[0:00]हे फ्रेंड्स, आई एम रिचा एंड आई वेलकम यू टू परचम कॉम्पिटिशन क्लासेस। एक ऐसा YouTube चैनल जहां हम कांसेप्ट की मदद से चीजों को समझेंगे और निमोनिक साइंस यानी मेमोरी टेक्नीक्स की मदद से कॉम्पिटिटिव एग्जाम के सारे सब्जेक्ट्स को लर्न करने की कोशिश करेंगे। हमने स्टार्ट किया था रिवर्स ऑफ इंडिया जिसमें हमने लास्ट क्लास के अंदर ऐसा ही एक मैप आपने देखा होगा और हमने लास्ट क्लास में बात की थी कि रिवर्स को हम हिमालयन रिवर्स यानी जो हिमालय से निकलती हैं उनके बेसिस पे और पेनिनसुलर रिवर्स यानी पठार वाली नदियों के बेसिस पर डिवाइड कर सकते हैं। और लास्ट क्लास में हमने इंडस रिवर कंप्लीट कर ली थी अब हम पढ़ेंगे गंगा रिवर सिस्टम ठीक है तो चलिए स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले देखेंगे गंगा कहां से निकल के कहां तक जाती है फिर डिटेल में बात करेंगे। तो देखो, ये है उत्तराखंड। उत्तराखंड से गंगा चालू होती है। फिर यूपी में आती है उसके बाद में बिहार बिहार में एक शाप साउथ टर्न लेती है फिर झारखंड और वेस्ट बंगाल में होती हुई बे ऑफ बंगाल में गिर जाती है। बंगाल में ही एक हिस्सा नदी का यहां बांग्लादेश की तरफ चला जाता है और वो वहां से फिर बे ऑफ बंगाल में गिरती है। ठीक है तो टोटल कितने स्टेट्स कवर किए गंगा ने? उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल। पांच राज्य यानी फाइव स्टेट्स इन इंडिया और फिर बांग्लादेश में चली जाती है। ठीक है कुछ बच्चे हो सकता है बोलें कि मैम झारखंड से तो मुख्य गंगा नदी नहीं निकलती लेकिन ये गलत है गंगा नदी झारखंड से निकलती है। यहां देख लो ये मैंने झारखंड का स्टेट मैप डाल रखा है। ओके और बिल्कुल इसके ये जो नॉर्थ वाला इसका डिस्ट्रिक्ट होता है सबसे उत्तरी डिस्ट्रिक्ट और शहर वो है साहिबगंज। कौन सा है ये? साहिबगंज यहां से मुख्य गंगा नदी निकलती है मैं डिस्ट्रीब्यूटरी की तो बात नहीं कर रही हूं मतलब सॉरी मैं ट्रिब्यूटरी यानी सहायक नदियों की बात नहीं कर रही हूं मैं मुख्य गंगा नदी की बात कर रही हूं। मुख्य गंगा नदी भी झारखंड से होकर भी जाती है इस पे कंफ्यूजन मत रखिएगा कई जगह पे आपको झारखंड नहीं मिलेगा। ओके लेकिन ये होता है सो ये समझ में आ गया उत्तराखंड यूपी बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल उसके बाद बांग्लादेश और बंगाल की खाड़ी। अब चलते हैं डिटेल में। उत्तराखंड में भी कहां से? तो जो गंगा नदी है उसका ओरिजिन यानी स्त्रोत यानी सोर्स क्या है वह है गोमुख गोमुख कहां है गंगोत्री ग्लेशियर में उत्तरकाशी उत्तराखंड के अंदर। उत्तराखंड के अंदर ऊपर का इलाका उत्तर का इलाका उत्तरकाशी कहलाता है वहां पर गंगोत्री ग्लेशियर में गोमुख नामक स्थान से ये देखो ये फोटो बनी हुई है ये ऐसी गुफा जैसी है जहां से ये नदी ऊपर जो ग्लेशियर का पानी है वो पिघलता है और यहां से वो नदी चालू होती है। और ये पूरी ये देखो ये पूरी गंगोत्री ग्लेशियर ये दिख रहा है आपको और यहां से ये नदी आ रही है इस नदी को इस समय जब ये गोमुख से निकलती है और गंगोत्री से होकर बहती है पूरा गंगोत्री की पूरे शहर से होती हुई बहती है तब इसको गंगा नहीं कहा जाता इसको कहा जाता है भागीरथी। क्या कहा जाता है? भागीरथी। भागीरथ जी वाली कथा आपको पता होगी उन्होंने गंगा का आह्वान किया था धरती पे और गंगा को भागीरथ जी की पुत्री भी कहा जाता है। ठीक है नहीं तो याद करने के लिए देख लो गंगा जी सबसे पहले कहां से भागना चालू हो रही है? गोमुख से तो भाग रही है तो भागीरथी कहलाएंगी। ठीक है यहां तक बात समझ में आ गई अब। अभी भागीरथी कह रहे हैं तो गंगा कब कहेंगे? ठीक है तो गंगा नाम पड़ता है देवप्रयाग पे। कहां पड़ता है? देवप्रयाग पे। ये कहां है? ये उत्तराखंड के ही गढ़वाल रीजन में पड़ता है। ये रहा उत्तराखंड का गढ़वाल रीजन ठीक है अब यहां गंगा क्यों कहते हैं या यहां क्या होता है ऐसा जिसके बाद से गंगा कहा जाता है। तो देखो ये हमारी भागीरथी आ रही थी इसी तरह से एक और नदी आती है जिसको कहते हैं अलकनंदा। क्या कहते हैं? अलकनंदा ये दोनों आकर के मिलती हैं देवप्रयाग पे। तब से इसका नाम गंगा चालू होता है। समझ में आ गई बात? तो गंगा बी.