Thumbnail for एक राजा के राज दरबार में एक आदमी आया और बोला मैं  पार्की हु मुझे आप नौकरी पर #youtubeshorts #story by story india 1

एक राजा के राज दरबार में एक आदमी आया और बोला मैं पार्की हु मुझे आप नौकरी पर #youtubeshorts #story

story india 1

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[0:00]एक राजा के राज दरबार में एक आदमी आया और बोला मैं पारखी हूं मुझे आप नौकरी पर रख लीजिए. राजा बोला नौकरी पे तो रख लूंगा पर तनख्वाह ₹1 नहीं दूंगा. सिर्फ एक पाव गुड़ और घूंघरे मिलेंगे. पारखी बोला ठीक है हुजूर. कुछ ही दिन बाद राजा एक घोड़ा खरीद कर लाए. उन्होंने पारखी से पूछा बताओ इस घोड़े के बारे में क्या कहते हो? पारखी बोला हुजूर यह घोड़ा है ही नहीं, यह तो गाय है. राजा चौक गए. उन्होंने घोड़े बेचने वाले को बुलाया. उसने कहा साहब बात तो सही है. है तो घोड़ा ही लेकिन बचपन में ही इसकी मां मर गई थी. इसे गाय का दूध पिलाया गया था इसलिए इसकी आदतें गाय जैसी है. राजा ने हैरानी से पारखी से पूछा तुम्हें यह सब कैसे पता चला? पारखी बोला हुजूर जब यह चर रहा था तो नीचे मुंह झुका कर घास खा रहा था. घोड़ा हमेशा ऊपर गर्दन उठा कर खाता है. मैंने इसकी आदतों से पहचाना. राजा खुश होकर बोले आज से तुम्हें आधा किलो गुड़ और आधा किलो घूंगरे मिलेंगे. कुछ दिन बाद राजा ने फिर पूछा मेरी रानी कैसी है, बहुत प्रिय है मुझे. पारखी बोला हुजूर आपकी रानी खानदानी नहीं है. राजा को विश्वास नहीं हुआ. उन्होंने ससुराल जाकर पूछा वहां दादी ने बताया बचपन में इसकी मां गुजर गई थी. पाला तो मैंने है मगर दूध इसे दाई मां ने पिलाया है. राजा ने पारखी से फिर पूछा रानी के बारे में तुझे कैसे पता? पारखी बोला हुजूर इसके स्वभाव से खानदानी रानी में शालीनता होती है. मगर यह नौकरों पे चिल्लाती है, गाली देती है. इसकी आदतों से पहचान गया कि यह खानदानी नहीं है. अब राजा बोले चलो मेरे बारे में बताओ. पारखी बोला जान की माफी दे तो बताऊं. राजा बोले माफी है, सच-सच बताओ. पारखी बोला आप राजवंश के नहीं है. आप मुझे भड़भूजे लगते हैं गुड़ और भंगुरे सेकने वाले. राजा घबरा गए. जाकर अपनी मां से पूछा मां सच बताओ वरना मैं मर जाऊंगा. मां रोते हुए बोली बेटा बात तो सच है. जिस दिन तू पैदा हुआ था उसी दिन महल के पास एक भड़भूजे का भी बेटा पैदा था. तू मर गया था और मैंने राजवंश बचाने के लिए उसके बेटे को लिया, वह तू है. राजा यह सुनकर दुखी भी हुए और खुश भी हुए. इंसान की पहचान उसके चेहरे, कपड़े या खानदान से नहीं होती. उसके चरित्र से होती है. किसी को भी केवल उसकी शक्ल सूरत पद या घर देखकर मत परखो. उसकी आदतें, उसका व्यवहार

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