट ही नहीं करते हैं। बट, थिंक अबाउट इट, 2026 में भी तो बहुत सारे न्यू क्रिएटर्स आएंगे ना जो ज़ीरो से स्टार्ट करेंगे, एंड एक-दो साल में वह अपना चैनल ग्रो भी कर लेंगे। उस समय भी आपका सेम रिग्रेट होगा कि यार, काश 2026 में स्टार्ट कर लिया होता। एंड ऑनेस्टली, आपको यह रिग्रेट होने का चांस काफी हाई है। क्योंकि ऑलरेडी YouTube पे 2.5 बिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स हैं, एंड इसमें से ऑलमोस्ट 500 मिलियन यूजर्स तो सिर्फ इंडिया के ही हैं। और आने वाले सालों में भी यह नंबर रुकने वाला नहीं है, व्हिच क्लियरली शोज़ कि YouTube एज़ अ प्लेटफॉर्म हमेशा ग्रो करता रहेगा। सो, जितनी जल्दी स्टार्ट कर दो, उतना अच्छा है। इसके अलावा, एक YouTube चैनल बनाने के इतने सारे फायदे हैं कि आप सोच भी नहीं सकते। फर्स्ट ऑफ ऑल, YouTube इज़ अ ग्रेट वे टू मेक पैसिव इनकम। देयर आर मेनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जहां पे आप कॉन्टेंट क्रिएट करके अर्न कर सकते हो। बट द प्रॉब्लम इज़ दैट इन सभी प्लेटफॉर्म्स पे कॉन्टेंट एवरग्रीन नहीं होता है। जो Instagram रील आज ट्रेंडिंग है, शायद एक-दो महीने बाद उस पे व्यूज़ आना पूरी तरह बंद हो जाए, एंड सब उसके बारे में भूल जाए। बट, YouTube का एल्गोरिथम डिफरेंट है। वह वीडियो को तब तक प्रमोट करता रहेगा जब तक उसके लिए ऑडियंस में डिमांड या फिर इंटरेस्ट है। सो, नो मैटर वीडियो 10 दिन पुराना है या 10 साल पुराना, अगर आपके वीडियो पे व्यूज़ आ रहे हैं, तो आपके बैंक में भी पैसे आते रहेंगे, इवन इफ आप चैनल पे काम करना बंद कर देते हो किसी रीज़न से। तो भी जो वीडियोज़ आपने इनिशियली अपलोड किए होंगे, वह एक इन्वेस्टमेंट की तरह लॉन्ग टर्म में आपके लिए पैसिव इनकम जनरेट करेंगे। इसके अलावा, YouTube आपको वीडियो एडिटिंग एंड थंबनेल डिजाइनिंग जैसे हाई-इनकम स्किल्स सीखने में हेल्प करता है। मेरा एक फ्रेंड है जिसने 3 साल पहले YouTube को सिर्फ एज़ अ हॉबी शुरू किया था। एंड अपने चैनल पर वीडियोज़ बनाकर वह काफी जल्दी वीडियो एडिटिंग भी सीख गया। एंड राइट नाउ, इवन दो वह अपने चैनल पर एक्टिव नहीं है बिकॉज़ ऑफ कॉलेज, वह अपने फ्री टाइम में एज़ अ फ्रीलांस वीडियो एडिटर काम करके एक अच्छा अमाउंट अर्न कर लेता है। YouTube चैनल स्टार्ट करने का एक और फायदा है कि आपके कम्युनिकेशन स्किल्स इंप्रूव होते हैं। अगर आप कैमरा लेकर अगले 6 महीने तक रोज़ एक डेली व्लॉग शूट करोगे, तो इस बात की गारंटी नहीं है कि आपका चैनल ग्रो होगा या फिर नहीं। बट यह बात लिख के ले लो कि आपके कम्युनिकेशन स्किल्स एंड कॉन्फिडेंस में एक मेजर डिफरेंस आएगा जो कि सब नोटिस करेंगे। आप अपने थॉट्स एंड आइडियाज़ को वर्ड्स की हेल्प से क्लियरली डिस्क्राइब कर पाओगे, जो कि एक बहुत ही अंडररेटेड स्किल है। अगर आप फेसकैम कॉन्टेंट बनाते हो, तो आपकी बॉडी लैंग्वेज, आई कॉन्टैक्ट एंड जेस्चर्स एनहांस होंगे। एंड ये सारे स्किल्स आपको रियल वर्ल्ड में कितने ज्यादा काम आते हैं, यह मुझे आपको बताने की जरूरत नहीं है। नाउ, अगर मैं YouTube स्टार्ट करने के सारे फायदे डिस्कस करने लग गया, तो वीडियो बहुत लंबी हो जाएगी, सो लेट्स मूव ऑन टू चैप्टर नंबर 2। The YouTube Algorithm यह इस पूरे कोर्स का सबसे इंपॉर्टेंट चैप्टर है क्योंकि इससे आपका फाउंडेशन तैयार होगा। और आप YouTube को एक सही वे में अप्रोच कर पाओगे जो कि 99% लोग नहीं करते हैं। सो, वी ऑल नो कि YouTube एक वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म है जहां क्रिएटर्स वीडियोज़ बनाकर अपलोड कर सकते हैं, और व्यूअर्स उन वीडियोज़ को वॉच कर सकते हैं। अब क्योंकि लोग YouTube पे कई तरह के टॉपिक्स पे वीडियोज़ बनाते हैं, इसलिए एक सिस्टम का होना जरूरी है जो हर व्यूअर को वैसे ही वीडियोज़ दिखाए जो उसके इंटरेस्ट से मैच करती हो। और इसी सिस्टम का नाम है अल्गोरिथम। नाउ YouTube का अल्गोरिथम बहुत ही कॉम्प्लेक्स है, एंड वह हर दिन 80 बिलियन से भी ज्यादा सिग्नल्स की हेल्प से खुद को और इवॉल्व कर रहा है। इन सिग्नल्स को हम मेनली दो कैटेगरीज में बांट सकते हैं, व्यूअर सिग्नल्स एंड वीडियो सिग्नल्स। व्यूअर सिग्नल से अल्गोरिथम को पता चलता है कि एक व्यूअर अभी किस चीज़ में इंटरेस्टेड है। इसमें आता है व्यूअर का वॉच हिस्ट्री, सर्च हिस्ट्री, सब्सक्रिप्शन यानी आपने किन चैनल्स को सब्सक्राइब कर रखा है, आप किन वीडियोज़ को लाइक या डिसलाइक करते हो, फिर जैसे हम 3 डॉट्स पे क्लिक करके किसी वीडियो को नॉट इंटरेस्टेड मार्क कर देते हैं, तो वह भी एक सिग्नल है। एंड बेसिकली आपका हर वह बिहेवियर या एक्टिविटी जिससे अल्गोरिथम को पता लगे कि आपको एट द मोमेंट क्या दिखाना चाहिए, ये सब व्यूअर सिग्नल्स के कैटेगरी में आएंगे। इन सिग्नल्स के बेसिस पे अल्गोरिथम हर व्यूअर के लिए एक व्यूअर प्रोफाइल भी बनाता है, एंड जब आपका व्यूअर प्रोफाइल किसी और व्यूअर के प्रोफाइल से मैच करता है, तो YouTube सेम तरह का कॉन्टेंट आपको भी रिकमेंड करता है। इसके बाद है वीडियो सिग्नल्स, एंड इससे अल्गोरिथम डिसाइड करता है कि एक इंडिविजुअल वीडियो को कितना प्रमोट करना है। कुछ प्राइमरी वीडियो सिग्नल्स हैं: CTR, वॉच टाइम, AVD, लाइक काउंट, कॉमेंट्स, शेयर्स, सब्सक्राइबर गेनड। एंड लिस्ट अभी बहुत लंबी है। एज़ अ न्यू क्रिएटर आपको यह सब जानने की जरूरत नहीं है, बट कुछ मेट्रिक्स बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट हैं, तो उनको डिस्कस कर लेते हैं। सबसे पहला है CTR, व्हिच स्टैंड्स फॉर क्लिक-थ्रू रेट। अगर अल्गोरिथम आपका वीडियो 100 लोगों को दिखाता है, एंड उनमें से 10 लोग आपके वीडियो पे क्लिक करते हैं, तो आपका क्लिक-थ्रू रेट होगा 10%। सो, बेसिकली CTR यह बताता है कि जितने लोगों को आपका वीडियो सजेस्ट किया गया, उनमें से कितने परसेंट लोगों ने आपके वीडियो पे क्लिक किया। सिंपल। बाई द वे, जितनी बार भी YouTube आपके वीडियो का टाइटल और थंबनेल किसी भी व्यूअर को दिखाता है, तो उसे इंप्रेशन बोलते हैं। लाइक इस एग्जांपल में अल्गोरिथम ने 100 लोगों को आपका वीडियो सजेस्ट किया, तो