ए. पास है। गंगा क्या है? बी और ए पास है यानी भागीरथी और अलकनंदा के संगम के बाद गंगा कहा जाता है भागीरथी को। हां अब थोड़ा सा पढ़ते हैं अच्छा रुको रुको रुको। ये देखो ये मैंने एक रियल इमेज दिखा रखी है आपको। ये आ रही है भागीरथी ये ग्लेशियर वॉटर लेके आती है तो बहुत साफ-साफ सा पानी आता है और ये आ रही है अलकनंदा ठीक है और ये यहां पे मिल के साथ में बहना चालू करती है। ठीक है ये देवप्रयाग का पिक्चर है। फाइन अब देखो जैसे देवप्रयाग है ना इसी तरह से टोटल पांच प्रयाग होते हैं और पांचों अलकनंदा बनाती है अलकनंदा एक बहुत इंपॉर्टेंट रिवर है तो उसके बारे में थोड़ा सा जान लेते हैं। अलकनंदा कहां से चालू होती है? जैसे कि हमारी भागीरथी चालू हो रही है गोमुख और गंगोत्री ग्लेशियर से ये चालू होती है सतोपंथ ग्लेशियर से। बद्रीनाथ मंदिर के भी ऊपर की तरफ उत्तर की तरफ पड़ता है सतोपंथ ग्लेशियर वहां से चालू होती है भागीरथी से भी लंबी नदी है और बड़ी नदी भी है ज्यादा पानी लेकर के आती है भागीरथी से भी। ठीक है तो अगर आप हाइड्रोलॉजिकली देखो यानी पहाड़ पानी की स्थिति और पानी के क्वांटिटी के हिसाब से देखो तो ये मेजर नदी है भागीरथी मेजर नहीं है। लेकिन अगर आप पौराणिक यानी मायथोलॉजिकल तरीके से देखो तो भागीरथी मेन नदी है। ठीक है फिर अच्छा सतोपंथ ग्लेशियर कैसे याद करें? अलकनंदा सतोपंथ ग्लेशियर से निकलती है तो देखो जो साधु संत होते हैं ना वो अलख निरंजन अलख निरंजन करते हैं। और साधु संत सत्य की खोज में लगे हुए होते हैं ऐसा मानते हैं ना तो अलख निरंजन और सत्य की खोज से अलकनंदा सतोपंथ सत्य से सतोपंथ। ठीक है फिर पांच संगम यानी पांच कॉन्फ्लुएंसिस टोटल पांच संगम होते हैं उत्तराखंड में। वो पांच संगम यानी ये संगम वो होता है जहां दो नदियां आकर के मिल रही है तो पांच संगम कौन-कौन से हैं? विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग। और इन पांचों प्रयाग जो हो रहे हैं पांचों जो संगम हो रहे हैं पांचों स्थानों पे यहां पे अलकनंदा नदी कॉमन है। बाकी एक-एक नदी कोई ना कोई आ के जुड़ती है और संगम होता है तो अलकनंद अलकनंदा के साथ में पंच प्रयाग बनते हैं। अलकनंदा सबसे ऊपर हाईएस्ट ऑल्टीट्यूड पे सबसे ऊंचाई पे बनाती है विष्णुप्रयाग फिर आता है नंदप्रयाग फिर कर्णप्रयाग फिर रुद्रप्रयाग और लास्ट में देवप्रयाग। ये वही देवप्रयाग है जहां अलकनंदा किससे मिल रही है? भागीरथी से मिल रही है। तो पांचों नाम जल्दी से याद कर लो। कैसे करें? बोलो जल्दी से। विष्णु नंद कर्ण रुद्र देव। विष्णु नंद कर्ण रुद्र देव। ठीक है टेक्निक मैं बहुत सारी दे सकती हूं पर मैं चाहती हूं मुंह से नाम निकालो थोड़े। नाम निकालोगे बोलोगे देखोगे लिखोगे तो याद वैसे ही हो जाएगा विष्णु नंद कर्ण रुद्र देव। ठीक है तो ये पांचों प्रयाग याद हो गए। अब देवप्रयाग से गंगा निकली अब कहां जाएगी अभी तक वो सारी माउंटेंस यानी पहाड़ी इलाकों से गुजर रही थी ऋषिकेश वगैरह सब जगह से होती हुई आती है। मैदानी इलाकों में कहां एंटर कर रही है सबसे पहले प्लेन्स में तो वो एंटर करती है हरिद्वार में अभी भी उत्तराखंड में ही है। एंट्री इन टू प्लेन्स एट हरिद्वार उत्तराखंड ये हरिद्वार में आ गई शांत हो करके गंगा नदी आ गई अभी थोड़ी। ठीक है फिर उसके बाद में वो जाती है यूपी उत्तराखंड के बाद यूपी एंटर करेगी यूपी में एक पॉइंट बहुत इंपॉर्टेंट है त्रिवेणी संगम होता है जहां वो है प्रयागराज। पहले नाम इलाहाबाद ठीक है तो इलाहाबाद या प्रयागराज में त्रिवेणी संगम होता है कौन सी तीन नदियां मिलती है एक तो गंगा आ रही है। एक आती है यमुना जी और एक और होती है सरस्वती गंगा यमुना सरस्वती ये तीनों मेजर रिवर सुनी होंगी ना एक साथ में गंगा यमुना सरस्वती ये तीनों त्रिवेणी संगम बनाती है प्रयागराज में। ये इधर मैप देख लो देखो ये आ रही है हमारी गंगा ठीक है और यहां से जब मैं डिटेल में यमुना पढ़ाऊंगी तब बताऊंगी अभी के लिए इतना जान लो यमुनोत्री से निकलती है यमुना। ठीक है गोमुख गंगोत्री से गंगा यमुनोत्री से यमुना तो ये रेड मरून में जो आपको दिख रही है ना ये आई यमुना और ये यहां आ करके मिल गई ये है प्रयागराज यहां पे त्रिवेणी संगम होता है तीसरी नदी कौन सी है? गंगा यमुना सरस्वती। सरस्वती एक विलुप्त नदी मानी जाती है वैदिक काल में पुराणों में आपको इनका बहुत व्याख्यान दिखेगा गंगा यमुना से भी ज्यादा इंपॉर्टेंट रखती थी सरस्वती। अब ऐसा माना जाता है विलुप्त हो गई है आपको धरती पे कहीं नहीं दिखेगी पर ये भी माना जाता है कि अंडरग्राउंड शायद कहीं बह रही है और इस पॉइंट पे आकर के गंगा और यमुना के साथ वो भी मिलती है इसलिए इसको त्रिवेणी संगम कहते हैं। ठीक है चलो अब यूपी त्रिवेणी संगम करके गंगा आगे बढ़ी। बिहार में भागलपुर डिस्ट्रिक्ट के अंदर भागलपुर में अब गंगा को लगता है भाग भाग के थक गए एक ही दिशा में अब थोड़ी दिशा बदलते हैं। ठीक है बिहार में भाग भाग के थक गए अब दिशा बदलो तो दिशा बदल के कहां जाते हैं वो साउथ ईस्ट साउथ और साउथ ईस्ट की तरफ यानी दक्षिण और दक्षिण पूर्व में मुड़ जाती है। ठीक है इस तरफ मैप पे देख लो ये जो इलाका दिख रहा है हां ये जो मुड़ रही है ये भागलपुर है यहां पे बिहार का। ओके तो भागलपुर में वो दक्षिण और दक्षिण पूर्व में मुड़ जाती है फिर झारखंड से होती हुई अब वेस्ट बंगाल में पहुंचती है। वेस्ट बंगाल में एक बहुत इंपॉर्टेंट जगह है फरक्का ठीक है फरक्का क्यों इंपॉर्टेंट है क्योंकि यहां पे गंगा डिस्ट्रीब्यूटरी बनाती है। एक होती है ट्रिब्यूटरी यानी सहायक नदी जो मुख्य नदी में जुड़ेगी एक होती है डिस्ट्रीब्यूटरी जो मुख्य नदी के टूटने पे बनती है। उसकी एक शाखा निकलने पे बनती है तो पहली डिस्ट्रीब्यूटरी फरक्का में बनाती है ये और उस डिस्ट्रीब्यूटरी को क्या बोलते हैं? भागीरथी-हुगली। भागीरथी से कंफ्यूज मत होना वो भागीरथी अलग थी या भागीरथी-हुगली है यही भागीरथी-हुगली आगे जा के वेस्ट बंगाल में किस नाम से जानी जाती है? हुगली रिवर के नाम से। पॉपुलर रिवर है वेस्ट बंगाल की यानी पश्चिम बंगाल की बाद में हुगली कहते कहलाती है ये और जा करके बंगाल की खाड़ी यानी बे ऑफ बंगाल में गिर जाती है कहां पर? कलकत्ता के थोड़ा दक्षिण यानी साउथ में सागर आइलैंड के पास में। ठीक है सागर आइलैंड के पास में बे ऑफ बंगाल में मिल जाती है देखो ये सागर से मिलने जा रही है तो सागर आइलैंड समझ लो। ओके इतना समझ में आ गया फरक्का याद रखिएगा अब ये तो था फरक्का जगह। ओके अब आएगा फरक्का बराज ये मोस्ट इंपॉर्टेंट है। फरक्का वॉज द प्लेस नाउ दिस इज फरक्का बराज फरक्का बराज बराज क्या होता है बराज देखो इधर फोटो दिखा रखी है इस तरह से एक कंस्ट्रक्शन होता है मिनी डैम जैसा मान लो डैम नहीं होता है वैसे ये इसमें चैनल गेट्स बने हुए होते हैं। ठीक है पानी को कंट्रोल्ड तरीके से आगे भेजने का काम करता है तो बांग्लादेश अब देखो यहां पे पड़ रहा है वेस्ट बंगाल यहां पे पड़ रहा है बांग्लादेश तो इनके बीच का ये जो बॉर्डर है ना यहां पे फरक्का बराज है। तो फरक्का बराज से जो ये गंगा नदी आ रही थी एक यहां हुगली बन के नीचे चली गई अब फरक्का बराज से होते हुए ये रिमेनिंग गंगा बन के पद्मा बन के बांग्लादेश में जाएगी नाम चेंज हो जाएगा अभी बताती हूं। तो ये बांग्लादेश के बॉर्डर से जस्ट पहले फरक्का बराज है जहां से एक छोटी सी धारा वापस हुगली के अंदर भेजी जाती है हुगली चैनल के अंदर और बाकी जो मुख्य गंगा नदी है मेन जो रिवर थी वो बांग्लादेश चली गई इतनी बात समझ में आ गई ये कहां होता है? फरक्का बराज पे।
