[0:17]Good morning, good morning. Good morning all of you.
[0:26]तो आज का सेशन अ दो चीजों के बारे में है बेसिकली। एक तो यूपी एई का जो अ बैच है उससे रिलेटेड डिस्कशन है और यूपी पॉलिटेक्निक लेक्चरर। तो यूपी स्टेट के ही जो दो एग्जाम हैं एक तो यूपी एई वाला और दूसरा है पॉलिटेक्निक लेक्चरर वाला। इन दोनों के बारे में हम बात करेंगे। उसके अलावा जिसकी जो क्वेरी हैं जो भी क्वेरी हैं इस सेशन में पूछ सकते हैं। लाइव में जो लोग जुड़े हैं लाइव में या सेशन YouTube पे जाएगा तो वहां कमेंट सेक्शन में भी पूछ सकते हैं। तो जनरल डिस्कशन है हमारा एग्जाम्स जो इसके बारे में। जितनी भी क्वेरी हो पूछ लीजिएगा। कई बार अलग-अलग क्वेरी ऐप पर आती रहती है। जो डिस्कस करना हो पूछ लीजिएगा। देखिए यूपी एई ये जो बैच आरोहन पर हुआ था यूपीपीएससी एई अब इसका मेंस का एग्जाम तो हो गया पर वो कोर्ट में पेंडिंग है। अभी कोर्ट कोर्ट से फैसला आया नहीं जो लास्ट टाइम वाला पेपर हुआ था। और एक छोटी सी इंफॉर्मेशन ये अभी आई कि शायद ये एग्जाम फिर अभी कुछ टाइम में होगा। कंफर्म अभी मत मानिएगा इसको।
[1:47]बस एक छोटी सी जानकारी आई थी एक वो कुछ बस पॉइंट्स उसमें मेंशन थे कि शायद ये एग्जाम अभी फिलहाल फिलहाल में होने वाला है।
[2:10]तो एक कन्फ्यूजन की स्थिति है बच्चों को तैयारी इसको कैसे करनी है कब होगा कब नहीं होगा तो देखो इसका कोई टाइमलाइन तो अभी नहीं है। मैं आपको दोनों पॉइंट बता दूं। अगर ये एग्जाम होना है तो जैसे मैंने पहले भी कहा था अभी यूपी में पंचायत को चुनाव ना हो वो भी होंगे इलेक्शन ईयर भी है। और इकोनॉमिक सिचुएशन भी आप देख रहे हैं लगातार बदल रही है तो सारी चीजों पे इंपैक्ट पड़ता है। जो इकोनॉमिक सिचुएशन जिस तरह से बदल रही है भारत में भी और दुनिया में भी उसका इंपैक्ट हर चीज में पड़ेगा। जरूरी नहीं है कि दो महीने पहले जो चीज बोली गई थी सिमिलर लाइंस पर वो आगे हो भी पाए। हो भी सकता है नहीं भी डिपेंड करेगा सिचुएशन कितनी जल्दी कंट्रोल में आती है प्रभावित सब चीजें होती हैं। ठीक। यूपीपीएससी एई अगर हम उस जानकारी को मानते हुए चलें तो मेरा मानना है कि फॉर्म इसका चार महीने बाद लगभग आप एक्सपेक्ट कर सकते हैं। तीन चार महीने बाद फॉर्म एक्सपेक्ट कर सकते हैं और फॉर्म आने के तीन से चार महीने बाद एग्जाम। मतलब पेपर अगर हो इसका नेक्स्ट वाले का भी तो आठ महीने तक मान सकते हैं। जैसे कि मैंने पहले भी कहा था। अभी मार्च खत्म हो गया अप्रैल मई जून जुलाई तो अगर फॉर्म इसका नोटिफिकेशन अगर आएगा तो अगस्त-सितंबर तक एक्सपेक्ट कर सकते हैं अगर ये इस बार के लिए निकालते हैं। अगर आता है इस बार के लिए जो छोटी सी जानकारी आई कि इस साल आ सकती है वैकेंसी तो फॉर्म अगर आएगा तो अगस्त-सितंबर के आसपास तक आ सकता है। प्रीलिम्स अब इससे चार महीने और आप जोड़ दीजिए। तो चार महीने वही जनवरी या फरवरी के आसपास तक प्रीलिम्स जा सकता है अगर ये सिमिलर लाइंस पर प्लान करते हैं तो आज की सिचुएशन के हिसाब से ठीक है। ये इसलिए मैं कह रहा हूं अगर मान लो 1% भी चांस है कि ये एग्जाम कराएंगे तो आपको इसकी तैयारी करनी है कि नहीं करनी वो आप माइंड मेकअप कर सकते हो फिर मैं कह रहा हूं आरोहन का सबसे बड़ा जो बेनिफिट है इसीलिए कि तैयारी हमेशा पहले शुरू करते हैं। और पढ़ के रख भी लेंगे तो अगर ये मान लो नहीं भी आ रहा है तो आपका पढ़ना तो वेस्ट नहीं जा रहा है क्योंकि पॉलिटेक्निक लेक्चरर भी आपको देना ही है सितंबर में। ये आपको एग्जाम देना ही है तो आपको इसके लिए तो पढ़ना ही है आप क्या कर सकते हैं जो दोनों में कॉमन चीजें हैं कॉमन चीजें पढ़ के रख लो फॉर एग्जांपल जीएस की जहां तक बात है। पॉलिटेक्निक लेक्चरर में इन्होंने जो लिखा है पॉलिटी हिस्ट्री ज्योग्राफी और एक सब्जेक्ट है जीके एंड करंट अफेयर्स। जीके एंड करंट अफेयर्स। और हर एग्जाम में आजकल जो क्वेश्चन आते ही हैं ICT प्लस कंप्यूटर। देखो ये सब्जेक्ट से तो क्वेश्चन बन ही रहे हैं हर पेपर में। तो क्या कर सकते हैं अगर हम पॉलिटेक्निक लेक्चरर के लिए पढ़ ही रहे हैं। तो उसके लिए जो उन्होंने सिलेबस में लिखा है पॉलिटी हिस्ट्री ज्योग्राफी जीके करंट अफेयर और ICT कंप्यूटर के भी एक दो क्वेश्चन हो सकते हैं। हर एग्जाम में आजकल तो जरूरत है ही पूछता ही है ICT कंप्यूटर टेक्नोलॉजी तो हर एग्जाम में क्वेश्चन आएगा जो भी इंजीनियरिंग रिलेटेड होंगे। ठीक है। तो यूपीपीएससी एई की भी जहां तक जीएस की बात आए तो पॉलिटी हिस्ट्री ज्योग्राफी जीके करंट अफेयर कुछ सब्जेक्ट जो कॉमन है वो हम पहले से पढ़ के रख सकते हैं। फिर मैं कह रहा हूं सिलेबस में लिखते ऐसे ही हैं एक दो क्वेश्चन आपको 10th तक की फिजिक्स केमिस्ट्री जो मैंने पढ़ाई है लाइफ साइंस और एनवायरमेंट। एनवायरमेंट तो जो आपको पढ़ाया हुआ है हर एग्जाम के लिए यूजफुल है। अभी यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का पेपर होना है। यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में आपका तीन पार्ट इंपोर्टेंट है जो कोर एनवायरमेंट जहां से वो पूछना चाहेगा वो तीन एरिया है। एक तो सिविल का एनवायरमेंट इंजीनियरिंग यूपीपीसीबी का बता रहा हूं मैं। यूपीपीसीबी का जिन लोगों ने फॉर्म भर रखा है तो सिविल इंजीनियरिंग का एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग यहां से क्वेश्चन आएंगे। आरोहन पर भी अच्छा कवर हुआ है। उसके नोट्स वगैरह भी दे दिए थे मैंने लेक्चर भी अवेलेबल है। एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग दूसरा एनवायरमेंट जो जीएस का मैंने पढ़ाया हुआ है। अभी हाल फिलहाल में कई स्टेट में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एग्जाम हुए हैं अब यूपी में भी हो रहा है तो एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग एनवायरमेंट जीएस और ह्यूमन हेल्थ एंड सैनिटेशन।
