[0:00]आसमान में काले बादलों का देरा था। जंगल के सभी पक्षी डरे हुए थे, क्योंकि इस बार की बारिश सामान्य नहीं लग रही थी। तभी रानो चिड़िया को घने जंगल के बीच एक चमकता हुआ नीलम जैसा बीज मिला। अरे यह कैसा बीज है? यह तो अंधेरे में भी जुगनू की तरह चमक रहा है। तभी उस बीज से एक गूंजती हुई जादुई आवाज आई। रानो डरो मत मैं साधारण जामुन नहीं अक्षय जामुन का बीज हूं मुझे मिट्टी में जगह दो मैं तुम्हें वह छत दूंगा जिसे कोई तूफान नहीं गिरा पाएगा। तुम बोल सकते हो, लेकिन बारिश तो सिर पर है तुम इतनी जल्दी बड़े कैसे होगे? विश्वास की खा डालो रानो और देखो मेरा चमत्कार। जंगल के कोने में बैठा बिल्लू बिल्ला अपनी मूछों पर ताव दे रहा था। वह चाहता था कि बारिश में सबके घर टूट जाए, ताकि वह असहाय पक्षियों का शिकार कर सके। हम्म सुना है वो फुदकने वाली रानो को कोई जादुई बीज मिला है अगर उसने पेड़ उगा लिए तो मेरा दावत का प्लान चौपट हो जाएगा। कालू ओ कालू कौवे इधर आ। जी सरकार क्या हुक्म है? उस बीज को चुरा ला वरना कल सुबह के नाश्ते में तेरी पूंछ की चटनी बनाऊंगा। रानो ने अपने दोस्तों को इकट्ठा किया। मिट्ठू तोता और टुनटुनी चिड़िया फौरन मदद के लिए आ गए। रानो बहन क्या सच में यह बीज हमें बाहर से बचाएगा। मेरा घोसला तो पिछले साल भी बह गया था। फिक्र मत कर टुनटुनी रानों की आंखों में मुझे भरोसा दिख रहा है। चलो गड्ढा खोदते हैं। तभी कालू कौवा वहां आ धमका। अरे ओ रानो क्यों बेकार की मेहनत तर रही है। चल ये पत्थर जैसा बीज मुझे दे दे। मैं इसे ऊंचे पहाड़ पर फेंका आता हूं। कालू भाई ये पत्थर नहीं हमारी उम्मीद है। तुम भी हमारी मदद क्यों नहीं करते? मदद और मैं काओ काओ तुम सब डूबो ग देख लेना। रात होते ही मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। रानो ने बीज को जमीन में बोया और उसे अपने पंखों से ढक लिया। तभी बीच से एक तेज रोशनी निकली। मिट्टी का साथ मिला अब आकाश की ओर प्रस्थान है। जागो पैरों बनाओ रान बसेरा। पलक झपकते ही वहां एक दो नहीं बल्कि बहुत सारे जामुन के विशाल पेड़ उगाए। उनकी टहनियां इतनी मजबूत और घनी थी कि बारिश की बूंदे भी उन्हें पार नहीं कर पा रही थी। देखो जामुन के पेड़ और इनमें तो पके हुए फल भी लगे हैं। वाह यह तो कमाल हो गया। अब कोई पक्षी बेघर नहीं रहेगा। तभी नीचे से बिल्लू बिल्ला की चीख सुनाई दी। पानी का स्तर बढ़ रहा था और बिल्लू एक छोटी सी लकड़ी पर तैर रहा था। बचाओ रानो मुझे बचा लो मैं डूब रहा हूं। मुझे भी बचाओ मेरे पंख भीग गए हैं मैं उड़ नहीं पा रहा। रानो इन्हें मत बचाना यह हमारे दुश्मन है। नहीं मिट्ठू मुसीबत में पड़े दुश्मन की मदद करना ही सबसे बड़ी जीत है। कालू भाई बिल्लू भाई ऊपर आ जाओ इन जामुन के पेड़ों की शाखाएं बहुत मजबूत हैं। रानो और उसके दोस्तों ने मिलकर बिल्लू और कालू को ऊपर खींच लिया। रानो मैंने तुम्हारा बुरा चाहा लेकिन तुमने मेरी जान बचाई। आज से मैं किसी पक्षी को तंग नहीं करूंगा। शाबाश रानो जहां एकता और दया होती है वहां मेरा जादू हमेशा बना रहेगा। अब यह जामुन का बाद हमेशा तुम्हारे जंगल की रक्षा करेगा। बार का पानी उतर चुका था, लेकिन जंगल के कई पक्षियों के घर पूरी तरह टूट चुके थे। जामुन के जादुई पेड़ों की छाव में अब पूरा जंगल एक परिवार की तरह रह रहा था। भाइयों और बहनों संकट टल गया है, लेकिन हमें भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। क्यों ना हम इन जादुई पेड़ों के नीचे अपने नन्हे बच्चों के लिए एक पाठशाला शुरू करें। अरे वाह रानो बहन ये तो बहुत बढ़िया विचार है। हां और मैं उन्हें फल पहचानने और गणित का ज्ञान दूंगा। आखिर मेरा पूरा बचपन बागों के चक्कर लगाने में ही बीता है। तभी पेड़ों के पीछे से बिल्लू बिल्ला और कालू कौवा बाहर निकले। डरो मत नन्हे पंछियों रानो क्या मैं और कालू भी इस पाठशाला का हिस्सा