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Mood, Focus और Energy — सब पेट से Control होते हैं | The Mind-Gut Connection | Dr. Emeran Mayer

Book Tuber Hindi

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[0:00]तुम्हारा डिप्रेशन तुम्हारे दिमाग में नहीं है। तुम्हारी एंग्जायटी तुम्हारा नेचर नहीं है और तुम्हारी वो लेज़ीनेस जिसे तुम अपनी कमजोरी समझते हो, वो असल में तुम्हारी गलती नहीं है। तुम एक कठपुतली हो। और धागे तुम्हारे हाथ में नहीं है। धागे बंधे हैं तुम्हारी आंतों से। तुम्हारे पेट में पल रहे अरबों बैक्टीरिया तुम्हें चला रहे हैं। तुम अभी इस वीडियो को बंद कर सकते हो, वापस अपनी उसी गुलामों वाली जिंदगी में जा सकते हो - जहाँ तुम्हें लगता है कि आज मेरा काम करने का मन नहीं है। लेकिन अगर तुम अगले कुछ मिनट मेरे साथ रुकते हो... तो मैं तुम्हें साबित कर दूंगा.. कि तुम्हारे शरीर के अंदर एक सिविल वॉर यानि एक गृह युद्ध चल रहा है। और अभी तुम हार रहे हो। नमस्कार दोस्तों, मैं हूँ सौरभ। और स्वागत है आपका BOOK TUBER HINDI पर। बचपन से हमें एक झूठ सिखाया गया। "दिमाग राजा है"। हमें लगता है कि हमारे विचार, हमारे फैसले, हमारा गुस्सा, हमारा प्यार, सब कुछ हमारे भेजे से आता है। गलत। आज की मॉडर्न न्यूरो साइंस और डॉक्टर Emeran Mayer की किताब THE MIND GUT CONNECTION ने इस झूठ का पर्दाफाश कर दिया है। सच्चाई ये है कि तुम्हारे पास एक नहीं दो दिमाग हैं। पहला दिमाग जो तुम्हारी खोपड़ी में है। और दूसरा दिमाग जो तुम्हारी आंतों में है। इतिहास के सबसे खतरनाक और जीनियस फिलोसोफर FREDRICK NIETZSCHE का मानना था कि एक गुलाम जैसा खाना खाकर तुम राजा जैसा नहीं सोच सकते। कोई भी इंसान महान विचार नहीं सोच सकता अगर उसका पेट खराब है। हजारों साल पहले जब माइक्रोस्कोप नहीं थे, तब आयुर्वेद के ऋषियों ने इसे देख लिया था। आयुर्वेद कहता है रोगह सर्वे अपि मंदाग्नि। यानी दुनिया की हर बीमारी तुम्हारी पाचन अग्नि से बुझने से शुरू होती है। जब तुम गलत खाते हो तो पेट में खाना पचता नहीं, वो सड़ता है। और वो सड़ा हुआ खाना एक चिपचिपा जहर बन जाता है जिसे आम कहते हैं। ये जहर तुम्हारे खून में मिलकर तुम्हारे दिमाग के मेधा यानि इंटेलिजेंस को ब्लॉक कर देता है, जिसे आज साइंस ब्रेन फॉग कहती है, उसे 5000 साल पहले आयुर्वेद ने प्रज्ञा अपराध कहा था। यानी जब तुम्हारा ही शरीर तुम्हारी बुद्धि के खिलाफ बगावत कर दे। लेकिन हमने उनकी बात नहीं सुनी और आज नतीजा क्या है? हम एक ZOMBIE जेनरेशन बन गए हैं। सुबह उठते हैं.. थकान। दोपहर में खाना खाते हैं.. नींद। रात को सोने की कोशिश करते हैं.. बेचैनी। डॉक्टर Emeran Mayer के