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30 Biscuits in India Ranked from Worst to Best (in 2026)

Fit Tuber

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[0:00]दोस्तों अगर आप यह वाले बिस्किट खा रहे हो तो आप खुद बीमारियों को बुला रहे हो दोस्तों एक बार फिर से बेस्ट बिस्किट्स ढूंढने के लिए मैंने भारतीय मार्केट में 50 से भी ज्यादा बिस्किट्स के इंग्रेडिएंट्स को चेक किया और उन्हें पांच कैटेगरीज में बांटा है। पहली तीन कैटेगरीज में मैं ना सिर्फ आपसे शेयर करूंगा अनहेल्दीएस्ट बिस्किट्स बट आपको इन पॉपुलर ब्रांड्स की कुछ ऐसी स्ट्रेटजीज भी बताऊंगा जिससे यह हमें लिटरली बेवकूफ बनाते हैं। कैटेगरी फोर में आपसे शेयर करूंगा भारतीय मार्केट में मौजूद बेस्ट बिस्किट्स और कैटेगरी फाइव में बेस्ट से भी ऊपर की बात है। कैटेगरी फाइव में सरप्राइज है। नहीं मैं घर पर बिस्किट्स बनाने के लिए नहीं कहूंगा। बात करेंगे उसकी आखिर में फिलहाल रैंक करते हैं बिस्किट्स इन इंडिया फ्रॉम वर्स्ट टू बेस्ट। बहुत ही काम की होने वाली है यह वीडियो। आइए तो फिर बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।

[0:48]हेलो फ्रेंड्स, वेलकम टू फिटट्यूबर। कैटेगरी वन में आते हैं ओरीओ, कैडबरी, चोको बेक्स, हाइड एंड सीक, बोरबोन, चोको चंकी स्टार्स, लीगल रीजंस की वजह से फनफीस्ट डार्क इंग्रेडिएंट्स और चोकोलश जैसे बिस्किट्स जो एक्चुअली बिस्किट्स नहीं, चॉकलेट्स हैं। दोस्तों मेरे एक हाथ में है किटकैट और दूसरे हाथ में ओरीओ। किटकैट के 100 ग्राम में 35 ग्राम चीनी, ओरीओ में है 38 ग्राम चीनी। किटकैट में मैदा, इसमें भी मैदा। किटकैट में हार्ट ब्लॉकिंग सस्ता पाम ऑयल, इसमें भी। फर्क सिर्फ इनकी पैकेजिंग और हमारे दिमाग का है। चॉकलेट देखते ही हमारा दिमाग रेड अलर्ट देता है कि भाई जंक फूड है लिमिट में खाना। लेकिन बिस्किट के नाम पे हमारे सारे फिल्टर्स बंद हो जाते हैं। और ठीक इसी साइकोलॉजिकल ब्लाइंड स्पॉट का फायदा उठाकर बड़े सेलिब्रिटीज का सहारा लेकर यह मल्टी बिलियन डॉलर ब्रांड्स अपना जंक हमारे घरों में ढकेल रही हैं। इस कैटेगरी के सभी बिस्किट्स का यही हाल है। बोरबन में 35 ग्राम चीनी, फनबीज डार्क इंग्रेडिएंट्स में 35 ग्राम, कैडबरी चोको बेक्स 38 ग्राम, ब्रिटानिया प्योर मैजिक चोको लश में 37 ग्राम और पारले फैब बोरबन ने तो हद ही कर दी सीधा 40 ग्राम चीनी। मतलब इन सभी के एक-एक बिस्किट में ही लगभग एक चम्मच चीनी है। और क्या कभी इनका एक बिस्किट खा के रुक पाते हो? रुक ही नहीं सकते क्योंकि यह बिस्किट्स नहीं, ऑयल, शुगर और आर्टिफिशियल इंग्रेडिएंट्स से इंजीनियर प्रोडक्ट्स हैं, ताकि आप इन्हें एक बार खाओ फिर बार-बार क्रेव करो। इनफैक्ट 2013 में यूएसए में एक फेमस स्टडी हुई थी जिसका नाम था ओरीओ इज लाइक कोकेन स्टडी। इसमें चूहों पे टेस्ट