[0:00]ठीक है जी तो अब अपनी अगली थ्योरी आती है सबसे पहली थ्योरी जो हम पढ़ेंगे स्टैटिफिकेशन की वह है मार्क्स की थ्योरी कि मार्क्स ने क्या कहा कि समाज स्टेटा में कि कैसे समाज लेयर्स में डिवाइडेड है किन कारणों से क्या चाहिए हमें या नहीं चाहिए ये सब डिस्कस करते हैं। पहले मार्क्स के बारे में थोड़ा मैं चाहता हूं आपको बताना। मार्क्स ने कहा जब दुनिया शुरू हुई बिल्कुल बिगिनिंग में, मार्क्स ना मार्क्स थोड़ा हिस्ट्री में ट्रेस करता है। हिस्ट्री में ट्रेस करता हुआ आएगा कि पहले क्या था बाद में क्या हुआ फिर क्या अब क्या चल रहा है बाद में क्या होने वाला है फ्यूचर में बताएगा आपको तो मार्क्स का अपनी थ्योरी में जब मार्क्स का चैप्टर आएगा हम वहां डिस्कस करेंगे। वो कह रहे हैं कि इन द बिगिनिंग देयर वर नो क्लासेस और स्ट्रेटिफिकेशन। उसको वो उसको क्या बोलता है वह प्रिमिटिव कम्युनिज्म का नाम देता है। वो कह रहा है प्रिमिटिव जमाने में जब देखा गया तो कोई स्ट्रेट था ही नहीं और मार्क्स का अगर मैं आपको क्विकली बताऊं मार्क्स क्या बोलता है?मार्क्स बोलता है कि सब इंसान फ्री थे वेंडरर्स थे। वेंडरर्स मतलब जंगलों में धक्के खाते थे। पेड़ से फल तोड़ा खा लिया। किसी का कोई गुलाम नहीं किसी का कोई मालिक नहीं। ठीक है जी। उसमें कोई क्लास या स्ट्रेटिफिकेशन एग्जिस्ट नहीं करती हायर क्लास लोअर क्लास ऐसा कुछ नहीं था। उसको प्रिमिटिव कम्युनिज्म कहता है वह। एंड देन कहता है लेटर ऑन जब किसी ने ज्यादा सरप्लस प्रोड्यूस करना शुरू कर दिया। किसी के पास डेफिसिट हो गया घाटा बढ़ गया तो गुलामी एंड जो मालिक वाला एक सिस्टम शुरू होता है। ठीक है जी सरप्लस कहां पे कहां पे आ रहा है?एग्रीकल्चर में आ रहा है। या फिर प्राइवेट प्रॉपर्टी आनी शुरू हो गई। मेरी यह मेरी प्रॉपर्टी है। यह आपकी नहीं। जिसके पास ज्यादा प्राइवेट प्रॉपर्टी वो वो विथ टाइम और अमीर होता गया। बाकी लोग उससे गरीब होते गए या उस पर डिपेंडेंट होते गए। मार्क्स ऐसा समझता है। अभी हम इसको पूरा और डिटेल में पढ़ेंगे। मैं सिर्फ आपको इंट्रो दे रहा हूं जो बिल्कुल बिगिनर्स हैं जो फ्रेशर्स हैं। ठीक है जी। तो कहता है इससे क्या हुआ समाज में इनिक्वालिटी या क्लासेस आने शुरू हुई क्योंकि मार्क्स इनिक्वालिटी के खिलाफ है और इसीलिए वो आपको सलूशन भी सजेस्ट करेगा कि कैसे इसको खत्म किया जाए। ठीक है जी। सबसे पहला मैंने आपको बताया चार टुकड़ों पे जिसको डिस्कस करना है हर एक थ्योरी यह थ्योरी वाला जो जो अपना वीडियो है उसका इंट्रो देखो पहले। चार आस्पेक्ट आपको रटे होने चाहिए। आप उसी पे थ्योरीज को डिस्कस करते रहो। आपको याद करने भी बहुत आसान हो जाएंगी। सॉरी तो मार्क्स क्या बोलता है?मार्क्स देखो मार्क्स काफी काफी इंडियन है। जैसे हम आपने सुना होगा हमारे घरों में बोला जाता है कि पैसा मुसीबत की जड़ है। मार्क्स भी वही कहता है। मार्क्स भी कहता है कि स्ट्रेटिफिकेशन समाज में जो यह ऊंच नीच चल रही है, जो अब स्टेटा बने हुए हैं, इसका बेसिस क्या है?