[0:00]श्री गुरु चरण सरोज निज मन मुकुर सुधारो बरनो रघुवर बिमल जस जो दायक फल चारु।[0:10]बुद्धिहीन तनु जान के सुमर पवन कुमारु।[0:15]बल बुद्धि विद्या देहु मोहे हरहु क्लेश विकारु।[0:21]श्री तुलसीकृत रामायण कथा करो अनुसारु।[0:29]आसन लीजिए प्रेम ते श्री बरजिये पवन कुमारु लखन सियारामचंद्र शंकर हरि ओम।