[6:31]ये तीन एरिया आपका मेजॉरिटी क्वेश्चन आएंगे। जैसे वाटर ट्रीटमेंट मेथड कौन-कौन से होते हैं सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट मेथड कौन-कौन से होते हैं ई वेस्ट के बारे में प्लास्टिक के बारे में एयर पॉल्यूशन के बारे में वाटर पॉल्यूशन के बारे में एयर क्वालिटी इंडेक्स क्या होता है। कौन-कौन सी गैसेस कंसीडर की जाती हैं BOD क्या है COD क्या है ठीक है। तो ये सब क्वेश्चन आपके ह्यूमन हेल्थ एंड सैनिटेशन यूट्रोफिकेशन का क्या मतलब होता है। एल्गल ब्लूम क्या है इस टाइप के क्वेश्चन बायो मैग्नीफिकेशन बायो एक्युमुलेशन। तो एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग एनवायरमेंट जीएस और ह्यूमन हेल्थ एंड सैनिटेशन जो कोर एरिया है वो ये है तो यूपीपीसीबी में जो जो कोर क्वेश्चन जहां से आएंगे वो ये एरिया है। इसके अलावा उसमें सिलेबस में देख लो करंट अफेयर कंप्यूटर क्या-क्या चीजें और मेंशन कर रखी हैं। मेजॉरिटी पोर्शन जो आप जानना चाह रहे हो वो ये रहेगा। ठीक है। तो यूपीपीएससी एई और पॉलिटेक्निक लेक्चरर जो नॉन टेक की जहां तक बात है भाई टेक्निकल तो दोनों में कॉमन है। टेक्निकल आप जिस भी ब्रांच के हो यूपीपीएससी एई हो या आपका पॉलिटेक्निक लेक्चरर हो टेक्निकल तो दोनों में ही रहेगा ना। तो टेक्निकल तो आपको जो पढ़ना है पढ़ना ही है। और क्वेश्चन आपको एई जेई के प्रीवियस ईयर जो आप लगा रहे हो एई जेई के क्वेश्चन जरूर सॉल्व करें। ईएससी वगैरह के यूपीपीएससी इतना टफ पेपर देख था नहीं। लास्ट ईयर भी लोगों ने अननेसेसरी हुआ बनाया मैंने बोला था सीधा-सीधा डायरेक्ट क्वेश्चन दिखेंगे आपको। तो यूपीपीएससी प्रीलिम्स वगैरह में भी सीधे-सीधे क्वेश्चन थे कोई बहुत टफ नहीं था। आरोहन पे टेक्निकल भी जो हमने दिया हुआ है टेक्निकल में भी क्वेश्चन प्रैक्टिस ज्यादा से ज्यादा कराई गई है। ठीक। तो यूपीपीएससी एई हो चाहे पॉलिटेक्निक लेक्चरर हो एई जेई के पीवाईक्यू जरूर लगा लेना। ईएससी लेवल का पेपर नहीं रहता। ईएससी में सिंगल लाइनर क्वेश्चन अब ईएससी भी ऐसा तो नहीं है ना कि पूरा का पूरा पेपर टफ होता है। सिंगल लाइनर जो क्वेश्चन होते हैं डायरेक्ट-डायरेक्ट वाले वो पिक वो वो आ सकते हैं। तो ईएससी में टफ क्वेश्चन के चक्कर में नहीं पड़ना है जो डायरेक्ट-डायरेक्ट क्वेश्चन ईएससी में आते हैं। सिंगल लाइनर वाले डायरेक्ट क्वेश्चन उस तरह के क्वेश्चन आ जाते हैं बाकी एई जेई के जो पीवाईक्यू हैं ज्यादा से ज्यादा लगा सको। अलग-अलग स्टेट के यहां तो बहुत ज्यादा नहीं मिलेंगे 10 साल में दो ही तीन पेपर हैं। तो अलग-अलग स्टेट के एई जेई बाकी आप लोगों की कुछ पीवाईक्यू वगैरह आपके पास होंगी किताबें।
