[0:00]MotoGP राइडर्स के हाथ में ये जो गहरा कट लगा होता है अगर राइडर्स ये कट ना लगवाए तो रेस में बाइक चलाते टाइम इनका दर्द से बुरा हाल हो जाएगा. दरअसल MotoGP बाइक्स बहुत तेज होती हैं जो रेस में लगभग 300 किलोमीटर पर आवर की स्पीड से चलती हैं. लेकिन जब 300 की स्पीड में चलती हुई बाइक को मोड़ पर स्लो करने के लिए राइडर ब्रेक लीवर को दबाता है तो उस टाइम उसे अपने फोरआर्म से 15 केजी तक का फोर्स लगाना पड़ता है. और एक रेस 40 मिनट की होती है जिसमें इन्हें 300 से ज्यादा बार ऐसा करना पड़ता है जिससे इनके फोर आर्म्स में हद से ज्यादा दर्द होने लगता है. मसल्स सूझ जाते हैं और ब्लड फ्लो रुक जाता है. इन्हीं सारी प्रॉब्लम से छुटकारा पाने के लिए राइडर्स एक फेसीटॉमी सर्जरी करवाते हैं. जिसमें इनके फोरआर्म्स के दर्द करने वाले मसल्स और टिश्यूज को हमेशा के लिए हटा दिया जाता है और उसी का यह निशान रह जाता है.
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[0:00]MotoGP राइडर्स के हाथ में ये जो गहरा कट लगा होता है अगर राइडर्स ये कट ना लगवाए तो रेस में बाइक चलाते टाइम इनका दर्द से बुरा हाल हो जाएगा.
[0:00]दरअसल MotoGP बाइक्स बहुत तेज होती हैं जो रेस में लगभग 300 किलोमीटर पर आवर की स्पीड से चलती हैं.
[0:00]लेकिन जब 300 की स्पीड में चलती हुई बाइक को मोड़ पर स्लो करने के लिए राइडर ब्रेक लीवर को दबाता है तो उस टाइम उसे अपने फोरआर्म से 15 केजी तक का फोर्स लगाना पड़ता है.
[0:00]और एक रेस 40 मिनट की होती है जिसमें इन्हें 300 से ज्यादा बार ऐसा करना पड़ता है जिससे इनके फोर आर्म्स में हद से ज्यादा दर्द होने लगता है.
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