[0:20]दिल का दरिया चुप था, तूने नाम लिया। पत्थर सीना रो पड़ा जब कलाम लिया मैं तो खाली हाथ था, तूने हाथ पकड़ा खुद से भी झूठा था, जब तेरा जाम पिया। प्यार का राज किसी किताब में नहीं
[1:08]ये तो बस सांस में दिल के पास में कहीं। तू ही तो राज़दां, मैं तो फ़कीर सा तू ही मेरा मकां, तू ही राह तू ही जा।
[2:33]क्या हसीं, तू ना मांगे कुछ कभी, फिर भी सब लुटा दे। जिसको चाहे बादशाह जिसको चाहे क्या दे। मैंने जब भी सर झुकाया तेरा दर मिला। खुद को तो कुछ दे ना सका सब तुझे अता दे। प्यार का राज किसी किताब में नहीं ये तो बस सांस में दिल के पास में कहीं। तू ही तो राज़दां, मैं तो फ़कीर सा तू ही मेरा मकां, तू ही राह तू ही जा।
[3:57]तू ही सवाल भी तू, तू ही जवाब भी तू। जितने भी डर थे दिल में सबका सवाब भी तू। सांस जो आए जाए, नाम तेरा बन जाए। ये कैसा शोर है मौला जो लौट के दे जाए। मैंने खुद को खो दिया, इक दिन तेरे दर पर आऊ मैं भी धूल सी, दिल में तेरा मंज़र। आंख में आंसू जला बन गया तेरी लौ। रात मेरी खत्म हुई तो मिला सहर पर। मैंने जब मैं छोड़ दी तू ही हरसू पाया अपना चेहरा भूल कर तेरा चेहरा आया। आई ना कूदा तो सातों रंग जागे हर ही टुकड़े में मुझे तेरा नकश दिखाया। प्यार का राज किसी किताब में नहीं ये तो बस सांस में दिल के पास में कहीं। तू ही तो राज़दां, मैं तो फ़कीर सा तू ही मेरा मकां, तू ही राह तू ही जा। मौला, मौला, मौला, मौला। इश्क तेरा आग भी, इश्क तेरा आग भी, जल के भी ठंडक मिले ये कैसा ख्वाब भी। दर्द भी तौफीक है, आंसू भी तोहफा है। जिसने रोकर तुझको चाहा वही कामयाब भी। मैंने जब गिना गिने, दामन मेरा भर गया। मैंने जब करम गिने, सेहरा समंदर गया। तूने सिर्फ एक पल में सब हिसाब मिटा दिए। एक नज़र में बख्श कर, मुझको अंदर गया। प्यार का राज किसी किताब में नहीं ये तो बस सांस में दिल के पास में कहीं। तू ही तो राज़दां, मैं तो फ़कीर सा तू ही मेरा मकां, तू ही राह तू ही जा।
[6:42]इश्क तेरा आग भी, इश्क तेरा आग भी। जलके भी ठंडक मिले ये कैसा ख्वाब भी। दर्द भी तौफीक है, आंसू भी तोहफा है। जिसने रोकर तुझको चाहा वही कामयाब भी। मैंने जब गिना गिने, दामन मेरा भर गया। मैंने जब करम गिने, सेहरा समंदर गया। तूने सिर्फ एक पल में सब हिसाब मिटा दिए। एक नज़र में बख्श कर, मुझको अंदर गया। प्यार का राज किसी किताब में नहीं ये तो बस सांस में दिल के पास में कहीं। तू ही तो राज़दां, मैं तो फ़कीर सा तू ही मेरा मकां, तू ही राह तू ही जा।