[11:12]तो अगर पूछा जाए कि सबसे पूर्वी यानी सबसे इस्टर्न मोस्ट पॉइंट इंडिया में कौन सा है जहां गंगा गंगा के नाम से जानी जाएगी इसके बाद बांग्लादेश में एंटर हो जाएगी तो वो है फरक्का बराज। ठीक है ओके फरक्का बराज कहां पड़ता है मुर्शिदाबाद डिस्ट्रिक्ट के अंदर पड़ता है। फाइन फरक्का मुर्शिदाबाद डिस्ट्रिक्ट में ही पड़ रहा है तो एफएम एफएम रेडियो होता है एफएम से ध्यान रख लीजिएगा जैसे एफएम पे अच्छे-अच्छे गाने मधुर संगीत सुनाई देता है तो फरक्का बराज से जब पानी गिर रहा होता है तो भी बहुत मधुर संगीत सुनाई देता है तो एफएम याद रखना फरक्का इज इन मुर्शिदाबाद डिस्ट्रिक्ट ऑफ वेस्ट बंगाल। यहां तक की कहानी समझ में आ गई मैप पे देख लेते हैं। देखो अच्छा अब मैप पे जब हम देखेंगे ना तो बांग्लादेश में गंगा नाम कहीं नहीं दिखेगा आपको। गंगा इंडिया तक लिमिटेड है गंगा जैसे ही बांग्लादेश में एंटर हुई उसका नाम बदल के पद्मा हो जाता है। ठीक है चलो तो ये आ रही थी हमारी गंगा गंगा आई आई आई और फिर यहां पे ये देखो ये है हमारा भागलपुर यहां से ये दक्षिण पूर्व यानी साउथ ईस्ट में मुड़ी। ये आ गया फरक्का ओके फरक्का से ये देखो डिस्ट्रीब्यूट होना चालू हो गई एक शाखा ये गई नीचे नीचे नीचे और यहां पे हुगली बन करके वेस्ट बंगाल में मिल गई ये दूसरी गई बांग्लादेश किस नाम से? पद्मा नाम से ठीक है यहां तक की बात ओके अब चलते हैं आगे कहां चलेंगे अब? अब चलेंगे बांग्लादेश। ठीक है आ जाओ चलो ये आ गया बांग्लादेश अभी मैप रुक जाओ पहले समझ लो। अब देखो पद्मा एंटर हुई है बांग्लादेश में पद्मा नाम याद तो रहेगा ना नहीं याद रहे तो ऐसे देख लेना पद्मावती बहुत सुंदर थी तो जब गंगा बांग्लादेश में एंटर हुई ना सबने बोला कितनी सुंदर नदी है तो इसका नाम पद्मा रख दिया। ठीक है अब जैसे रानियों की सहेलियां होती है ना पद्मा की भी दो सहेलियां थी हम्म पहली सहेली थी जमुना कौन? जमुना और दूसरी सहेली थी मेघना। ठीक है याद रहेगा जमुना और मेघना ये दोनों है क्या? ये ब्रह्मपुत्र की डिस्ट्रीब्यूटरी है यानी ब्रह्मपुत्र नदी जो है जो अब मैं बाद में गंगा खत्म होने के बाद आपको पूरा पढ़ाऊंगी। ब्रह्मपुत्र आती तो इंडिया के बाहर से शुरू होती है फिर नॉर्थ ईस्ट यानी उत्तर पूर्वी राज्यों से होती हुई फिर बांग्लादेश में भी आती है। बांग्लादेश में आके सबसे बड़ी शाखा यानी सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूटरी जो बनाती है वो है आपकी जमुना ओके जमुना आ करके मिलती है पद्मा में यहां से आ रही है अब आ जाओ मैप पे आ जाओ। ये गंगा आ रही थी ये आ गया हमारा बांग्लादेश ठीक है। गंगा एंटर होती ही पद्मा बन गई ओके पद्मा आगे बढ़ी तो यहां से ये आ रही है जमुना ये दोनों यहां पे मिले ठीक है जमुना बन के फिर जमुना से मिल के फिर पद्मा की तरह आगे बढ़ती है ये तो पहली सखी कौन मिली इसको जमुना पद्मा से मिली जमुना और फिर ये आगे बढ़ी क्या बन के बढ़ रही है अभी आगे? पद्मा बन के ही बढ़ रही है। फिर ये जा करके दूसरी डिस्ट्रीब्यूटरी में मिलती है ब्रह्मपुत्र की ब्रह्मपुत्र की एक सेकंड नंबर की डिस्ट्रीब्यूटरी यानी शाखा है उसका नाम है मेघना तो अब पद्मा जाके मेघना में मिल जाएगी। पद्मा मिलेगी मेघना में और ये दोनों मेघना बन के आगे चलेंगी। ठीक है फीमेल की शादी होती है मेल में मेल के परिवार से तो मेल का नाम कैरी फॉरवर्ड किया जाता है इंडिया में ये कस्टम है है ना? दुखद कस्टम है। एनीवेज इस पर हम कंट्रोवर्सी क्रिएट नहीं करेंगे आ जाओ वापस सो अच्छा कस्टम भी है चलो सो पद्मा आ करके मिली मेघना में और मेघना की तरह आगे चलती है और मिल जाती है बे ऑफ बंगाल में लेकिन उससे पहले मेघना एचरी बनाती है। मेघना एचरी यानी ज्वार ज्वार मुख ऐसा कुछ बोलते हैं ना ज्वार नदि मुख ज्वार नदि मुख बोलते हैं एचरी को फाइन तो वो बनाती है वो अभी मैं बताऊंगी एक्जेक्टली होता क्या है मैप पे ये चीज समझ में आ गई पद्मा एंटर हुई फिर कौन मिला? जमुना मिली फिर पद्मा आगे बढ़ी फिर किस में जाकर के मिल गई? मेघना में मिल गई और मेघना के बाद