[0:00]दोस्तों एक डेमोक्रेसी में आईएएस और आईपीएस ऑफिसर्स का बहुत महत्वपूर्ण रोल होता है। सरकारें तो आती-जाती रहती हैं। लेकिन देश को लगातार चलाने का काम इंस्टीट्यूशंस और ब्यूरोक्रेसी करते हैं। एक डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट का एक फैसला लाखों लोगों की जिंदगी बदल सकता है। किसी गांव में पानी पहुंचाना हो, किसी शहर में लॉ एंड ऑर्डर संभालना हो या फिर किसी नई पॉलिसी को ग्राउंड लेवल पर लागू करना हो। इन सब में सिविल सर्वेंट्स का बहुत बड़ा रोल होता है। शायद यही वजह है कि हर साल भारत में लाखों स्टूडेंट्स आईएएस और आईपीएस बनने का सपना देखते हैं। लेकिन ग्राउंड रियलिटी थोड़ी अलग है। हर साल लगभग 10 लाख लोग यूपीएससी का फॉर्म भरते हैं, लेकिन फाइनल लिस्ट में सिर्फ 900 कैंडिडेट्स ही पहुंच पाते हैं। यानी कि सक्सेस रेट हुआ 0.1% से भी कम। और इसकी एक बड़ी वजह है यूपीएससी प्रिपरेशन की कॉम्प्लेक्सिटी। सिलेबस इतना वास्ट है कि इसमें हिस्ट्री, ज्योग्राफी, इकोनॉमी, पॉलिटिकल साइंस, एनवायरमेंट, एथिक्स, करंट अफेयर्स सब कुछ शामिल होता है। और यही कारण है कि अक्सर स्टूडेंट्स प्रिपरेशन शुरू तो कर देते हैं, लेकिन कुछ महीनों बाद उन्हें समझ ही नहीं आता कि पढ़ना क्या है और कहां से पढ़ना है। कई एस्पिरेंट्स किताबें कलेक्ट करते हैं, कई अलग-अलग YouTube चैनल्स को फॉलो करते हैं और कई कोचिंग इंस्टिट्यूट्स जॉइन करते हैं। लेकिन प्रिपरेशन का सबसे डिफिकल्ट पार्ट एक्चुअली यह होता है कि सही गाइडेंस और स्ट्रक्चर्ड प्रिपरेशन कैसे मेंटेन की जाए। क्योंकि यूपीएससी प्रिपरेशन कोई शॉर्ट टर्म एग्जाम नहीं है। अक्सर इसमें 2 साल का कंटीन्यूअस एफर्ट लगता है। और जो आप आज पढ़ते हैं, उसे एग्जाम के दिन याद रखना पड़ता है। हाल ही में आए यूपीएससी रिजल्ट्स में एक इंटरेस्टिंग एग्जांपल देखने को मिला। फर्स्ट रैंक आई राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री की और खास बात यह है कि ये एक मेडिकल स्टूडेंट थे। मेडिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ उन्होंने अपनी यूपीएससी प्रिपरेशन अनअकैडमी से ऑनलाइन की और अपने इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे स्ट्रक्चर्ड ऑनलाइन गाइडेंस ने उनकी प्रिपरेशन को आसान बनाया। इंटर्नशिप के टाइम ही ऑनलाइन कोर्स अनअकैडमी का लिया था। तभी जो डिफरेंट-डिफरेंट एजुकेटर्स थे, तभी मेरा फंडामेंटल्स ही स्ट्रांग होना चालू हुए। कहीं-कहीं जगह ऐसी टफ ऐसा लगता है कि ऐसा समझने में थोड़ा सा मुश्किल हो रहा है तो वहां कहीं ना कहीं एजुकेटर्स काफी हेल्प करते हैं। आज टेक्नोलॉजी की वजह से प्रिपरेशन का लैंडस्केप भी बदल रहा है। पहले स्टूडेंट्स को अलग-अलग सब्जेक्ट्स के लिए अलग-अलग कोचिंग इंस्टिट्यूट्स ढूंढने पड़ते थे। लेकिन अब कई एक्सपीरियंस्ड एजुकेटर्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अवेलेबल हैं। उदाहरण के लिए, अनअकैडमी पर यूपीएससी के कई एक्सपीरियंस टीचर्स पढ़ाते हैं, जैसे मृणाल पटेल, सुदर्शन गुर्जर, मधुकर कोटावे और सरदम महराज। यहां स्टूडेंट्स को लाइव क्लासेस, स्ट्रक्चर्ड कोर्सेस, टेस्ट सीरीज और प्रिपरेशन रोडमैप एक ही जगह मिल जाता है। और ऑफलाइन कोचिंग की तरह आपको 1.5 से ₹2 लाख की महंगी फीस नहीं देनी पड़ती, बल्कि यह सब आपको सिर्फ ₹17000 में मिल जाता है। ध्यान रखो कि एक लिमिटेड टाइम ऑफर है और इसके लिए आप यह कोड यूज कर सकते हो। अगर आप यूपीएससी प्रिपरेशन के बारे में और एक्सप्लोर करना चाहते हो तो बायो में दिए गए लिंक से इसके बारे में और जानकारी देख सकते हो।
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