Thumbnail for null by null

20m 1s2,385 words~12 min read
YouTube auto captions
Transcript source

YouTube auto captions

This transcript was extracted from YouTube's auto-generated caption track. The transcript below is server-rendered so it can be read, searched, cited, and shared without opening the original YouTube player.

Timestamped outline
[0:26]Section 1

कहा छुपोगे मेरी मेरी बाज की नजर है। मैं तुम्हें खोज ही लूंगा। अर्थ हो गया। लगता है आज इसके हाथों से हम नहीं बच पाएंगे। हिम्मत मत हारो हम...

[3:57]Section 2

शेर बाबा गए कहां? मैं आ रहा हूं यह सुनकर वह कहीं जंगल छोड़कर भाग तो नहीं गए?

[5:29]Section 3

अरे बाप रे इसके शरीर कितना कठोर है? मेरी चोची टूट गई। क्यों बाजुओं मेरी पीठ पर ठोक कर तुम्हें कुछ हासिल नहीं हुआ ना? बेकार में तुम्हारे ह...

[13:00]Section 4

शेर के बाल। शेर का बाल? पर कैसे? क्यों शेर से लड़ के उसके गले से नोच कर लाया हूं। ये क्या किया तुमने? बाजू जंगल की राजा की गर्दन से उसके...

[18:21]Section 5

अरे अचानक ये चील समुद्र छोड़ के इस जंगल में किस कारण से आया है? ए तेरा नाम बाजूं है क्या? क्यों तुझे क्या काम है? मुझे कोई काम नहीं है पर...

Pull quotes
[2:18]सिर्फ शरीर ही ताकतवर हुआ है। दिमाग में बुद्धि अभी तक नहीं आई। क्या कोई बन के राजा शेर से लड़ने जाता है। शेर महाराज इसे ऐसा सबक सिखाएंगे ना सारी हेकड़ी निकल जाएगी। नहीं दूर से यह नजारा जरूर देखना पड़ेगा।
[2:48]कहां रहेगा। इन सारी चिंताओं ने जैसे मेरे पैरों में बेड़ियां बांध रखी हूं। मैं क्या करूं?
[2:48]अच्छा बताओ तो बड़े होने के साथ-साथ सभी बुद्धिमान होते हैं। शांत हो जाते हैं पर हमारा बाजू क्या उसमें आपको ऐसा कोई भी लक्षण नजर आता है?
[4:11]यह तो बड़ा ही अद्भुत प्राणी लगता है। ठहरो शेर से टकराने से पहले जरा इसे मजा चखा देता हूं।
Use this transcript
Related transcript hubs

[0:26]कहा छुपोगे मेरी मेरी बाज की नजर है। मैं तुम्हें खोज ही लूंगा। अर्थ हो गया। लगता है आज इसके हाथों से हम नहीं बच पाएंगे। हिम्मत मत हारो हम अपने घर के नजदीक पहुंच चुके हैं। एक बार बस उसके अंदर चले जाएं हम बच जाएंगे। दौड़ते रहो।

[0:55]डरपोक कहीं के मुझे देख के ही भाग गए। पर कब तक बचोगे? मेरा नाम भी बाजू है। मैं यहीं पेड़ की डाल पे बैठा रहूंगा। कभी न कभी तो तुम्हें बाहर निकलना ही पड़ेगा। और तभी तुम लोगों को पकड़ के पेट पूजा कर लूंगा। मेरे खरगोशों को डरा के बहुत खुश हो रहे हो। मां-बाप के दुलार से बड़े तो हो गए हो और अच्छे से खा-पी के शरीर पर मांस और ताकत भी आ गई है। लगता है। ताकत तो आएगी। आखिर मैं एक बाज का बच्चा हूं। उन लोगों की तरह कमजोर थोड़ी ही ना हूं। अच्छा अच्छा तो फिर जाओ। वन के राजा सिंह से लड़ाई करो। पास जाकर जरा अपनी ताकत दिखाओ उसे। सुनो मुझे शेर वे से मत डराओ। क्या कहना चाहते हो, वह बोलो। जाकर कहना कि ऐ शेर तुझे मारकर तेरा मांस नोच-नोच कर खाऊंगा। क्यों बोल पाओगे यह सब? क्यों नहीं बोल पाऊंगा? क्या मैं मैं शेर से डरता हूं क्या? अगर जरूरत पड़ी तो उसे हरा कर इस जंगल का राजा बन जाऊंगा मैं। सही है सही है। बिल्कुल सही बात कही है। तो फिर अभी निरी खरगोशों को पकड़ने के लिए इस दाल पर बैठकर अपना समय क्यों नष्ट कर रहे हो। जाओ शेर की गुफा में चले जाओ। हां अभी जाता हूं।

