Thumbnail for बालवीर || Full Episode 1 || Dev Joshi, Karishma Tanna || Baalveer by PURVAIYA

बालवीर || Full Episode 1 || Dev Joshi, Karishma Tanna || Baalveer

PURVAIYA

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[2:47]जल्दी कर, सोना दे मेरे को। निकाल दो, निकाल दो। ये लो भैया, भैया, इसकी बहन के पास बहुत गोल्ड है। गोल्ड का शॉप है वो, उधर भी जाना।
[3:40]अय्यो रामा, हम कोई ज्वेलरी नहीं पहना। ओये छोटे रजनीकांत, मुझे गहने नहीं चाहिए। तेरा ये चश्मा चाहिए। चल। अय्यो रामा, कुछ तो देकर जाओ। इस चश्मे का हमें कितना सुनाएगा?
[5:33]इस बहादुर बच्चे के किस्से तो बढ़ते ही जा रहे हैं। कुछ ही दिनों पहले मुंबई से कुछ ही दूरी पर एक गांव में जब एक ऑटो रिक्शे वाला बच्चों को स्कूल से लेकर आ रहा था।
[7:54]हां। ये नौकरी बचाकर रखना। कैसी बात कर रही हो सुनीता। क्या मुझे नौकरी नहीं करनी है?
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[0:06]मैं अंजली दास इंडिया सिटी समाचार चैनल से। हम इस वक्त मुंबई के फेमस स्कूल धीरू भाई अंतानी के सामने खड़े हैं। आज कुछ ही मिनट पहले यहां वैसी ही अजीब घटना घटी जो पिछले कई दिनों से मुंबई के अलग-अलग कोनों में घटती आ रही है। आइए मिलते हैं उन बच्चों से जिनके साथ ये हादसा हुआ, चलिए। बताइए आपके साथ क्या हुआ? मैं अपनी सिस्टर स्कूल से घर जा रहे थे। वी वर गोइंग होम। तभी अचानक दो बड़े-बड़े गुंडे हमारे सामने आ गए। टू बिग बिग बोंस। उन्होंने हमें पकड़ लिया। उनमें से एक गुंडे ने एक वैन का दरवाजा खोला। ओपन द डोर। हम लोग बहुत डर गए थे और हम लोग एकदम जोर-जोर से चलाने लगे। बचाओ, बचाओ। हेल्प। हेल्प, हेल्प! ये रुको ये। ए छोड़! ये बच्चों को छोड़, बच्चों को छोड़ लो! ए पुलिस आवेगा। हेल्प! हेल्प! हेल...!

[1:55]हे विजदार परी शक्ति दे खरी।

[2:27]आ जाओ। कम! हम लोग बहुत डर गए थे।

[2:47]ये कारनामा इस बहादुर बच्चे ने पहली बार नहीं किया है बल्कि मुंबई के कोने-कोने में ये बच्चा ऐन मौके पर पहुंच जाता है और क्रिमिनल्स का प्लान चौपट कर देता है। दर्शकों आपको तो याद ही होगा कि मुंबई के मटुंगा सबब में कुछ ही हफ्ते पहले क्या हुआ था। नमस्ते, नमस्ते। नमस्ते। ए सोने की दुकान। अपने गहने उतारकर इसमें रख दिए। क्या बोला तू? हम तुमको बोला। बोला इतना ज्वेलरी मत पहनो तुम मेरा बात सुना नहीं। ए चुप! जल्दी कर, सोना दे मेरे को। निकाल दो, निकाल दो। ये लो भैया, भैया, इसकी बहन के पास बहुत गोल्ड है। गोल्ड का शॉप है वो, उधर भी जाना।

[3:40]ए चुप! अय्यो रामा, हम कोई ज्वेलरी नहीं पहना। ओये छोटे रजनीकांत, मुझे गहने नहीं चाहिए। तेरा ये चश्मा चाहिए। चल। अय्यो रामा, कुछ तो देकर जाओ। इस चश्मे का हमें कितना सुनाएगा?

[4:19]हे काटि परी, शक्ति दे खरी।

[5:33]इस बहादुर बच्चे के किस्से तो बढ़ते ही जा रहे हैं। कुछ ही दिनों पहले मुंबई से कुछ ही दूरी पर एक गांव में जब एक ऑटो रिक्शे वाला बच्चों को स्कूल से लेकर आ रहा था।

[6:02]क्या हुआ अंकल? ब्रेक फेल हो गया बेटा।

[6:08]बचाओ, बचाओ, बचाओ, बचाओ।

[7:35]ऐसी वारदातें बार-बार लगातार पिछले छः महीनों से हो रही हैं। कौन है ये बच्चा? कहां से आया है? और छह महीने पहले ये कहां था? ऐसे कई सवालों के जवाब ढूंढना अभी बाकी है।

