[0:01]माननीय गटकर जी को जल्दी है फिर भी हम लोगों ने निवेदन किया हमारे पास दो संदेश आए हैं आदरणीय कल्पना दीदी और साधना दीदी का तो वह हम लोग सुनेंगे। मैं राणा जी से निवेदन करता हूं कि कल्पना जी का जो संदेश आया है, शुभ संदेश उसको पढ़ के सुनाएं। उसके बाद साधना जी का वीडियो का संदेश आए हैं उसको प्ले किया जाएगा जय श्री माताजी
[0:37]परम पूज्य श्री माताजींना अनंत कोटी प्रणाम अनंत कोटी प्रणाम उपस्थित सभी मंडव और सभी सहजी भाई और बहन को जय श्री माता जी ये कल्पना दीदी ने एक संदेश भेजा है वो फिजिकली प्रेजेंट नहीं हो सकी। इसलिए उन्होंने एक मैसेज भेजा है मैसेज में आपको पढ़के बताता हूं। आई एम वेरी हैप्पी टू नो दैट द स्टैचू ऑफ माय ग्रैंडफादर एंड श्री माताजी माताजी फादर श्री पीके सालवे ही इज बीइंग इंस्टॉल्ड इन द एकेडमी टुडे 18 मार्च 2026 माय ग्रैंडफादर ए रिन्यू स्कॉलर मास्टर ऑफ 14 लैंग्वेजेस इंक्लूडिंग उर्दू एंड पर्शियन डिस्टिंग्विश लॉयर ए मेंबर ऑफ इंडियन कांट असेंबली एंड ट फॉर वन ऑफ द थर ऑफ इंडिया फर्स्ट कांस्टिट्यूशन ही फट अगेंस्ट द ब्रिटिश एंड वर्क्ड विद गांधीजी इन द फ्रीडम मूमेंट ऑफ 1942 ही वाज आल्सो रिलाइज सोल एंड ग्रेट पेट्र श्री माताजी सव स्पोकन अबाउट द मेनी क्वालिटीज ऑफ हर फादर इन मेनी ऑफ स्पीचेस एंड अबाउट द टस लव एंड रिस्पेक्ट शी हैड फॉर हिम आई हैड द प्रिविलेज ऑफ स्टेइंग विद माय ग्रैंडफादर ड्यूरिंग माय चाइल्डहुड एंड रिमेंबर हि जनरसिटी एंड सेंस ऑफ ह्यूमर ही वाज वेरी फंड ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड इनकरेज हिज फैमिली मेंबर्स टू लर्न म्यूजिक श्री माताजी हैज प्रेज हि क्वालिटीज इन मेनी ऑफ हर स्पीचेस श्री माताजी आल्सो फंडेड फंडेड ऑन इंटरनेशनल म्यूजिक अकैडमी इन 2002 इन वैकरना महाराष्ट्र नेम इट पीके सालवे कला प्रतिष्ठान इन हिज मेमोरी आई ब्लो माय हेड इन रिवेंस टू हिज मेमोरी कल्पना श्रीवास्तव श्री माताजीस डॉटर जय श्री माताजी थैंक यू दादा साधनाताईंचा मेसेज प्ले करा व्हिडिओ मेसेज आदरणीय नितीन गडकरी जी प्रसादराव केशवराव साळवे एकेडमी के ट्रस्टीस विदर्भ एलटी के सभी सदस्य और विश्व का समस्त सहज योगी परिवार अत्यंत हर्ष और गर्व के साथ आपकी बहन आपको आज बधाइयां भेज रही है मेरे पूजनीय नाना जी के चरणों में अर्पित यह श्रद्धांजलि और उनकी प्रतिमा का अनावरण आज हम सभी के लिए एक अद्भुत पावन दिन है कदाचित सभी उपस्थित सज्जनों में से कोई भी श्री पी के सावे पूजनीय नाना जी के समकालीन नहीं होंगे मगर उम्र की छोटी सी मेहरबानी के कारण कुछ यादें मेरे मन में आज तक इतनी स्पष्टता से जीवित है कि मेरा और नाना जी का एक खूबसूरत सा रिश्ता बरकरार है मेरे नाना जी एक ऐसे शख्स थे जिनकी विद्वता और संपूर्णता किसी महाकाव्य के योग्य है मगर इसे मेरी किस्मत कहिए या बदकिस्मती कि मैं नाना जी की इस बौद्धिक संपदा से कभी मिल ना सके मेरी मुलाकात सिर्फ एक स्निग्ध रूप से हुई जिसने अपनी दुनिया भी उत्तरदायित्व का पालन करते हुए भी एक पा साल की बच्ची का जन्मदिन मनाने के लिए समय निकाला था उनके साथ बगीचे में काटा हुआ केक मैंने आज तक यादों के संदूक में बहुत संभाल कर रखा है जहां तक रही बात संगीत की वह उनके व्यक्तित्व का वह धारा था जिसने आज हमें इस प्रांगण में जोड़ा है मेरे नाना जी के लिए संगीत केवल स्वात सुखाय नहीं था उन्होंने सही मायने में संगीत को जिया और उसे वह दर्जा दिया जिसका वो हकदार है उन्होंने संगीत की नम्रता को अपने जीवन में इतनी प्रखरता से उठा लिया था कि उसका निशान एक पा साल की बच्ची के दिल में भी गुदा रहा उतनी ही छोटी थी मैं जब वे हमें फरवरी 1955 के दिन छोड़ गए लेकिन मेरे माता-पिता के जीवन काल में मुझे ये ख्याल बख्शा है कि शायद कुछ हस्तियां ऐसी जन्म लेती हैं जिन्हे मृत्यु का या वक्त के साथ बीत जाने का अधिकार नहीं होता क्योंकि वे तो अपने फलसफों तरन्नुम और यादों के जरिए अमर हो जाते हैं और शायद इन बातों को दोहराने में और नई पीढ़ी को बता देने में ही मेरी जिंदगी की और शायद इस छोटे से संदेश की भी असल मायने में कामयाबी होगी इसी आखरी बात के साथ इस महफिल से विदा लेती हूं और आशा करती हूं कि इस एकेडमी के हर कोशिश का नाना जी की छवि से सदैव रोशन रहे आपल्याला माझा नमस्कार मराठी येते पण कमी येते त्यामुळे माझा नुसता नमस्कार आपल्या सगळ्यांना आणि माझा प्रेम जय श्री माता जी



