Thumbnail for Bhagwat Geeta Saar 20 minute | Shrimad Bhagwat Gita | संपूर्ण गीता सार dharma pravah | Geeta Saar by DHARMA PRAVAH

Bhagwat Geeta Saar 20 minute | Shrimad Bhagwat Gita | संपूर्ण गीता सार dharma pravah | Geeta Saar

DHARMA PRAVAH

21m 9s3,477 words~18 min read
YouTube auto captions
Transcript source

YouTube auto captions

This transcript was extracted from YouTube's auto-generated caption track. The transcript below is server-rendered so it can be read, searched, cited, and shared without opening the original YouTube player.

Use this transcript
Related transcript hubs

[0:00]अगर आपको अपनी जिंदगी में कोई दुख हो, कोई परेशानी हो या आप किसी ऐसे रास्ते में फंस गए हो जिसके दो मार्ग हों और आपको समझ न आ रहा हो कि कौन सा रास्ता चुनना चाहिए, तो आज का यह वीडियो आप लोगों के लिए खास होने वाला है। हमारे जीवन में अक्सर ऐसे क्षण आते हैं जब हम दुविधा में होते हैं और सही समय पर सही निर्णय नहीं ले पाते। ऐसे में श्रीमद् भगवत गीता के श्लोक में मनुष्य के जीवन की हर समस्या का हल छिपा है। भगवत गीता का उपदेश सुनते ही आपकी सारी परेशानियां एकदम से हल हो जाएंगी और आप बहुत शांत महसूस करेंगे। कहते हैं, गीता को पढ़ लेने से या सुन लेने से आपके सारे जन्मों के पाप इसी जन्म में खत्म हो जाते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं अर्जुन को उपदेश दिया था जो भगवत गीता के रूप में प्रसिद्ध है। भले ही यह ग्रंथ पुराना है, लेकिन आज के द्वार में भी यह आपकी सारी परेशानियों का हल आपको दे सकता है। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं, मन की शांति से बढ़कर इस संसार में कोई भी संपत्ति नहीं है। जिस व्यक्ति ने अपने मन को शांत रखना सीख लिया है, उससे ज्यादा धनवान इस संसार में कोई नहीं। कई बार भगवान हमारे रिश्ते खुद तोड़ देता है ताकि कोई हमारी जिंदगी खराब न कर सके। दुनिया में सबसे खुश लोग वही हैं जो यह जान चुके हैं कि दूसरों से किसी भी तरह की उम्मीद करना बेकार है। जिंदगी में थोड़ा दुखी भी होना जरूरी है। हमेशा सुख मिलता रहेगा तो आप कभी भी जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाओगे। यह गलत सोच है इंसानों की कि एक अकेला इंसान क्या कर सकता है। पर देखो जरा वह सूरज को जो अकेला ही सारी दुनिया को रोशन करता है। भाग्यशाली वह नहीं होते जिन्हें सब कुछ अच्छा मिलता है बल्कि भाग्यशाली तो वह होते हैं जिन्हें कुछ भी मिलता है उसे वह अच्छा बना लेते हैं। गीता में लिखा है जब इंसान की जरूरतें बदल जाती हैं तब उसके बात करने का तरीका भी बदल जाता है। फायदा सबसे गिरी हुई चीज है लोग उठाते ही रहते हैं। हारता वह है जो शिकायत बार-बार करता है और जीतता वह है जो कोशिशें हजार बार करता है। जिस इंसान को हम बेहद प्यार करते हैं वही इंसान हमारा सबसे ज्यादा फायदा उठाता है क्योंकि वह इंसान जानता है कि हमारी कमजोरी क्या है। इतने समझदार बनो कि किसी को माफ कर दो लेकिन इतने बेवकूफ मत बनो कि धोखा देने वाले पर दोबारा विश्वास कर बैठो। उम्मीद मत छोड़ना कल का दिन आज से बेहतर होगा। जिंदगी में उस लेवल तक पहुंच जाओ कि लोग आपको खोकर पछताए। जीवन में कभी भी किसी से अपनी तुलना मत कीजिए। आप जैसे हो सर्वश्रेष्ठ हो क्योंकि ईश्वर की हर एक रचना सर्वोत्तम होती है। खुद को