[2:18]सिर्फ शरीर ही ताकतवर हुआ है। दिमाग में बुद्धि अभी तक नहीं आई। क्या कोई बन के राजा शेर से लड़ने जाता है। शेर महाराज इसे ऐसा सबक सिखाएंगे ना सारी हेकड़ी निकल जाएगी। नहीं दूर से यह नजारा जरूर देखना पड़ेगा।

[2:48]क्या तुम एक बात बताओगी हम लोग कब देश भ्रमण के लिए निकलेंगे? मन तो है आज ही चलने लेकिन बाजू क्या करेगा? क्या खाएगा? कहां रहेगा। इन सारी चिंताओं ने जैसे मेरे पैरों में बेड़ियां बांध रखी हूं। मैं क्या करूं? देखो बाजू की मां मैं क्या कह रहा था कि तुम अपनी सारी चिंता अपने दिमाग से निकाल दो। हमारा बाजू अब बच्चा तो नहीं रहा। वह अब बड़ा भी हो चुका है और अपने आप को संभाल सकता है। सिर्फ शरीर से बड़ा हुआ है। लेकिन उसकी अक्ल अभी आई है क्या? तुम ऐसी बात क्यों कर रही हो? अच्छा बताओ तो बड़े होने के साथ-साथ सभी बुद्धिमान होते हैं। शांत हो जाते हैं पर हमारा बाजू क्या उसमें आपको ऐसा कोई भी लक्षण नजर आता है? दिन भर सिर्फ धमाल करता रहता है। कभी इसे दौड़ा आता है तो कभी उसे सभी परेशान हैं।

[3:57]शेर बाबा गए कहां? मैं आ रहा हूं यह सुनकर वह कहीं जंगल छोड़कर भाग तो नहीं गए?

[4:11]अरे यह यह कौन है? यह तो बड़ा ही अद्भुत प्राणी लगता है। ठहरो शेर से टकराने से पहले जरा इसे मजा चखा देता हूं।

[4:28]अरे बाप रे यह बाज मेरी तरफ क्यों आ रहा है? लगता है कोई बात है। क्या करना चाहता है ये देखते हैं। ए तुम कौन हो? मैं कछुआ हूं। तुझे तुझे पता है मैं कौन हूं? हां पता है। इस जंगल का सबसे वृद्ध प्राणी हूं मैं और सबसे बड़ी बात जंगल के राजा तो हमारे शेर महाराज हैं। सिर्फ बाज पक्षी नहीं हो मैं बाजू हूं। मैं इस जंगल का राजा बनना चाहता हूं।

[4:55]मजाक कर रहे हो क्या? सिर्फ कहने से ही कोई राजा नहीं बन जाता है। इस जंगल के राजा तो शेर महाराज हैं। उस शेर को मैं जंगल से भगा दूंगा। समझे भगा दूंगा। एक सामान्य बाज पक्षी होकर तुम जंगल के राजा को भगाओगे। क्या तुम पागल हो? और अगर एक भी बकवास की ना तो मैं तुझे खा लूंगा।

[5:29]अरे बाप रे इसके शरीर कितना कठोर है? मेरी चोची टूट गई। क्यों बाजुओं मेरी पीठ पर ठोक कर तुम्हें कुछ हासिल नहीं हुआ ना? बेकार में तुम्हारे ही चोंच में दर्द हो गया होगा। क्यों है ना? दर्द हो गया। बोलो। अच्छा ठीक है, ठीक है। पहले शेर से निपट लूं। उसके बाद तेरी व्यवस्था करता हूं। रुक हां रुक।

