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ek gao ki gali se bhale aadmi ki arthi nikli. #shorts #motivation

Facts Spotted

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[0:00]गांव की गली से एक भले इंसान की अर्थी निकली पूरे परिवार वाले उसे शमशान ले जा रहे थे. अचानक एक अमीर सेठ ने बीच रास्ते में अर्थी रोक दी और बोला इस आदमी पर ₹10 लाख का कर्ज है. पहले मेरा कर्ज चुकाओ तभी इसे शमशान ले जाने दूंगा. ये सुनते ही उस इंसान के चारों बेटे आगे बढ़े और घमंड से बोले हम तुम्हारा कर्ज नहीं देंगे. पिता का कर्ज पिता जाने.

[0:27]अगर तुम चाहो तो खुद ही यह अर्थी उठाकर ले जाओ उनकी यह बात सुनकर पूरा गांव हक्का बक्का रह गया. लोग गुस्से और शर्म से थूकने लगे उन बेटों पर. तभी यह खबर उस आदमी की बेटी तक पहुंची वो दौड़ती हुई आई आंखों में आंसू बह रहे थे. उसने बिना सोचे समझे अपने सारे गहने और जो भी उसके पास पैसे थे सब सेठ के आगे रखकर बोली अगर इससे भी आपका कर्ज पूरा नहीं हुआ तो मैं पूरी जिंदगी भर मेहनत करके आपका कर्ज जरूर चुकाऊंगा बस मेरे बाबा की अर्थी को जाने दीजिए. बेटी की यह बात सुनकर सेठ की आंखें भर आई. और हाथ जोड़कर बोला बेटी मुझे माफ करना. सच्चाई यह है कि तुम्हारे पिता से पैसे लेने नहीं थे. बल्कि ₹10 लाख देने थे. मैंने यह सब इसलिए किया क्योंकि मैं जानना चाहता था. कि उनकी जीवन भर की कमाई पर असल में हक किसका है. और इससे मुझे पता लग गया कि इन सारे पैसों की असल वारिस तू है. ये चार बेटे तो सिर्फ नाम के और दिखावे के वारिस हैं. यह सुनते ही चारों बेटों के सर शर्म से झुक गए. दोस्तों यह सिर्फ काल्पनिक कहानी नहीं बल्कि आज की डेट में यह हकीकत भी है.

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