किसी से कम समझना ईश्वर की रचना का अपमान है। इंसान का मन ही उसका सबसे बड़ा दुश्मन है और उसका सबसे बड़ा दोस्त। यदि मन आपसे जीत जाता है तो वह आपका दुश्मन बन जाता है और यदि आप मन से जीत जाते हो तो वह आपका सच्चा दोस्त बन जाता है। यदि कोई आपको नजरअंदाज कर दे तो बुरा मत मानना, क्योंकि लोग अक्सर अपनी हैसियत के हिसाब से चीजों को नजरअंदाज करते हैं। उन लोगों के पीछे कभी मत भागना जिन लोगों को आपकी कोई परवाह नहीं। श्री कृष्ण कहते हैं गलती हर इंसान से होती है, लेकिन गलतियां सुधारना वही इंसान कर सकता है जो दिल का साफ होता है और रिश्तों को खोना नहीं चाहता। जिंदगी का सबसे बड़ा थप्पड़ किसी से की गई उम्मीद मारती है। कभी-कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी खुद से तो कभी किस्मत से तो कभी अपनों से। हर जिंदगी में खुद को समय जरूर दें क्योंकि आपकी पहली जरूरत आप खुद हैं। याद रखना कि जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे तो जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किए जाओगे। रिश्ते चाहे कितने भी बुरे क्यों ना हो उन्हें कभी मत तोड़ना, क्योंकि गंदा पानी प्यास बुझाने के काम नहीं पर आग बुझाने के काम जरूर आता है। जमाना जब भी मुश्किलों में डाल देता है तो परमात्मा हजारों रास्ते निकाल देते हैं। विश्वास करने वाले से ज्यादा बेवकूफ विश्वास को तोड़ने वाला होता है क्योंकि वह एक छोटे से स्वार्थ के लिए एक अच्छे इंसान को खो देता है। भलाई करते रहो पानी की तरह बुराई खुद ही किनारे लग जाएगी कचरे की तरह। जब कोई समझे ना तो उसे समझाने की जरूरत ही क्या है और जब कोई माने ना तो उसे बताने की जरूरत क्या है। सच्चे दिल से किसी जरूरतमंद की मदद करके तो देखो अगर दिल को सुकून ना मिले तो कहना। जिसे जाना है उसे जाने दो। वह अगर आज रुक भी गया तो कल चला ही जाएगा। इंसान को इंसान से दूर कर देने वाली सबसे पहली चीज जुबान है और दूसरी चीज पैसा है। जिन्हें सपने देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी पड़ जाती है और जिन्हें सपने पूरे करना अच्छा लगता है उन्हें दिन छोटा लगता है। किसी की आदत देखनी है तो उसे इज्जत और किसी की अगर फितरत देखनी है तो उसे आजादी दो। हर इंसान में कोई ना कोई प्रतिभा जरूर होती है पर लोग अक्सर उसे दूसरे जैसा बनने में नष्ट कर देते हैं। महंगे इतने भी मत बनो कि लोग तुम्हें बुला ना सके और सस्ते इतने भी मत बनो कि लोग तुम्हें नचाते ही रहें। खामोशियां कभी बेजुबान नहीं होती। कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो आवाज तक छीन लेते हैं। आजकल के लोग आपकी एक गलती के पीछे आपकी सारी अच्छाइयां भूल जाते हैं। जितना लोगों को समझते जाओगे उतना ही अकेलापन और भी अच्छा लगता जाएगा। खत्म हो जाएंगे वह भी रिश्ते जिनसे मिलकर लगता था कि यह उम्र भर साथ देंगे। श्री कृष्ण कहते हैं अगर अहंकार किसी भी चीज का हो, सर्वनाश करके ही छोड़ता है। खाली वक्त में हर कोई बात कर लेता है। प्यार तो तब होता है जब कोई आपसे बात करने के लिए अपना सारा वक्त खाली कर दे। सब कुछ ठीक करने का इंतजार करोगे तो बैठे ही रह जाओगे। पर हिम्मत करो, खुद उठो और अपनी जिंदगी में सब कुछ ठीक कर दो। लोग पहचानना ही भूल जाए इससे पहले ही अपनी पहचान बना लेनी चाहिए। कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं। फर्क तो इससे पड़ता है कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं। हार एक सबक है जो खुद को सुधारने का मौका देती है। जिंदगी में जो भी हम चाहते हैं वह आसानी से नहीं मिलता लेकिन जिंदगी का एक सच यह भी है कि जो हम चाहते हैं वह आसान नहीं होता। दो तरह के लोग होते हैं इस दुनिया में पहले जो छोटी सी मुसीबत आने के बाद डर जाते दुखी हो जाते हैं। और दूसरे वह लोग चाहे उनकी जिंदगी में कितनी भी मुश्किलें आ जाए, लेकिन वह हमेशा खुश रहते हैं। हर मुसीबत में खुद को संभाल लेते हैं। एक वह होते हैं जिनके पास सब कुछ होता है। लेकिन फिर भी वह हमेशा दुखी होते हैं और दूसरे वह जिनके पास चाहे कुछ भी ना हो लेकिन फिर भी वह हमेशा खुश रहते हैं। संकट के समय धैर्य रखना मानो आधी लड़ाई जीत लेना। तनाव से केवल समस्याएं जन्म ले सकती हैं। अगर समाधान खोजना है तो मुस्कुराना ही पड़ेगा। श्री कृष्ण कहते हैं जिस तरह हवा एक दिशा में नहीं बहती समय-समय में बदलती रहती है, उसी प्रकार आदमी की किस्मत भी समय-समय पर बदलती रहती है। इसीलिए समय खराब है तो परेशान ना हो बस सही समय का इंतजार करिए क्योंकि समय जरूर बदलेगा। याद रखना अगर बुरे लोग सिर्फ समझाने से समझ जाते तो बांसुरी बजाने वाला कभी महाभारत नहीं होने देते। जितना इंतजार वह आपसे करवा रहा है ना समय आने पर इतना देगा कि संभाल भी नहीं पाओगे। अपनी जिंदगी से कभी नाराज मत हो क्योंकि ऐसे कई लोग हैं जो आपके जैसे जिंदगी जीने का सपना देखते हैं। किसी भी असफल व्यक्ति से पूछोगे तो तुम सफल क्यों नहीं हो? कॉम्पोनेंट प्लेसमेंट तो वह दो कारण देगा। मेरी किस्मत ही खराब थी मेरे पास समय ही नहीं था। कोई भरोसा तोड़े तो उसका धन्यवाद कहना, क्योंकि यह वही लोग होते हैं जो हमें सिखाते हैं कि भरोसा सोच समझ कर ही करना चाहिए। अपने आप पर विश्वास करो, तुम्हारे अंदर कुछ ऐसा है जो हर बाधा से बड़ा है। कभी-कभी समय के परिवर्तन से मित्र भी शत्रु बन जाते हैं और शत्रु भी मित्र क्योंकि स्वार्थ बहुत ही बड़ा बलवान है। चंदन का पेड़ पूरे संसार में अपनी सुगंध के लिए जाना जाता है, पर यही संसार अक्सर भूल जाता है कि उस चंदन के वृक्ष पर संसार के सबसे जहरीले सांप होते हैं। इसलिए बाहर से अत्यंत मीठा बोलने वाला व्यक्ति अंदर ही अंदर शत्रु का भाव भी रख सकता है। इसीलिए सोच समझ कर ही किसी पर विश्वास करें जैसे किसी पाषाण के अगर सोना बनना हो तो उसे घिसना पड़ता है तपना पड़ता है और आग में जलना भी पड़ता है। उसी तरह एक सफल व्यक्ति बनने के लिए आपको अत्यंत से अत्यंत कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। श्री कृष्ण कहते हैं अगर आपके जीवन से गलत व्यक्ति नहीं जाएगा तो सही व्यक्ति का आगमन नहीं होगा। कौन क्या कर रहा है कितना कर रहा है कैसे कर रहा है इन सब से आप जितना दूर रहोगे उतना ही खुश रहोगे। वक्त जरूर आता है पर सही वक्त पर ही आता है इसलिए सब्र बनाए रखें। जो लोग आपका मुकाबला नहीं कर सकते वह लोग आपसे नफरत करने लगते हैं। मूर्ख लोगों से कभी विवाद मत करो। मूर्ख लोगों से विवाद करने पर नुकसान आपका ही होगा। ऐसे लोगों के साथ बहस होने पर आपकी कीमत ही गिर जाएगी इसलिए जितना हो सके उतना मूर्ख लोगों से दूर ही रहो। गुरु से ज्ञान सीखो पिता से संघर्ष सीखो और मां से संस्कार। बाकी जो बचा है वह दुनिया सिखा ही देगी। जहां जिसका दाना रहता है समय उसको अपने पास बुलाता है। कोई किसी के हक का नहीं खाता। केवल दो चीजों से संसार