[8:50]या हर ब्रांच में कुछ फिक्स किताबें चलती हैं जिसमें आप क्वेश्चन प्रैक्टिस के लिए यूज करते रहे हो। जैसे सिविल में एक दो पर्टिकुलर किताबें हैं मैकेनिकल में है उनको फॉलो कर सकते हो मतलब क्वेश्चन जो है बहुत टफ गेट ईएस के लेवल का नहीं रहता। ईएससी के सिंगल लाइनर आसान वाले क्वेश्चन हो सकते हैं तो लास्ट टाइम पेपर एई का था उसमें आप देख भी सकते हो। तो सबसे पहले तो सोशल मीडिया YouTube आल्तू फालतू सबका डिस्कशन सुनने की जरूरत नहीं है। आप मेरे को भी मत सुनो उसमें क्या आप अगर आपको लग रहा है सर क्या पता सर सही बता रहे हैं कि नहीं आप मेरे को भी मत सुनो आप सिंपली दो तीन साल के जो पेपर हैं वो उठाइए। आप किसी किसी को फॉलो करने की जरूरत है सबसे पहले आप तैयारी आप कर रहे हैं आप पीवाईक्यू उठाओ पीवाईक्यू तो झूठ नहीं बोलेगा। कोई ईएससी की तैयारी कर रहा है या यूपीपीएससी एई देना है या पॉलिटेक्निक लेक्चर देना है। भाई इतने सारे पेपर ऑनलाइन आपको मिल जाएंगे अलग-अलग कोचिंगों की साइड पर पड़े होंगे कमीशन की साइड पर कुछ होगा। आप उस टाइप के पेपर उठा लो। और आप उस पेपर को खुद देख के अंदाजा लगाओ कि जो बात कही जा रही है कौन ठीक कह रहा है कौन नहीं। क्योंकि पहले भी यूपीपीएससी एई को लेकर ऐसा हुआ बनाया गया था उस तरह का टफ पेपर नहीं था प्री की बात कर रहा हूं मैं। तो आप सिंपली बस एक चीज जो आपको एडवांटेज मिलेगा तैयारी पहले शुरू करिए। पॉलिटेक्निक लेक्चरर के लिए आप पढ़ ही रहे हो और जब पढ़ रहे हो तो कायदे से पढ़ लो। टेक्निकल आपका दोनों में कॉमन है ही। नॉनटेक के लिए हर एग्जाम में हम आजकल देख रहे हैं ये एरिया पूछे जा रहे हैं। पॉलिटेक्निक लेक्चरर में मेंशन तो इन्होंने यही कुछ किए हैं कुछ मेंशन नहीं किए हैं पर एक दो क्वेश्चन यहां से भी पूछ ले तो आप ये नहीं कह सकते क्यों आ गया। जबकि ये एरिया यूपीपीएससी एई का पार्ट ये भी है। पॉलिटेक्निक लेक्चरर में ये तीन मेंशन नहीं किए पर यूपीपीएससी एई में ये भी सिलेबस का पार्ट था। ठीक है।
[10:36]तो अभी आपको करना क्या है कई बार क्या होता है कि मान लो एकदम से हमारे सामने कोई एग्जाम नहीं है थोड़ा सा हम रिलक्टेंट हो जाते हैं आलसी हो जाते हैं। हम उतनी मेहनत से नहीं पढ़ रहे होते और एग्जाम का फॉर्म आएगा तो हम 12-12 घंटे पढ़ना शुरू कर देते हैं। तो आपको ये चीज ध्यान रखनी है कि रूटीन में एक अपना रूटीन डिसिप्लिन बनाइए और चार छह महीने लग के तैयारी कर लो जिससे एग्जाम जब फॉर्म आए तो उससे पहले आप तैयार रहें। एग्जांपल के तौर पे आरपीएससी सोशल एस्पेक्ट पेपर भी हुआ। आरोहन के बच्चे बिल्कुल कंफर्टेबल थे इसलिए कंफर्टेबल थे क्योंकि नवंबर में सिलेबस खत्म हो गया था आराम से चार महीने का समय उनको रिवीजन के लिए मिला। तो सबसे बड़ा फायदा आरोहन का यही है कि ये दो जो कॉमन बैच है