आपके वीडियो पे टोटल 100 इंप्रेशंस गिने जाएंगे। सो, यह टर्म याद रखना। CTR से पता चलता है कि आपके वीडियो का टाइटल और थंबनेल कितना क्लिकेबल है। सो, ऑब्वियसली यह नंबर जितना हाई होगा, अल्गोरिथम आपका वीडियो उतना ज्यादा प्रमोट करेगा क्योंकि दूसरे व्यूअर्स के उस पे क्लिक करने के चांसेज ज्यादा होंगे। मेजॉरिटी YouTube वीडियोज़ का CTR 2 से 10% के बीच में होता है, एंड अगर आपको एक हाई CTR चाहिए, देन यू नीड टू मेक श्योर कि आपका टाइटल, थंबनेल और वीडियो आईडिया अच्छा हो। इन तीनों को ही हम आगे इस कोर्स में डिस्कस करेंगे। नाउ ऐसा नहीं होना चाहिए कि लोग वीडियो पे क्लिक तो कर रहे हैं, बट उसे अच्छे से देख नहीं रहे हैं। यहीं पे आता है अगला सिग्नल जो कि है वॉच टाइम, व्हिच इज़ द टोटल अमाउंट ऑफ टाइम जो व्यूअर्स ने स्पेंड किया है आपके वीडियो को देखने में। लेट्स से आप एक वीडियो अपलोड करते हो जिस पे 5 व्यूज़ आते हैं। पहला व्यूअर आपका वीडियो 5 मिनट देखता है, दूसरा व्यूअर 4 मिनट देखता है, तीसरा व्यूअर 2 मिनट, चौथा व्यूअर 1 मिनट, एंड पांचवां व्यूअर भी 1 मिनट। ऐसे में उस वीडियो का टोटल वॉच टाइम हो जाएगा 13 मिनट्स। अगेन, जस्ट लाइक CTR, वॉच टाइम भी जितना ज्यादा होगा, उतना अच्छा है क्योंकि यह इस बात का डायरेक्ट इंडिकेटर है कि आप लोगों को इस प्लेटफॉर्म पे कितने देर बनाए रख सकते हो। यही रीज़न है कि बड़े YouTubeers कई हफ्ते लगाकर इंगेजिंग स्क्रिप्ट लिखते हैं एंड आई-कैचिंग एडिटिंग करते हैं ताकि लोग उनके कॉन्टेंट को देखते रह जाएं। एज़ अ न्यू YouTubeer आपके लिए वॉच टाइम इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अपने चैनल को मॉनिटाइज करने का दूसरा रिक्वायरमेंट है 4000 वॉच आवर्स। जिसे कंप्लीट किए बिना आप YouTube से पैसे नहीं कमा सकते हो। इसके बाद आता है AVD व्हिच स्टैंड्स फॉर एवरेज व्यू ड्यूरेशन। एंड इससे आपको एक ज्यादा क्लियर आईडिया मिलेगा कि ऑन एवरेज लोग आपका वीडियो कितनी देर तक देख रहे हैं। फिर से लास्ट एग्जांपल पे चलते हैं जहां आपके वीडियो पे 5 व्यूज़ आते हैं। फर्स्ट व्यूअर ने वीडियो 5 मिनट्स देखा था, सेकंड व्यूअर ने 4 मिनट्स, थर्ड व्यूअर ने 2, फोर्थ ने 1, एंड फिफ्थ व्यूअर ने भी 1 मिनट। सो, AVD कैलकुलेट करने के लिए YouTube इन सभी व्यू ड्यूरेशन का एवरेज निकालेगा, एंड इसी नंबर को एवरेज व्यू ड्यूरेशन बोलते हैं। ऑब्वियसली आपका वॉच टाइम जितना ज्यादा होगा, AVD भी उतना ही हाई होगा क्योंकि दोनों ही इस बात पे डिपेंड करते हैं कि लोग वीडियो कितनी देर तक देख रहे हैं। इसके अलावा, आपके वीडियो को कितने लोग लाइक कर रहे हैं, कितने लोग कमेंट कर रहे हैं, शेयर कर रहे हैं, और कितने लोग वीडियो देखते-देखते आपका चैनल सब्सक्राइब कर रहे हैं, यह भी काफी इंपॉर्टेंट सिग्नल्स हैं जिनसे अल्गोरिथम आपके वीडियो का एंगेजमेंट लेवल जज करता है। नाउ, अभी जितने भी वीडियो सिग्नल्स के बारे में हमने बात किया, ये सब मिलकर इन्फ्लुएंस करते हैं कि एक वीडियो को कितनी रीच मिलेगी और उस पे कितने व्यूज़ आएंगे। फॉर एग्जांपल, मान लो YouTube को लगता है कि आपको अभी स्टडी व्लॉग्स देखना है। सो YouTube पे तो हजारों वीडियोज़ बने हुए हैं इस टॉपिक पे, राइट? ऐसे में, फिर अल्गोरिथम देखता है कि किन वीडियोज़ का CTR अच्छा है, किन वीडियोज़ का वॉच टाइम ज्यादा है, किन वीडियोज़ पे लोग इंगेज कर रहे हैं एंड सो ऑन। एंड उसी बेसिस पे अल्गोरिथम फिर आपके लिए बेस्ट स्टडी व्लॉग सजेस्ट करता है ताकि आप ज्यादा से ज्यादा टाइम इनके प्लेटफॉर्म पे स्पेंड करो। बिकॉज़ जितना टाइम आप स्पेंड करोगे, उतने ही ज्यादा आप वीडियोज़ देखोगे। जब वीडियोज़ देखोगे तो आपके सामने एड्स चलेंगे जिससे YouTube की कमाई होती है। एंड उन पैसों का कुछ हिस्सा YouTube अपने क्रिएटर्स को भी दे देता है जिससे क्रिएटर्स हमेशा उनके प्लेटफॉर्म पे इंगेजिंग कॉन्टेंट बनाते रहें, एंड यह पूरा साइकिल रिपीट होता रहता है। नाउ क्योंकि आपकी YouTube जर्नी शुरू होने वाली है, तो आए दिन आपको YouTube पे वीडियो सजेस्ट होंगे जहां लोग बोलेंगे कि YouTube का अल्गोरिथम चेंज हो रहा है। 2026 का अल्गोरिथम डिफरेंट है, अल्गोरिथम अब इस तरह के वीडियोज़ को प्रमोट करेगा एंड सो ऑन। बट लेट मी टेल यू कि आपको इन वीडियोज़ पे ज्यादा ध्यान नहीं देना है क्योंकि बहुत रेयरली ही ऐसा होता है कि अल्गोरिथम में कुछ मेजर चेंज आया हो। छोटे-मोटे चेंजेस तो अल्गोरिथम में हर दिन ही होते रहते हैं, बट एक आम इंसान के लिए उतने माइक्रो चेंजेस को स्पॉट करना पॉसिबल नहीं है, एंड ना उसे करने की जरूरत है। जो बेसिक्स हैं अल्गोरिथम के, वह कई सालों से सेम हैं। ऑल्सो, आई रेकमेंड कि आप Creator Insider चैनल को सब्सक्राइब कर लो जहां खुद YouTube के एम्प्लॉईज़ रेगुलर बेसिस पे आपके साथ YouTube के नए अपडेट्स और फीचर्स के बारे में बात करते हैं। नाउ, इतनी नॉलेज गेन करने के बाद किसी का भी मन करेगा कि जाके वीडियोज़ बनाना शुरू कर दे, बट यहीं पे आती है सबसे बड़ी प्रॉब्लम। वीडियो बनाए तो किस बारे में? चैप्टर 3: How to Select The Right Niche अगर बिल्कुल सिंपल वर्ड्स में बताऊं तो niche मतलब आपके चैनल का टॉपिक। लाइक मेरे चैनल का niche है YouTube Growth, Tech Burner का niche है Tech Reviews, Mythpat का niche है Gaming, एंड सो ऑन। एक फिक्स niche में कॉन्टेंट बनाना क्यों जरूरी है? यह आप इस बात से समझ सकते हो कि जब हम टीवी देखते हैं, तो हमें पता होता है कि अगर Disney या Nickelodeon ओपन करेंगे तो वहां कार्टूनज़ देखने को मिलेगा। अगर Star Plus लगाएंगे तो सीरियल्स मिलेंगे, एंड अगर Discovery Channel लगाएंगे तो इन्फोटेनमेंट शोज़ मिलेंगे। नाउ, इमेजिन टीवी पे एक ऐसा चैनल भी है जिस पे कभी कार्टूनज़ चलते हैं, कभी सीरियल्स, कभी डॉक्यूमेंट्रीज़, म्यूजिक, मूवीज एंड लिटरली सब कुछ। टेल मी, क्या आप उस चैनल पे जाओगे? मोस्ट लाइकली आपका आंसर होगा no, बिकॉज़ आपको पता ही नहीं है कि उस चैनल पे जाकर आपको मिलने क्या वाला है। नाउ, YouTube भी एग्जेक्टली ऐसे ही काम करता है। अगर आपको लगता है कि आप हर तरह के