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Vodafone Idea Case Study | How India's Telecom Giant Collapsed!

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[0:00]Section 1

74,900 करोड़ का लॉस। 2 लाख करोड़ का डेट। और अब एक आखिरी कोशिश। 18,000 करोड़ की लाइफ लाइन। यह सिर्फ एक कंपनी के चौंकाने वाले नंबर्स नहीं ह...

[2:03]Section 2

2017 तक Idea को समझ आ गया। अकेले फाइट नहीं हो पाएगी। Vodafone India भी काफी लॉस में था। अब इसी टाइम पे दोनों ने मर्ज करने का फैसला किया।...

[3:49]Section 3

2019 में रेवेन्यू ₹36,800 करोड़ हो गया पर यह डिसेप्टिव था। मर्जर ने बस क्रैक्स को छुपा दिया था। इस साल लॉस और भी बढ़ा और ₹14,300 करोड़ हो...

[5:52]Section 4

And finally 2022 में गवर्नमेंट का रिलीफ आया। गवर्नमेंट ने इंटरेस्ट ड्यूज को इक्विटी में कन्वर्ट कर दिया और बन गई कंपनी की सबसे बड़ी शेयर...

[7:22]Section 5

और फिर आया 2024 का बड़ा मोमेंट। Vodafone Idea ने 18,000 करोड़ का FPO लॉन्च किया। इंडिया के सबसे बड़े ऑफरिंग में से एक। Nokia और Ericsson...

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[4:30]क्योंकि इस साल स्टॉक का प्राइस ₹3.50 तक नीचे आ गया था। यह अब एक टर्नअराउंड स्टोरी नहीं बल्कि एक सर्वाइवल स्टोरी बन गई थी।
[8:26]आज भी स्टॉक ₹7 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह FPO रिवाइवल की शुरुआत है या बस एक और कोशिश है जो प्रॉब्लम को थोड़ा सा टाल रही है। Only time will tell.
[8:26]आपके जो भी थॉट्स है वह कमेंट्स में बताओ। और अगर आपको बिजनेस स्टोरीज पसंद है जो स्ट्रेटजी, नंबर्स और ड्रामा का परफेक्ट मिक्स हो। तो इस वीडियो को लाइक करो, सब्सक्राइब करो क्योंकि और भी कुछ इंटरेस्टिंग आने वाला है।
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[0:00]74,900 करोड़ का लॉस। 2 लाख करोड़ का डेट। और अब एक आखिरी कोशिश। 18,000 करोड़ की लाइफ लाइन। यह सिर्फ एक कंपनी के चौंकाने वाले नंबर्स नहीं है। यह होता है जब डिसरप्शन अनप्रिपर्ड जायंट्स को तोड़ता है। और सर्वाइवल की फाइट नेशनल हेडलाइन बन जाती है। I am Sachin Inamdar, from House of Trading, Let's break down the rise, the fall, and the unfinished fight of Vodafone Idea.

[0:48]2015 में आइडिया काफी अच्छा परफॉर्म कर रहा था। कंपनी का रेवेन्यू ₹31,945 करोड़ था और PAT ₹3,100 करोड़ तक पहुंच गया था। सब्सक्राइबर बेस भी 15.7 करोड़ तक पहुंच चुके थे। स्टॉक ने अप्रैल 2015 में ₹123 का हाई लगाया। It wasn't flashy, but it was steady. स्ट्रॉन्ग रूरल फोकस और डेटा अडॉप्टशन भी धीरे-धीरे बढ़ रहा था। बट 2016 में गेम ही बदल गया। Reliance Jio मार्केट में आया। वह भी फ्री डेटा और फ्री कॉलिंग के साथ। यह सिर्फ एक धमाका नहीं था। पूरे टेलीकॉम का रूल बुक री राइट हो गया। Idea का सब्सक्राइबर बेस बढ़ के 17.5 करोड़ तो हो गया। रेवेन्यू भी ₹35,578 करोड़ तक पहुंच गया और PAT ₹2,588 करोड़ हो गया था। लेकिन प्रेशर शुरू हो चुका था। पूरी इंडस्ट्री की प्रॉफिटेबिलिटी गिरने लगी थी। स्टॉक नवंबर 2016 तक गिर के 39 तक आ गया था।

[2:03]2017 तक Idea को समझ आ गया। अकेले फाइट नहीं हो पाएगी। Vodafone India भी काफी लॉस में था। अब इसी टाइम पे दोनों ने मर्ज करने का फैसला किया। एक मूव जिसे सिनर्जी के रूप में दिखाया गया। बट रियलिटी यह एक सर्वाइवल हैंडशेक था। इन्वेस्टर सेंटीमेंट काफी शेकी रहा। मैनेजमेंट में स्केल के बारे में बात की। लेकिन मार्केट को उस मूव के पीछे डर नजर आ रहा था। इस साल कंपनी का रेवेन्यू ₹35,575 करोड़ तक पहुंचा और प्रॉफिट ₹2,235 करोड़ हो गया। सब्सक्राइबर बेस भी 19.1 करोड़ थे। इस साल मार्च में स्टॉक ₹74 पे ट्रेड कर रहा था, लेकिन फिर नवंबर आते-आते स्टॉक ₹43 तक गिर गया।

[3:02]फिर आया 2018। मर्जर कंप्लीट हो चुका था और Vodafone Idea बन गया था सबसे बड़ा टेलीकॉम प्लेयर सब्सक्राइबर के हिसाब से। बट इंटीग्रेशन वॉज मेसी। ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गया। ARPU गिरता गया और लॉसेस इन दोनों कंपनी के मिलने के बावजूद ₹4,900 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी का रेवेन्यू भी ₹28,787 करोड़ पे आ गया। From the outside, they were a big giant. On the inside, they were bleeding. 2018 में स्टॉक ₹21 पे क्लोज हुआ। कॉन्फिडेंस तेजी से गिर रहा था।