वो मेघना बन के ही बे ऑफ बंगाल में कूद गई साहब। ठीक है बस यहां पे यही लिखा हुआ है और जो जमुना है ना वो सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूटरी है ब्रह्मपुत्र की और जो मेघना है वो दूसरे नंबर की डिस्ट्रीब्यूटरी है ओके और मेघना एचुरी बनाती है और फिर बे ऑफ बंगाल में चली जाती है। ऑल राइट अब आ जाओ फटाफट से दो टर्म्स पे। एक है एचरी और दूसरी है डेल्टा जो आपको पढ़ने में आएगी। राइट एचरी क्या होती है जैसे मैंने हिंदी में बताया ज्वार नदि मुख बेसिकली होता क्या है? कोस्टल एरियाज जो होते हैं ना वहां पे ये होता है जहां नदी के तट वगैरह होते हैं वहां पे। जहां नदी समुद्र में या सागर में मिल रही होती है तो वहां पे जो तटीय रेखाएं या तटीय इलाके होते हैं कोस्टल एरियाज होते हैं दोनों तरफ से क्लोज नहीं होते ना एक तरफ से नदी आएगी और दूसरी तरफ से वो सागर या महासागर होगा। तो ये ऐसे इलाके जो कुछ हद तक अ मैदान से या फिर कोस्टल एरिया से घिरे हुए हैं इनमें यहां से तो आता है खारा पानी सागर का या महासागर का और यहां से आता है नदी का पानी। ठीक है और इन इलाकों में ये दोनों पानी मिलते हैं ठीक है सॉल्टी वॉटर और फ्रेश वॉटर मिलते हैं यानी खारा पानी और मीठा पानी मिलता है इस एरिया को इन ऐसे इलाकों को बोलते हैं एचरी। समझ में आ गई बात? सेमी क्लोज्ड कोस्टल बॉडी पूरी तरह से बंद नहीं है काफी कुछ बंद है पर खुला हुआ भी है जो कि ओपन सी से कनेक्टेड होते हैं उनको एचरी या ज्वार नदि मुख कहते हैं। ज्वार के समय यानी जब टाइड्स होते हैं हाई टाइड्स तो पानी अंदर तक आ जाता है और जब लो टाइड्स होते हैं तो पानी थोड़ा बाहर आ जाता है पर यहां पे मिक्सिंग ऑफ वॉटर टेक्स प्लेस इसलिए बहुत फर्टाइल एरियाज भी होते हैं फिशेस वगैरह भी यहां पे बहुत अलग वैरायटी की बहुत सारी वैरायटी की मिलती है। सो हर तरह से ये बहुत ज्यादा प्रोडक्टिव जोन्स होते हैं ठीक है फिर होता है रिवर डेल्टा डेल्टा क्या होता है जो नदी होती है जैसे-जैसे उसकी स्पीड धीरे हो जाती है जब वो ऊपर इलाकों से आती है। पहाड़ी इलाकों से तो बहुत तेज बहती है बहुत सारा इरोजन करके लाती है यानी बहुत सारी जगहों से मिट्टी पत्थर ये सब भर के लाती है जैसे ही प्लेन्स पे आती है नदी की स्पीड धीरे हो जाती है वो ये सारे जो साथ में लाई थी वो जमा करना शुरू कर देती है डिपॉजिट करना शुरू कर देती है सेडिमेंट्स को। और उन्हीं डिपोजिशन से यानी उन्हीं के जमाव से बनते हैं इस तरह के कुछ स्ट्रक्चर्स जिन्हें हम डेल्टा कहते हैं कहीं पे मिट्टी पत्थर और ये सब इकट्ठे हो गए तो पानी यहां से नहीं गुजरेगा वो अपना रास्ता बाजू-बाजू से बना लेगा। ठीक है तो इस तरह के वेबड स्ट्रक्चर को कहा जाता है डेल्टा लैंडफॉर्म क्रिएटेड बाय डिपोजिशन ऑफ सेडिमेंट यानी वो अपने साथ जितना भी मिट्टी पत्थर ये सब लाई थी उनको जमा कर देती है उससे ऐसा स्ट्रक्चर बनता है। ठीक है गंगा नदी से एचुरी का भी संबंध है और डेल्टा का भी है जैसे कि गंगा नदी बांग्लादेश में बना रही थी मेघना एचुरी। इसी तरह अब ये सुंदरवन में पहले तो मेघना एचुरी देख लो फिर सुंदरवन पे आएंगे। ये देखो ये आ रही थी नदी और यहां पे इसने एचुरी बनाई है इसको बड़ा करके देखो ये स्पेस से लिया हुआ इमेज है ये आ रही है मेघना रिवर ठीक है मेघना रिवर आई और ये जो पूरा इलाका है ना ये एचुरी है ज्वार नदि मुख है। यहां पे समुद्र का पानी भी आ रहा है और यहां से ताजा पानी भी आ रहा है ये मिक्सिंग हो रही है ठीक है। ये तो हुई गंगा नदी की एचुरी जो बना रही है मेघना एचुरी अब आते हैं हम सुंदरवन पे। सुंदरवन क्या है? सुंदरवन डेल्टा है। वर्ल्ड का सबसे बड़ा ऐसा डेल्टा जो कि नदी बनाती है वो सुंदरवन डेल्टा है और इंडियन सबकॉन्टिनेंट में पड़ता है। इंडियन सबकॉन्टिनेंट में बंगाल वाला रीजन अब बंगाल पार्टीशन के पहले तो वेस्ट बंगाल और बांग्लादेश दोनों उसी में आते थे तो इंडियन सबकॉन्टिनेंट का बंगाल वाला