करके पता चला कि ओरीओ बिस्किट खाने से बिल्कुल वही ब्रेन के सेंटर्स एक्टिवेट होते हैं जो कोकेन और मॉर्फिन जैसे ड्रग्स लेने पे होते हैं। अब तो टाइगर और पारले जी भी इस कैटेगरी में घुस रहा है। और यह बात सिर्फ चॉकलेट बिस्किट्स के लिए ही नहीं, एक बार यह बिस्किट्स देखो। मिल्क बिकिस सैंडविच क्रेम, जिमजैम सैंडविच क्रेम, फनबीस्ट डार्क इंग्रेडिएंट्स सैंडविच क्रेम और ब्रिटानिया ट्रीट ऑरेंज क्रेम। इसमें कौन सी चीज कॉमन है? सभी में क्रीम सैंडविच की हुई है। सही है और? इन सब में 30 ग्राम से ज्यादा चीनी है। बिल्कुल और? और क्या होगा? और इन सब में एक तीसरी चीज कॉमन है जो इनकी पैकेजिंग पे सामने खुलेआम लिखी है फिर भी हमारा दिमाग उसे पकड़ नहीं पाता। इन पे क्रीम नहीं, इन सब पे क्रेम लिखा है। दोस्तों FSSAI का रूल है कि अगर असली दूध से क्रीम बनाकर डालोगे तो ही पैकेट पे क्रीम लिख सकते हो। और अगर पाम ऑयल, वेजिटेबल फैट और चीनी का पेस्ट और आर्टिफिशियल कलर्स मिलाकर ही क्रीम जैसे दिखने वाली चीज यूज करनी है तो क्रीम नहीं, क्रेम लिखो। और आपको यह बात सुनकर हैरानी होगी और दुख भी होगा कि भारतीय मार्केट में एक भी ऐसा बिस्किट नहीं है कि जिसमें असली दूध की क्रीम हो। ऐसा क्यों है हम आगे बात करेंगे। दोस्तों इन कैटेगरी वन के यह बिस्किट अनहेल्दी ही नहीं डेंजरस है। अगर आप इन्हें रेगुलरली खा रहे हो तो समझ लो आप इन कंपनियों के पैंतरों में फंस रहे हो। इसलिए अगर आपको अपनी हेल्थ की 1% भी फिक्र है तो इन्हें घर में घुसने मत देना। क्योंकि एक बार इनका पैकेट खुला तो इनका टेस्ट आपको रुकने नहीं देगा। और इनकी आदत लगने का मतलब है अपने ही हाथों से बीमारियों को वीआईपी पास देना। वैसे इन बिस्किट्स का एक बहुत ही अच्छा अल्टरनेटिव मैं आपको आगे वीडियो में शेयर करूंगा। गाइस, बाकी ब्रांड्स आगे निकले जा रहे हैं। कोई ऐसा बिस्किट बनाओ कि लोग बस रैपर भी चाट जाएं। सर, मैदा, शुगर, फैट और आर्टिफिशियल फ्लेवर्स का एक जबरदस्त कॉम्बिनेशन बनाते हैं। हां सर और चॉकलेट के लिए ब्राउन कलर डाल देंगे। सर क्रीम के नाम पे पाम ऑयल डाल देंगे और रैपर पे क्रेम लिख देंगे। जनता को कुछ नहीं पता चलता। सर बड़े सेलिब्रिटी के साथ पार्टी करने का चांस मिलेगा ऐसे बोल के बिस्किट चैलेंज रखेंगे। सर बट इससे लोगों की हेल्थ खराब होगी और बच्चों को एडिक्शन भी हो सकती है। ये कंपनी मैंने लोगों के उद्धार के लिए थोड़ी ना खोली है। यह मैंने इसलिए खोली है ताकि बिस्किट का सबसे बड़ा ब्रांड खड़ा कर सकूं। लोगों को खुद अपनी हेल्थ की फिक्र नहीं है तो मैं क्यों फिक्र करूं? अपना ये भाषण बंद करो और जाओ जा के FSSAI के रूल्स में कोई नया रूप वो निकालो। जैसे सर। दोस्तों अब आते हैं कैटेगरी नंबर दो पर जिसमें आते हैं वह मासूम से दिखने वाले बिस्किट्स जो नॉस्टैल्जिया का मास्क पहनकर हमारी रोज के चाय में घुस चुके हैं। पारले जी, गुड डे, लिटिल हार्ट्स, नाइस टाइम और यूनिबिक। माना कि इनमें कैटेगरी वन की तरह चीनी का पहाड़ नहीं होता। 