टॉपिक्स कवर करके ग्रो हो जाओगे, देन लेट मी टेल यू कि ऐसा नहीं होने वाला है। You have to decide a niche। अगर आपका niche पहले ही डिसाइडेड है, देन ग्रेट। अगर नहीं डिसाइडेड है, तो आप यूज करोगे the 3P Rule। जिसमें पहला P है Passion, दूसरा P है Proficiency, एंड तीसरा P है Profit। एंड अकॉर्डिंग टू दिस रूल, आपका niche इन तीनों सर्कल्स के इंटरसेक्शन में आना चाहिए। तो सबसे पहले कॉपी और पेन लो, एंड मेक अ लिस्ट ऑफ टॉपिक्स दैट यू आर पैशनेट अबाउट। अगर आपको ऐसे टॉपिक्स याद नहीं आ रहे हैं, देन थिंक अबाउट कि आप YouTube पे किस तरह के चैनल्स वॉच करते हो, एंड आपको आराम से चार-पांच टॉपिक्स तो मिल ही जाएंगे। यह स्टेप बहुत इंपॉर्टेंट है, बिकॉज़ अगर आपको अपने niche में इंटरेस्ट ही नहीं होगा, तो आप ज्यादा समय तक उसमें वीडियोज़ नहीं बना पाओगे, एंड इवेंचुअली यू विल फेस अ बर्नआउट। जब हमारा लिस्ट रेडी हो जाएगा, तो हम जाएंगे दूसरे P पे जो कि है Proficiency। मतलब किसी टॉपिक का आपको कितना एक्सपीरियंस और नॉलेज है। मैं यह नहीं बोल रहा कि आपको किसी niche में एंटर करने के लिए उसका एक्सपर्ट होने की जरूरत है, बट एटलीस्ट उस टॉपिक की एक बेसिक अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए, एंड साथ में एक स्ट्रांग इंटरेस्ट होना चाहिए उसके बारे में और ज्यादा जानने को। अपने niche में जितने प्रोफिशिएंट हो गए आप, उतना ही वैल्यूएबल कॉन्टेंट बना पाओगे, एंड आपको वीडियो आइडियाज़ भी इजीली आएंगे। सो अपने लिस्ट में से ऐसे टॉपिक्स को रिमूव कर दो जिनका आपको ज्यादा एक्सपीरियंस एंड नॉलेज नहीं है। द फाइनल P स्टैंड्स फॉर Profit, एंड Profit से मेरा मतलब सिर्फ पैसों के टर्म्स में नहीं है, बट ऑल्सो कि आपके niche में ग्रोथ का कितना स्कोप है। दिस इज़ इंपॉर्टेंट बिकॉज़ कुछ niches ऐसे होते हैं जिनमें आप कितनी भी मेहनत कर लो, एक समय के बाद आपकी ग्रोथ बिल्कुल स्टैग्नेट हो जाएगी बिकॉज़ उस niche का टोटल ऐड्रेसेबल मार्केट ही इतना छोटा है। सो, इवन इफ यू हैव द बेस्ट कॉन्टेंट इन द वर्ल्ड, अगर उसको देखने के लिए दुनिया में सिर्फ 10,000 लोग हैं, तो आपको 10,000 व्यूज़ से ज्यादा व्यूज़ नहीं आने वाले हैं। इसके अलावा, कुछ niches में ग्रोथ पोटेंशियल तो हाई होता है, बट मॉनिटाइजेशन ओप्पोरट्यूनिटीज़ लिमिटेड होती हैं या फिर RPM बहुत लो होता है। सो, वैसे niches को अवॉयड करना चाहिए, स्पेशली अगर आप YouTube को एज़ अ प्रोफेशन ट्रीट करना चाहते हो। तो फाइनली आपके लिस्ट में जो भी टॉपिक्स इन तीनों सर्कल्स के इंटरसेक्शन में फिट हो जाए, समझो वह आपके लिए एक सही niche है। ऑफकोर्स, मैं चाहता तो आपको टॉप 5 वायरल niches विद हाईएस्ट RPM का एक लिस्ट देके खुश कर सकता था, बट उसका क्या ही फायदा अगर आपको उन niches में इंटरेस्ट ही ना हो या फिर उन niches की नॉलेज ना हो। When I started my channel DecodingYT, तो मैंने भी 3P Rule को ही फॉलो किया था। YouTube Growth वाज अ niche जिसमें मुझे इंटरेस्ट था, 5 साल का एक्सपीरियंस था, एंड ऑफकोर्स इसमें बहुत सारे इनकम स्ट्रीम्स भी पॉसिबल हैं। चैप्टर 4: Market Research वंस आपका niche फाइनल हो गया हो, तो आप करोगे थोड़ा मार्केट रिसर्च, जो कि है चैप्टर नंबर 4। जब किसी कंपनी को मार्केट में कोई नया प्रोडक्ट लॉन्च करना होता है, तो वह सीधा फैक्ट्री नहीं चले जाते हैं। इन्स्टेड, वह कंपनी पहले एक मार्केट रिसर्च कंडक्ट करती है ताकि वह जान सके कि जो प्रोडक्ट वह लॉन्च करना चाहते हैं, उसकी मार्केट में कितनी डिमांड है। कौन से ब्रांड्स हैं जो सिमिलर प्रोडक्ट्स बनाते हैं, उनका प्राइस रेंज क्या है, सेल्स कैसी हो रही है, कॉम्पिटिशन के प्रोडक्ट में क्या कमी है, टारगेट ऑडियंस कौन है एंड व्हाट नॉट। इतनी रिसर्च करने के बाद ही कंपनी डिसाइड करेगी कि प्रोडक्ट बनेगा भी या फिर नहीं। अगर बनेगा तो फिर कैसे बनेगा, और इसे मार्केट में कैसे पोजीशन करेंगे ताकि वह अपने कॉम्पिटिशन को बीट कर पाए। यह सब कुछ के लिए मार्केट रिसर्च कंडक्ट होता है। नाउ, क्योंकि YouTube भी एक बिज़नेस है, तो यहां पे भी मार्केट रिसर्च एक बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है। अगर आप बिना अपने niche की नॉलेज गेन किए उसमें एंटर करते हो, तो बहुत ही जल्दी एग्जिट भी करोगे। एंड इफ यू वांट कि ऐसा ना हो, देन यू नीड टू डू व्हाट आई एम अबाउट टू टेल यू। सबसे पहले जाके एक एक्स्ट्रा चैनल क्रिएट करो जो कि आपके मेन YouTube चैनल से अलग होगा। इस चैनल का यूज़ हम सिर्फ वीडियोज़ देखने के लिए करेंगे तो इसके सेटिंग्स वगैरह से मतलब नहीं है, बस एक एक्टिव YouTube अकाउंट होना चाहिए। सिन्स यू आर वाचिंग दिस वीडियो, आई गेस आपके पास ऑलरेडी ऐसा अकाउंट होगा और नहीं भी है तो बना लो। वंस यू हैव दैट एक्स्ट्रा चैनल, आपको एक-एक करके अपने niche के जितने टॉप क्रिएटर्स याद आ रहे हैं, उन सबको सब्सक्राइब कर लेना है। कुछ समय बाद जब आपका होम पेज उन क्रिएटर्स के वीडियोज़ से भर जाए, देन आपको वन बाई वन वह कॉन्टेंट कंज्यूम करना है। नाउ, आई नो आपने पहले भी अपने niche के बहुत वीडियोज़ देख रखे हैं, बट अभी तक आप उन वीडियोज़ को एक व्यूअर की तरह देखते आए हो। अब आपको यह थोड़ा सा चेंज करना है, एंड हर चीज़ एक क्रिएटर के पर्सपेक्टिव से देखना है। लाइक जब भी आपको किसी वीडियो पर क्लिक करने का मन करे, तो नोटिस करना कि उसके टाइटल और थंबनेल में ऐसा क्या स्पेशल है। अगर किसी वीडियो के एंड तक पहुंच जाते हो तो एक बार जाकर उसके पहले 30 सेकंड्स फिर से देखना कि क्रिएटर ने ऐसा क्या बोला था जिससे आप हुक हो गए। देखो कि आपके niche में थंबनेल्स का स्टाइल क्या है, वीडियो एडिटिंग किस तरह की होती है, एंड नोटिस कि कौन से टॉपिक्स पे ज्यादा व्यूज़ आते हैं। द मोर वीडियोज़ यू वॉच, द मोर यू लर्न अबाउट योर niche। नाउ, यह सब सुनकर आप सोच रहे होंगे कि क्या हमें बाकी क्रिएटर्स को कॉपी करना है? द आंसर इज़ बोथ yes एंड no। आई वांट कि आप एक लाइन हमेशा याद रखो जो कि है: Winners don't do different things, they do things differently। मतलब, Winners