रीजन जिसमें बांग्लादेश और वेस्ट बंगाल दोनों आते हैं यहां पर ये डेल्टा बनता है। देखो ये इंडिया का हिस्सा है ये बांग्लादेश का हिस्सा है ये सुंदरवन ये सुंदरवन ठीक है। गंगा नदी हिमालयन रिवर्स फेमस हैं डेल्टा बनाने के लिए क्यों क्योंकि जब ऊपर से बहती हुई आती है तो तेज स्पीड में आती है। सब मिट्टी-मिट्टी लेके आती है अभी मैंने समझाया ही था अच्छा अब इसको सुंदरवन ही क्यों कहा जाता है क्योंकि यहां पे सुंदरी नामक ट्री ओके बहुत ज्यादा लगते हैं उन्हीं का पूरा मैंग्रोव फॉरेस्ट है मैंग्रोव फॉरेस्ट समझते हो। अ मैंग्रोव फॉरेस्ट एक ऐसा जंगल होता है जहां जो पेड़ होते हैं ना वो करीब-करीब आधे तो पानी में ढके डूबे हुए होते हैं उनकी जो जड़ें होती है ना वो पानी के बाहर ऐसी नुकीली-नुकीली सी जड़ें पानी के बाहर तक निकली रहती है यहां से वो ऑक्सीजन लेती है। ठीक है तो ये विशिष्ट बात होती है मैंग्रोव फॉरेस्ट की तो अ एक तो सुंदर सुंदरी वन में मैंग्रोव फॉरेस्ट है और सुंदरी ट्री बहुत सारे हैं इसी ट्री से सुंदर वन को या सुंदर डेल्टा को इसका नाम मिला है। दूसरी बात अ इसको ग्रीन डेल्टा भी बोलते हैं क्योंकि यहां पे हरियाली बहुत ज्यादा है ठीक है तो इट इज़ ऑल्सो कॉल्ड ग्रीन डेल्टा देखो यहां ग्रीन कलर दिख रहा है इससे ध्यान रखिएगा। फाइन एक और चीज रॉयल बंगाल टाइगर जो है इंडिया का उसका घर भी सुंदरवन डेल्टा ही है। अगर कभी पूछा जाए तो ध्यान रखिएगा यहीं वो दलदली इलाकों में छुप कर के और घात लगाता है और देखो ये डेल्टा ये क्या है ये स्ट्रक्चर अभी मैं समझाऊंगी ये सब सुंदरवन डेल्टा में गंगा नदी है जो इस तरह से घुमावदार हो कर के पहुंचती है। ये अभी मैं बताऊंगी उससे पहले लेकिन एक चीज और समझो एक ये इंपॉर्टेंट पॉइंट है जो आपको पता होना चाहिए दिस इज़ अंबाला वॉटर डिवाइड। क्या है ये? अंबाला वॉटर डिवाइड। देखो ये इंडिया का मैप था नदियों वाला हमने ये पढ़ी थी ये पूरी सिंधु घाटी वाला सिस्टम सिंधु नदी वाला सिस्टम है इंडस रिवर सिस्टम। ये पूरा है आपका गंगा नदी वाला यहां पे ये काफी पास है पर ये पानी मिलता क्यों नहीं आपस में? हां इंडस नदी और गंगा नदी की जो ट्रिब्यूटरीज या ये ये जो शाखाएं हैं सहायक नदियां हैं ये आपस में मिलती क्यों नहीं है? कारण है अंबाला वॉटर डिवाइड। अंबाला है एक जगह हरियाणा के अंदर ठीक है हरियाणा में एक वॉटर डिवाइड क्रिएट हो रखा है यानी एक ऐसा रीजन है जहां जमीन उठी हुई है। तो वॉटर डिवाइड क्या होता है? या तो ऐसी जगह जहां कोई माउंटेंस वगैरह यानी पहाड़ियां हो या फिर जमीन उठी हुई हो पठार जैसा हो पहाड़ियों जैसा हो या उठा हुआ जमीन हो जिसके कारण दो पानी वाली नदियां या वॉटर बॉडीज आपस में मिल ना पाएं उसको कहते हैं वॉटर डिवाइड तो ये देखो नासा से ली हुई पिक्चर है। यहां इंडस रिवर है यानी सिंधु नदी यहां है गंगा नदी और ये बीच में अंबाला वॉटर डिवाइड है इस कारण इस नदी का पानी और इस नदी का पानी आपस में यहां मिल नहीं पाते हैं यहां पे अंबाला वॉटर डिवाइड है। याद रखिएगा इंपॉर्टेंट पॉइंट है ठीक है चलिए अब अंबाला से जब सुंदरवन की हम बात करें जब नदी बेसिकली इस वाले रीजन से मूव कर रही होती है प्लेन्स से ठीक है जब तक हिमालय से उतर रही थी बहुत तेज वेग से यानी बहुत स्पीड से आ रही थी। जैसे ही अंबाला से सुंदरवन की जो रास्ता है इसका वो ऐसा नहीं है वो सिर्फ 300 मीटर की स्लोप का है यानी बहुत खड़ी स्लोप नहीं है कि एकदम यूं खड़ी ढलान हो। खड़ी ढलान होती तो नदी बहुत तेज जाती है और सीधे निकल जाती ठीक है अगर मैं इस तरह से टेबल रख दूं तो पानी फटाफट से नीचे फिसल जाएगा ना ठीक है लेकिन अगर मैंने टेबल इस तरह से रखी हुई है और यहां से पानी डालूं तो पानी आराम से धीरे-धीरे टेढ़ा-मेढ़ा टेढ़ा-मेढ़ा होते हुए और फिर आगे जाएगा। ऐसे ही कुछ जाएगा राइट तो यही कारण है कि अंबाला से सुंदरवन जब गंगा नदी जाती है तो क्योंकि सिर्फ 300 मीटर की स्लोप है वो इस तरह के