20-30 ग्राम चीनी होती है पर इनकी फाउंडेशन वही है, सस्ता मैदा और नशे ब्लॉक करने वाला पाम ऑयल। बाकी इनकी मार्केटिंग स्ट्रेटजी बड़ी सिंपल है। सीधा बच्चों के और मां-बाप के इमोशंस पे अटैक करो। जैसे गुडडे केशू कुकीज इनकी ऐड में एक बच्चा टिफिन में असली काजू लाता है और दूसरा नकली। नकली इसलिए क्योंकि इस गुडडे केशू में सिर्फ 1.8% ही काजू है बाकी आर्टिफिशियल काजू का फ्लेवर है। यूनिबिक केशू बादाम कुकीज इनका नाम तो इतना बड़ा है लेकिन काजू और बादाम दोनों मिलाकर टोटल 1% ही है। और फनबीस्ट मॉम्स ट्रैजिक ने तो मां की ममता का मजाक ही बना दिया। इसमें दोनों नट्स मिलाकर .9% ही है। मानो जैसे रेस लगी है कि कौन सबसे कम नट्स डाल के दिखाएगा। फिर इनका दूसरा नाटक दूध की शक्ति। मिल्क बिकिस अपनी ऐड में दिखाते हैं कि इनके बिस्किट खाके मिलेगी दूध और रोटी की शक्ति। लेकिन यह शायद बिस्किट में दूध डालना ही भूल गए। सिर्फ 3.4% दूध है इसमें। पारले मिल्क शक्ति में 3.3% है। और पतंजलि दूध शक्ति में तो 1.7% मिल्क। पतंजलि ने तो अपने नारियल बिस्किट को भी नहीं बक्शा इसमें भी सिर्फ 1.85% नारियल है बाकी आर्टिफिशियल नारियल का फ्लेवर है। बेसिकली यह ब्रांड्स अपने ऐड्स के थ्रू हमारे दिमाग में यह आईडिया डाल रहे हैं कि बच्चों को डेली टिफिन में यह बिस्किट्स देने चाहिए क्योंकि इससे बच्चों का दिमाग तेज होता है। जी फॉर जीनियस न्यूटन और आइंस्टीन का तो पता नहीं लेकिन बच्चे ऐसे पाम ऑयल और चीनी वाले बिस्किट खा के लेथार्जिक जरूर बन जाएंगे। मेन बात यह है कि इन बिस्किट कंपनीज की ऐड पे तो बिल्कुल भी विश्वास नहीं करना चाहिए। जैसे गुडडे बटर अपनी ऐड में दिखाते तो ऐसे हैं जैसे बिस्किट को बटर में ही डुबो के रखा हो लेकिन आपको शायद हैरानी हो कि इसमें 0.5% बटर से भी कम है। लेकिन टेस्ट तो पूरा बटर का ही होता है। हां वो तो आर्टिफिशियल बटर फ्लेवर है। बचपन में मुझे याद है कि हमारे बठिंडा में एक बेकरी होती थी। बहुत छोटी सी भट्टी में आटे देसी घी के बिस्किट बनाते थे। इनफैक्ट अगर आप उन्हें अपना रॉ मटेरियल दे दो तो उसके बिस्किट भी बना के दे देते थे। मेरे फादर वहां से तब ₹100 किलो बिस्किट ले के आते थे। बहुत फ्रेश, क्रिस्पी और हेल्दी होते थे। अगर आप भी ऐसे बिस्किट्स अरेंज कर सको तो सही है। वरना आजकल तो बेकरी के नाम पे कुछ भी बिक रहा है। हल्दीराम के बेकरी कुकीज में वही खतरनाक हाइड्रोजनटेड ऑयल है। यूनिबिक के सो कॉल्ड स्वदेशी बेकरी वाले बिस्किट में दूध कम पड़ा तो इन्होंने आर्टिफिशियल दूध ही डाल दिया। इनफैक्ट मैंने ऑफलाइन जितने भी बेकरी वाले बिस्किट्स देखे, सब में बेकरी शॉर्टनिंग इंग्रेडिएंट लिस्ट में था जो