[7:54]मम्मा, मेरा टिफिन तैयार किया? हां बेटा रेडी है। तुमने तुम्हारा बैग तैयार किया। और शर्ट भी नहीं पहनी। जाओ जल्दी शर्ट पहनना और बैग रेडी करो। अरे आप अभी तक नहाए भी नहीं है। आ जाता हूं। अरे हां, तब तक तुम मस्त टिफिन तैयार करके रखो। आज ऑफिस का पहला दिन है। पता नहीं वहां पर कैंटीन है भी या नहीं। सुनिए। देखिए कोई कुछ बोले ना तो आप कुछ बोलिएगा मत। सिर्फ मुस्कुरा देना। ऐसे? हां। ये नौकरी बचाकर रखना। कैसी बात कर रही हो सुनीता। क्या मुझे नौकरी नहीं करनी है? अरे मैं नौकरी छोड़ता कहां हूं? आज तक की सभी 16 नौकरियों में से उन लोगों ने मुझे निकाला है। तो किसकी प्रॉब्लम है? हां, लेकिन आप किसी को निकालने का मौका ही मत दीजिएगा। अगर आपसे कोई कुछ पूछे ना तो आप मुंह में पान ठूस लीजिएगा। या फिर कान बंद कर लीजिएगा, हां। बोल दूं मौन व्रत है। हां, ये कैसे बोलेंगे? आप कुछ बोलिएगा ही मत। देखिए आपका सच भारी पड़ता है ना। दिए के लिए घी लाना। हां लाइए मा, जाइए नहाने जाइए। हां हां।

[8:56]सुमिता। सुमिता, तुम सुबह-सुबह इतनी पैनिक क्यों हो जाती हो? फिर सब लोग पैनिक हो जाते हैं। पता है? तुम्हारे चक्कर में मुझे दोबारा नहाना पड़ता है। मैं नहा चुका हूं। अच्छा बाबा जाइए। रूम में शर्ट रखी है, पहन लीजिए। हां, हां। ये लीजिए मां जी। मानव, तुम रेडी हुए कि नहीं? मम्मा। मम्मा ये क्या है? अरे हाय, ये क्या? भाभी, भाभी ये देखिए।

[9:24]आपने मोटा भाई की शर्ट मानव और मानव की शर्ट मोटा भाई को दे दी। अरे हंस क्यों रहे हैं? मानव तो बच्चा है। आपको भी पता नहीं चला कि ये शर्ट छोटी है। नहीं पता चला लेकिन थोड़ी देर बाद, तब तक मैंने शर्ट पहन ली थी। ठीक है, ठीक है, निकालिए। अरे बेटा, मेरे को शर्ट निकालने दो पहले। हट जाएगी शर्ट खींच मत। अरे रॉकी, लीडर से पहले निकालो दाहिना, दाहिना हाथ निकालो पहले। इस तरीके से खींचेंगे कैसे निकलेगी, हां? अरे यहां अटक गया है ये। और अटक तो मैं गया हूं। ओ बाप रे। अरे जा देखो सब अटक जाते हैं। ऐसा योगा करते क्यों हो? ये सवाल है ना तुम मुझे बाद में भी पूछ सकती हो। अभी मुझे सीधा करो। हां, हां। बाबूजी थोड़ा आप भी तो जोर लगाइए। सब मैं करू क्या? हां हां।

[10:31]योग ही जीवन का आधार है। ऐसे अटक जाए तो नहीं है हां। बाबूजी, बाबूजी आप हमेशा अटकते रहते हैं ना। इसके लिए मोहल्ले वाले आपको अटकू दादा बुलाते हैं।

[10:50]हां, तो चलो, चलो, सब लोग अपने-अपने काम पे लगो, चलो, चलो। हां, हां, हां, चलो, चलो, चलो भाई, चलो, चलो। क्या?

[11:11]चलो ना भैया। क्या हुआ? कुछ नहीं। मैं देख रहा था कोई मोंटू की गैंग तो नहीं आ रही है ना।

[11:24]आज अगर उसने परेशान किया ना, तो मैं उसे पीट दूंगी। मुझे समझ नहीं आता कि वो हमें इतना तंग क्यों करता है? क्योंकि वो हमसे बड़ा है, स्ट्रॉन्ग है, रूड है, इंसेंसिटिव है, गधा है। वो हमसे जलता है। हम लोग क्लास में फर्स्ट आते हैं ना। और वो गेंदा अब तक चार बार फेल हो चुका है। तू ये बोल कहीं मैं सुन लेगा तो।

[12:30]गुड मॉर्निंग इंटेलिजेंट चिल्ड्रन।

[12:49]देख मोंटू आज परेशान किया ना तो पीट दूंगी।

[12:57]पीट दूंगी।

[13:06]मोंटू, तूने मुझे हाथ लगाया, मुझे।

[13:13]चल, चल, जाने दिया। स्कूल बैग को हाथ लगाया ना, तो पीट दूंगी।

[13:34]टिफिन को हाथ लगाया ना, मैं फाइनल वन और सीरियसली बोल रही हूं, पीट दूंगी।

[13:42]टिफिन। तूने टिफिन को तो हाथ लगा लिया। चल तेरा आज दिन ही अच्छा है। मेरा भाई, मेरे भाई को तूने कुछ किया ना तो पीट दूंगी।

[14:02]क्या बोल रही है तू?

[14:06]मोंटू, मोंटू छोड़ दो इसे प्लीज। छोड़ दूं? ये ले छोड़ दिया। अरे भैया, भैया।

[18:04]और ये पश्चिम है यानि वेस्ट।

[18:13]और ये ईस्ट है। दादी मां ने कहा था परीलोक पूरब में है, यानि ईस्ट।

[20:14]ये तो मेहर है जो सात सच्चों के परिवार में रहती है। इसने मुझे क्यों याद किया?

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