टेढ़े-मेढ़े स्ट्रक्चर बनाते हुए जाती है जिनको बोलते हैं मियांडर्स या नदि विसर्प। ठीक है सर्प समझते हो सर्प बोलते हैं स्नेक को सर्प की तरह मूव करती हुई जाती है तो ये आपको पता होना चाहिए कि मियांडर या नदि विसर्प क्या होते हैं और मेजरली कौन से रीजन के बीच में ये नदि विसर्प बनते हैं ठीक है याद वैसे तो हो ही जाएगा याद करने की कोई बात नहीं है लेकिन मियांडर देख लो मैन डरता है सर्प से तो मियांडर का मतलब विसर्प यानी इस तरह के एस शेप के या सी और एस शेप के मूवमेंट नदि करती है। ठीक है अब आते हैं गंगा के कुछ इंपॉर्टेंट पॉइंट्स के बारे में देख लो फटाफट से पढ़ लेते हैं। गंगा नेशनल रिवर है इंडिया की ये पता होगा आपको लार्जेस्ट रिवर सिस्टम है इंडिया में सबसे बड़ी नदी प्रणाली है इंडिया की गंगा नदी प्रणाली ठीक है लेंथ जो है गंगा की वो है 2525 किलोमीटर 2525 याद रखना। और ये नदी इंडिया के अंदर सबसे लंबी नदी है देखो सिर्फ हम इंडिया के अंदर की बात कर रहे हैं अगर हम इसमें बांग्लादेश जोड़ देंगे अ ओके ऐसे समझो तीन नदियां होती है इंडस ब्रह्मपुत्र और गंगा ठीक है अगर हम इंडिया और नेबरिंग कंट्रीज की बात करें जैसे कि पाकिस्तान भी जोड़ लिया बांग्लादेश भी जोड़ लिया चाइना भी जोड़ लिया और इंडिया भी जोड़ लिया इन सबको जोड़ लेंगे तो सबसे लंबी नदी है इंडस। दूसरे नंबर की है ब्रह्मपुत्र और तीसरे नंबर की है गंगा लेकिन अगर हम सिर्फ इंडिया की बात करें भारत तक सीमित रखें और फिर हम पूछें सबसे लंबी नदी कौन सी है तो वो गंगा है क्यों क्योंकि बाकी दो नदियां हिंदुस्तान यानी इंडिया से बहुत कम लंबाई में से गुजरती है अधिकतर वो बाहर के दूसरे देशों में गुजर रही होती है ठीक है चलो पूरे वर्ल्ड की अगर हम बात करें तो 34th नंबर पे आती है लंबाई में गंगा।
[24:14]रिवर बेसन यानी कितने एरिया को अपने पानी से ड्रेन करती है यानी अपना इसका पानी कहां-कहां तक विस्तृत है उसको कहते हैं गंगा बेसन तो पूरे अगर हम बांग्लादेश को भी मिला लें तो 1086000 स्क्वायर किलोमीटर है अगर सिर्फ इंडिया की बात करें तो 862769 स्क्वायर किलोमीटर है लगभग-लगभग 8.62 लाख किलोमीटर स्क्वायर ठीक है और ये जो 8.62 लाख किलोमीटर स्क्वायर है ना ये पूरे हिंदुस्तान के एरिया का पूरे इंडिया के एरिया का 26% हो जाता है बहुत बड़ी बात है कि इंडिया के 26% भाग पे गंगा का पानी फैला हुआ है ठीक है तो ये बातें ध्यान रखने वाली हो गई। आगे चलते हैं ये बहुत इंटरेस्टिंग है मुझे हमेशा से इसको पढ़ना अच्छा लगता है ये है गांगेसस यानी कि गैन्जेटिक डॉल्फिन ये एक ऐसी डॉल्फिन है पूरे वर्ल्ड में एकमात्र जो कि फ्रेश वॉटर में यानी मीठे पानी में पाई जाती है वरना डॉल्फिन खारे पानी में मिलती है इंडियन सबकॉन्टिनेंट में ही मिलती है ये और कहीं नहीं मिलती पूरे वर्ल्ड में सो इंडियन सबकॉन्टिनेंट में भी एक होती है इंडस की डॉल्फिन एक होती है गंगा की डॉल्फिन ठीक है गंगा की डॉल्फिन इंडिया और बांग्लादेश दोनों में मिलती है हम इंडिया की बात करें तो गंगा में मिल रही है ये एंडेंजर्ड है यानी लुप्तप्राय प्रजाति है स्पीशीज है जो कि खत्म होने की कगार पे ही है और नेशनल एक्वेटिक एनिमल है इंडिया का ठीक है हमारा पानी में पाया जाने वाला नेशनल स्तन पाई जीव हिंदी में बता रही हूं मैं फाइन और इसका साइंटिफिक नेम क्या है? प्लैटेनिसटा गांगेसिका गांगेसिका गंगा से जुड़ा हुआ है तो गांगेसिका गांगेसिका हो गया और अ प्लैटेनिसटा इसका किंगडम नेम हो गया। ओके सो किंगडम नेम बोलते हैं क्या बोलते हैं देख लीजिएगा मतलब इसका ये साइंटिफिक नेम है अब मैं भूल गई बहुत टाइम हो गया सो अ ये फाइलम ये स्पीशीज ऐसा कुछ होता है किंगडम फाइलम डिवीजन स्पीशीज समथिंग समथिंग तो उस पे मैं नहीं जा रही हूं मुझे पक्के से अभी ध्यान नहीं है आप ये देख लीजिए इसका साइंटिफिक नेम है फाइन तो गंगा रिवर डॉल्फिन ध्यान रखिएगा। अब आ जाते हैं हमारा आखिरी टॉपिक इस पर्टिकुलर वीडियो का जो कि है ट्रिब्यूटरीज ऑफ गंगा ठीक है तो जो ट्रिब्यूटरीज है गंगा की यानी जो सहायक नदियां हैं उनको हम दो हिस्सों में बांट सकते हैं देखो गंगा इस तरह से जा रही है तो जो बाएं हाथ पे पड़ेगी वो लेफ्ट बैंक ट्रिब्यूटरी जो दाएं हाथ पे पड़ेगी वो राइट बैंक ट्रिब्यूटरी।
