[0:01]ठीक है, तो ये अपनी आखिरी थ्योरी है, स्ट्रेटिफिकेशन की जो की अगेन एक मॉडर्न पर्सपेक्टिव है स्ट्रेटिफिकेशन का, कि किस तरह से समाज आजकल बट रहा है या डिवाइडेड है, स्ट्रेटामे नजर आता है डब्ल्यू. एल. वार्नर का।
[0:14]डब्ल्यू. एल. वार्नर ने एक स्टडी की इस और इनके जो अप्रोच का नाम है वह है 'रेपुटेशनल अप्रोच'। अगर आपको क्विकली अगर दो लाइन में समझाओ इसको मैं, तो ये क्या करते हैं की ये पूछते हैं किसी तीसरे आदमी से आपके बारे में। फॉर एग्जांपल ये कोई तीसरा आदमी है, आपका पड़ोसी, आपका दोस्त कुछ भी हो सकता है, इससे पूछेंगे बताओगे ये जो खड़ा है लड़का ये लड़की इसके बारे में बताओ आप क्या सोचते हो? ठीक है जी। ये बोलेगा मुझे लगता है मुझे लगता है कि ये आदमी बड़ा ही रिच है। ठीक है जी, तो अकोर्डिंगली आपको रिच माना शुरू हो जाएगा अपर स्टेट में। ये कहेगा ये तो भई फटे हाल लगता है यू.पी.एस.सी. एस्पिरेंट है, कपड़े देखें इसके और चप्पलें जूते कैसे पहनता है, ये तो बिल्कुल ही गरीब परिवार से लगता है, अकोर्डिंगली स्टेट में नीचे आ जाओगे आप। तो ये रेपुटेशनल अप्रोच कहलाई डब्ल्यू. एल. वार्नर की, कि किस तरह से आप को दूसरे इंसान जज कर रहे हैं। इमेजिन करो कि जेब में मेरे ₹2 नहीं लेकिन मैंने क्रेडिट कार्ड वगैरा के बल पे मैंने जो लाइफ स्टाइल मेंटेन किया हुआ है मेरे पड़ोसी तो मुझे यही जानेंगे की भई ये तो बड़ा ही अमीर आदमी है। ठीक है, तो ये रेपुटेशनल अप्रोच क्योंकि ये रियल क्यों होती जा रही है आजकल के एरा में, क्योंकि जो अर्बनाइजेशन बढ़ रही है। अर्बनाइजेशन से क्या होता है आपको नहीं पता आपका पड़ोसी कौन क्या नहीं, इंडिविजुअलिज्म बढ़ता है। जब इंडिविजुअलिज्म बढ़ता है आप किसी के बारे में पूछते नहीं हो आप सिर्फ उसको देखते हो जज करते हो। इसीलिए बोल रहा है समाज में जो हम इसलिए अब हम लोगों को देख के उनके गाड़ी से देख के उनके मोबाइल फोन से देख के आप जज करते हो कि यह एक सोसाइटी में अपर स्टेट का बंदा है या लोअर स्टेट का। ठीक है जी बहुत ही रेलेवेंट थ्योरी है इसलिए रेपुटेशनल अप्रोच, इसमें ये अह कौन सी किताब में पब्लिश किया? 'यांकी सिटी'। यांकी सिटी में इन्होंने इस मतलब न्यूयॉर्क में के आस पास के इलाकों में स्टडी की डब्ल्यू.एल. वार्नर ने वहां पे निकाला कि किस तरह से लोग एक दूसरे को जज करके उनके उनके स्ट्रेटामे पोजीशंस जज कर रहे हैं। कि भई ये एक ऊपर का बंदा होगा या नीचे वाला बंदा होगा। ठीक है जी। ओके, वार्नर यूज रेपुटेशनल अप्रोच टू अंडर स्टैंड अबाउट नेचर ऑफ क्लास इन अमेरिका। कि भई सिर्फ और लोग देख देख के, ये तभी तो बोल रहा हूं ये ब्रिलिएंट कुछ लोग हैं दुनिया में आए हैं और हम को नई-नई बातें बता गए। ठीक है जी। तो अप्रोच हैज़ अ थर्ड पर्सन, ठीक है जी हमने बताया आपको नोन एज़ इन्फॉर्मेंट। यह वर्ड इंपोर्टेंट आ जाता है यहां पे जिसको इन्फॉर्मेंट कहेंगे जिससे पूछेंगे भई बताओ इसके बारे में क्या सोचते हो। ठीक है। एंड देन जजिंग वन्स क्लास बेस्ड ऑन जजमेंट ऑफ लाइफ स्टाइल। तो लाइफस्टाइल के बेसिस पे बात हो रही है सारी अगेन। एंड देन वार्नर डेलीनेटिड सिक्स क्लास ऑन बेसिस ऑफ लाइफस्टाइल। हमें जानने की जरूरत नहीं है कौन सी छह थी, बस हमें आइडिया जानना है कि कोई रेपुटेशन बताएगा हमें थर्ड थर्ड पर्सन कौन सी किताब में बताया इसने यांकी सिटी में तीसरे आदमी को क्या बोलते हैं इन्फॉर्मेंट। आगे देखते हैं। एंड ही सेस दैट प्रेजेंस ऑफ क्लासेस गिव स्टेबिलिटी स्टेबिलिटी टू सोसाइटी एस ईच क्लास हैज़ अ डिस्टिंक्ट कल्चर। आप समझो इस बात को कि जैसे लेट्स से की सभी के सभी लोग जो कि बहुत सारा लेट्स से चाहते हैं कि अपने आप को अच्छा ऑसम दिखाना, तो अब आप ना इमेजिन करो फेसबुक वगैरह की एरा चल रही है। जो अपने आप को ऑसम दिखाना चाहते हैं वो एक तरह के पेज लाइक करते हैं जो अपने आपको थोड़ा थोड़ा दिखाना चाहते हैं कि हम तो फटीचर टाइप्स के हैं वो अलग तरह के पेज लाइक करते हैं। तो एक तरह का क्या वो बोल रहा है वो कि स्टेबिलिटी सोसाइटी में आती है। जो एक तरह का आईडिया फॉलो कर रहे हैं लाइफस्टाइल का वो सभी इकट्ठे से हो जाते हैं सिमिलर सा कल्चर इंजॉय करते हैं। एंड वो कह रहा है कि सिमिलर कल्चर इंजॉय करने के कारण क्या होता है सोसाइटी में एक दूसरे से भिड़ते नहीं। भिड़ेंगे नहीं तो सोसाइटी स्टेबल हो जाएगी। रिड्यूसिंग द चांसेस ऑफ इंटर स्ट्रेटा कॉन्फ्लिक्ट। ठीक है जी इंटर स्ट्रेटा कॉन्फ्लिक्ट के कहता है चांसेस घट जाएंगे। ठीक है क्योंकि एक सिमिलर सब कल्चर में वो जी रहे हैं। ओके, अब इसके लेकिन कुछ क्रिटिसिजम भी हैं इस थ्योरी के क्योंकि हर एक थ्योरी हम जो पढ़ रहे हैं उसकी कुछ ना कुछ खामियां तो है ही है नोट भी करते रहे वो अच्छी बात है। पहला कि अगर लेट्स से मैंने इस बंदे के बारे में मैंने पूछना था भई मेरी ड्राइंग के लिए भी मुझे माफ कर दो। ठीक है, इसके बारे में मुझे पूछना था इस आदमी के बारे में ए ए से पूछूं, बी से पूछूं, सी से पूछूं। ठीक है जी किससे पूछूं? मल्टीपल इन्फॉर्मेंट्स के चक्कर में अगर उनकी डिफरेंट ओपिनियन हुई, इसको लगा भई बड़ा ही हाई क्लास है इसको लगा भई फटीचर है इसको लगा पता नहीं भई ये तो थोड़ा ओके एवरेज लग रहा है। किसकी बात मानी जाएगी? कि अबाउट वंस क्लास भई इसकी क्लास क्या निकलेगी फिर मल्टीपल इन्फॉर्मेंट के चक्कर में अलग लोग तो अलग तरह जज कर सकते हैं। एंड देन होम टू बिलीव, ठीक है जी सवाल आ गया हमारे पास। देन इंक्रीसिंग इंडिविजुअलिटी मीन्स दैट पीपल माइट नॉट