अलग चीज़ें नहीं करते हैं, वो सेम चीज़ें अलग तरह से करते हैं। YouTube के टर्म्स में इसका मतलब यह है कि शुरुआत में आपको भी वही करना है जो सक्सेसफुल क्रिएटर्स कर रहे हैं, सिर्फ उसमें अपना यूनिक स्टाइल और एंगल ऐड कर देना है। बिकॉज़ जब आप एक ऐसे पाथ को फॉलो करते हो जो बहुत सारे क्रिएटर्स के लिए ऑलरेडी वर्क कर चुका है, तो आपके भी सक्सेसफुल होने के चांसेज इनक्रीज़ हो जाते हैं। नाउ मार्केट रिसर्च करने के लिए हमने जो एक्स्ट्रा चैनल बनाया है, इसका एक और यूज़ है जिसके लिए हमें जाना होगा चैप्टर नंबर 5 पे। Learning Content Creation सो, मैक्सिमम क्रिएटर्स परफेक्शन एंड ओवरथिंकिंग की वजह से अपना पहला वीडियो कभी बना ही नहीं पाते हैं, बिकॉज़ दे वांट कि उनका वीडियो परफेक्ट हो। एंड ये प्रॉब्लम जायज भी है क्योंकि अल्गोरिथम आपके चैनल को फर्स्ट वीडियो के परफॉरमेंस से ही जज करना स्टार्ट कर देता है। सो, इस प्रॉब्लम के लिए मैंने लास्ट ईयर प्रैक्टिस चैनल का कॉन्सेप्ट बताया था जो मेरे सब्सक्राइबर को बहुत पसंद आया। तो सुनो, एक प्रैक्टिस चैनल का कोई लॉन्ग टर्म गोल नहीं होता है। ना तो इस पे व्यूज़ लाने की टेंशन होगी और ना ही सब्सक्राइबर्स की। यह सिर्फ एक जगह होगी जहां आप बिना किसी प्रेशर के कॉन्टेंट क्रिएशन को एक्सप्लोर कर सको। सिंस हमने मार्केट रिसर्च के लिए एक एक्स्ट्रा चैनल ऑलरेडी बना रखा है, तो हम उसी को यूज़ कर लेंगे। तो सबसे पहले ChatGPT पे जाओ एंड उससे अपने niche के लिए 10-15 वीडियो आइडियाज़ जनरेट करवा लो। वह आइडियाज़ अच्छे हैं या फिर नहीं यह बिल्कुल भी मैटर नहीं करता है क्योंकि अभी हमें व्यूज़ लाने से कोई मतलब नहीं है। अब, अगले 1 महीने तक आपको उस चैनल पे कंसिस्टेंट होना है, एंड हर हफ्ते एटलीस्ट 1 से 2 वीडियोज़ बनाने हैं अगर आप लॉन्ग वीडियोज़ बना रहे हो। एंड इफ यू आर मेकिंग शॉर्ट्स, देन यू हैव टू मेक 3 टू 4 शॉर्ट्स अ वीक। लोग अक्सर बोलते हैं कि क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी मैटर करती है, व्हिच इज़ 100% ट्रू। बट जब एक क्रिएटर नया होता है, तो वह चाहे एक वीडियो बनाने में कितना भी टाइम स्पेंड कर ले, वह उस लेवल की क्वालिटी अचीव नहीं कर पाएगा क्योंकि उसके पास नेसेसरी स्किल्स ही नहीं है। एंड इन स्किल्स को एक्वायर करने का एक ही रास्ता है और वह है क्वांटिटी के थ्रू। The more videoज़ यू मेक, the more यू विल लर्न। सो जब आप प्रैक्टिस चैनल पे 1 महीने तक कंसिस्टेंटली वीडियोज़ बनाओगे, तो आपको एक हेडस्टार्ट मिल जाएगा, एंड आप वीडियो क्रिएशन वर्कफ़्लो के सारे स्टेप्स जैसे स्क्रिप्ट राइटिंग, रिकॉर्डिंग, एडिटिंग, यह सब एक बेसिक लेवल पे सीख जाओगे। एंड व्हेन यू स्टार्ट वर्किंग ऑन योर मेन चैनल, देन यू विल फील वेरी कॉन्फिडेंट। तो एक वीडियो बनाने में कई स्टेप्स लगते हैं। सबसे पहला स्टेप है स्क्रिप्ट राइटिंग। एज़ अ बिगिनर, अगर आप कैमरा या माइक के सामने बिना किसी प्लान के चल जाते हो, तो आपका माइंड कंप्लीटली ब्लैंक हो जाएगा, एंड आप हाय गाइस वेलकम बैक टू माय चैनल के आगे कुछ नहीं बोल पाओगे। दिस इज़ व्हाय हम अपने वीडियोज़ के लिए स्क्रिप्ट लिखते हैं। नाउ, डिपेंडिंग ऑन योर कॉन्टेंट टाइप एंड लेवल ऑफ कंफर्ट, यू कैन चूज़ कि आपको वर्ड फॉर वर्ड स्क्रिप्ट लिखना है या फिर बुलेट पॉइंट्स। नाम से ही पता चल रहा है कि वर्ड फॉर वर्ड स्क्रिप्ट में आप वीडियो में बोले जाने वाली हर लाइन को लिखते हो कुछ इस तरह। This is an example of word for word script। This type of script इज़ गुड फॉर पीपल हु डोंट वांट टू मिस इंपॉर्टेंट डिटेल्स या फिर उनके वीडियो में बहुत सारा कॉम्प्लेक्स डेटा है या उनके वीडियो का स्ट्रक्चर बहुत इंपॉर्टेंट है। फॉर एग्जांपल, मेरे चैनल के भी वीडियोज़ वर्ड फॉर वर्ड स्क्रिप्टेड होते हैं, एंड मेरे जैसे मैक्सिमम फेसलेस क्रिएटर्स ऐसे ही स्क्रिप्ट लिखते हैं। इसके अलावा, बिगिनर्स के लिए भी इस तरह का स्क्रिप्ट बहुत यूज़फुल होता है क्योंकि उन्हें रिकॉर्डिंग के वक्त ज्यादा सोचना नहीं पड़ता है। बट अगर आप अपने डिलीवरी और स्पीकिंग फ्लो को लेके कॉन्फिडेंट हो, तो आप बुलेट पॉइंट्स वाला स्क्रिप्ट भी लिख सकते हो जिसमें सिर्फ वीडियो के मेन टॉकिंग पॉइंट्स को आउटलाइन करते हैं, एंड उसी के बेसिस पे रिकॉर्डिंग करते हैं। इससे आपके वीडियो में एक नेचुरल कन्वर्सेशनल टोन क्रिएट होगा, स्पेशली अगर आप फेसकैम कॉन्टेंट बना रहे हो। नाउ, इन दोनों में से आप चाहे कोई भी फॉर्मेट फॉलो करो, एक बेसिक स्क्रिप्ट टेम्पलेट है जो कोई भी यूज़ कर सकता है, एंड इट लुक्स लाइक दिस। इसमें तीन सेक्शंस हैं, Intro hook, Main Points एंड Outro (CTA)। Intro hook मतलब आपके वीडियो का इंट्रोडक्शन जो यूजुअली फर्स्ट 30 सेकंड्स तक होता है। एंड भले ही यह स्क्रिप्ट का एक बहुत छोटा हिस्सा है, इसकी इंपॉर्टेंस बहुत ज्यादा है क्योंकि इसी से डिसाइड होता है कि व्यूअर्स आपकी वीडियो आगे देखेंगे भी या फिर नहीं। अगर इंट्रो ही बोरिंग है तो व्यूअर्स विल लीव योर वीडियो, नो मैटर आगे का कॉन्टेंट कितना भी अच्छा हो। सो, आपका एम होगा इंट्रो हुक में व्यूअर्स का अटेंशन ग्रैब करना और रेस्ट ऑफ द वीडियो के लिए क्यूरिओसिटी बिल्ड करना। अब यह कैसे करते हैं इसे हम आने वाले चैप्टर्स में डिस्कस करेंगे। इंट्रो के बाद वर्ड फॉर वर्ड सारे मेन पॉइंट्स को स्क्रिप्ट करना स्टार्ट कर सकते हो, और अगर बुलेट पॉइंट्स की हेल्प से बोलना है तो वह भी चलेगा। फाइनली, आता है आउट्रो जो कि उतना इंपॉर्टेंट नहीं है, बट यहां पे आप वीडियो को कंक्लूड करके एक CTA क्रिएट कर सकते हो, व्हिच स्टैंड्स फॉर कॉल टू एक्शन। कॉल टू एक्शन का मतलब है व्यूअर्स को कोई एक्शन लेने के लिए इनकरेज करना। जैसे वीडियो को लाइक करने के लिए बोल सकते हो, कमेंट करने के लिए बोल सकते हो, या चैनल सब्सक्राइब करने के लिए। सो, प्रैक्टिस चैनल पे आप जो भी वीडियोज़ बनाओगे उसके लिए यह टेम्पलेट यूज़ कर सकते हो। फिर जब आपका स्क्रिप्ट रेडी हो जाए, तो बारी है रिकॉर्डिंग की, जिसके लिए आपको डिसाइड करना होगा कि आप फेसकैम कॉन्टेंट बनाओगे या