[3:49]2019 में रेवेन्यू ₹36,800 करोड़ हो गया पर यह डिसेप्टिव था। मर्जर ने बस क्रैक्स को छुपा दिया था। इस साल लॉस और भी बढ़ा और ₹14,300 करोड़ हो गया। इस साल सब्सक्राइबर बेस 33.4 करोड़ था लेकिन डिक्लाइन शुरू हो गया था। इंटीग्रेशन इनकंप्लीट थी। कैश बर्न हाई था। इस साल स्टॉक ₹10 से भी नीचे चला गया। बिहाइंड द सींस अ बोर्ड रूम में डिस्कशन में डेट वर्ड डोमिनेट कर रहा था।

[4:30]और फिर वह नॉकआउट पंच AGR वर्डिक्ट। Vodafone Idea पर ₹50,000 प्लस करोड़ का बर्डन आ गया। FY20 में ₹74,900 करोड़ का कंपनी को लॉस हुआ। इस साल रेवेन्यू ₹44,950 करोड़ रहा और सब्सक्राइबर 30.4 करोड़ तक गिर चुके थे। ऑडिटर्स ने रेड फ्लैग रेज किया। Even the most loyal investor were nervous. क्योंकि इस साल स्टॉक का प्राइस ₹3.50 तक नीचे आ गया था। यह अब एक टर्नअराउंड स्टोरी नहीं बल्कि एक सर्वाइवल स्टोरी बन गई थी।

[5:52]And finally 2022 में गवर्नमेंट का रिलीफ आया। गवर्नमेंट ने इंटरेस्ट ड्यूज को इक्विटी में कन्वर्ट कर दिया और बन गई कंपनी की सबसे बड़ी शेयर होल्डर। इस साल ARPU थोड़ा इंप्रूव हुआ लेकिन लॉस अभी भी ₹28,237 करोड़ तक चला गया था। रेवेन्यू ₹38,218 करोड़ और सब्सक्राइबर 24.33 करोड़ हो गए थे। और डेट ₹2 लाख करोड़ के आसपास था। इस साल स्टॉक ₹8 से ₹10 की रेंज में रहा। इन्वेस्टर सिर्फ देख रहे थे, बेट नहीं लगा रहे थे।

[6:40]2023 में असली ग्राउंड वर्क शुरू हुआ। Vodafone Idea ने 4,400 करोड़ रेज किए। 5G स्पेक्ट्रम ले लिया 17 सर्कल्स में। लेकिन रोल आउट अग्रेसिव नहीं था। सब्सक्राइबर 22.8 करोड़ तक गिर गए। रेवेन्यू ₹42,177 करोड़ और लॉस ₹29,301 करोड़ तक हो गया था। मोमेंटम मिसिंग था। ARPU बेयरली इंप्रूव हो गए थे। बट समथिंग वाज बिल्डिंग बिहाइंड द सीन।

[7:22]और फिर आया 2024 का बड़ा मोमेंट। Vodafone Idea ने 18,000 करोड़ का FPO लॉन्च किया। इंडिया के सबसे बड़े ऑफरिंग में से एक। Nokia और Ericsson को प्रेफरेंशियल शेयर्स मिले 5G सपोर्ट के लिए। प्रमोटर्स ने ₹2,000 प्लस करोड़ डाले। गवर्नमेंट अभी भी ऑन बोर्ड था। लॉसेस ₹31,238 करोड़ तक पहुंच गया और नेट मार्जिन गिर के -74% हो गया। कंपनी का रेवेन्यू ₹42,652 करोड़ तक पहुंच गया। सब्सक्राइबर 21.2 करोड़ तक आ गए। नेटवर्क कवरेज 1 बिलियन लोगों तक पहुंच गया। 4G बेटर हुआ और कंपनी अब डिजिटल प्ले की तरफ शिफ्ट कर रही थी। इस साल स्टॉक ने अच्छा रिस्पॉन्स दिया। ₹6.8 से शुरू होकर जून तक ₹19 में पहुंच गया। Is it confidence? Or just temporary hope?

[8:26]Vodafone Idea की 10 साल की जर्नी से हमें कुछ इंपॉर्टेंट लेसन मिलते हैं। वन डिसरप्शन कभी धीरे से नहीं आती। वह सीधा दरवाजा तोड़ देती है। और अगर आपकी फाउंडेशन मजबूत नहीं है तो आप बाहर हो। टू मर्जर्स कांट फिक्स अ ब्रोकन मॉडल। खासकर अगर आपके पास कैपिटल या स्पीड नहीं है एक्सिक्यूशन करने के लिए। एंड थ्री कमबैक्स पॉसिबल है, पर सिर्फ रिब्रांडिंग से काम नहीं चलेगा। उन्हें चाहिए कैश, क्लेरिटी और रिलेंटलेस एक्सिक्यूशन। Vodafone Idea is still fighting. आज भी स्टॉक ₹7 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह FPO रिवाइवल की शुरुआत है या बस एक और कोशिश है जो प्रॉब्लम को थोड़ा सा टाल रही है। Only time will tell. What do you think? Would you invest in Vodafone Idea now? आपके जो भी थॉट्स है वह कमेंट्स में बताओ। और अगर आपको बिजनेस स्टोरीज पसंद है जो स्ट्रेटजी, नंबर्स और ड्रामा का परफेक्ट मिक्स हो। तो इस वीडियो को लाइक करो, सब्सक्राइब करो क्योंकि और भी कुछ इंटरेस्टिंग आने वाला है।

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