कॉमन सब्जेक्ट है वो आप कवर कर सकते हो। कुछ लोग कहेंगे सर ये पूरा फिर से लाइव में कराया जाए। लाइव में कराने में मुझे कोई प्रॉब्लम है नहीं लाइव में क्या दिक्कत है बस में लाइव में होगा क्या सारा-सारा कंटेंट आपको प्लान करके दे दिया। जैसे यूपीपीएससी एई तो जल्दी हुआ था एग्जाम इसमें तो कोई ज्यादा पुराना कोई रिकॉर्डिंग नहीं पड़ी। नए ही लेक्चर सब पड़े हैं। इसमें अपडेट हमें करना पड़ेगा करंट अफेयर का पोर्शन और क्वेश्चन ज्यादा करने हैं। तो सबसे पहला फोकस जो मेरा रहेगा अब तुरंत इमीडिएट कोई एग्जाम नहीं है थोड़ा हम भी कैजुअल हो गए थोड़ा हम भी आलस कर जा रहे हैं। पर अब क्वेश्चन और करंट अफेयर अब जो है रूटीन में मुझे यही कराना है जो मैं प्लान कर रहा हूं। वर्क शुरू भी कर दिया है बनाना शुरू भी कर दिया है क्लासेस अब इसकी जल्दी स्टार्ट कर देंगे। तो आपका करंट अफेयर और क्वेश्चन तो आरोहन पे जो भी बैचेज हैं चाहे एसएससी जेई हो चाहे आरआरबी हो चाहे यूपी एई हो चाहे पॉलिटेक्निक लेक्चरर हो करंट अफेयर और क्वेश्चन प्रैक्टिस जो चलेगा सब में चलेगा क्योंकि सारे एग्जाम में कॉमन है। अपडेट तो यही करना है ना पॉलिटी तो बदलेगा नहीं हिस्ट्री तो बदलेगा नहीं। तो करंट अफेयर और क्वेश्चन वगैरह जो है ये हमें अपडेट करना है। जबकि पॉलिटी हिस्ट्री ज्योग्राफी वगैरह के इतने अच्छे लेक्चर पड़े हुए हैं कि अननेसेसरी लाइव में दोबारा टाइम वेस्ट करने की जरूरत नहीं है। और उसमें चेंज भी कुछ नहीं होना। हम पूरा फोकस इस पे करेंगे करंट अफेयर और क्वेश्चन करने पर।
[12:35]ठीक है ताकि फॉर्म भी जब आए तो ज्यादा से ज्यादा चीजें आपकी तैयार रहेंगी टाइम वेस्ट नहीं होगा। ठीक है अब पहले सवाल है वो पूछ लीजिए। दीपक कह रहे हैं ज्योग्राफी और पॉलिटी कर चुका हूं हिस्ट्री चालू है।
[12:50]और क्वेश्चन लगा रहा हूं कैसे अप्रोच करे पॉलिटेक्निक लेक्चरर के लिए। पॉलिटेक्निक लेक्चरर के लिए दीपक क्वेश्चन ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करो। क्वेश्चन ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करो। और एई जेई के जितने पेपर मिल जाए लगा लो उनको।
[13:06]बीएसएनएल में वर्किंग भी हैं आप। तो जिस दिन ऑफिस है ऑफिस के साथ चार से पांच घंटे रेगुलर पढ़ना छुट्टी के दिन ज्यादा पढ़ना। और एग्जाम के पहले जितनी छुट्टियां मिल जाए लगा लेना। महीना दो महीना अगर छुट्टी मिल सके चाहे लीव विदाउट पे ही 15-20 दिन हो जाए पर लास्ट के अगर एक दो महीने बैठ के तैयारी कर लोगे। बहुत अच्छा लेवल आ जाएगा। क्योंकि लास्ट में रिवीजन बहुत इंपोर्टेंट है। जॉब वालों के साथ ये मेन चीज है। पॉलिटेक्निक लेक्चरर में यूपी एई के लेक्चर ऐड कर देंगे। अच्छा ये जो क्वेश्चन है मैं बता देता हूं। तो आरोहन पे आप चाहे यूपी एई वाले बैच में हो सुन लो ध्यान से। आप चाहे यूपी