पास एक 25 साल का लड़का आया। उसने कहा डॉक्टर मुझे डिप्रेशन की दवाई दे दो, मेरा जीवन खत्म हो रहा है, मैं उदास रहता हूं। डॉक्टर ने उसका दिमाग चेक नहीं किया। डॉक्टर ने उसकी प्लेट चेक की। लड़के की डाइट ये थी। सुबह चीनी वाली कॉफी। SUGAR BOMB. नाश्ता में सैंडविच - PROCESSED WHEAT AND GLUTEN. रात… आइसक्रीम और चिप्स। इन्फ्लेमेशन। डॉक्टर ने उसे कहा बेटा तुम्हारा दिमाग खराब नहीं है, तुम्हारी आंतें रो रही है और उनकी चीखें तुम्हारे दिमाग तक पहुंच रही है। जिसे तुम डिप्रेशन समझ रहे हो। इस बात को गहराई से समझो। जब तुम कचरा खाते हो तो तुम सिर्फ पेट नहीं भर रहे। तुम अपने दिमाग के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हो। अब मैं तुम्हें वो चीज बताता हूं जो स्कूल में नहीं पढ़ाई गई। तुम्हारे पेट और तुम्हारे दिमाग के बीच एक डायरेक्ट फ़ोन लाइन है, इसे कहते हैं VAGUS NERVE. यह शरीर की सबसे लंबी नर्व है। वैज्ञानिक को पहले लगता था कि दिमाग पेट को आर्डर देता है। लेकिन THE MIND GUT CONNECTION में एक डरावना सच सामने आया। 90% सिग्नल दिमाग से पेट की तरफ नहीं जाते बल्कि पेट से दिमाग की तरफ जाते हैं। इसका मतलब समझते हो? तुम्हारा पेट तुम्हारे दिमाग को बता रहा है कि उसे कैसा महसूस करना है। तुम्हारी आंतों में अरबों बैक्टीरिया रहते हैं। कुछ अच्छे हैं, कुछ बुरे हैं। जिन्हें GOOD बैक्टीरिया और BAD बैक्टीरिया कहा जाता है। जब तुम चीनी, मैदा या जंक फूड खाते हो तो तुम उन बुरे बैक्टीरिया को दावत देते हो। ये बुरे बैक्टीरिया चीनी खाकर बड़े होते हैं। अपनी फौज बढ़ाते हैं। और फिर शुरू होता है असली खेल। ये बैक्टीरिया न्यूरोट्रांसमीटर को HIJACK कर लेते हैं। तुम्हें लगता है कि मुझे मीठा खाने का मन कर रहा है? नहीं। ये तुम नहीं हो। ये वो BAD बैक्टीरिया है जो VAGUS NERVE के ज़रिये तुम्हारे दिमाग को सिग्नल भेज रहे हैं कि हमें खाना दो। हमें चीनी चाहिए। तुम अपनी क्रेविंग्स के गुलाम नहीं हो, तुम इन सूक्ष्म परजीवियों के गुलाम हो। वैज्ञानिक ने चूहों पर प्रयोग किए। जब चूहों की आंतों के बैक्टीरिया बदले गए तो उनका व्यवहार बदल गया, निडर चूहे डरपोक बन गए और डरपोक चूहे आक्रामक। सोचो। अगर ये बैक्टीरिया एक चूहे की पूरी पर्सनालिटी बदल सकते हैं तो ये तुम्हारे साथ क्या कर रहे होंगे? तुम्हारे MOOD SWINGS, तुम्हारा अचानक गुस्सा आना, तुम्हारा फोकस ना कर पाना ये सब एक बायोकेमिकल साजिश है जो तुम्हारे पेट में रची जा रही है। बात सिर्फ मूड खराब होने तक सीमित नहीं है। बात अब तुम्हारे इंटेलिजेंस और भविष्य पर आ गई है। एक किताब है GRAIN BRAIN. जिसे DR. DAVID PERLMUTTER ने लिखा है। यह किताब न्यूरो साइंस की दुनिया