[0:02]स्टारलैंड में गर्मियों का मौसम चल रहा था। सभी जानवर पेड़ की छांव में आराम फरमा रहे थे। इसी जंगल में छोटू बंदर और मानक हिरण आपस में बातचीत कर रहे थे। यार, कितनी गर्मी है? अभी तो अप्रैल का महीना है। ना जाने और कितने सितम ढाएगी? सच में यार, थोड़ा सा भी कदम बाहर नहीं निकलता। गर्मी ने तो मानो कसम खा रखी है। इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ेगी। अगले दिन एक बाज तेजी से उड़ता हुआ छोटू बंदर के पास आया। छोटू बंदर जल्दी चल तुम्हारा दोस्त यानी कि मानक हिरण घायल पड़ा है। किसी ने उसकी अच्छी खासी धुलाई की है। पक्का किसी हिरनी को छेड़ा होगा। मुझे मालूम था एक दिन जरूर पिटेगा। अच्छा अब जल्दी चलो। हिरण के बारे में सुनकर बंदर तेजी से उससे मिलने पहुंचा। क्या हो गया यार? तेरी धुलाई किसने कर दी? मत पूछ भाई मैं एक पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। तभी कैसे हो हिरण? बड़े कमजोर दिख रहे हो। कौन हो तुम? मेरे जंगल में आकर मुझे ही कमजोर बोल रहा है। कमजोर को कमजोर नहीं बोलूंगा तो क्या बोलूंगा। मुझे तो लगता है यहां सभी कमजोर हैं। बस बहुत बोल दिया। मुझे बोला तो बोला। इस जंगल के जानवरों के बारे में अनाप शनाप बोल रहा है। अरे गुस्सा आ रहा है। लड़ेगा मुझसे चल ला जा देखते हैं। किसमें कितनी ताकत है? उसके बाद मैं उससे भीड़ गया, लेकिन उस कमीने ने ऐसी इतनी बुरी तरह पिटाई की। ऐसी-ऐसी जगह दर्द हो रहा है कि तुझे बता भी नहीं सकता। दी, ये तो गंभीर मुद्दा है भाई। एक बैल खुलेआम सबको धमकी दिए जा रहा है और जंगल के जानवरों की पिटाई भी कर रहा है। इसकी जानकारी शेर सिंह को देनी पड़ेगी। हिरण की बात सुनकर सभी जानवर परेशान हो गए। सभी जानवर शेर से मिलने की सोच ही रहे थे। कि तभी शेर भी वहां पहुंच गया। मुझसे मिलने की कोई जरूरत नहीं है। मैं खुद आप लोगों से मिलने आया हूं। तुम्हारी परेशानी मेरे पास भी आई थी। अच्छा भला आराम कर रहा था। तभी एक बैल मेरे पास आया और मुझे युद्ध करने के लिए बोला। शुरू में मैंने उसे मना किया। बोला कि तुम अतिथि हो। मगर उसने मेरी बुराई करनी चालू कर दी। मुझे गुस्सा आ गया और फिर और फिर क्या महाराज? क्या आपने उसे मार दिया कि जंगल से भगा दिया? उसके बाद उस घमंडी बैल ने मेरी ऐसी धुलाई की। मुझे अपनी गुफा से ही बाहर कर दिया और बोला है कि अगर मैं इस जंगल में दोबारा नजर आऊं तो वह मुझे जिंदा नहीं छोड़ेगा। यह आप क्या कह रहे हैं? आपकी राजगद्दी का क्या होगा? हाड़ में गई राजगद्दी। जिंदा रहूंगा तो और कभी राजगद्दी मिल जाएगी। मैं तो कहता हूं तुम सब उसके सामने झुक जाओ। इसी में तुम सभी की भलाई है। यह बोलकर शेर जंगल छोड़कर चला गया। अब सभी जानवरों की परेशानी और बढ़ गई। सभी बैल से मिलने पहुंचे। बैल अब शेर की गुफा के पास आराम फरमा रहा था। आइए आइए आप सभी यहां आए इसके लिए आप सभी का धन्यवाद। मगर आप कुछ बोले इससे पहले मैं कुछ बोलना चाहता हूं। मेरा नाम काला है और मैं अब से इस जंगल का राजा