[6:07]कितना समझाती हूं कि ऐसे किसी से लड़ाई झगड़ा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। जीवन जीने के लिए दोस्तों की जरूरत होती है पर वह कहां सुनता है? अब ऐसे में उसे अकेला छोड़कर देश भ्रमण करने जाऊंगी तो हर वक्त मन में उसी की चिंता लगी रहेगी ना आप ही बताइए मुझे। देखो बाजू की मां इतनी चिंता मत करो। अभी वह हमारी बात नहीं मानता है पर जीवन में जब ठोकर खाएगा ना तब ठीक हो जाएगा। उसे बुरे समय में दोस्तों की जरूरत कितनी होती है पता चल जाएगा और यह कि सिर्फ मां-बाप ही काम आते हैं।

[7:04]प्रणाम महाराज जी। क्या बात है आज तुम अचानक इधर कैसे आ गए? नहीं वो बात यह है कि आप यहां जंगल में इधर पहाड़ों की तरफ रहते हैं ना इसलिए हमेशा इधर नहीं आ पाता हूं। तो फिर आज अचानक मेरी याद कैसे आ गई? राजा जी आपको एक खबर देने आया हूं। इधर। क्या खबर देने आए हो? जंगल में एक बाज पक्षी का बच्चा अचानक ही बहुत ज्यादा बिगड़ गया है। कभी इसे तंग करता है तो कभी उसे। पर क्यों? वह सभी जानवरों पर जुल्म करके इस जंगल का राजा बनना चाहता है। क्या कहा? वो राजा बनना चाहता है? जंगल का राजा। जी हां राजा जी। है कहां? है कहां वो दुशासी बाज एक बार हाथ लग गया तो राजा बनने का उसका सपना में सात जन्मों के लिए भुला दूंगा। वो इधर ही आ रहा है। इधर आ रहा है। मतलब मतलब आपसे लड़ाई करके आपको हरा के वो जंगल का राजा बनने आ रहा है। एक सामान्य सा बाज पक्षी होकर वह मुझसे लड़ने के लिए आ रहा है। ठीक है। आने दो उसे। आज ही उसकी जीवन लीला समाप्त कर दूंगा। वो उधर देखिए राजा जी बाज का बच्चा सिर के ऊपर चक्कर लगा रहा है। क्या? हे बाज के बच्चे ऊपर क्या चक्कर काट रहा है? यदि साहस है तो नीचे उतार। देखो देखूं तेरी ताकत। रुक रुक। आता हूं। इस खेल में आज बहुत मजा आने वाला है। बाज की सारी हेकड़ी आज खत्म हो जाएगी। राजा जी इसे मार डालेंगे।

[10:31]उतनी साहस है तुम में कि तू मेरे केश नोचे दुष्ट। तेरे पास पंख हैं और तू आकाश में उड़ सकता है। इसीलिए यह दुस्साहस कर रहा है ना? अगर हिम्मत है तो मुझे पकड़ के सजा दो। तभी समझूंगा कि तुम जंगल के राजा हो। जाओ जाओ। तुम्हारे जैसे पक्षी को पकड़ने की मुझे कोई जरूरत नहीं। असल में पकड़ नहीं पा रहे हो ना, इसलिए ऐसी बातें कर रहे हो। तो फिर ठीक है, मैं फिर आऊंगा। फिर से और आके तुम्हें नेस्तनाबूद करके इस जंगल से भगा के छोडूंगा। अरे जा जा तू तो एक छोटा सा सामान्य बाज पक्षी है। चील को बुलाकर तेरा क्या हाल करवाता हूं। तू देख लेना। अरे ठीक है, ठीक है। तुम चील कौवा गिद्ध जिसे चाहे बुला लेना। आज मेरे मां-बाप देश भ्रमण के लिए जा रहे हैं। इसलिए मैं जा रहा हूं। पर फिर आऊंगा, फिर आऊंगा। याद रखना हां। मैं फिर से आऊंगा। फिर से आऊंगा मैं। बाप रे कितना दुष्ट है यह बाज पक्षी। देखा ना राजा जी कितना बदमाश है ये? बदमाश जैसा बदमाश ये तो बदमाशों का बाप निकला। ऐ सियार जरा ठीक से देखो तो मेरे सिर के केशों को कितना नोच डाला है उसने। नहीं नहीं महाराज बहुत कम नोचे हैं उसने बहुत जरा सा आप बिल्कुल चिंता मत कीजिएगा महाराज। लेकिन तुम मेरी ये केश नोचने वाली बात किसी को भी बताना मत। क्यों बताऊंगा? मैं आपका एक आज्ञाकारी प्रजा हूं। ठीक है ठीक है। तो तुम अब जा सकते हो। मैं जरा गुफा में जाकर विश्राम करूंगा। हां हां जाइए जाइए महाराज। इस उम्र में आपको बहुत मार खानी पड़ी है। थकान तो लगेगी ही ना। ठीक है लेकिन तुम उस पर अपनी पूरी नजर रखना। अगर उसे कुछ ऐसा वैसा करते हुए देखा तो मुझे आकर खबर करना। ठीक है। अच्छा तो क्या हम आज ही देश भ्रमण के लिए निकल जाएंगे? हां क्यों नहीं? एक बार बाजू आ जाए उससे बात करते हैं। वहां देखिए वो हमारा बाजू ही तो है ना। पर बाजू अपनी चोंच में क्या दबाकर ला रहा है?