बी अवेयर ऑफ रेपुटेशनल स्टैंडर्ड्स। भई ए से पूछा बताना जरा आपका पड़ोसी है क्या सोचते हो कहते पड़ोसी को भी देखा ही नहीं यार। ठीक है जी सी ने कभी देखा ही नहीं। बी कह रहा है देखा हुआ है लेकिन कभी गौर नहीं किया क्योंकि इंडिविजुअलिटी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि हम दूसरे के बारे में सोचना या फिर सोचो कि हम उनको पता ही नहीं हमारे पड़ोस में रह कौन रहा है। हम हम किसी से रेपुटेशन अपनी जज करवा ही नहीं पाते। एंड देन मोरओवर वन्स नोशन ऑफ क्लास कैन बी डिपेंडेंट ऑन हिज कल्चर, अप ब्रिंगिंग एनवायरमेंट। अब हो सकता है कि ए जहां से आया है उसको ये बड़ा ही हाई क्लास लग रहा है। बी जहां से आया उसको लगा भई बड़ा ही बकवास आदमी है ये। ठीक है जी लेट्स से नाइट क्लब वगैरह में कोई जा रहा है ये जो है आदमी और ए को बड़ी पसंद है ये बातें। ए कहेगा बड़ा ही ऑसम आदमी है। बी को ये बातें बिल्कुल पसंद नहीं संस्कारी टाइप्स है, बी इसको नकार देगा। तो अकॉर्डिंगली हम कहां से आते हैं हमारा कल्चर, अपब्रिंगिंग, हमारा एनवायरमेंट वो बहुत डिसाइड करेगा कि हम सामने वाले को कैसा देखते हैं उसकी रेपुटेशन कैसे बनाते हैं। ठीक है जी ओके ये सब पॉइंट्स प्लीज नोट करके रखना पेपर में लिखने हैं हमने। ओके एंड देन उसके बाद कहते हैं अगर हमने लेट्स से किसी के बारे में पूछना है तो ठीक है पूछ लिया हमने 100, 50, 150, 200 लोगों के बारे में पूछ सकते हैं क्या हम पूरे देश के लेवल पे निकाल सकते हैं कि भई हमारे देश के बारे में बाकी लोग क्या सोचते हैं हर एक आदमी के बारे में हर एक दूसरा आदमी क्या सोचता है ये तो हो ही नहीं सकता। इसीलिए ये छोटी सोसाइटीज में ही एप्लीकेबल है बड़ी सोसाइटीज में यह नहीं हो सकता। ठीक है जी, तो ये हमारी थ्योरीज ऑफ स्ट्रेटिफिकेशन हमने खत्म किए हैं। अब हम अपना नेक्स्ट टॉपिक उठाएंगे कल। ठीक है एंड प्लीज कीप राइटिंग दीज थिंग्स डाउन मैं बार बार बोलता जा रहा हूं आपको अगर आप नहीं नोट्स बनाओगे तो रिवाइज नहीं कर पाओगे। एंड आगे बढ़ते रहेंगे हम अगर कोई और आपका कोई फीडबैक कोई कमेंट चाहते हो देना की स्लो करो, तेज करो, कौन सी बुक पढ़ें, क्या ना करें प्लीज मुझे बता देना। आई विल आई विल डेफिनटली ट्राई टू हेल्प यू। चैप्टर स्ट्रेटिफिकेशन का चल रहा है स्ट्रेटिफिकेशन चैप्टर हर लम्बर्स में बहुत ढंग से गिवन है चैप्टर नंबर वन। हमारी वेबसाइट है sleepyclasses.com वहां पे मैंने सोशियोलॉजी पे कुछ एक राइटर सभी लिखा है और वहां पे हर लम्बस का लिंक भी लगा हुआ है प्लीज अगर हर लम्बस कभी खरीद नहीं है तो वहां से लिंक पे क्लिक करके खरीद लेना हमको भी कुछ उसमें से पैसे मिल जाएंगे एंड दैट इज हाउ वी आर सस्टेनिंग। ओके थैंक यू, थैंक्स अ लॉट।