हाइड्रोजनटेड ऑयल का ही दूसरा नाम है। तो कैटेगरी टू के बिस्किट्स चॉकलेट्स तो नहीं है लेकिन फिर भी बिस्किट के हिसाब से बहुत अनहेल्दी हैं। कैटेगरी थ्री में आते हैं वह बिस्किट्स जो कैटेगरी टू से थोड़े से बेटर हैं या कहें हेल्दी दिखने का पूरा नाटक करते हैं। जैसे मारी, डाइजेस्टिव कुकीज, फाइव ग्रेन कुकीज और शुगर फ्री कुकीज। इनका असली सच बाहर निकालने के लिए खेलते हैं फोर क्वेश्चन बिस्किट क्विज। पहला क्वेश्चन पारले मारी, ब्रिटानिया मारी, फनबीस्ट मारी टाइट और पतंजलि मारी। इन चारों में बेस्ट मारी बिस्किट कौन सा है? यूं तो सब में ही पाम ऑयल और अलग-अलग फिलर्स हैं लेकिन फिर भी इन चारों में बेस्ट मारी बिस्किट है पतंजलि का। क्योंकि सिर्फ पतंजलि मारी में ही मैदा की जगह आटा है। बाकी सब में है 20 ग्राम चीनी लेकिन पतंजलि में है 14 ग्राम चीनी। दूसरा सवाल सबके फेवरेट डाइजेस्टिव बिस्किट्स पे। न्यूट्री चॉइस डाइजेस्टिव, यूनिबिक ओट्स डाइजेस्टिव, मैकविटिज डाइजेस्टिव या पारले न्यूट्रिक्रंच डाइजेस्टिव। इनमें से बेस्ट कौन सा है? सही जवाब है यूनिबिक ओट्स डाइजेस्टिव। क्योंकि इसमें पारले और मैकविटिज की तरह मैदा नहीं है फाइबर भी हाईएस्ट है। और मेन बात इसने न्यूट्री चॉइस की तरह चीटिंग नहीं की है। ऑन लेबल न्यूट्री चॉइस डाइजेस्टिव में 11 ग्राम चीनी है जबकि यूनिबिक में 18 ग्राम। लेकिन न्यूट्री चॉइस ने अपनी चीनी छुपाने के लिए माल्टाडेक्सट्रिन डाला है। और यह हम पिछली वीडियो में समझ ही गए थे कि माल्टाडेक्सट्रिन चीनी से भी दो गुना ज्यादा तेजी से ब्लड शुगर स्पाइक करता है। इसलिए न्यूट्री चॉइस को गुड चॉइस कहने से पहले शायद आमिर खान ने इसके इंग्रेडिएंट्स अच्छे से ना पड़े हों। आमिर न्यूट्री चॉइस अरे यह सिर्फ न्यूट्री चॉइस नहीं है यह गुड चॉइस है गुड चॉइस। तीसरा क्वेश्चन बेस्ट मल्टी ग्रेन बिस्किट। न्यूट्री चॉइस फाइव ग्रेन, फनबीस्ट हारमलाइट फाइव ग्रेन, पतंजलि सेवन ग्रेन या राइट बाइट मैक्स प्रोटीन सेवन ग्रेन बिस्किट्स। मैक्स प्रोटीन में प्रोटीन सबसे ज्यादा है लेकिन हाइड्रोजनटेड ऑयल और बाकी कचरे की वजह से यह एलिमिनेट हो गया। फनबीस्ट ने तो 40% मैदा ही डाल दिया और पांच ग्रेन्स के नाम पे मजाक ही किया है। यह भी गया। इस राउंड का विनर है न्यूट्री चॉइस फाइव ग्रेन बिस्किट्स क्योंकि इस बार इन्होंने माल्टाडेक्सट्रिन डाल के चीटिंग नहीं की और इसमें शुगर और फाइबर दोनों पैरामीटर्स पतंजलि से बेटर है। चौथा क्वेश्चन डायबिटिक और वेट वॉचर्स के लिए बेस्ट शुगर फ्री बिस्किट्स। यूनिबिक शुगर फ्री ओट मील, न्यूट्री चॉइस डाइजेस्टिव जीरो, न्यूट्री चॉइस नो शुगर मिलेट बिस्किट्स, शुगर फ्री डी लाइट चोको चिप कुकीज। आंसर है इनमें से कोई भी नहीं। क्योंकि इन सभी बिस्किट्स में भले ही चीनी ना डाली हो लेकिन चीनी से भी 600 गुना ज्यादा स्वीट और