एई वाले बैच में हो या आप यूपी पॉलिटेक्निक लेक्चरर वाले में हो इसमें आपको कोई डाउट दिमाग में नहीं रखना। यूपी एई के बैच में सारा कुछ सिलेबस पूरा का पूरा पढ़ाया गया था जब एई का पेपर हुआ। जो भी मुझे ऐड करना है पॉलिटेक्निक लेक्चरर में जो ऐड होगा वो यूपी एई में भी हम करंट अफेयर क्वेश्चन ये सारा एक्सेस इसको भी रहेगा। पर दिक्कत क्या है यूपी एई वाला बच्चा यूपी पॉलिटेक्निक लेक्चरर देना चाहे तो कोई प्रॉब्लम नहीं। यूपी एई का जो कंटेंट सिलेबस इतना था कि वो पॉलिटेक्निक लेक्चरर में तो कॉमन है ही। एक अंतर क्या आएगा जो यूपी एई में एप्टीट्यूड नाम का टॉपिक था जिसमें 22 सब्जेक्ट 20 22 सब्जेक्ट जो इन्होंने पूछे थे वो पॉलिटेक्निक लेक्चरर में नहीं है उसका अंतर रहेगा बस। तो यूपी एई के जो स्टूडेंट है जो बार-बार मैसेज कर रहे हैं सर मैं कौन सा बैच एनरोल करूं इसी को दोबारा रीएनरोल करूं या ये वाला कर लूं। यूपी एई में तो ज्यादा से ज्यादा कंटेंट पड़ा हुआ है। वो पॉलिटेक्निक लेक्चरर को भी कवर कर रहा है। और यूपी एई में करंट अफेयर और क्वेश्चन प्रैक्टिस जो पॉलिटेक्निक लेक्चरर में होगा वो इसमें भी होगा। ठीक है तो पॉलिटेक्निक लेक्चरर वाला आप करें या यूपी एई का करें जो नई क्लासेस होंगी वो दोनों को एक्सेस रहेगा।
[15:00]पर बस एक टॉपिक आपको और बाकी सब कुछ कॉमन है दोनों में केवल ये वाला एरिया अलग हो जाता है एप्टीट्यूड वाला जो 20-22 सब्जेक्ट यूपी एई में एप्टीट्यूड में इन्होंने पूछे थे वो यूपी पॉलिटेक्निक लेक्चरर के मतलब का नहीं है। वो दोनों में डिफरेंस है उसके अकॉर्डिंग आप डिसाइड कर सकते हैं। बाकी आप आरोहन पे कोई भी बैच में हो आपको ये चिंता नहीं करनी। कि करंट अफेयर या क्वेश्चन हमें मिलेंगे कि नहीं जीएस आपके सिलेबस का पार्ट है आपको एक्सेस रहेगा लाइव जो भी क्लासेस होंगी एक्सेस रहेगा उसकी चिंता नहीं करनी। और यूपी एई वाले बच्चों का जो सब्सक्रिप्शन खत्म हुआ है। वो पहले ही एक साल का था मैंने बढ़ा के 15 महीने कर दिया। अब उसके बाद भी कुछ लोग कह रहे हैं और एक्सटेंशन तो आप खुद बताओ। आरोहन जिस फीस में जो चीजें प्रोवाइड कर रहा है बाकी जगह कंपेयर कर लीजिए। और फिफ्थ क्लास की ट्यूशन फीस भी आज की डेट में आरोहन से ज्यादा की है। उसके बाद भी लोग डिमांड कर रहे हैं आरोहन पर ही डिस्काउंट होने चाहिए आरोहन पर ही फ्री में चलना चाहिए। तो प्लेटफार्म को रन भी करना है फ्री तो देखो नहीं पॉसिबल है। क्योंकि प्रॉपर सिस्टेमेटिक तरीके से सारा कुछ करा पाना नहीं पॉसिबल है आगे मुझे और भी टीचर से इसमें कंटेंट ऐड करना है और भी क्वेश्चन कराएंगे टेक्निकल और नॉन टेक तो वो तो नहीं पॉसिबल है। जो अपनी तरफ से बेस्ट पॉसिबल हो सकता है ऑलरेडी आरोहन पर किया गया है। और यहां किसी को रिक्वेस्ट नहीं करना पड़ता है एक बार कोई चीज आती है वो