हूं। यह बात आप सभी को माननी पड़ेगी। ऐसे कैसे तुम्हें अपना राजा मान लें? अच्छा तो फिर आ जा कर ले दो दो हाथ। देखते हैं किसमें दम है? तुम सभी की भलाई इसी में है कि तुम मुझे राजा मान लो वरना अच्छा नहीं होगा। बैल की बातों से सभी जानवर समझ गए थे कि बैल कितना घमंडी है। वह किसी भी हालत में इस जंगल को छोड़ने वाला नहीं था। धीरे-धीरे समय बीता। एक दिन छोटू बंदर की मां की तबीयत बहुत खराब हो गई। वहां के भालू वैद्य उनका इलाज करने पहुंचे। क्या हुआ वैद्य जी? मेरी मां की तबीयत कैसे खराब हो गई? तुम्हारी मां का बीपी बहुत बढ़ गया है। दो दिन के अंदर दवाई बनाकर खिलानी होगी। तो बनाइए ना किसका इंतजार कर रहे हो? एक दिक्कत है। इस दवाई में जिस पौधे का जड़ डाला जाता है वह पौधा शेर सिंह के गुफा के अंदर पाया जाता है और तुम्हें तो पता है अब वहां किसका राज्य है? आप दवाई बनाने की विधि चालू कीजिए। मैं जल्द वह दवाई लाता हूं। भालू की बात सुनकर बंदर परेशान हो गया। वह अच्छे से जानता था कि बैल इतना दयालु नहीं है। कि उसके कहने मात्र से उसे पौधा दे दे, मगर और कोई चारा नहीं था तो मजबूरन बंदर बैल के पास पहुंचा। महाराज की जय हो। महाराज हमें आपसे एक काम है। जवान संभाल कर बोल तुम्हारा महाराज हूं और तुम मुझे काम बता रहे हो। क्षमा करें महाराज मगर मुझे आपके गुफा में उगने वाली पौधे की जरूरत है। मेरी मां बीमार है। उसके इलाज के लिए मुझे वह पौधा चाहिए। ठीक है। मैं तुझे पौधा जरूर दूंगा, मगर इसके लिए तुम्हें मेरा एक काम करना होगा। आज रात तुझे मेरी गुफा के बाहर पहरा देना होगा। अगर मंजूर है तो बताओ। मुझे मंजूर है महाराज। आप चिंता मत कीजिए। मैं रखवाली करूंगा। बैल की बात मानकर बंदर सारी रात उसकी गुफा की देखभाल करने लगा। मगर जंगल की रात भयानक होती है। हल्की सी सरसराहट भी बंदर को डरा देती थी। हर पल उसे हमले का डर सता रहा था। हे ईश्वर आज रात बचा ले मुझे। मेरी मां के लिए बचा ले बस। सारी रात बंदर गुफा के बाहर पहरा देता रहा। धीरे-धीरे सुबह हुई। बैल गुफा से बाहर निकला। अरे वाह मुझे लगा था कि जंगली जानवरों ने तुम्हारा शिकार कर लिया होगा। मगर तू अभी जिंदा है। महाराज जल्दी से वह दवाई दे दीजिए। बहुत देर हो गई है। दवाई लेकर बंदर अपने घर पहुंचा। दवाई देखकर वैद्य ने कहा अरे वाह तुम आखिर उस बैल से लड़कर दवाई ले आए। अभी लड़ाई शुरू कहां हुई है? वैद्य जी लड़ाई तो अब शुरू होगी। अब बंदर ने बैल से बदला लेने का पूरा मन बना लिया था। एक दिन जंगल में एक अफवाह फैल गई कि क्या तुमने सुना है? एक अंतर्यामी बाबा एक गुफा के अंदर रहते हैं और उनसे जो पूछो सब बताते हैं। क्या सच में ऐसा है तो उनके पास चलते हैं और इस जंगल के नए राजा के बारे में पूछते हैं। बाबा वाली बात काले बैल को भी मालूम हो गई। सभी जानवर गुफा के नजदीक गए। बोलो बच्चा तुम्हें क्या जवाब चाहिए? बाबा जी हमारे नए राजा के बारे में कुछ बताएं। इस जंगल में जो सबसे ज्यादा ताकतवर है, वह जल्द मरने वाला है। उसकी