आर्टिफिशियली लैब में बनाए गए आईएनएस 955, 965 जैसे स्वीटनर्स डाले हैं जिनमें भले ही कैलोरीज जीरो हों लेकिन ये इंसुलिन को स्पाइक करते हैं और आपके गट माइक्रोब्स को डैमेज करते हैं। डॉ जेसन फंग अपनी डायबिटीज कोड और ओबेसिटी कोड जैसी बुक्स में साफ लिखते हैं कि अगर आप रिफाइंड चीनी छोड़ के आर्टिफिशियल स्वीटनर खा रहे हो तो आप एक जहर को दूसरे जहर से रिप्लेस कर रहे हो। शुगर फ्री कैटेगरी में अगर कोई बेस्ट कमर्शियल शुगर फ्री बिस्किट बताना हो तो मैं कहूंगा न्यूट्री चॉइस का शुगर फ्री क्रैकर। इसमें एक्चुअली जीरो शुगर है और कोई आर्टिफिशियल स्वीटनर नहीं। तभी ये इन बिस्किट्स की तरह नॉर्मली मीठा नहीं। दोस्तों याद रखना यह क्विज के चारों विनर्स एक्चुअली अंधों में काने राजे ही हैं। भारतीय मार्केट के जो असली बेस्ट बिस्किट्स हैं यह उनसे अभी भी कोसो दूर हैं। और उन्हीं असली चैंपियंस को मैंने रखा है अपनी अगली कैटेगरी नंबर फोर में। ऑनलाइन और ऑफलाइन एक्सटेंसिवली रिसर्च करने के बाद मुझे सात ब्रांड्स मिले जिनके कुकीज इंग्रेडिएंट और टेस्ट वाइज 10 ऑन 10 है। सारे अनस्पॉन्सर्ड हैं। इनमें ना मैदा है ना पाम ऑयल है ना रिफाइंड शुगर, एक भी फालतू का इंग्रेडिएंट नहीं है। इनफैक्ट फाइबर, प्रोटीन में मार्केट के सभी बिस्किट से यह ऊपर है। यह है टम्मी फ्रेंडली। एक-एक इंग्रेडिएंट फैमिलियर है। शुगर का सोर्स जैगरी और डेट्स पाउडर है। आद्या सेस में जैगरी कुकीज। ए2 बटर, डेट पाम जैगरी, ए2 मिल्क, ए2 घी, रागी फ्लोर, बाजरा, मूंग दाल फ्लोर, वाइट सेस में सीड्स। दोस्तों यह फैक्ट्री का कचरा नहीं एक 100% हेल्दी और देसी बिस्किट है। अर्ली फूड्स के कुकीज। एक्चुअली 100% मिलेट्स और ड्राई फ्रूट से बने, जैगरी और डेट पाउडर से स्वीटंड, मार्केट के बाकी सो कॉल्ड मिलेट बिस्किट इसका क्या ही मुकाबला कर सकते हैं। ब्लिस बाय अंजूस के आमंड प्रोटीन कुकीज के 100 ग्राम में 11.5 ग्राम प्रोटीन है। मोज़ बेकरी के रागी ओट्स और आमंड बेस्ड कुकीज रॉ जैगरी से स्वीटंड, टेस्ट वाइज भी बहुत सही है। हंग्री बम्स के आमंड फ्लोर कुकीज भी सिर्फ पांच प्रीमियम इंग्रेडिएंट से बने हैं। इन सात ब्रांड्स के आप कोई भी बिस्किट आंख बंद करके उठा सकते हो। बाकी जो स्लर्प फार्म के कुकीज हैं इन्हें मैं 7 ऑन 10 दूंगा क्योंकि चोको चिप्स डाले हैं प्लस रिफाइंड ऑयल भी एडेड है। राइट शिफ्ट कुकीज के इंग्रेडिएंट्स भी 6 ऑन 10 के लायक ही है। ट्रूवी हेल्दी चॉकलेट कुकीज भी 6 ऑन 10 लाए हैं। ये तीनों कैटेगरी थ्री और फोर के बीच में कहीं आते हैं। भाई इसमें वह क्रीम वाले बिस्किट नहीं है क्या? असली क्रीम वाले बिस्किट्स का सबसे बड़ा दुश्मन होता है टाइम। उन्हें पैक करके बिना फ्रिज के 24 घंटे भी नहीं रख सकते। इसीलिए कैटेगरी वन के ब्रांड्स नकली क्रीम यूज करते हैं। लेकिन तुमने कहा था कि कैटेगरी वन के