[13:00]शेर के बाल। शेर का बाल? पर कैसे? क्यों शेर से लड़ के उसके गले से नोच कर लाया हूं। ये क्या किया तुमने? बाजू जंगल की राजा की गर्दन से उसके बाल नोच कर लाए हो तुम। पर वह बहुत हाथ पर चला के भी अपने नाखून से मेरे शरीर पर एक खरोच भी नहीं कर पाया। तुम यह बिल्कुल ठीक नहीं कर रहे हो बाजू। सबसे झगड़ा करके सबसे दुश्मनी मोल ले रहे हो तुम। यह सही नहीं है बेटा। देखो आज हम तुम्हें अकेला छोड़कर देश भ्रमण के लिए जा रहे हैं। इसके बाद तुम्हें इस जंगल में अकेले ही वास करना होगा। तो क्या हुआ? अभी तुम्हें हमारी बात समझ में नहीं आएगी। पर अगर कभी तुम पर विपत्ति आ गई तब तुम हमारी बात समझोगे कि जीवन में हमेशा अकेले नहीं रहा जाता। दोस्त की जरूरत होती है। समझे। तुम्हारे बाबा बिल्कुल सही कह रहे हैं बाजू। हमारी तो उम्र हो चुकी है बेटा। हमारे जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव आए और बुरे वक्त में हमें बचाने के लिए हमारे दोस्त ही आगे आए थे। मुझे किसी मित्र की जरूरत नहीं है। मेरे शरीर और चोंच ताकतवर है। मैं आसमान में उन बादलों तक उड़ के जा सकता हूं। ये तो हम भी कर सकते हैं। फिर भी कह रही हूं दोस्तों के बिना जीना संभव नहीं है और हमारी यह बात अगर तुम समझ गए तो तुम्हारे लिए ही अच्छा होगा बेटा। क्योंकि कल से तो तुम्हें इस जंगल में अकेले ही रहना पड़ेगा।

[14:35]ओह, दो दिन हो गए शेर की आवाज सुने हुए। पर उसके बाद तो वो दिखाई ही नहीं दिया। पता नहीं वो शेर कहां चला गया? तो फिर क्या हम रास्ता भूल गए हैं और शहर से दूर आ गए हैं। ये क्या? रोशनी कम हो रही है। अब थोड़ी ही देर में जंगल में घनघोर अंधेरा छा जाएगा। इसी बात की तो चिंता है। जानते हो? बहुत बार मनुष्य की गंद पाकर शेर बाहर आ जाते हैं। हां और चुपचाप पेड़ की आड़ में छिप कर शिकार को देखते रहते हैं और मौका पाते ही हम लोग उसे। फिर क्या? शेर की नाक में हमारे शरीर की गंद आ गई होगी। क्या कहते हो? चलो रात होने से पहले उस बड़े से पेड़ पर चढ़ जाते हैं। क्योंकि अगर शेर ने हमें पकड़ लिया तो हमें जिंदा खा जाएगा। हां सही कह रहे हो चलो चलो चलो। रोशनी रहते ही पेड़ पर आश्रय ले लेते हैं।