राजगद्दी छीन जाएगी। बैल ने जब बाबा की बात सुनी तो उसे लगा कि उसकी ही बात हो रही है। कहीं ये मेरी बात तो नहीं कर रहा है। आखिर इस जंगल में मुझसे ज्यादा ताकतवर कोई नहीं है। खैर जो भी हो मुझे थोड़ा चौकन्ना रहना चाहिए। परेशान बैल गुफा के पास पहुंचा। तभी अचानक एक पत्थर उसके नजदीक गिरा। बैल बुरी तरह डर गया। अभी-अभी यह क्या हुआ? खुले आसमान से पत्थर कैसे बरस रहे हैं? कहीं उस बाबा की भविष्यवाणी सच साबित तो नहीं हो रही है? रात हुई बैल गुफा में आराम कर रहा था। तभी उसे कुछ फुसफुसाहट सुनाई दी। बैल आज जैसे ही सोएगा हम अंदर जाकर उसका काम तमाम कर देंगे। हे भगवान मुझे मारने की तैयारी चल रही है। लगता है सभी लोगों ने साजिश रची है। मगर मैं ऐसा होने नहीं दूंगा। रात भर यहीं खड़ा रहूंगा। बैल बुरी तरह डर चुका था। रात भर वह जागता रहा। सुबह हुई तो बैल को जोर से प्यास लगी। रात भर सोया नहीं हूं अब प्यास से गला सूख रहा है। पास के तालाब में जाता हूं और थोड़ा गला गिला करता हूं। वह नजदीक के तालाब के पास पहुंचा। जैसे ही वह तालाब के पास गया अचानक कालिया मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। वह दौड़ते-दौड़ते गुफा के पास पहुंचा और हांफते हुए बोला ये सब मेरे साथ क्या हो रहा है? हर पल कोई ना कोई मुझे मारना चाहता है। लगता है मेरे जाने का समय आ चुका है। वह बाबा सच कह रहे थे। अब बैल की मानसिक स्थिति और खराब होने लगी। वह छोटी सी चिड़िया से भी डरने लगा। हताश होकर वह गुफा के पास पहुंचा। बाबा मेरी रक्षा करें। मैं अभी मरना नहीं चाहता हूं। अभी तो मुझे और जिंदगी जीना है। मेरे पास एक उपाय है। तुम्हें जो जो पाप किए हैं, उसके लिए सभी से माफी मांगनी पड़ेगी और इस जंगल को छोड़कर हमेशा हमेशा के लिए छोड़ना पड़ेगा। मुझे सब मंजूर है बाबा आपने जो जो बोला है, मैं वहीं वहीं करूंगा। बैल ने सभी जानवरों से माफी मांगी और वहां से चुपचाप चला गया। बैल के अचानक चले जाने से सब हैरान थे। सभी जानवर गुफा के पास पहुंचे। तभी शेर सिंह बाहर आया और बोला। आप सभी चौंकिए मत यह सब छोटू बंदर की चाल थी। उसने मुझे एहसास करवाया कि एक राजा का कर्तव्य क्या होता है। और उसने मुझे बैल से छुटकारा पाने की योजना बताई। कैसे योजना शेर सिंह? बाबा बनकर बैल को सबक सिखाने की भाई हमने हमारे योजना में बाज और मगरमच्छ को शामिल किया। वे आसमान से पत्थर गिराया करता था जिससे बैल के मन में भ्रम पैदा हुआ। उसके बाद हमने जानबूझकर गुफा के बाहर उसे मारने की धमकी दी। जिससे वह रात भर सोया नहीं और जब प्यास लगी तो तालाब पहुंचा। वहां मगरमच्छ ने हमला करके पूरी तरह उसे सोचने पर मजबूर कर दिया कि वह मरने वाला है। छोटू की चालाकी ने आज जंगल को बैल के कहर से बचा लिया। इसलिए सभी जानवरों ने बंदर की खूब प्रशंसा की और जंगल में जोरदार पार्टी हुई।

घमंडी बैल और चालाक बंदर | Bandar ki kahani | HINDI KAHANI | BEDTIME STORIES |
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