में एक तमाचा थी। डॉक्टर PERLMUTTER कहते हैं, ग्लूटेन और शुगर आधुनिक इंसान के दिमाग के लिए धीमा जहर है। जब तुम लगातार पिज़्ज़ा, बर्गर और प्रोसेस्ड खाना खाते हो तो तुम्हारी आंतों की दीवार GUT LINING कमजोर पड़ जाती है। यह दीवार एक छलनी की तरह होनी चाहिए जो सिर्फ अच्छी चीजों को खून में जाने दे लेकिन खराब खाने से इस दीवार में छेद हो जाते हैं। इसे कहते हैं LEAKY GUT SYNDROME. अब ध्यान से सुनना। क्योंकि यह हिस्सा तुम्हें डरा देगा। जब आंतों में छेद होता है तो जो TOXINS और अधपचा खाना पेट से बाहर निकलना चाहिए था वो तुम्हारे खून में मिल जाता है। तुम्हारा खून उस गंदगी को लेकर पूरे शरीर में घूमता है और अंत में पहुंचता है तुम्हारे दिमाग तक। वहां एक और बैरियर होता है BLOOD BRAIN BARRIER. लेकिन जब शरीर में इतनी इन्फ्लेमेशन होती है तो दिमाग की सुरक्षा दीवार भी टूट जाती है। इसे कहते हैं LEAKY BRAIN. तुम्हारे पेट की गंदगी LITERALLY तुम्हारे दिमाग में घुस रही है, नतीजा? BRAIN FOG. क्या कभी ऐसा हुआ है कि तुम पढ़ने बैठे हो लेकिन एक लाइन भी समझ नहीं आ रही? किसी का नाम याद करने की कोशिश कर रहे हो, लेकिन जुबान पर नहीं आ रहा। ऐसा लगता है जैसे दिमाग पर एक धुंध छाई हुई है। यह थकान नहीं है। यह TOXIC WASTE है जो तुम्हारे न्यूरॉन्स को जाम कर रहा है। तुम अपनी पोटेंशियल का सिर्फ 40% इस्तेमाल कर पा रहे हो क्योंकि तुमने अपने इंजन में पेट्रोल की जगह कचरा भर दिया है। लोग खुशी ढूंढने के लिए क्या नहीं करते? नशा, शराब, सोशल मीडिया, रिलेशनशिप। लेकिन बायो हैकिंग का सबसे बड़ा राज ये है 90% सेरोटोनिन तुम्हारे दिमाग में नहीं, तुम्हारी आंतों में बनता है। सेरोटोनिन यानी हैप्पी हार्मोन। वो केमिकल जो तुम्हें रिलैक्स महसूस कराता है, तुम्हें कॉन्फिडेंस देता है। मॉडर्न साइकियाट्री दिमाग का इलाज करती रह गई, जबकि फैक्ट्री तो नीचे पेट में थी। अगर तुम्हारी आंतें खराब है, तो सेरोटोनिन नहीं बनेगा। और अगर सेरोटोनिन नहीं बनेगा, तो दुनिया की कोई भी मोटीवेशनल वीडियो तुम्हें खुश नहीं कर सकती। तुम अंदर से खाली महसूस करोगे। एक और न्यूरोट्रांसमीटर है गाबा। ये वो केमिकल है जो तुम्हें शांत करता है, एंग्जायटी रोकता है। ये भी तुम्हारे पेट के गुड बैक्टीरिया बनाते हैं। EQUATION बहुत सीधी है। खराब खाना जिसकी वजह से GOOD बैक्टीरिया की मौत, GOOD बैक्टीरिया की मौत। मतलब NO HAPPY HORMONE. और फिर डिप्रेशन और एंग्जायटी। डॉक्टर Emeran Mayer एक बात बार बार दोहराते हैं। आज की दुनिया में हम डिप्रेशन का इलाज वैसे कर रहे हैं जैसे कोई जहरीले पानी से मर रहे आदमी को दर्द की गोली पकड़ा दे। लक्षण शांत हो जाते हैं, लेकिन जहर अंदर