फिर फेसलेस। फेसकैम चैनल्स वह होते हैं जो वीडियोज़ में अपना फेस शो करते हैं, एंड इसका मेन फायदा है कि व्यूअर्स आपसे ज्यादा कनेक्टेड फील करेंगे, एंड आपका एक पर्सनल ब्रांड बिल्ड हो जाएगा जो कि लॉन्ग टर्म सोशल मीडिया सक्सेस के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। हाउएवर, अगर आप किसी भी रीज़न से अपना फेस शो नहीं करना चाहते, तो एक फेसलेस चैनल आपके लिए बहुत ही अच्छा ऑप्शन है। एंड पिछले कुछ सालों में फेसलेस चैनल्स का ट्रेंड बहुत ज्यादा ग्रो हुआ है। एक फेसलेस चैनल के वीडियोज़ में बस क्रिएटर की वॉइस होती है, एंड उसके ऊपर स्क्रिप्ट से मैचिंग विजुअल्स होते हैं जो हम एडिटिंग के समय डालते हैं। नाउ व्हेन इट कम्स टू रिकॉर्डिंग, क्रिएटर्स इक्विपमेंट को लेके बहुत परेशान हो जाते हैं, और अननेसेसरी पैसे खर्च करने लगते हैं जो आपको बिल्कुल भी नहीं करना है। अगर आप फेसकैम वीडियोज़ बनाओगे, तो आपको सबसे पहले जरूरत होगी एक कैमरा की। एंड नहीं, मैं DSLR की बात नहीं कर रहा क्योंकि इनिशियली आपके फोन का कैमरा ही इनफ होगा। इवन अगर उसकी क्वालिटी कुछ खास अच्छी नहीं है, आप प्रॉपर लाइटिंग की हेल्प से उसको इंप्रूव कर सकते हो। लाइटिंग का चीपेस्ट सोर्स है नेचुरल लाइट, और इसके लिए आप विंडोज या बालकनी के पास रिकॉर्ड कर सकते हो। एंड इससे जो क्वालिटी मिलती है ना, समटाइम्स वह प्रोफेशनल लाइटिंग को भी बीट कर देती है। बट हां, हम सबके लिए दिन में रिकॉर्ड करना पॉसिबल नहीं है। सो आप किसी सस्ते से रिंग लाइट में इन्वेस्ट कर सकते हो। इसके बाद यू विल नीड अ माइक्रोफोन, एंड वन्स अगेन, आपको इसमें ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। ₹1000 से भी कम में आपको अच्छे mics मिल जाएंगे जो आपके फोन से इजीली कनेक्ट होते हैं। इनका लिंक मैं डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा। अगर आप यह भी नहीं ले सकते, देन ऑल्सो कोई प्रॉब्लम नहीं है। सिर्फ ट्राई करना कि एक ऐसे प्लेस एंड ऐसे टाइम पर रिकॉर्डिंग करो जब आपके आसपास ज्यादा नॉइज़ नहीं होती है, और आपके फोन के बिल्ट-इन माइक से भी आपको डिसेंट ऑडियो क्वालिटी मिल जाएगी। यह हुई बात अगर आप फेसकैम कॉन्टेंट बना रहे हो। फेसलेस चैनल्स का काम तो और भी सिंपल है क्योंकि इसमें सिर्फ आपकी ऑडियो क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए। फॉर दिस, यू विल नीड अ रूम जहां नॉइज़ नहीं हो एंड वॉइस एको नहीं करे। मतलब आवाज गूंजे नहीं। एक रूम जितना खाली होता है, वॉइस उतनी एको होती है, तो वैसे रूम को अवॉयड करना। अदरवाइज किसी छोटे स्पेस जैसे क्लोजेट का भी यूज़ कर सकते हो रिकॉर्डिंग के लिए। रिमेंबर कि फेसलेस वीडियोज़ में आपको कोई देखने वाला नहीं है, सो इस बात का फायदा उठाओ एंड जैसे भी बेस्ट ऑडियो क्वालिटी अचीव कर सकते हो कर लो। अगर बात करें mic की, तो आप फोन का बिल्ट-इन माइक यूज़ कर सकते हो। बस याद रखना कि उसे अपने फेस से 6 टू 7 इंचेज़ से ज्यादा दूर नहीं रखना। इसके अलावा, जो बेस्ट माइक्रोफोन हैं फेसलेस चैनल्स के लिए, उनका लिंक मैं डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा। फाइनली, यह याद रखना कि आप इक्विपमेंट कितना भी अच्छा ले लो, आपका कॉन्फिडेंस एंड स्पीकिंग स्किल्स तभी इंप्रूव होंगे जब आप कंसिस्टेंटली वीडियोज़ बनाओगे। रिकॉर्डिंग के बाद आता है वीडियो क्रिएशन का फाइनल स्टेप दैट इज़ वीडियो एडिटिंग। तो सबसे पहले आपको डिसाइड करना है कि आप एडिटिंग किस डिवाइस और किस एप्लीकेशन में करोगे। अगर फ्री एप्लीकेशंस की बात करें तो PC यूज़र्स के लिए DaVinci Resolve सबसे बेस्ट रहेगा। स्टार्टिंग में थोड़ा कॉम्प्लेक्स लगता है यह बट अगर आप इसको मास्टर कर लेते हो तो आप खुद को थैंक यू बोलोगे। अदरवाइज, OpenShot, Shotcut और Lightworks भी कुछ फ्री एप्लीकेशंस हैं विच यू कैन ट्राई। अगर आप स्मार्टफोन पर एडिट करने वाले हो, तो InShot यूज़ कर सकते हो जो कि Play Store का मोस्ट डाउनलोडेड वीडियो एडिटिंग ऐप है, एंड मैंने भी अपने चैनल पे 600K सब्सक्राइबर्स कंप्लीट होने तक इसी से एडिट किया है। इसका इंटरफेस बहुत ही बिगिनर फ्रेंडली है एंड इसमें वो सारे फीचर्स हैं जिनकी 90% क्रिएटर्स को जरूरत है। द गुड न्यूज इज़ दैट मैंने ऑलरेडी अपने चैनल पे InShot वीडियो एडिटिंग बिल्कुल बेसिक से सिखा रखा है। सो, मैं इस पूरे प्लेलिस्ट का लिंक डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा। नाउ, स्क्रिप्टिंग, रिकॉर्डिंग, एंड एडिटिंग करके वीडियो तो बन जाएगा, बट अभी एक लास्ट चीज़ बनाना सीखना है आपको व्हिच इज़ थंबनेल डिजाइनिंग। थंबनेल के लिए बेस्ट ऑप्शन है Photoshop, बट क्योंकि यह एक पेड एप्लीकेशन है, तो आप Photopea का यूज़ कर सकते हो जो कि इसका अल्टरनेटिव है। एंड इसका इंटरफेस एंड फीचर्स बिल्कुल Photoshop जैसा ही हैं। Photopea मोबाइल पे भी अवेलेबल है बट उतने छोटे स्क्रीन पे इसे यूज़ करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। सो, मोबाइल यूज़र्स के लिए मैं रेकमेंड करूंगा PixelLab जो कि बहुत इजी टू यूज़ है एंड इसमें फीचर्स काफी हैं। मैंने अपने चैनल पे PixelLab का फुल ट्यूटोरियल भी बना रखा है जिसका लिंक मैं डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा। PixelLab के अलावा Canva और Adobe Express भी अच्छे apps हैं। वो यूज़ कर सकते हो। तो जब आप प्रैक्टिस चैनल पे 1 महीने तक वीडियोज़ बनाकर इन सभी वीडियो क्रिएशन स्किल्स से फैमिलियर हो जाते हो, देन, इटस फाइनली टाइम कि आप अपना मेन चैनल क्रिएट करो जिसके लिए हमें जाना होगा चैप्टर नंबर 6 पे। अपना चैनल बनाने के लिए आपको सबसे पहले एक Gmail अकाउंट की जरूरत है जो आपके पास पहले से ही होगा। बट आई हाईली रेकमेंड कि अपने YouTube चैनल के लिए आप एक फ्रेश Gmail अकाउंट बनाओ। इससे सिक्योरिटी रिस्क थोड़े कम हो जाएंगे एंड ऑल्सो आपका इनबॉक्स हमेशा क्लीन एंड प्रोफेशनल रहेगा। Gmail अकाउंट क्रिएट करने के बाद जब आप YouTube ओपन करोगे, तो आपको टॉप राइट हैंड कॉर्नर में अपना प्रोफाइल दिखेगा। सो, वी विल क्लिक ऑन दैट, एंड फिर जो क्रिएट अ चैनल ऑप्शन है उसपे टैप करेंगे। यहां आप अपने चैनल का लोगो, नाम और हैंडल सेलेक्ट कर सकते हो। चैनल के लिए एक अच्छा नाम कैसे रखना है इस के ऊपर मैंने ऑलरेडी एक डिटेल वीडियो बना रखा है जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। बात करें हैंडल की, तो यह भी चैनल नेम जैसा ही होता है बट यह सभी चैनल्स के लिए यूनिक होता है।