सारे रिश्ते खो देता है। एक गलतफहमी और दूसरा इंसान का अभिमान। भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता। मन से ज्यादा उपजाऊ जगह कोई नहीं क्योंकि वहां जो कुछ भी बोया जाएगा बढ़ता जरूर है चाहे वे विचार हो नफरत हो या फिर प्यार। इतिहास गवाह है जिसकी बराबरी नहीं कर सकती दुनिया उसकी बदनामी करना चालू कर देती है। गुस्से का सीधा साधा मतलब है किसी और की गलती की सजा खुद को देना। तिरस्कार और अपमान बार-बार यदि अपनों से ही मिले तो वहां से निकल जाना ही सबसे बेहतर विकल्प होता है। समय मनुष्य के बनाए मार्ग पर नहीं चलता। मनुष्य को ही समय के दिखाए मार्ग पर चलना होता है। इसी को नियति कहते हैं। जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं में बदलाव करने की बजाय परिस्थितियों को बदलने का प्रयास करते हैं। कर्म ही सबसे बड़ा धर्म है। भगवान श्री कृष्ण गीता में अर्जुन को उपदेश देते हुए कहते हैं कि व्यक्ति कर्म करने के लिए ही पैदा हुआ है। बिना कर्म किए कोई रह नहीं सकता। मनुष्य को परिणाम की चिंता किए बिना अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। क्रोध मनुष्य को नरक की ओर ले जाने वाला द्वार है। क्रोध करने से व्यक्ति का मन अशांत हो जाता है। वह आवेश में आकर कई बार अपना ही नुकसान कर बैठता है। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं मनुष्य को क्रोध करने से बचना चाहिए। कितना भी क्रोध क्यों ना आए स्वयं को शांत रखने का प्रयास करें। इस संसार में आज जो तुम्हारे पास है वह कल किसी और का था परसों किसी और का होगा। तुम यहां खाली हाथ आए और खाली हाथ ही जाओगे। मन पर नियंत्रण रखना जरूरी है। मनुष्य का मन वायु की तरह चंचल होता है। यह मन ही है जो मनुष्य को काम वासनाओं की तरफ भटकाता रहता है। अगर जीवन में सफल बनना है तो मन पर काबू करना बहुत जरूरी है। मन को वश में करने से दिमाग की शक्ति केंद्रित होती है जिससे कार्यों में सफलता मिलने लगती है। गीता के अनुसार जिस व्यक्ति ने अपने मन पर काबू पा लिया वह मन में पैदा होने वाली बेकार की चिंताओं और इच्छाओं से भी दूर रहता है। साथ ही व्यक्ति अपने लक्ष्य को भी आसानी से प्राप्त कर लेता है। अगर मन वश में नहीं करोगे तो वह तुम्हारा सबसे बड़ा शत्रु बन जाएगा। हमेशा शक करने वाला व्यक्ति कभी शांति प्राप्त नहीं कर पाता। इसलिए संदेह करने से बचें। अधिक संदेह करने से मन की शांति भंग हो जाती है और व्यक्ति भ्रमित होकर अपने संबंधों को नष्ट कर डालता है। तन की सुंदरता मन को आकर्षित करती है जबकि स्वभाव की सुंदरता हृदय को आकर्षित करती है। इसलिए मनुष्य का स्वभाव हमेशा निर्मल होना चाहिए। कौन क्या कर रहा है कैसे कर रहा है और क्यों कर रहा है। इन सब से आप जितना दूर रहेंगे उतना ही खुश रहेंगे। जिंदगी में हम कितने सही हैं और कितने गलत हैं यह सिर्फ दो लोग जानते हैं। एक परमात्मा और दूसरा हमारा अंतरात्मा। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं जिस मनुष्य के अंदर ज्ञान की कमी होती है और ईश्वर में श्रद्धा नहीं होती। वह मनुष्य जीवन में कभी भी आनंद और सफलता को प्राप्त नहीं कर पाता। मोह विनाश का कारण होता है। मनुष्य के दुखों का मूल कारण उसका मोह ही होता है। वह जितना अधिक मोह करेगा उतना ही अधिक कष्ट भी भोगेगा। पछतावा अतीत नहीं बदल सकता और चिंता भविष्य नहीं संवार सकती। इसलिए वर्तमान का आनंद लेना ही जीवन का सच्चा सुख है। श्री कृष्ण कहते हैं जो तुम्हारा साथ देता है तुम उसका साथ दो और जो तुम्हें धोखा देता है तुम उसे त्याग दो। जिस जगह आपका सम्मान ना हो वहां पर कभी जाना नहीं चाहिए वरना लोग आपको कमजोर और मूर्ख समझेंगे। जहां बारिश ना हो वहां फसल खराब हो जाती है और जहां संस्कार ना हो वहां नस्ल खराब हो जाती है। इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नहीं बदलती जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरें बदल जाती है। कभी किसी के सामने अपनी सफाई पेश मत करना क्योंकि जिसे तुम पर विश्वास है उसे सफाई की कोई जरूरत नहीं। और जिसे तुम पर विश्वास नहीं है वह तुम्हें कभी समझेगा ही नहीं। बुद्धिमान लोग चुप रहते हैं समझदार लोग बोलते रहते हैं और मूर्ख लोग बहस करते रहते हैं। सपनों और लक्ष्य में एक ही अंतर है सपनों के लिए बिना मेहनत की नींद चाहिए और लक्ष्य के लिए बिना नींद की मेहनत। सोच अच्छी होनी चाहिए क्योंकि नजर का इलाज तो मुमकिन है लेकिन नजरिए का नहीं। आप स्वयं को अच्छा बना लीजिए दुनिया से एक बुरा इंसान कम हो जाएगा। साथ ना निभाने वाले को तो सिर्फ एक बहाना चाहिए वरना साथ निभाने वाले तो आखिरी सांस तक साथ नहीं छोड़ते। जिंदगी में एक बात जरूर याद रखना कोई हाथ से छीन कर जरूर ले जा सकता है लेकिन कोई नसीब से छीन कर नहीं। किसी को कुछ देकर घमंड मत कर क्या पता तू दे रहा है या पिछले जन्म का कर्ज चुका रहा है। घमंडी मनुष्य का वंश वैभव और प्रतिष्ठा तीनों ही चले जाते हैं। विश्वास ना हो तो रावण, कौरव और कंस को देख लो। किसी पर विश्वास करना हो तो उसकी बातों पर नहीं उनकी हरकतों पर ध्यान दो। गुस्से के वक्त थोड़ा रुक जाने से और गलती के वक्त थोड़ा झुक जाने से जिंदगी और भी आसान हो जाती है। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं जो मनुष्य मुझे जान लेता है वह जन्म मरण के बंधनों से मुक्त हो जाता है। जो मनुष्य भगवत गीता को पढ़कर उस पर अमल करता है उसके सारे दुष्कर्म का प्रभाव समाप्त हो जाता है। जो भाग्य में है वह भाग कर आएगा और जो भाग्य में नहीं है वह आकर भी भाग जाएगा। जैसे हवा के झोंके नाव को भटका देते हैं वैसे ही मनुष्य की इच्छाएं बुद्धि को भटका देती है। जो मनुष्य सुख और दुख में मान और अपमान में शांत रहता है वह मनुष्य मुझे अति प्रिय है। समझदार व्यक्ति जब संबंध निभाना बंद कर देता है तो समझ लेना चाहिए कि उसके आत्मसम्मान को कहीं ना कहीं ठेस अवश्य पहुंची है। प्रेम सदैव माफी मांगना पसंद करता है और अहंकार सदैव माफी सुनना पसंद करता है। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कर्म ही तुम्हारी पहचान है वरना एक नाम के तो यहां हजारों इंसान हैं। अच्छे कर्म करने के बावजूद भी लोग केवल तुम्हारी बुरी बातें ही याद रखेंगे। इसलिए लोग क्या कहते हैं इस पर कभी ध्यान मत दो। किसी को धोखा देना एक कर्ज है जो आपको किसी और के हाथों एक दिन जरूर मिलेगा। एक अच्छी नजर वही है जो सिर्फ अपनी कमियों और दूसरों के गुणों को तलाश करती है। कभी उस व्यक्ति पर भरोसा मत करना जो वक्त के साथ स्वभाव बदल लेता है। जीवन में कभी किसी से अपनी तुलना मत करो। तुम जैसे हो सर्वश्रेष्ठ हो। सबको अपना जीवन बदलने के लिए समय मिलता है परंतु समय बदलने के लिए दोबारा जीवन नहीं मिलता। श्री कृष्ण कहते हैं जो होने वाला है वह होकर रहता है और जो नहीं होने वाला वह कभी नहीं होता। ऐसा निश्चय जिनकी बुद्धि में होता है उन्हें चिंता कभी नहीं सताती है। अच्छी नियत से किया गया काम कभी व्यर्थ नहीं जाता है और उसका फल आपको जरूर मिलता है। जीवन में सबसे बड़ी गलती वही होती है जिस गलती से हम कुछ सीख नहीं पाते हैं। तुम आज जो भी काम कर रहे उसका फल तुम्हें कल प्राप्त होगा और आज जो तुम्हारे पास है वह तुम्हारे द्वारा किए गए पिछले कर्मों का ही फल है। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं जो मनुष्य श्रद्धा भाव से मेरी भक्ति करता है मैं उसे वही चीज देता हूं जो उसके पास नहीं है और जो उसके पास है मैं उसकी रक्षा भी करता हूं। किस से कब और कितना बोलना है अगर तुमने यह समझ लिया तो तुम अपनी जिंदगी के सार्थक बन चुके हो। कान्हा कहते हैं जीवन में कभी मौका मिले तो किसी के लिए सारथी बनना स्वार्थी नहीं। धर्म से भरा हृदय धर्म का परामर्श देता है और अधर्म से भरा हृदय अधर्म का परामर्श देता है। इंसान इसीलिए दुखी नहीं है कि वह ईश्वर को नहीं मानता। इंसान इसीलिए दुखी है क्योंकि वह ईश्वर की नहीं मानता। समय आने पर सबको मिलता है। समय से पहले की चाह ही दुख का कारण बनती है। वे मूर्ख हैं जो प्रेम को बकवास कहते हैं। प्रेम इस संसार की मूल है और इसी से संसार बना है। रिश्तों में नियमित दूरियां रिश्तों को जोड़ती हैं और अनियमित दूरियां रिश्तों को तोड़ती हैं। मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है। जैसा वह विश्वास करता है वैसा ही वह बन जाता है। इस संसार में भाग्य से अधिक और समय से पहले ना किसी को मिला है और ना ही कभी मिलेगा। जीवन में वाणी को संयम में रखना अनिवार्य है क्योंकि वाणी से दिए हुए घाव कभी भरे नहीं जा सकते। श्री कृष्ण कहते हैं धर्म के लिए लड़ना सीखो अधर्मी का काल बनना सीखो और अपनों के लिए त्याग करना सीखो। सत्य हमेशा पानी में तेल की एक बूंद के समान होता है। उस पर कितना भी असत्य का पानी डालो वह हमेशा ऊपर ही तैरता है। उस व्यक्ति पर कभी विश्वास मत करना जो आपको दूसरों के राज्य बताता है। बुद्धि सबके पास है। अब चालाकी दिखानी है या ईमानदारी। यह तो हमारे संस्कारों पर निर्भर करता है लेकिन चालाकी चार दिन ही चमकती है और ईमानदारी जीवन भर चमकती रहती है। अपनी आर्थिक स्थिति को राज रखना चाहिए। अगर आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी है तो लोग आपसे उधार मांगने लगेंगे और अगर आपकी आर्थिक स्थिति बुरी है तो लोग आपका सम्मान नहीं करेंगे और आपका साथ नहीं देंगे। इसलिए अपने सुख और दुख को अपने तक ही सीमित रखना चाहिए। अपने जीवन में कभी भी ना किसी को आनंद में वचन दो और ना क्रोध में उत्तर दो और ना ही दुख में कभी निर्णय लो। कोई आदमी चाहे लाख चीजें जान ले चाहे वह पूरे जगत को जान ले, लेकिन अगर वह स्वयं को नहीं जानता तो वह अज्ञानी है। अगर कोई आपको ठुकरा दे तो बुरा मत मानना, क्योंकि वे वास्तव में आपकी कीमत नहीं जानते। हमेशा शांत रहें। इससे आप जीवन में खुद को बहुत मजबूत पाएंगे, क्योंकि लोहा ठंडा होने पर ही मजबूत होता है। मगर गर्म होने पर उसे किसी भी आकार में ढाला जा सकता है। तो दोस्तों इस वीडियो में बस इतना ही। आशा करता हूं आप लोगों को इस वीडियो से काफी कुछ सीखने के लिए मिला होगा। हम मिलते हैं एक नए वीडियो के साथ तब तक के लिए

Need another transcript?

Paste any YouTube URL to get a clean transcript in seconds.

Get a Transcript