अंडरलाइन जो कॉज क्या है?वह बोलता है इकोनॉमी कि इकोनॉमी अंडरलाइन कॉज है। अगर इकोनॉमी को हम ठीक कर दें तो सभी इनिक्वालिटीज भी खत्म हो जाएंगी। ठीक है जी। तो मार्क्स सिंगल हैंडली इसीलिए मार्क्स को हमने क्या कहा एक वर्ड यूज़ करते हैं। मार्क्स के लिए मार्क्स इज इकोनॉमिक डिटरमिनिस्ट। डिटरमिनिस्ट का मतलब क्या होता है?जिसने डिटरमिन कर लिया जिसने बता दिया। मैंने खोज निकाला कि हर एक चीज की मुसीबत हर एक चीज की जो प्रॉब्लम है, इसी से निकलती है। तो मार्क्स को क्या लगता है?इकोनॉमी से निकलती है। तो इसलिए इसको इकोनॉमिक डिटरमिनिस्ट भी कहा जाता है। ठीक है जी। ओके। देन आगे। चार चीजें थी तो सेकंड आ गई स्ट्रक्चर। मार्क्स स्ट्रक्चर कैसे देखता है?बहुत ही सिंपल तरह से देखता है। भई जिसके पास धन दौलत है, उसको वह हैव बोल देता है। या फिर जिसके पास रिसोर्सेज हैं, जिसके पास नहीं है उसको वो हैव नॉटस बोल देता है। ठीक है जी। और वेरियस कहता है। वेरियस टाइम्स में बदलते रहे। पुराने जमाने में फ्यूडलिज्म में क्या बोलते है वह लॉर्ड्स थे एंड देन जो उनके जो लॉर्ड्स थे, उनके अंदर जो काम करते उनको सर्फ कहता है। आज के जमाने में बोलते हैं जिनके पास धन दौलत है, वह कैपिटलिस्ट हैं। जो लोग काम कर रहे हैं, वह वर्कर है उसका नाम बोलता है बुर्जुआसी एंड प्रोलेटेरिएट। ठीक है जी। एंड कहता है हम अगली स्टेज में जाएंगे। जब फ्यूचर में सोशलिज्म कम्युनिज्म आएगा तभी यह इनिक्वालिटी खत्म होंगी। तब हमारे हैव हैव नॉट नहीं हुआ करेंगे। सभी सभी क्या हो जाएंगे हैव हो जाएंगे। ठीक है जी। तो चार तरह के ट्रेस करता है यहां पढ़ भी लो। हम मार्क्स में दोबारा पढ़ेंगे। पहले बोलता है एंशिएंट जब एंशिएंट मोड ऑफ प्रोडक्शन नाम लिखता है। वह सबसे पहली सबसे पहली टाइप बोलता है सोसायटी बनी एंशिएंट एमओपी वाली, एंशिएंट मोड ऑफ प्रोडक्शन। वहां पर कुछ मास्टर्स थे, कुछ उनके स्लेव्स थे। ठीक है जी। यह स्ट्रक्चर था। देन आपका वह बोलता है अगला आया फ्यूडल जिसमें जिसमें जिसके पास जमीन थी ज्यादा जमीन वह फ्यूडल लॉर्ड कहलाया। जो उनकी जमीनों पर काम करते थे आगे वह वो सर्फ कहलाए। ठीक है जी। फिर आया कैपिटलिज्म। कैपिटलिज्म में किसके पास धन दौलत था वह बुर्जुआसी। जो उनके लिए काम करते थे वर्कर, वह प्रोलेटेरिएट। ठीक है जी। कहता है करेंटली देयर आर नंबर ऑफ क्लासेस इन जर्मनी बट ग्रेजुअल पोलराइजेशन जब मार्क्स लिख रहा है, मार्क्स कह रहा है अभी तो मैं जर्मनी में देखता हूं कि काफी सारी क्लासेस हैं। यह अपर क्लास देन यह थोड़ा सा मिडिल क्लास। मिडिल क्लास में भी तीन-चार तरह की वैरायटी। देन लोअर क्लास। कई तो काफी गरीब हैं। लोअर क्लास में। तो कह रहा है उसको मार्क्स अपनी अपनी किताब में लिखता भी है कि आठ तरह की क्लासेस हैं। जो उसको दिखती हैं। कह रहा है लेकिन ग्रेजुअली देख रहा है वो पोलराइज हो रही हैं। पोलराइज का मतलब मैंने पहले ही बताया था आपको कि लेट्स से अभी ऐसे समाज ऐसे दिखता है उसको कि बहुत सारी क्लासेस हैं। लेकिन विथ टाइम हो क्या रहा है?