बन सकते हैं। मैं बूढ़ा हो चला हूं अब शिकार नहीं सेवा करना चाहता हूं। हां रानो बहन मुझे तो उड़ना आता है। मैं दूर-दूर के जंगलों की खबरें और ज्ञान बच्चों को लाकर दूंगा। बिल्कुल बिल्लू भाई कालू भाई इस पाठशाला में सबका स्वागत है। अगले ही दिन से विशाल जामुन के पेड़ के नीचे कक्षाएं शुरू हो गई। तभी अचानक हवाएं ठंडी हो गई और पेड़ों से वही गूंजती हुई जादुई आवाज आई। रानो जंगल के रक्षकों ज्ञान बांटना सबसे बड़ा पुण्य है, लेकिन याद रखना ज्ञान के साथ अनुशासन भी जरूरी है। जंगल के उस पार से एक नया खतरा भर रहा है। कैसा खतरा जादुई बीच क्या फिर से बार आने वाली है? नहीं इस बार खतरा पानी का नहीं लालच का है। शिकारी चील की नजर तुम्हारे इस मीठे और जादुई जामुन के बाप पर है। वो इसे हड़पना चाहता है। जादुई बीज की बात अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि आसमान में एक बहुत बड़ी परछाई दिखाई दी। वो खूंखार चील था। उसके पंख इतने बड़े थे कि सूरज की रोशनी ढक गई। तो यह है वह जादुई बाग छोटे पक्षियों अपनी जान बचाओ और भाग जाओ यहां से। आज से इस जादुई बाग का राजा मैं हूं। छोटे बच्चे डर के मारे चीखने लगे। रानो बहन अब हम क्या करेंगे यह चील तो हम सबसे बहुत बड़ी और शक्तिशाली है। मैं उड़कर दूसरे जंगल से मदद लेकर आता हूं। रुको कालू भाई जब तक तुम आओगे बहुत देर हो जाएगी। हमें मिलकर सामना करना होगा। रानो आगे बढ़ी और बिना डरे गरुड़ के सामने जाकर हवा में उड़ने लगी। गरुण भाई यह बाग किसी एक का नहीं है, यह पूरे जंगल का है। यहां हमारे बच्चे पड़ते हैं। आप भी यहां आराम से रह सकते हैं, लेकिन कब्जा नहीं कर सकते। एक छोटी सी चिड़िया मुझे समझाए गी अभी बताता हूं। गरुड़ ने रानो पर झपट्टा मारा। जैसे ही गरुड़ ने हमला किया, बिल्लू बिल्ला नीचे से जोर से चिल्लाया। मिट्ठू टुनटुनी कालू जामुन के पके हुए फल तोड़ो और इसकी आंखों पर निशाना लगाओ। रानो तुम उसे नीचे की तरफ खींच कर लाओ। रानो तेजी से जामुन की घनी टहनियों के बीच से उड़ने लगी। गरुड़ गुस्से में उसके पीछे टहनियों के अंदर घुस गया। टहनियां इतनी घनी थी कि गरुड़ के बड़े पंख उसमें फंसने लगे। हमला सैकड़ों पक्षियों ने मिलकर गरुड़ के ऊपर पके हुए जामुनों की बारिश कर दी। जामुन का चिपचिपा रस गरुड़ की आंखों और पंखों पर लग गया, जिससे उसे दिखना बंद हो गया। आह मेरी आंखें मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा मुझे छोड़ दो। तभी बिल्लू बिल्ला ने नीचे से छलांग लगाई और गरुड़ के पंखों को अपनी मजबूत पकड़ में ले लिया। क्यों गरुड़ राजा आ गया स्वाद जादुई जामुन का। चील गरुड़ पूरी तरह असहाय होकर जमीन पर गिर पड़ा। सारे पक्षी उसे मारने के लिए आगे बढ़े। इसने हमारे बच्चों को डराया है इसे सजा मिलनी चाहिए। रुको दोस्तों जादुई बीज ने हमें क्या सिखाया था? नफरत को नफरत से नहीं प्यार से जीता जाता है। रानो जामुन की पत्ती में साफ पानी भरकर लाई और गरुड़ की आंखों पर छिड़का। धीरे-धीरे गरुड़ की आंखों से चिपचिपा रस हट गया। जब उसने अपनी आंखें खोली तो देखा कि वह नन्ही चिड़िया जिसे वह मारना चाहता था, वही उसकी तिमारदारी कर रही थी। मुझे माफ कर दो रानो मैं अपने घमंड और लालच में अंधा हो गया था। तुम सब इतने छोटे होकर भी इतने बहादुर और दयालु हो। अति सुंदर रानो तुमने आज फिर साबित कर दिया कि असली जादू किसी बीज में नहीं बल्कि तुम्हारे साफ दिल में है। गरुड़ यदि तुम शांति से रहना चाहते हो तो तुम इस पाठशाला की सुरक्षा गार्ड बन सकते हो। यह तो मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी। आज से इस पाठशाला की तरफ कोई बुरी नजर नहीं डाल पाएगा। रानो बहन आज पाठशाला की छुट्टी के बाद क्या कार्यक्रम है? आज हम सब मिलकर गरुड़ भाई के स्वागत में जामुन का शरबत पिएंगे।

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