मान लिया जाता है अगर फिजिबल हो या सही डिमांड हो। तो अननेसेसरी उन चीजों के लिए बार-बार मैसेज ना करें। मैंने खुद ही एक साल से बढ़ के 15 महीने कर दिया मैं चाहता अगर मुझे कोई मनी मोटिव होता तो एक ही साल का वैलिडिटी रखते। एक साल से 15 महीने पहले ही कर दिया कि किसी का कोई टॉपिक ना रह जाए। अब उसके बाद भी फिर उसमें डिस्काउंट भी कर दिया गया फिर फी भी नॉमिनल मैंने बताया फिफ्थ क्लास की ट्यूशन फी भी ज्यादा है इससे। जहां ज्यादा फीस है वहां डिमांड करो डिस्काउंट की यहां पर तो ऑलरेडी मिनिमम है। और सब को सब पता है कहां पर क्या कराया जा रहा है कितनी क्वालिटी है क्या फीस सब को सब मालूम है। उसके बाद भी जहां मिनिमम है वहीं पर डिमांड कर रहे हैं। ठीक है। तो इसमें मैंने बताया और सब्जेक्ट जो कर रहे हैं पॉलिटी छोटा सब्जेक्ट है फिर से मैंने बताया पिछली क्लास में ही बोला था पॉलिटी छोटा सब्जेक्ट है पहले ही कर सकते हैं। उसमें भी एई जेई के एग्जाम जो है एई जेई वाले में आपका 10th तक का फिजिक्स केमिस्ट्री इसके क्वेश्चन भी अच्छे खासे आते हैं लाइफ साइंस भी आता है। तो एई जेई के जो एग्जाम है पॉलिटी के बाद फिजिक्स केमिस्ट्री लाइफ साइंस। पॉलिटेक्निक लेक्चरर में इन्होंने पॉलिटी हिस्ट्री ज्योग्राफी जीके एंड करंट अफेयर्स। ये मेंशन किया है। करंट अफेयर में भी आपको बता दूं सितंबर में पॉलिटेक्निक लेक्चर का एग्जाम अगर है अगस्त तक का डाटा नहीं पढ़ना। सितंबर में है तो अगस्त तक का नहीं पढ़ना ये जुलाई तक का करंट अफेयर रहेगा और क्योंकि स्टेट का एग्जाम है तो इसके पहले का लगभग डेढ़ साल। जुलाई तक का डाटा आएगा और इसके पहले का तकरीबन डेढ़ साल तो इसीलिए मैंने आपके फोल्डर में आप देखोगे करंट अफेयर हमने 2025 का भी पूरा फोल्डर दिया हुआ है। उसके पहले 2024 का भी दिया हुआ है। 2024 का इसलिए दिया हुआ है। स्टेट पीसीएस का जो एग्जाम होता है पीसीएस में 24 का भी पूछ लेगा। तो इसीलिए मैंने करंट अफेयर में डिलीट नहीं किए हैं अच्छा है कि डाटा अवेलेबल ज्यादा है। तो 2025 का डाटा और जुलाई तक का 26 का डाटा ये आपका पॉलिटेक्निक लेक्चरर के मतलब का है। और पुराने क्वेश्चन पीसीएस वगैरह में 24 तक के भी आ जाते हैं। टाइम मिलेगा तब देख पाओगे अदरवाइज टाइम उतना आपके पास नहीं है क्योंकि पॉलिटेक्निक ही अब एई वाले में आपको टेक्निकल भी पढ़ना है। 24 वाला आपके लिए मुश्किल इसलिए हो जा रहा है क्योंकि इतना ज्यादा डाटा कैसे पढ़ पाएंगे आपको टेक्निकल भी करना है। तो 25 और 26 का आधा लगभग इतना क्वेश्चन करंट अफेयर में इतना पोर्शन रहता है।