विथ टाइम जो ये जो अमीर थे, ये अमीर होते जा रहे हैं। गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। सारे के सारे गरीब यहां कंसंट्रेट हो जाएंगे। सारे के सारे अमीर यहां कंसंट्रेट हो जाएंगे। बीच में कुछ नहीं होगा। बीच में खाली होगा। ठीक है पोलराइज। यह पूरा समाज कैसे दिखेगा?या तो सब बहुत अमीर है यहां सब बहुत गरीब है। इनिक्वालिटी बहुत हाई दिखती है मार्क्स को तो इसलिए वो होता है पोलराइजेशन हो रही है। विथ टाइम जर्मनी में। ठीक है जी। अब कौनसीक्वेंसेज?तो मार्क्स को क्या लगता है?भई यह पोलराइजेशन हो जाएगी। इनिक्वालिटी बढ़ जाएगी तो क्या होगा?सब भजन कीर्तन करेंगे?अरे भई नहीं करेंगे भजन कीर्तन। जंग लड़ेंगे। क्लास स्ट्रगल होगी। क्लासेस आपस में भिड़ेंगी और कहता है उसके कारण क्या आएगा?अगली स्टेज आएगी हमारी मैनकाइंड की कैपिटलिज्म से हम आगे बढ़ेंगे सोशलिज्म पर। सोशलिज्म थोड़ा सा जो कांसेप्ट है वो कम्युनिज्म से डिफरेंट है। सोशलिज्म में क्या बोलते है?वर्कर्स जो प्रोलेटेरिएट थे यह पावर हथिया लेंगे बुर्जुआसी। जो कि कैपिटलिस्ट थे उनसे एंड देन एक बार तो यह अपनी डिक्टेटरशिप लेकर आएंगे। लेकिन विथ टाइम यह इतना ऑसम वर्ल्ड क्रिएट कर देंगे। इतना मजेदार वर्ल्ड जहां पर ये खुद भी अपनी पावर छोड़ देंगे। एंड सभी बराबर हो जाएंगे। उसको वह बोलता है कम्युनिज्म जहां पे सारी सोसायटी कम्युनिटी इकट्ठी रहेगी। कोई भेदभाव नहीं रहेगा। ठीक है जी। कौनसीक्वेंसेज?तीन बात हो गई है बेसिस, स्ट्रक्चर, कॉन्सीक्वेंसेज एंड देन यूनिवर्सलिटी की बात करेगा। क्या यह सब जगह है?मार्क्स कहेगा हां है तो सब जगह ही। लेकिन फ्यूचर क्या है?फ्यूचर तो कहता है फ्री ऑफ स्ट्रेटिफिकेशन है। वर्कर्स ने अभी क्लास स्ट्रगल करनी है। अभी वर्कर्स ने रेवोल्यूशन लेकर आना है। सोशलिज्म कम्युनिज्म आ जाएगा। यह है फ्यूचर। ठीक है जी। तो ये अपने पास। तो मार्क्स की कहानी हो गई। लेकिन मार्क्स की कहानी जान लेना इनफ नहीं है। आपको अगर यह क्वेश्चन आएगा कि मार्क्स की थ्योरी बताओ स्ट्रेटिफिकेशन की पहले आपने थोड़ी सी थ्योरी बतानी है एंड देन बताना है कि इसमें बहुत सारी कमियां भी है। क्रिटिसाइज करना है आपने। तो क्रिटिसाइज वेबर से करवा लेते हैं पहले और एक डेरेंडॉर्फ से करवा लेंगे। ठीक है जी। बहुत ही अच्छे क्रिटिसिज्म है। वेबर क्या बोलता है?वेबर बोलता है कि फ्यूचर में इनिक्वालिटी बढ़ेगी। मार्क्स को लगता है घटेगी। वेबर कहता है बढ़ेगी। क्यों रीजन क्या देता है?कह रहा है कैपिटलिज्म जैसे-जैसे बढ़ता रहेगा। कैपिटलिज्म में मान लो कंपनियां बड़ी-बड़ी बनती जा रही हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियां मैनेज करने के लिए आपको बहुत सारे ऑफिस चाहिए होंगे। ऑफिसेज कौन मैनेज करेगा?