[0:00]संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में महिला वर्ग से सृष्टि देशमुख ने टॉप किया है। उनसे बात की हमारे सहयोगी अनुराग द्वारी ने। हमारे साथ इस वक्त सृष्टि जयंत देशमुख हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पांचवी रैंक इन्होंने हासिल की है। अगर मैं कहूं कि देश के सबसे मुश्किल एग्जाम्स में से एक, सृष्टि संक्षिप्त में जानना चाहेंगे कि क्या आपका शेड्यूल रहा था। कितनी खुश हैं आप और इसका जो ये इसका क्रेडिट है, वह किसको देना चाहेंगी? शेड्यूल की बात करूं तो ये कहूंगी कि अपने आप को थोड़ा बांधना पड़ता है। चैप्टर्स डिसाइड कर लीजिए एक दिन पहले और उस शेड्यूल को लेकर ही मैं चलती थी। और जैसे-जैसे एग्जाम पास आया, थोड़े ज्यादा घंटे डिवोट करना शुरू किए। और एक ये रहा कि करंट अफेयर से जुड़ी रही। न्यूज़ पेपर को अपना बेस्ट फ्रेंड बनाया। और उससे मेरे ख्याल से काफी हेल्प मिली। कितने घंटे होंगे 7 से 8 घंटे पढ़ाई? 6 से 8 घंटे कहूंगी शुरुआत में, क्योंकि जैसे-जैसे एग्जाम पास आती है तो आपको थोड़े घंटे बनाने बढ़ाने पड़ते हैं, दिमाग को पूरा ट्रेन करना पड़ता है कि एग्जाम के दिन क्योंकि बहुत प्रेशर है। मोबाइल इंटरनेट से दूर रहना पड़ा। इंटरनेट से तो नहीं दूर रहना मतलब नहीं दूर रही क्योंकि इंटरनेट ऐसा है कि बहुत सारा नॉलेज इंफॉर्मेशन मैंने वहीं से लिया है। क्योंकि मैं भोपाल में रह के ही पड़ा तो दिल्ली से दूर रही। लेकिन दिल्ली के जो भी कंटेंट है, यूपीएससी का मटेरियल है, सबसे कनेक्टेड रही और इंटरनेट ने काफी फैसिलिटेट किया। फर्स्ट अटेंप्ट था आपका? जी मेरा जी मेरा फर्स्ट अटेंप्ट था और मैंने लास्ट ईयर ही ग्रेजुएशन कंप्लीट किया है केमिकल इंजीनियरिंग में। बतौर मां आप कितनी खुश हैं? बिटिया आप शिक्षक हैं। शिक्षिका हैं। बहुत खुश हूं। बहुत बढ़िया लगा मुझे मतलब। मतलब शब्द नहीं है मेरे पास क्या बयां करूं। इतनी खुशी हो रही है उसके सपनों को मैं समझ सकता हूं। भावनाओं को समझ सकता हूं। और बचपन से इसका इसमें यह था कि मुझे बनना है आईएस ऑफिसर बनना है तो उसके सपना पूरा हो गया। इसलिए मैं बहुत बहुत खुश हूं। सर आप इंजीनियरिंग का आपका बैकग्राउंड है। बिटिया की मदद कर पाते थे? हां, मदद एक मोटिवेशनल जो होता है उसी टाइप से मदद कर पाया हूं क्योंकि सब्जेक्ट रिलेटेड चीजों में मैं दखल नहीं दे पाया हूं। और यह जैसे रहा है कि आईएस में मैं मोटिवेशनल ही था। बाकी जो सब्जेक्ट्स लिए मैं एक था फ्री हैंड था कि जो करना चाहे वह कर सकती है और सपोर्ट सिर्फ यही रहा कि मतलब। आपके पेपर्स क्या-क्या थे? अ मतलब जनरल स्टडीज में, जनरल स्टडीज में फोर पेपर्स होते हैं। जैसे फर्स्ट में हिस्ट्री ज्योग्राफी। सोशियोलॉजी भी आपने लिया था? मेरा ऑप्शनल सोशियोलॉजी रहा मेरा ऑप्शनल सोशियोलॉजी रहा। इसके अलावा तो हिस्ट्री ज्योग्राफी पढ़ना पड़ेगा। पेपर टू में पॉलिटी इंटरनेशनल रिलेशंस पूछा जाता है। पेपर थ्री में इकोनॉमी से रिलेटेड क्वेश्चन होते हैं और पेपर फोर में एथिक्स जो वैल्यूज है उनसे क्वेश्चंस आते हैं। आई शुरू से ही बहुत नियमित संतुलित थी। हां। आपको लगता था ऐसा कुछ करेंगी। हां। कुछ बताइए आप बता रहे थे बहुत मोटिवेशनल स्पीच वगैरह है इसमें। वह इमोशनल है। अच्छा आप आपको क्या करना है? मैं लड़कियों को पढ़ाना चाहिए। अच्छा हां। लड़कियों को पढ़ाना चाहिए और पढ़ना भी चाहिए लड़कियों ने। आप क्या बनना चाहते हो दीदी की तरह? मैं दीदी की तरह तो नहीं बनना चाहता हूं। अभी तो शेफ हूं। मैंने सुना आप दीदी को बहुत बिस्कुट बिस्कुट खिलाते थे मोमोस वगैरह क्या-क्या बता रहे थे? मोमोस बिस्कुट केक्स। बस।
[3:06]सब सब खिलाते हैं। झूठ तो नहीं बोल रहे। नहीं नहीं सब कुछ बना के खिलाता था। मुझे कुछ नहीं आता है खाना बनाना। यह सब कुछ मेरा काम करता है। मैं बोल दूं और ये मेरे लिए बना देते हैं। दंगल का एक गाना आपको बहुत पसंद था। आप बता रहे थे उसके बारे में कौन सा एक लाइन बता दें। दंगल की वो लाइन है एक गाने की जो उसका टाइटल सॉन्ग है कि कर दिखाने का मौका जब भी किस्मत देती है। गिनके तैयारी के दिन तुझको मोहलत देती है। मांगती है लागत में तुझसे हर बूंद पसीना पर मुनाफा बदले में ये जान ले बेहद देती है। गाती नहीं है सिर्फ गुनगुनाते हैं? नहीं गुनगुनाती हूं बस। चलिए बहुत-बहुत हमारी तरफ से शुभकामनाएं सृष्टि। आप जो भी करें बहुत अच्छा करें। जो आपके सपने हैं वह जरूर पूरे हो। और एंटी टीवी से बात करने के लिए आप सबका बहुत-बहुत शुक्रिया। थैंक यू सो मच धन्यवाद।