[24:43]लाइक मेरे चैनल का हैंडल है @decodingyt। सो, इवन दो लोग DecodingYT नाम का चैनल बना लेंगे, उनका हैंडल हमेशा डिफरेंट रहेगा। नाउ, क्योंकि YouTube पर इतने चैनल्स रोज़ बनते हैं, तो हो सकता है कि आप जो नाम सेलेक्ट करो, उस नाम का एग्जैक्ट हैंडल अवेलेबल नहीं हो। सो, वैसे में आप नाम के एंड में कोई सफिक्स ऐड कर सकते हो, लाइक ऑफिशियल, टीवी, YT, एटसेटरा। यह सब करने के बाद आपको क्रिएट चैनल पे क्लिक करना है, एंड आपका न्यू चैनल बन जाएगा। नाउ, मैक्सिमम लोग चैनल क्रिएट करते ही उस पर वीडियोज़ डालने लगते हैं, बट आपको ऐसा नहीं करना है। पहले हमें अपने चैनल को प्रॉपर्ली सेटअप करना होता है जिसके लिए हमें कुछ सेटिंग्स और कस्टमाइज़ेशंस करने होंगे। तो फिर से अपने प्रोफाइल आइकॉन पे क्लिक करो और जो YouTube स्टूडियो का ऑप्शन आ रहा है उसपे टैप करो। YouTube स्टूडियो के बारे में डिटेल में हम चैप्टर 8 में जानेंगे। फिलहाल बस चैनल को अच्छे से सेटअप कर लेते हैं। तो सबसे पहले यहां से कस्टमाइज़ेशन मेन्यू में जाएंगे जहां बैनर इमेज और लोगो का ऑप्शन है। लोगो बनाने के लिए आपको ChatGPT से बोलना है: Generate a logo for the channel name और जो भी चैनल नेम है आपका वह लिख देना। एंड बस, कुछ ही देर में आपका लोगो रेडी हो जाएगा। बैनर इमेज भी आप इजीली Canva या Photopea में बना सकते हो, एंड इसमें सिर्फ चैनल का लोगो और एक साइड नाम डाल देना वह इनफ है। नीचे स्क्रॉल करने पे नाम और हैंडल का ऑप्शन है जो हमने पहले ही रख लिया था। फिर है चैनल डिस्क्रिप्शन। यहां आप अपने चैनल के बारे में एक छोटा सा इंट्रोडक्शन लिख सकते हो जो बेसिकली आपके अबाउट सेक्शन में विज़िबल होगा। यह सब करने के बाद हम क्लिक करेंगे सेटिंग्स पे, एंड यहां कुछ इंपॉर्टेंट सेटिंग्स हैं तो वह भी जल्दी से देख लेते हैं। सबसे पहले मेक श्योर कि करेंसी में आपका US डॉलर सिलेक्टेड हो, ऑल्दो अभी यह उतना मैटर नहीं करता है क्योंकि हमारा चैनल मॉनिटाइज नहीं है। फिर चले जाओ चैनल पे, एंड कंट्री ऑफ रेसिडेंस में वह कंट्री सिलेक्ट कर लो जहां आप रहते हो। फिर है कीवर्ड्स। यहां आप अपने चैनल से रिलेटेड कीवर्ड्स ऐड कर सकते हो। तो पहले यहां पे सिंपली अपने चैनल का नाम डाल देना, और फिर जो भी niche है आपका उससे रिलेटेड 5 से 6 पॉपुलर कीवर्ड्स डाल देना। फिर एडवांस सेटिंग्स वाले टैब पे क्लिक करेंगे, एंड यहां YouTube हमसे पूछ रहा है कि क्या हम वीडियोज़ छोटे बच्चों के लिए बनाते हैं या फिर नहीं।
[26:41]अगर आप नॉर्मल कॉन्टेंट बनाते हो, लाइक एजुकेशन, टेक, व्लॉग्स, एंटरटेनमेंट, गेमिंग, एनीथिंग, तो आप सिलेक्ट करोगे no, This channel is not made for kids। बट अगर आप कुछ भी ऐसा बनाते हो जो स्पेशली बच्चों के लिए टारगेटेड है, लाइक कार्टूनज़, नर्सरी राइम्स, टॉय रिव्यूज, तो आप सिलेक्ट करोगे yes। इसके बाद फीचर एलिजिबिलिटी टैब पे क्लिक करेंगे जो कि बहुत इंपॉर्टेंट टैब है। यहां आप देख सकते हो कि आपके चैनल के लिए कौन-कौन से YouTube फीचर्स अभी इनेबल्ड हैं। यह फीचर्स मेनली तीन कैटेगरीज में आते हैं, स्टैंडर्ड फीचर्स जिनमें वीडियो अपलोड करना, प्लेलिस्ट बनाना, यह सारे बेसिक फीचर्स आते हैं। यह चैनल क्रिएट करते ही इनेबल हो जाता है, सो इसमें कुछ भी नहीं करना है। फिर आता है इंटरमीडिएट फीचर्स जिसे इनेबल करने के बाद आप वीडियो में खुद का थंबनेल लगा पाओगे, लाइव स्ट्रीम कर पाओगे, एंड 15 मिनट से लंबे वीडियोज़ डाल पाओगे। सो, इसे इनेबल करने के लिए आपको बस वेरीफाई फोन नंबर पे क्लिक करना है, एंड अपना नंबर डाल देना है यहां जिसके बाद आपके फोन पे कोड आएगा जिसे एंटर करते ही आपका नंबर वेरीफाई हो जाएगा, एंड इंटरमीडिएट फीचर्स भी इनेबल हो जाएंगे। फाइनली, एडवांस फीचर्स को भी इनेबल कर लेना है जिसके लिए आपके इंटरमीडिएट फीचर्स इनेबल्ड होने चाहिए, एंड इन तीनों में से कोई भी एक ऑप्शन सेलेक्ट कर लेना। आई रेकमेंड आप वीडियो वेरिफिकेशन से वेरीफाई करो क्योंकि वह सबसे फास्ट होता है। इसके बाद, वी विल क्लिक ऑन अपलोड डिफॉल्ट्स। और यह बेसिकली एक शॉर्टकट का काम करता है जिससे आपका काफी टाइम बचेगा। जब भी हम YouTube पे कोई वीडियो अपलोड करते हैं, तो हमें उसके लिए बहुत सारे सेटिंग्स चूज़ करने होते हैं। नाउ, उनमें से कुछ सेटिंग्स के अलावा बाकी सारे सेटिंग्स ऐसे होते हैं जो हम अपने हर वीडियो के लिए सेम रखना चाहते हैं। तो उन सेटिंग्स को आप यहां पे सेलेक्ट कर सकते हो, एंड फ्यूचर में आप जो भी वीडियोज़ अपलोड करोगे, उनमें यह सेटिंग्स पहले से अप्लाइड रहेंगे। सो, टाइटल ऑफकोर्स हर वीडियो का डिफरेंट होता है, तो इसे स्किप कर देंगे। फिर है डिस्क्रिप्शन जहां आप अपने चैनल के सोशल मीडिया अकाउंट्स जैसे Instagram और X वगैरह का लिंक डाल सकते हो, ताकि हर वीडियो में उसे दोबारा नहीं लिखना पड़े। फिर है विज़िबिलिटी जिसमें आपको अनलिस्टेड सेलेक्ट करना है। टैग्स भी उतने इंपॉर्टेंट नहीं है अभी, तो इसे स्किप करते हैं। फिर एडवांस सेटिंग्स टैब में जाएंगे जहां ऑटोमेटिक चैप्टर्स का ऑप्शन है, इसे ऑन रहने देंगे। फिर लाइसेंस को भी स्टैंडर्ड YouTube लाइसेंस रहने दो। देन वी हैव कैटेगरी जिसमें आपको इन सारे ऑप्शंस में से कोई एक कैटेगरी सेलेक्ट करना है जिसमें आपका niche फिट होता है। लाइक मेरा चैनल YouTube एजुकेशन के बारे में है, तो मैं एजुकेशन सेलेक्ट कर लूंगा। फाइनली, वीडियो लैंग्वेज में वह लैंग्वेज सेलेक्ट कर लेना जिसमें वीडियोज़ बनाते हो, और टाइटल एंड डिस्क्रिप्शन लैंग्वेज में भी वह लैंग्वेज सेलेक्ट करना व्हिच यू यूज़ फॉर योर टाइटल एंड डिस्क्रिप्शन। देन नीचे के सेटिंग्स को भी सेम रहने देंगे, एंड वी विल क्लिक सेव। इसके बाद चार और टैब्स हैं जिनमें और भी एक्स्ट्रा सेटिंग्स हैं, बट अभी आपको उन्हें चेंज करने की जरूरत नहीं है। सो, कांग्रेचुलेशंस! आपका चैनल अब पूरी तरह सेटअप हो चुका है, एंड नाउ, यू कैन स्टार्ट अपलोडिंग वीडियोज़। तो चलते हैं चैप्टर नंबर 7 पे। How to Make Your First Viral Video तो सबसे पहले आपको समझना होगा कि YouTube के कॉन्टेक्स्ट में एक वायरल वीडियो क्या होता है? बिकॉज़ इसका कोई एक फिक्स नंबर नहीं है कि आपके इतने व्यूज़ आ गए तो वीडियो वायरल हो गई। वायरल वीडियो का डेफिनेशन चैनल टू चैनल चेंज होते रहता है। मान लो किसी क्रिएटर के हर अपलोड पे नॉर्मली 1000 व्यूज़ आते हैं बट एक दिन अचानक से उसके 1 लाख व्यूज़ आ गए, तो वह क्रिएटर कह सकता है कि उसकी वीडियो वायरल हो गई।