चॉकलेट बिस्किट्स का अल्टरनेटिव दोगे। बिल्कुल कैटेगरी वन के बिस्किट नहीं चॉकलेट्स हैं और इसीलिए आप इनकी जगह चॉकलेट्स ही खाओ। नहीं, यह वाली चॉकलेट्स नहीं इनमें तो चॉकलेट के नाम पे चीनी, पाम ऑयल और चॉकलेट कलर ही है। यह चॉकलेट्स जो मैंने आपसे इस वीडियो में शेयर की थी। इनफैक्ट द होल ट्रुथ की चॉकलेट्स तो ब्लिंकट, जेप्टो जैसी एप्स पे भी अवेलेबल है। कोको, डेट्स और हेज़लनट्स सिर्फ इन तीन इंग्रेडिएंट से बनती हैं इनकी यह चॉकलेट्स। बल्कि आप एनर्जी बार्स भी ले सकते हो। योगा बार और द होल ट्रुथ की एनर्जी बार्स दोनों सही हैं। सो अगली बार जब किसी ऐप पे आपकी उंगलियां ऑटोमेटिकली इन चॉकलेट बिस्किट्स को ऑर्डर करने लगे तो उन्हें रोक के क्लीन एनर्जी बार्स और असली चॉकलेट्स ही ऑर्डर कर लेना। अब इससे पहले कि हम बात करें सरप्राइज कैटेगरी फाइव जिसमें बेस्ट बिस्किट से भी ऊपर की चीज है, मैं आपसे शेयर करना चाहता हूं सेसा का आयुर्वेदिक एक्टिव स्लिम जूस। क्योंकि वेट लॉस सिर्फ भूखे रहने से नहीं होता। मेटाबॉलिज्म को अंदर से जगाना पड़ता है। एक बार इसके इंग्रेडिएंट्स देखो। आमला, एप्पल साइडर विनेगर, वृक्षामला, गोखरू जैसे 14 हर्ब्स का जूस है जो मेटाबॉलिज्म को नेचुरल तरीके से बूस्ट करता है जिससे एक्स्ट्रा वेट को लूज करने में ऑटोमेटिकली हेल्प मिलती है। आपको अगर इस जूस का बेस्ट रिजल्ट चाहिए तो अगले 40 दिन तक ये मैदे के बिस्किट्स छोड़िए और रोज सुबह फ्रेश होने के बाद 30 एमएल इस एक्टिव स्लिम जूस को 30 एमएल पानी में डाइल्यूट करके पिएं। आपको खुद इसका असर दिख जाएगा। इस जूस में ना एडेड शुगर है, ना कोई आर्टिफिशियल फ्लेवर है और ना ही कोई आर्टिफिशियल कलर। हां जूस में सेफ प्रिजर्वेटिव्स तो डालने ही पड़ते हैं जो इन्होंने जीएमपी यानी गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेस स्टैंडर्ड के साथ ही यूज किए हैं। इसलिए सेसा का आयुर्वेदिक एक्टिव स्लिम जूस खरीदने के लिए डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिए लिंक को क्लिक कीजिए। स्पेशल डिस्काउंट कूपन लगाना ना भूलना जिससे आपको मिलेगा 15% ऑफ। वापस आते हैं और बात करते हैं सरप्राइज कैटेगरी फाइव की जिसमें एक्चुअली बिस्किट्स हैं नहीं बल्कि उनके हेल्दी अल्टरनेटिव्स हैं। इतनी चीजें हैं खाने के लिए बिस्किट ही क्यों खाएं? मुझे याद नहीं मैंने लास्ट टाइम बिस्किट कब खाया था। और सिर्फ मैं ही नहीं जब मैंने आपसे इंस्टाग्राम पे पूछा था तो 38% लोग ऐसे थे जिन्होंने कहा कि वह कभी बिस्किट नहीं खाते। जब मैंने पूछा कि बिस्किट नहीं खाते तो उसकी जगह क्या खाते हो तो उनके जवाब अलग-अलग थे। लेकिन सिर्फ इतना बोल के नहीं छोडूंगा आपको ऐसे अल्टरनेटिव्स दूंगा जो आपके काम आ सके। देखो किसी बिस्किट में मोटे-मोटे तीन तरह के इंग्रेडिएंट्स होते हैं। कोई ग्रेन, नट्स और सीड्स और