ही अंदर फैलता रहता है। उन्होंने कहा, अगर किसी फैक्ट्री में जहरीला धुआं निकल रहा हो और हम सिर्फ अलार्म बंद कर दें तो लोग मरेंगे ही। असल इलाज अलार्म नहीं है। असल इलाज है फैक्ट्री को ठीक करना। और वो फैक्ट्री तुम्हारा पेट है। अगर तुम चाहते हो कि तुम्हारा दिमाग लेज़र की तरह तेज हो, तुम्हारा फोकस टूटे नहीं और तुम्हारी ऊर्जा किसी शिकारी जानवर जैसी हो तो तुम्हें अपनी प्लेट पर लोकतंत्र खत्म करना पड़ेगा। वहां सिर्फ एक ही सत्ता चलेगी और वो होगी तुम्हारी। डॉक्टर EMERAN MAYER और डॉक्टर PERLMUTTER की रिसर्च के आधार पर ये है तुम्हारा BATTLE PLAN. ये सिर्फ एक डाइट नहीं, ये एक प्रोटोकॉल है। STEP ONE. KILL THE INVADERS. दुश्मनों को भूखा मारो। सबसे पहले उन बुरे बैक्टीरिया की सप्लाई लाइन काट दो जो तुम्हें कंट्रोल कर रहे हैं। इसका मतलब है SUGAR और टोटल बॉयकाट। जब तुम चीनी छोड़ोगे तो पहले 3 दिन नर्क जैसे होंगे। क्यों? क्योंकि तुम्हारे पेट के वो बुरे बैक्टीरिया तड़पेंगे। वो वेगास नर्व के जरिए तुम्हें सिग्नल भेजेंगे। सिर दर्द होगा, चिड़चिड़ापन होगा, तालाब लगेंगी। ये तुम्हारी भूख नहीं है। ये उस परजीवी की मौत की चीख है। इसे सहो। नियम साफ है। नो शुगर, नो पैकेट फूड, नो वेजिटेबल आयल्स, 7 दिन के लिए दूध को भी रोक कर देखो। क्योंकि आज का दूध इन्फ्लेमेशन बढ़ाता है। STEP TWO. REPAIR THE WALL. किले की मरम्मत। तुम्हारी आंतों की दीवार टूटी हुई है, उसे भरने की जरूरत है। इसके लिए तुम्हें चाहिए FASTING यानी उपवास। जब तुम 14-16 घंटे कुछ नहीं खाते तो शरीर को खाना पचाने की मेहनत नहीं करनी पड़ती। वो उस ऊर्जा का इस्तेमाल मरम्मत (REPAIR) करने में करता है। रात का खाना सोने से तीन 4 घंटे पहले खाओ। पेट भरकर कभी मत सो। अगर पेट भरा है तो दिमाग कभी शांत नहीं होगा। नींद की क्वालिटी गिर जाएगी और अगले दिन तुम फिर से थके हुए उठोगे। STEP THREE. SEED THE GARDEN. नई सेना तैयार करो। बुरे बैक्टीरिया को मारने के बाद तुम्हें अच्छे बैक्टीरिया की फौज तैयार करनी होगी। तुम्हें दो हथियार चाहिए। PREBIOTICS और PROBIOTICS. NUMBER ONE. PREBIOTICS. यह अच्छे बैक्टीरिया का खाना है। कच्चा प्याज, लहसुन, ओट्स, अलसी के बीज, सेब, केले ये चीजें सीधे नहीं पचती। ये आंतों में जाकर फर्मेंट होती हैं और गुड बैक्टीरिया को सुपरपावर देती हैं। NUMBER TWO. PROBIOTICS. जीवित बैक्टीरिया जो तुम सीधे खाते हो। जैसे दही। घर का जमा हुआ। छाछ। KANJI. गाजर और राई का पानी एक प्राचीन भारतीय प्रोबायोटिक्स सुपर फूड है। अचार। घर का बना। सिरके वाला नहीं। ज़रा सोचो पिछले साल तुमने कितनी बार छोटी मोटी सर्दी के लिए ANTIBIOTICS खाई? डॉक्टर MARTIN