[0:00]ये जितने भी महादेव शिव जी के भक्त होते हैं उनको मैं एक बात बताना चाहता हूं जब भी आप महादेव शिव जी की भक्ति करते हो या अपना पूर्ण समर्पण शिव जी के लिए करना चाहते हो तो ये समझ लेना कि आप नहीं कर रहे हो आपने वो भक्ति का चुनाव नहीं करा है.
[0:13]खुद स्वयं महादेव शिव जी ने आपको चुना है और जब वो चुन ले किसी इंसान को भक्त के रूप में फिर भला उसके साथ गलत कैसे हो सकता है फिर भला उसका विश्वास कैसे टूट सकता है फिर भला उसके साथ चमत्कार कैसे ना हो.
[0:26]पहले तो वो आपके साथ गलत करते हैं जब आप शंकर को चुनते हो ना तब आप कंकर का चुनाव करते हो यह चीज याद रखना यानी कि आपके जीवन में जितने भी खोखले रिश्ते हैं वह खत्म होना चालू हो जाएंगे.
[0:35]जिन लोगों से आपको समस्या है वो लोग आपसे दूर होना चालू हो जाएंगे आपके अंदर एक अधूरापन आपके अंदर एक अकेलापन आपके अंदर एक अजीब सी बेचैनी आपके अंदर इस समाज से दूर रहने की इच्छा प्रकट हो जाना या कई लोगों के बीच में ना जाना बड़े ग्रुप से दूर हो जाना सिर्फ स्वयं तक रखना.
[0:52]शिव शंभू स्वयं होते हैं सिर्फ आप स्वयं तक आ जाते हो आप शून्य की अनुभूति को महसूस करने लगते हो आप ऐसा अनुभव करते हो कि ब्रह्मांड की सारी शक्ति सिर्फ आपके अंदर धीरे-धीरे समाहित हो रही है.
[1:02]फिर एक चमत्कार होता है जब आप एक ऐसे इंसान बनते हो जब आप प्रभावशाली हो जब आप चमत्कारी हो आप कोई भी चीज होने से पहले ही आभास कर लेते हो आप इंसान की फितरत को पहचान जाते हो सामने वाले इंसान की नियत पहचान जाते हो वो क्या सोचेगा कैसा कर देगा आपके आसपास कुछ गलत होने वाला है वो भी आपको पता चलने लगता है.
[1:19]यह समझ लेना भगवान शिव जी जब भी आपके पास होंगे समस्याएं रहेंगी लेकिन उन समस्याओं से आपको आगे बढ़ना है और महादेव शिव जी के ऊपर आस्था बनाकर रखनी है.
[1:28]और जो भी इंसान महादेव शिव जी के ऊपर आस्था के साथ जल को अर्पित करता है प्रतिदिन तक उनके ऊपर अनन्य उनके ऊपर कृपा होती है और वो इंसान बहुत ही सौभाग्यशाली बनता चला जाता है.