[30:29]वहीं अगर Techno Gamers, जिनके हर वीडियो के व्यूज़ मिलियंस में हैं, उनको सिर्फ 1 लाख व्यूज़ आते हैं, तो वह वीडियो क्लियरली फ्लॉप कहलाएगी। अब यह जो वीडियो थी जिसके 1 लाख व्यूज़ आ गए, इसको लोग आम भाषा में वायरल वीडियो बोलते हैं। बट YouTube के टर्म्स में कोई भी ऐसा वीडियो जिसके व्यूज़ अपने चैनल के एवरेज व्यू काउंट से ज्यादा हैं, उसे Outlier बोलते हैं। Outlier मेथड के बारे में हम बस थोड़ी ही देर में डिस्कस करेंगे, फिलहाल देखते हैं कि वायरल वीडियो फार्मूला क्या है। तो मैं डायरेक्टली लिख देता हूं। यह रहा वायरल वीडियो का फार्मूला। इसको एक्सपैंड कर सकते हो। Viral Video = Viral Idea + Viral Packaging + Viral Intro। That's it। आई नो यह फार्मूला बहुत सिंपल लग रहा है क्योंकि यह है सिंपल। लोग YouTube Growth को बिन वजह के ही कॉम्प्लिकेटेड बनाते हैं। तो फार्मूला का फर्स्ट कॉम्पोनेंट है एक वायरल आईडिया। जिसे फाइंड करने का सबसे स्ट्रेट फॉरवर्ड तरीका है अपने niche के ऐसे वीडियोज़ को देखना जो कि ऑलरेडी वायरल हैं, एंड उनसे इंस्पिरेशन लेना। बट यू नो इसमें एक प्रॉब्लम है, एंड दैट इज़ कि मोस्ट ऑफ द टाइम वह वायरल वीडियोज़ बड़े क्रिएटर्स के होते हैं, एंड बड़े क्रिएटर्स के पास अपने फेस वैल्यू का एडवांटेज होता है। दिस मीन्स कि वह कुछ भी अपलोड कर दें, उनके व्यूज़ आ ही जाएंगे। वहीं अगर कोई नया क्रिएटर वह सेम आईडिया अपने चैनल पे अप्लाई करता है, तो उसका वीडियो उतने व्यूज़ नहीं ला पाएगा क्योंकि उसकी कोई फेस वैल्यू नहीं है। तो इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए आप यूज़ करोगे the Outlier Method। लेट्स से एक चैनल है जिसके हर वीडियो पे नॉर्मली 1000 व्यूज़ आते हैं, बट एक वीडियो पे अचानक से 1 लाख व्यूज़ आ गए, तो उस वीडियो को Outlier वीडियो बोलेंगे क्योंकि उसने अपने चैनल के एवरेज व्यू काउंट को आउटपरफॉर्म किया है। इस वीडियो पे जो एवरेज से ज्यादा व्यूज़ आए हैं, वह इस बात का इंडिकेटर है कि यह वीडियो कुछ तो सही कर रहा है जो बाकी वीडियोज़ नहीं कर पा रहे हैं। सो, Outlier मेथड सिंपली यही कहता है कि आप ऐसे Outlier वीडियोज़ को फाइंड करो, उनको एनालाइज करो, एंड उस वीडियो फॉर्मेट को अपने चैनल पे अप्लाई करो ताकि आपके वीडियो पे भी व्यूज़ आएं। एंड रिमेंबर, एक Outlier जितने छोटे चैनल का होगा, वह उतना ही स्ट्रांग इंडिकेटर है इस बात का कि वीडियो के टॉपिक में व्यूज़ लाने का पोटेंशियल है। बिकॉज़ छोटे चैनल्स का कोई फेस वैल्यू नहीं होता है। सो, जो भी व्यूज़ आए होंगे, वह मोस्ट लाइकली वीडियो की वजह से ही आए होंगे। नाउ, Outliers फाइंड करने के लिए हम एक फ्री एक्सटेंशन इंस्टॉल करेंगे जिसका नाम है vidIQ। इसका लिंक मैं डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा। इसे अपने ब्राउज़र में इंस्टॉल करते ही आप YouTube पे हर वीडियो के साथ उसका आउटलायर स्कोर देख सकोगे। लाइक इस वीडियो का आउटलायर स्कोर है 28X, व्हिच मीन्स कि इसने अपने चैनल के एवरेज व्यू काउंट से 28 टाइम्स ज्यादा व्यूज़ लाए हैं। अगर Outlier स्कोर है 11X, देन इट मीन्स कि 11 टाइम्स मोर व्यूज़ आए हैं। नाउ, इससे हमें पता तो चल रहा है कि वीडियो का आईडिया अच्छा है, बट यह भी देखो कि इस चैनल के 2 लाख सब्सक्राइबर हैं जो कि बहुत होता है। सो, इन 3 लाख व्यूज़ के लिए इस चैनल की ऑडियंस भी रिस्पांसिबल है। वेयरएज़, अगर हम इस वीडियो को देखें, तो इसका भी आउटलायर स्कोर काफी अच्छा है, बट मोस्ट इंपॉर्टेंटली, यह कोई बड़े चैनल का नहीं है, जो इस बात को इंडिकेट करता है कि टॉपिक में एक्चुअली पोटेंशियल है। ऑल्सो, रिमेंबर कि Outliers फाइंड करने के लिए आपको वह एक्स्ट्रा चैनल का ही यूज़ करना है जो हम मार्केट रिसर्च के लिए यूज़ कर रहे थे क्योंकि उस पे ऑलरेडी हमने अपने niche के वीडियोज़ देख रखे हैं। ओके। नाउ लेट मी शो यू कि लोग Outlier मेथड का यूज़ करके कितने इजीली वायरल होते हैं। सो इस वीडियो का एग्जांपल लेते हैं जो मैंने 1 साल पहले अपलोड किया था। इस पे अभी 3 मिलियन व्यूज़ हैं, एंड यह क्लियरली एक Outlier है। नाउ इस वीडियो के फॉर्मेट से इंस्पिरेशन लेके इस क्रिएटर ने ऐसा ही सिमिलर वीडियो बनाया है। एंड वीडियो ने लिटरली इस चैनल के एवरेज व्यूज़ से 100 गुना बेटर परफॉर्म किया है। अगर मैं यह चैनल ओपन करूं, तो यू कैन सी वीडियोज़ पे 600 व्यूज़ हैं, 200 व्यूज़, 300 व्यूज़, एंड बूम! अचानक से 5000 व्यूज़ वह भी सिर्फ 2 दिन में। सो, यह है पावर Outlier मेथड का। नाउ फार्मूला का सेकंड कॉम्पोनेंट है पैकेजिंग। जस्ट लाइक एक प्रोडक्ट कितना भी हाई क्वालिटी का हो, अगर उसकी पैकेजिंग खराब है तो लोग उसे नहीं खरीदेंगे। उसी तरह YouTube पे वीडियो का टाइटल और थंबनेल ही पैकेजिंग का काम करता है। एंड अगर इसे खराब कर दोगे, तो वीडियो पर कोई भी क्लिक नहीं करेगा, नो मैटर वीडियो कितनी भी अच्छी हो। नाउ, वायरल पैकेजिंग का रूल बहुत ही सिंपल है। आपको अपने टाइटल एंड थंबनेल से व्यूअर्स के माइंड में किसी भी तरह क्यूरिओसिटी बिल्ड करनी है। दैटस इट। एग्जांपल के लिए, Ryan Trahan की यह वीडियो लेते हैं: I Tested One-Star Hotels। यू कैन सी, होटल के रिव्यू में किसी ने लिखा है डोंट स्लीप इन रूम 13, एंड थंबनेल में क्लियरली दिख रहा है कि Ryan रूम नंबर 13 में है। सो, देखो, टाइटल एंड थंबनेल