ब्यूरोक्रेटस। तो कह रहा है ब्यूरोक्रेसी बढ़ेगी। ब्यूरोक्रेसी बढ़ेगी तो इनिक्वालिटी बढ़ेगी। वेबर बिल्कुल सही बोल रहा है वैसे कि कि ब्यूरोक्रेसी मतलब नए-नए तरह के अफसर आएंगे। नए-नए तरह के अफसर बाकी जो नीचे जूनियर से क्या होंगे?बेटर ऑफ होंगे। तो इनिक्वालिटी तो बढ़ेगी ही बढ़ेगी। वेबर ऐसा मानता है क्योंकि कैपिटलिज्म बढ़ रहा है। एंड देन आगे वो कह रहा है कि कॉन्फ्लिक्ट तो होगा। लेकिन कॉन्फ्लिक्ट के कारण क्या रेवोल्यूशन आएगा?नहीं वेबर नहीं मानता। वेबर बहुत सही लाइन लिखता है कि रेवोल्यूशन इज अ डिस्टेंट पॉसिबिलिटी प्लीज इसको मैंने अंडरलाइन भी किया है। आप भी इसको कोट्स में लिखना वेबर सेज दैट रेवोल्यूशन इज अ डिस्टेंट पॉसिबिलिटी भई रेवोल्यूशन वल्यूशन कुछ नहीं आने वाला। इनिक्वालिटी बढ़ेगी बस बढ़ती ही जाएगी और कुछ नहीं है। ठीक है जी। एंड अब डेरेंडॉर्फ सुप्रीमली इंपोर्टेंट डेरेंडॉर्फ। डेरेंडॉर्फ फाइव बोलते हैं इसको। डेरेंडॉर्फ ने पांच बातें कही। डेरेंडॉर्फ खुद भी मार्क्सिस्ट है। लेकिन इसने पांच बातें कही। मार्क्स को इसने नस्ते नाबूत कर दिया। मार्क्स की बेचारे की कब्र खोद दी इसने। तो आप इसको मार्क्स के चैप्टर में भी कोट कर सकते हो। डेरेंडॉर्फ ने मार्क्स को क्रिटिसाइज कैसे किया?पहला वो बोलता है कि रेवोल्यूशन इंपॉसिबिलिटी है। पांच कारण क्या है?पहला कैपिटल विल डीकंपोज अभी आप देखते हो कैपिटल विल डीकंपोज आपको दिखती है कहां पे डीकंपोज मतलब जैसे कैपिटलिस्ट कौन है?वो कह रहा है कि आप इमेजिन करो शेयर मार्केटस। शेयर मार्केट में मैंने पैसे कुछ शेयर खरीद लिए किसी और ने शेयर खरीद लिया। छोटे-छोटे छोटे-छोटे-छोटे बहुत सारे शेयर होल्डर्स हो गए तो सभी सभी कैपिटलिस्ट हैं। कैपिटलिस्ट तो ओनर था ना ओनर। तो मेरे पास भी शेयर है आपके पास भी शेयर है। क्या हम सब कैपिटलिस्ट हो गए?हां जी हो गए जी। तो वो कह रहा है कैपिटल तो डीकंपोज हो चुकी है। किस किस कितने बहुत सारी जगहों पर पहुंच चुकी है। बैंक्स कैपिटल दे रहे हैं। नए-नए तरह के लोन्स मिल रहे हैं। तो कैपिटल है डीकंपोजड। अब कौन कैपिटलिस्ट कौन नॉन कैपिटलिस्ट बता ही नहीं सकते आप। तो कह रहा है इसलिए मार्क्स की थ्योरी फेल है। अच्छा जी। देन वो कह रहा है लेबर विल डीकंपोज विल डीकंपोज और भी अच्छा पॉइंट। वो कह रहा है कि आप इमेजिन करो चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर। ठीक है जी। कंपनी का सबसे ही बड़ा अफसर होता है यह सीईओ। ठीक है जी। सीईओ को इमेजिन करो। सीईओ कंपनी का ओनर होता है?नहीं जी ओनर नहीं होता। ओनरस ने इसको बैठाया होता है। भई हमारी कंपनी चला बढ़िया सी। सीईओ वही होता है। ठीक है जी। वही होता है। तो कंपनी का ओनर तो यह नहीं है। ठीक है जी। क्या लेकिन ये ये वर्कर है फिर?हां जी है तो वर्कर कहने को। लेकिन क्या यह वर्कर है?