[26:35]ठीक है सहायक नदियां सो लेफ्ट बैंक ट्रिब्यूटरी की अगर मैं बात करूं तो मुख्य-मुख्य ट्रिब्यूटरी कौन सी है रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक भी वैसे हम अलग से नहीं लेते हैं पर ले लेते हैं चलिए बूढ़ी गंडक, कोशी या कोसी और महानंदा। ठीक है ये सारी हो गई लेफ्ट बैंक सहायक नदियां मैप पे फटाफट देख लो इनको देखो ये आ रही थी हमारी गंगा ओके ये गंगा जा रही है हमारी ये जो पहले नंबर की है ये हो गई महानदी फाइन ये दूसरी है ये देखो ये हो गई हमारी गोमती दूसरे नंबर की ये पहले नंबर की थर्ड नंबर की हो गई हमारी घाघरा।
[27:21]घाघरा की ही ये दो सहायक नदियां दिखाई गई है जो मैंने वहां ऊपर ब्रैकेट में भी लिखी हुई है शारदा और राप्ती पर इनको हम नहीं पढ़ेंगे डिटेल में आप सिर्फ सहायक नदियों तक सीमित रहो ये सब ट्रिब्यूटरी हो गई यानी सहायक की भी सहायक नदियां। फिर फोर्थ नंबर पे आती है आपकी गंडक तो ये देखो ये फोर्थ नंबर पे ये आ गई हमारी गंडक दिख रही है मैप में देखते चलिएगा फिर पांचवे नंबर पे दिखाई जा रही है बूढ़ी गंडक यहां पे देखो ये बूढ़ी गंडक है ये इसकी सहायक नदियां और हो गई ये हम नहीं देख रहे अभी फिर आती है कोशी छठे नंबर पे ये पांचवा नहीं लिखा ना मैंने ठीक है ये सिक्स्थ नंबर पे आ गई ये रही कोशी।
[27:54]ओके देन सेवंथ नंबर पे आ गई महानंदा और ये रही महानंदा ठीक है महानंदा के बारे में एक चीज बता दूं कि ये गंगा की लास्ट ऐसी सहायक नदी है जो लेफ्ट साइड से जुड़ती है इंडिया के अंदर-अंदर फिर गंगा ब्रह्म बांग्लादेश में चली जाती है ठीक है तो आखिरी उल्टे हाथ से बाएं हाथ से आने वाली ऐसी सहायक नदी या लेफ्ट बैंक ट्रिब्यूटरी जो गंगा में जुड़ेगी वो है महानंदा ये सारी ट्रिब्यूटरी समझ में आ गई मैप पे इनकी लोकेशन समझ में आ गई डिटेल अभी नहीं अभी रुक जाओ अगले साइड पे मूव करते हैं जिसमें हम अब पढ़ेंगे या देखेंगे राइट बैंक ट्रिब्यूटरी चलो आ जाओ पहले पढ़ लो अभी मैप मत देखो। राइट बैंक ट्रिब्यूटरी गंगा की दो ही है गंगा की एक है यमुना और एक है सोन बाकी सब क्या है अभी बताती हूं गंगा की राइट बैंक ट्रिब्यूटरी कितनी है? दो है एक है यंग यमुना बोलना था मैंने गंगा तो नहीं बोल दिया एक है यमुना और दूसरी है सोन।
[28:51]अब पहले इधर मैप पे देख लो इस वाले मैप पे ये देखो ये जा रही है अपनी यमुना गंगा यहां जा रही थी यमुना यहां मिली ये देखो ये है मुख्य नदी चंबल।
[29:04]चंबल किस में मिल रही है यमुना में तो यमुना की सहायक नदी हो गई फिर ये है सिंध यमुना में मिल रही है ये आ रही है बेतवा यमुना में मिल रही है ये आ रही है कैन बेतवा में सॉरी यमुना में आ करके मिल रही है तो फिर चंबल की फर्दर सहायक नदियां यानी सब ट्रिब्यूटरी ऑफ चंबल बनास। ठीक है ये चंबल यहां से आ रही थी पूरी काली सिंध पार्वती ठीक है तो ये जितनी भी है ये यमुना की सहायक नदियां है यमुना गंगा की है इसी तरह से बाकी जो मैंने आपको बताया अब जो डिटेल है वो इस वीडियो में हम कवर नहीं करेंगे वरना वीडियो बहुत लंबी हो जाएगी अभी यहीं तक रुको और अपने दिमाग में ये सारी चीजें बिठाओ जल्दी ही मिलेंगे अगली वीडियो में जिसमें सारी ट्रिब्यूटरीज डिटेल में करेंगे जितने वॉटर प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं वो पढ़ेंगे इन ट्रिब्यूटरीज पे यानी सहायक नदियों पे गंगा से जुड़े हुए जितने भी बांध प्रयोग वॉटर परियोजना व्हाटएवर इट इज वो सारा ट्रिब्यूटरी वाला जो है वो अलग एक सेक्शन लेंगे क्योंकि काफी डिटेल में पढ़ना पड़ेगा तब तक के लिए टेक केयर हैव अ नाइस टाइम एंड स्टे स्ट्रेस फ्री स्टे हेल्दी।