एक साथ मिलकर कितने ब्यूटीफुली काम कर रहे हैं। और इससे व्यूअर्स के माइंड में क्यूरिओसिटी बिल्ड होती है, कि रूम नंबर 13 में ऐसा क्या है जिसके वजह से आप वीडियो पे क्लिक किए बिना नहीं रह सकते। फिर Veritasium की यह वाली वीडियो का एग्जांपल लेते हैं। टाइटल है What Everyone Gets Wrong About Planes। एंड थंबनेल में प्लेन के डोर पे पॉइंट करके लिखा है Not Locked, जो कि हमारे कॉमन अजम्पशन को कॉन्ट्रडिक्ट कर रहा है, एंड इससे व्यूअर्स इंस्टेंटली क्यूरियस हो जाते हैं। फिर यह वीडियो लेते हैं। इसके थंबनेल में Taylor Swift के साथ फोन कॉल का स्क्रीनशॉट है। सो, नेचुरली व्यूअर्स क्यूरियस हो जाएंगे कि क्या सच में क्रिएटर ने Taylor Swift से बात किया? अगर किया तो क्या बात किया? एंड ऑल्सो ये बाकी के सेलिब्रिटीज कौन हैं? ऑफकोर्स, हर समय आपको इतना एक्सट्रीम जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इनफैक्ट, कुछ niches ऐसे होते हैं जिनमें एस्थेटिक्स ज्यादा मैटर करते हैं एज़ कंपेयर टू द कॉन्सेप्ट। इसका एक पॉपुलर एग्जांपल है Day in my life videoज़। इन वीडियोज़ के थंबनेल्स में क्रिएटर्स क्यूरिओसिटी बिल्ड करने की कोशिश नहीं करते हैं, बस अपने थंबनेल को ज्यादा से ज्यादा विजुअली अपीलिंग बनाते हैं। सो, आपको भी पहले स्टडी करना है कि आपके niche में क्या स्टाइल और फॉर्मेट्स वर्क करेंगे। ऑल्सो, मैंने थंबनेल्स के लिए एक बहुत ही डिटेल्ड 17 मिनट का वीडियो बना रखा है। And, I highly recommend कि आप यह देखो। इसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। फाइनली, हमारे फार्मूला का लास्ट कॉम्पोनेंट है एक वायरल इंट्रो। सो, वायरल आईडिया और वायरल पैकेजिंग से लोगों को वीडियो में तो ले आए। कांग्रेचुलेशंस। बट अब, वह आपका वीडियो कितनी देर देखेंगे, यह डिपेंड करता है वीडियो के पहले 30 सेकंड्स यानी इंट्रो पे। इंट्रो का गोल भी काफी सिंपल है। आपको किसी भी तरह रेस्ट ऑफ द वीडियो के लिए एक नीड या फिर क्यूरिओसिटी क्रिएट करना है, ताकि व्यूअर्स को ऐसा लगे कि अगर वह वीडियो नहीं देखेंगे, तो वह कुछ इंपॉर्टेंट मिस कर देंगे। लाइक मैं अपने वीडियोज़ में यूजुअली एक थ्री-स्टेप फ्रेमवर्क यूज़ करता हूं इंट्रो लिखने के लिए। फर्स्ट स्टेप में मैं उस चीज़ के बारे में बात करता हूं जो टाइटल एंड थंबनेल में मेंशंड है, यानी व्यूअर का गोल। स्टेप टू में मैं बताता हूं कि व्यूअर का यह जो गोल है उसे अचीव करने में क्या प्रॉब्लम आएगी जिससे उनके मन में फियर या फ्रस्ट्रेशन का इमोशन इंड्यूस होता है। एंड फाइनली, स्टेप थ्री में मैं उन्हें बताता हूं कि यह जो प्रॉब्लम है उसका सलूशन भी है मेरे पास, जिससे ऑफकोर्स क्यूरिओसिटी इंड्यूस होती है व्यूअर्स के माइंड में यह जानने के लिए कि वह सलूशन आखिर है क्या। एंड इसी क्यूरिओसिटी के वजह से व्यूअर्स वीडियो में हुक हो जाते हैं। अगर अभी भी नहीं समझ आया तो एग्जांपल के लिए मैं अपना एक वीडियो का इंट्रो प्ले करता हूं, एंड देखना कि कैसे मैंने इस थ्री-स्टेप फ्रेमवर्क को अप्लाई किया है।
[37:46]एक YouTube चैनल से पैसे कमाने के लिए आपको चाहिए 1000 सब्सक्राइबर्स एंड 4000 वॉच आवर्स। अब जहां 1000 सब्सक्राइबर्स तो आजकल सभी कंप्लीट कर लेते हैं, 4000 घंटे कंप्लीट करने में लोगों को लिटरली महीने, इवन कई साल लग जाते हैं। मैंने अपने ऑडियंस से भी पूछा, एंड आप देख सकते हो कि ऑलमोस्ट 90% चैनल्स स्टिल डोन्ट हैव 4000 वॉच टाइम। तो क्योंकि मैंने अपने चैनल को सिर्फ चार वीडियोज़ से ही मॉनिटाइज कर दिया था, मेरे पास एक क्लियर रोडमैप है जिसे फॉलो करके कोई भी चैनल ज़ीरो से 4000 आवर्स तक इजीली जा सकता है। सो एज़ यू सो, फर्स्ट स्टेप में मैंने मॉनिटाइजेशन के क्राइटेरिया को मेंशन किया है जो कि व्यूअर्स का गोल है। फिर मैंने व्यूअर्स के माइंड में फियर इंड्यूस किया है बाइ टेलिंग देम कि 4000 वॉच आवर्स कंप्लीट करना कितना डिफिकल्ट है। एंड फाइनली, आई टोल्ड देम कि मेरे पास इसका सलूशन भी है क्योंकि मैंने खुद के चैनल पर मॉनिटाइजेशन कंप्लीट किया था विद ओन्ली 4 वीडियोज़। ऑफकोर्स, हर niche में ऐसे इंट्रिकेट इंट्रो फॉर्मेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। फॉर एग्जांपल, अगर कुकिंग वीडियोज़ में आप सिर्फ फाइनल डिश को सर्व करते हुए एक अच्छा सा एपेटाइजिंग शॉर्ट डाल दोगे, तो वह भी व्यूअर्स को हुक करने के लिए इनफ है। सिमिलरली, अगर आपका व्लॉगिंग चैनल है, तो आप पूरे व्लॉग में से बेस्ट सीन को पहले 30 सेकंड्स में दिखा सकते हो। ऑफकोर्स, पूरा मत दिखा देना। एंड दैट विल एक्ट एज़ योर इंट्रो हुक। इंट्रो बनाते वक्त एक और स्ट्रेटजी का यूज़ कर सकते हो आप विच कैन गिव यू 50% मोर वॉच टाइम, एंड दैट इज़ टू सेट अप एन एंड रिवॉर्ड। मतलब कि कुछ ऐसा जो व्यूअर्स को वीडियो के एंड में मिलेगा। फॉर एग्जांपल, वर्ल्डस फास्टेस्ट कार वर्सेज़ चीता। MrBeast के इस वीडियो में टोटल 7 कॉम्पिटिशंस हैं। बट क्योंकि कार वर्सेज़ चीता इन सातों कॉम्पिटिशंस में से सबसे कूल है, MrBeast ने उसको टाइटल में भी रखा है, थंबनेल में भी रखा है, एंड मोस्ट इंपोर्टेंटली, वीडियो के पहले 5 सेकंड्स में भी, और इन तीनों चीज़ों से यह कॉम्पिटिशन वीडियो का सेंटर ऑफ अटेंशन बन जाता है। इसके लिए हाई बिल्ड करने के बाद, MrBeast ने जानबूझकर कार वर्सेज़ चीता वाले पार्ट को वीडियो के एंड में रखा है जो कि एक एंड रिवॉर्ड का काम करता है। सो अगर वीडियो देखते वक्त किसी पार्ट में व्यूअर बोर भी हो जाए, तो भी उसे याद रहेगा कि एंड रिवॉर्ड तो अभी बाकी है। एंड बिकॉज़ ऑफ दैट, उस व्यूअर के वीडियो को क्विट करने के चांसेज कम हो जाएंगे। इसी तरह आपने YouTubeers को बोलते हुए सुना होगा कि आज मैं आपको फाइव टिप्स बताने वाला हूं, एंड इसमें लास्ट वाला टिप सबसे इंपॉर्टेंट है। सो, यह भी एंड रिवॉर्ड का एग्जांपल है। वन्स अगेन, मैं यह एडवाइस दूंगा कि आप अपने niche के इंट्रोज़ को स्टडी करो कि उसमें क्या वर्क कर रहा है, नहीं कर रहा है, एंड उसके हिसाब से आगे बढ़ो। अब चलते हैं चैप्टर नंबर 8 पे जो कि है YouTube स्टूडियो।