[18:29]ठीक है। और क्या सवाल है किसी का। यूपी एई का बैच मई में एक्सपायर हो जाएगा इसी बैच को रीएनरोल कर लो अमित कोई दिक्कत नहीं है। क्योंकि यूपी एई वाले में पॉलिटेक्निक लेक्चरर तो अपने आप आ जा रहा है। मतलब ये मानो कि यूपी एई का बैच एक सेट है। पॉलिटेक्निक लेक्चरर उसका सबसेट है। पर पॉलिटेक्निक लेक्चरर से करके यूपी एई में दिक्कत क्या आएगी एप्टीट्यूड के जो 20-22 टॉपिक पूछे थे अगर इस बार भी सिलेबस में वो दे देंगे तो वो पॉलिटेक्निक लेक्चरर का हिस्सा नहीं है। यूपी एई में जो है वो तो पॉलिटेक्निक वाला कवर हो ही जा रहा है। पर पॉलिटेक्निक वाले में एप्टीट्यूड का डिफरेंस आ जाएगा। 20-22 टॉपिक लास्ट टाइम इन्होने नए जो बना के पूछे थे आरोहन पर कराए थे वो पॉलिटेक्निक लेक्चरर वाले में नहीं है सिलेबस का पार्ट। पॉलिटी का तो सर ऑलमोस्ट क्वेश्चन बन जाते हैं। ज्योग्राफी ज्योग्राफी दीपक जो सिविल सर्विसेस के लेवल का तो आपको नहीं पढ़ना आपको सिंपल एई जेई के लेवल का पढ़ना है। तो जितना ज्योग्राफी हमने कराया है वो कवर कर लो। उसके बाद जब आप एनवायरमेंट कवर करोगे दीपक तब आपका ज्योग्राफी का एरिया और कवर हो जाएगा क्योंकि कई एग्जाम में एनवायरमेंट अलग से सिलेबस में मेंशन नहीं करते वो ज्योग्राफी से जोड़ के मानते हैं। तो ज्योग्राफी आपने कर लिया आप कह रहे हैं 50-60% क्वेश्चन बन जा रहे हैं। एनवायरमेंट जब आप और कवर कर लोगे तो वो ज्योग्राफी में ही मान लिया जाए तो बहुत सारे क्वेश्चन कवर हो जाते हैं जैसे ओजोन के बारे में एटमॉस्फियर के कंपोजिशन के बारे में एटमॉस्फियर के अलग-अलग लेयर के बारे में या आपका ग्रीन हाउस गैस पर क्वेश्चन आ जाए ग्लोबल वार्मिंग पर आ जाए। ये सारा आपका कवर हो जाता है ज्योग्राफी एनवायरमेंट मिला के मेजॉरिटी क्वेश्चन आपका बन जाएगा। ठीक है। ज्योग्राफी के लिए और करना है दीपक तो ज्योग्राफी प्लस एनवायरमेंट मैंने बताया। एनवायरमेंट जब आप करेंगे तो वो सारा गैप खत्म हो जाएगा क्योंकि कई चीजें मैं एनवायरमेंट में पढ़ाता हूं कई ज्योग्राफी में है दोनों को मिलाकर आपका एरिया मैक्सिमम कवर हो जाएगा।
[20:20]और जितने सब्जेक्ट आप लोगों के हो गए भाई आप फीडबैक बताइए जीएस को लेके कोई दिक्कत किसी को आ रही है। कोई कोई टॉपिक टफ लग रहा हो समझने में दिक्कत आ रही हो तो बताएं। आरोहन कोई एस्टेब्लिश हुए तीन साल होने वाले हैं और तीन साल में ये चीज तो एस्टेब्लिश हो गई कि कम फीस लेने से मतलब ये नहीं है कि क्वालिटी कंप्रोमाइज हो जाएगा। कई बार लगता है कि सर फीस कम है क्या पता क्वालिटी कंप्रोमाइज हो रहा हो। क्या पता टॉपिक पूरे ना कराए जाए।
[20:49]अरे इतना कंटेंट है जो मर्जी एग्जाम दे दो। जहां लाख डेढ़ लाख रुपए कोचिंग की फीस होती उस लेवल का कंटेंट नहीं कराया गया। जो भी सब्जेक्ट आपने पढ़े हो आप बताइए और क्वेश्चन आप लगा ही रहे हैं पेपर भी दे रहे हैं कितने लोग। सिलेक्शन भी सबके सामने है आरोहन के।
[22:06]गलत है पर रोकोगे कैसे। सिस्टम तो होना चाहिए रोकने का रुकना होता तो रुक गया रुक गया होता अभी तक। ठीक है क्लास थैंक यू।