अरे भई वर्कर भी तो नहीं बिहेव करता ये। यह सीईओ जो है, सीईओ सारे के सारे इंपॉर्टेंट डिसीजंस खुद ले रहा है। तो इसलिए कह रहा है लेबर भी डीकंपोज हो गई है। कौन कैपिटलिस्ट कौन लेबर पता नहीं चलता। ठीक है जी। एंड देन वेलफेयर स्टेट। कहता है अब सच में ट्रूली सरकार जो है, जनता के भले के लिए काम करती है। वेलफेयर करती है तो मार्क्स का कहना था कि सरकार तो मिली हुई है। ठीक है जी। सब मिला हुआ है जी। तो मार्क्स का कह रहा है कि थोड़ा सा यहां पर भी आप गलत हो गए मार्क्स जी कि वेलफेयर स्टेट आ गई है। सच में जनता के भले के लिए काम करती है क्योंकि जनता के भले के लिए काम नहीं करेगी वोट नहीं मिलेंगी। ठीक है जी। एंड देन चौथा पॉइंट। मिडिल क्लास विल इमर्ज। मार्क्स ने कहा था कि पोलराइजेशन हो जाएगी। ठीक है जी। पोल्स में हो जाएंगे। बीच में कुछ नहीं होगा। या तो लोग बहुत अमीर या बहुत गरीब। ठीक है जी। लेकिन हम क्या देखते हैं?इंक्रीजिंगली मिडिल क्लास कितनी हैवी हो गई है?बहुत ज्यादा एक बड़ी मिडिल क्लास बन चुकी है दुनिया। दुनिया में बहुत सारे लोग मिडिल क्लास है। ठीक है जी। मिडिल क्लास आ गई। मार्क्स यहां भी गलत प्रूव हो गया। एंड देन लास्ट इज अपने पास की हाई सोशल मोबिलिटी होगी हमारे पास फ्यूचर में। मोबिलिटी का मतलब अगर मैं लोअर क्लास हूं मेरे पास ऑप्शंस होंगी अपर क्लास या मिडिल क्लास में आने की। मोबिलिटी कि मैं मोबाइल होगा। मैं आ सकता हूं। ऊपर वाले अपनी स्ट्रेटा में मैं स्ट्रेटा में लोअर में लाइ लाइक करता हूं। एजुकेशन लेकर स्किल लेके कहीं ना कहीं ऊपर आने की मेरे पास चांसेस होंगे। तो कह रहा है फ्यूचर में मोबिलिटी भी होगी। मार्क्स इसको नहीं मानता था। तो इसने ये पांच पॉइंट दिए। कैपिटल डीकंपोज लेबर डीकंपोज वेलफेयर स्टेट मिडिल क्लास इमर्ज एंड हाई सोशल मोबिलिटी फ्यूचर इसको याद रखना है हमेशा मार्क्स का सबसे तगड़ा क्रिटिसिजम है। वेबर तो चलो है ही है। वेबर ने तो बोल ही दिया कि कोई डिस्टेंट पॉसिबिलिटी है। कुछ नहीं होने वाला। ब्यूरोक्रेसी बढ़ने वाली है। कैपिटलिज्म भी साथ-साथ बढ़ेगा। ठीक है जी। तो मार्क्स यहां खत्म करते हैं हम। एंड देन अब इसके बाद हम। अब वैसे डेरेंडॉर्फ के बारे में अगर एक चाहता एक बात एक मैं क्विकली बता रहा हूं। डेरेंडॉर्फ का लास्ट है ये डेरेंडॉर्फ क्या बोलते है फिर की स्ट्रेटिफिकेशन डेरेंडॉर्फ भी जाते-जाते अपनी बात बोल जाता है कि स्ट्रेटिफिकेशन दो तरह से होगी। या तो अथॉरिटी जिसके पास अथॉरिटी है वो ऊपर होगा बाकी नीचे या फिर एक्सेस टू अथॉरिटी कि अगर मेरे पास पहुंच भी है अथॉरिटी की तब भी मैं सिस्टम में ऊपर हूं। ठीक है जी। तो ये दो तरह से बोलते है कि स्ट्रेटिफिकेशन होगी। तो यहां मार्क्सिस्ट आइडिया खत्म कर रहे हैं यहां पर। देन अपना अगला आइडिया वेबर का शुरू करेंगे। ठीक है जी। तो कीप वाचिंग। ओके थैंक यू।

Sociology for UPSC : MARX's THEORY OF STRATIFICATION - Chapter 5 - Paper 1 - Lecture 7
Sleepy Classes IAS
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