मीठा। अब जैसे आप मुरमुरा ले लो उसमें थोड़े से भुने हुए काजू, मूंगफली और रेजेंस डाल कर एक डब्बा भर लो। चाय के साथ एक मुट्ठी खाओ। बिस्किट की सारी कमी पूरी होगी बिना हेल्थ पे कॉम्प्रोमाइज किए। इसी को एक लेवल ऊपर लेकर जाना चाहते हो तो किसी ऐप पे ब्राउन राइस केक्स मंगवा लो। उनके ऊपर पीनट बटर और रेजेंस का मिक्सचर टॉप करके खाओ। क्रंच, क्रीमीनेस और स्वीटनेस का ऐसा ब्लास्ट होगा कि आप बिस्किट भूल जाओगे। बाकी एक और जबरदस्त ऑप्शन है गुड वाले मखाने। इन्हें थोड़े से घी और गुड़ में रोस्ट करके किसी डब्बे में रख लो। बिस्किट की जगह चाय के साथ इन्हें खाओ। इससे सस्ता, क्रंची और हड्डियों को मजबूत करने वाला अल्टरनेटिव और क्या होगा? बिल्कुल सिंपल रखना है तो गुड़ के साथ भुने हुए चने खा लो। इजी टू कैरी है फिलिंग और अंदर से ताकत देने वाला ऑप्शन है। और अगर आपको या बच्चों को मीठा और चॉकलेट खाने की ज्यादा क्रेविंग होती है तो इसका एक जबरदस्त हैक है। भुने चने को मिक्सी में पीसो उसमें एक चम्मच अनस्वीटंड कोको पाउडर डालो और थोड़े से सॉफ्ट डेट्स के साथ ब्लेंड कर दो। एकदम सॉफ्ट सा डार्क चॉकलेट जैसा डो बन जाएगा। इसके आराम से छोटे-छोटे लड्डू बना लो। दोस्तों यह सिर्फ लड्डू नहीं है यह आपके घर पर बने हेल्दी चॉकलेट ट्रफल्स हैं। चॉकलेट से याद आया जब मैं एक बार केरला में था तो वहां एक ड्राई फ्रूट शॉप पे उन्होंने मुझे मेडजूल डेट्स में इस तरह से दो-तीन हेज़लनट्स भर के टेस्ट करवाया। मैं सच कहूंगा उसको खाते ही ऐसा लगा जैसे मैंने कोई प्रीमियम फेरेरो रोशर चॉकलेट खा रहा हूं। तब से यह मेरा रेगुलर गो टू स्नैक बन गया है। आप भी ट्राई करके देखना। अगर आपको शाम को कुछ मीठा और क्रीमी खाने की क्रेविंग होती है तो एक बहुत मस्त और आलसी तरीका बताता हूं मिक्सी भी नहीं निकालनी पड़ेगी। एक कटोरी में एक पका हुआ केला ले लो और उसे कांटे से इस तरह से मैश कर लो। अब इसमें पीनट बटर और थोड़ा कोको पाउडर डाल के अच्छे से मिला लो। लो बन गया आपका नेचुरल चॉकलेट मूज़। अब ऊपर से भुने हुए काजू और पम्पकिन सीड्स और थोड़ा सा नारियल का बुरादा अच्छे से मिला दो। अब टेस्ट करो इसे आप कहोगे पहले क्यों नहीं बताया था। वैसे दोस्तों हमारे घरों में लड्डू तो आटे के, ओट्स के, तिल के, अलसी के, बेसन के अलग-अलग तरीके से बनने का रिवाज है ही। फिर फैक्ट्री में प्रोसेस्ड इस कचरे पे पैसे और हेल्थ क्यों खराब करें। तो अब से आप बिस्किट की जगह क्या खाओगे कमेंट में जरूर बताना। बाकी बेस्ट बिस्किट्स के अनस्पॉन्सर्ड लिंक्स मैंने डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दे दिए हैं और सेसा का एक्टिव स्लिम जूस भी चेक आउट जरूर कर लेना। माय नेम इज विवेक, आई थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग।

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