[15:39]नहीं नहीं नहीं नहीं ये अपमान अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा सिर्फ उत्तेजना में एक बाज पक्षी का बच्चा मेरी ये दशा कर गया और जंगल का राजा होते हुए भी मैं उस साधारण पक्षी का कुछ नहीं बिगाड़ पाया। लगता है राजा जी बहुत चिंतित हैं आज। क्यों क्यों चिंतित नहीं होंगा। तुमने तो अपनी आंखों से सब देखा। अगर ये बात किसी को पता चल गई तो क्या होगा बोलो क्या कोई मुझे बन कर राजा मानेगा? आप निश्चिंत रहिए राजा जी ये बात किसी को पता नहीं चलेगी। हो सकता है यह बात किसी को पता ना चले। पर उस बदतमीज को जब तक मैं उचित सजा नहीं दे दूंगा, मुझे शांति नहीं मिलेगी। सियार पंडित। मैं एक एक बात बोलूं महाराज। बोलो। मैं क्या बोल रहा हूं? मैंने जो देखा उससे यही लगता है कि उस बाज को सजा देना आपके बस की बात नहीं है क्योंकि वह स्थर चर नहीं है ना। उसके तो पंख हैं। पकड़ने पकड़ने पर तो वह तुरंत उड़ जाएगा। तो क्या वो जब तक आकर ऐसे ही मुझ पर हमला करने आएगा। और मुझे वो सब कुछ बर्दाश्त करना पड़ेगा। आप क्यों बर्दाश्त करेंगे राजा जी जरूरत पड़ने पर कांटे को कांटे से निकालिए। कांटे से कांटे को मतलब मतलब मेरा कहना है समुद्र के किनारे सुनहरे रंग की चील रहती है जो आपकी बहुत इज्जत करती है। हां हां इज्जत तो करती है और वह चील बहुत अच्छी है। हां तो उसे ही भेज दीजिएगा ना उस बाज पक्षी की तरफ। जब उन दोनों की लड़ाई होगी ना तब देखिएगा बाज की सारी हेकड़ी निकल जाएगी। तो तो क्या तुम उसे यहां बुलाकर ला सकते हो? ले आओ ना। तो फिर मैं जाऊं राजा जी। हां जाओ जाओ। उसे लड़ाई का अंजाम बताना मत भूलना। ठीक है, ठीक है। देखता हूं अब यह पानी कहां जाकर ठहरता है।

[18:08]आज दो दिन हो गए मां पिताजी देश घूमने निकले हैं। पता नहीं कब तक लौटेंगे। मां पिताजी के बिना इतना दुख होगा मुझे यह पहले पता ही नहीं था।

[18:21]अरे अचानक ये चील समुद्र छोड़ के इस जंगल में किस कारण से आया है? ए तेरा नाम बाजूं है क्या? क्यों तुझे क्या काम है? मुझे कोई काम नहीं है पर मैंने सुना कि तुमने शेर महाराज को व्यर्थ में परेशान किया है। क्या इसका जवाब तुझे देना पड़ेगा? तू क्या जंगल का पुलिस है? ए अगर तेरी पूछताछ खत्म हो गई हो ना तो जल्दी से यहां से फूट ले। नहीं तो नहीं तो क्या करोगे?

[18:57]ऐसा मारूंगा ना कि यहां से सीधे समुद्र के पानी में गिरेगा। ऐ इतना साहस इतना छोटा बच्चा होकर तू मुझे मारेगा यह कहकर डरा रहा है? तो छोटे बच्चे के हाथ से मार खा के ही तू घर लौटेगा क्या? लगता है तुम वाकई बहुत बदतमीज हो। तुम्हें सबक सिखाना ही पड़ेगा। अरे सबक सिखाना होगा क्या कह रहे हो? अभी ही सिखा दो। इससे बहुत अहंकार हो गया है।

[19:25]अरे यह भी कोई बात हुई बाज और चील के बीच में ऐसी लड़ाई तो पहले कभी नहीं देखी। बाप रे बाप। अगर उस चील के हाथों उस बाज पक्षी की हार हो गई तो मुझे बहुत खुशी होगी। तुम लोगों को पता है उस दिन मुझे वो खाने के लिए आया था। वो तो मेरा भाग्य अच्छा है। मेरे शरीर पर यह कठोर आवरण है। इसलिए मैं बच गया। नहीं तो वो वो मुझे खा जाता। बिना मतलब के ही कभी-कभी हमें खाने के लिए दौड़ता है पर हम जोर से दौड़ सकते हैं ना इसलिए बच जाते हैं।

Need another transcript?

Paste any YouTube URL to get a clean transcript in seconds.

Get a Transcript