BLAZER की रिसर्च कहती है, कि ANTIBIOTICS का एक कोर्स तुम्हारे पेट के इकोसिस्टम के लिए परमाणु बम जैसा है। ये बुरे बैक्टीरिया को मारता है लेकिन साथ में तुम्हारे अच्छे बैक्टीरिया के पूरे शहर को जलाकर खाक कर देता है। और उस बंजर जमीन पर सबसे पहले कौन उगता है वो ज़िद्दी, बुरे बैक्टीरिया और फंगस। एक बार एंटीबायोटिक लेने के बाद तुम्हारे GUT को पूरी तरह रिकवर होने में 6 महीने से 2 साल लग सकते हैं। तुम अपनी ही सेना को गोली मार रहे हो। जापान के SAMURAI मानते थे कि इंसान की आत्मा उसके दिमाग में नहीं, उसके पेट में होती है। जिसे वो "हारा" कहते थे। वो अपनी आंतों को पवित्र रखते थे। तुम्हें भी वही करना है। दुनिया में दो तरह के लोग हैं। एक वो जो अपनी जीभ के गुलाम हैं जो 5 मिनट के स्वाद के लिए अपने आने वाले 50 साल बर्बाद कर देते हैं, जिनका रिमोट कंट्रोल किसी और के हाथ में है। और दूसरे वो जो जानते हैं कि असली ताकत विलपावर में नहीं बायोलॉजी में है। डॉक्टर इमरान मेयर के उस मरीज ने जब अपनी डाइट बदली तो उसने खुद कहा। डॉक्टर ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने मेरे दिमाग से पर्दा हटा दिया हो। मैं अब खुश होने की कोशिश नहीं करता। मैं बस खुश हूँ। तुम्हारे पास आज एक मौका है, अपनी रसोई में जाओ और उस कचरे को बाहर फेंक दो जो तुम्हें कमजोर बना रहा है। याद रखना, तुम दुनिया को तब तक नहीं जीत सकते जब तक तुम अपनी प्लेट को नहीं जीत लेते। यह आसान नहीं होगा, समाज तुम्हें कचरा खिलाने की कोशिश करेगा, दोस्त मजाक उड़ाएंगे, लेकिन शेर घास नहीं खाता। चाहे पूरी दुनिया घास खा रही हो। अब मुझे COMMENTS में एक कमिटमेंट चाहिए। यह वीडियो देखने वाले 99% लोग कल तक इसे भूल जाएंगे, लेकिन वो 1% जो अपनी जिंदगी बदलना चाहते हैं.. COMMENT में लिखो। I AM READY. ताकि मुझे पता चले कि मेरा यह मैसेज किन योद्धाओं तक पहुंचा है? और अगर इस टॉपिक पर और गहरा वीडियो चाहिए जहां मैं पूरा डाइट CHART दूं तो COMMENT करो - PART TWO. शेयर करो इस वीडियो को उस दोस्त के साथ.. जिसे हमेशा BRAIN FOG रहता है। उसे जगाओ। याद रखना, तुम्हारी पहली जंग उस चीनी के खिलाफ है जिसने तुम्हारे दिमाग को बंधक बना रखा है। अगर तुम देखना चाहते हो कि सिर्फ 30 दिनों में यह बदलाव तुम्हारे चेहरे और तुम्हारी ऊर्जा पर कैसा दिखेगा.. तो अगला वीडियो देखिए - 30 DAYS NO SUGAR CHALLENGE पर। इसमें मैंने वो सब कुछ बताया है जो तुम्हारी BODY के साथ होने वाला है। जानिए कैसे DISCIPLINES LOG लोग इसका इस्तेमाल करके अपनी ENERGY, MOOD और WILLPOWER वापस लेते हैं। मिलते हैं ऐसी ही एक और POWERFUL, PRACTICAL और LIFE-CHANGING वीडियो के साथ। बहुत बहुत धन्यवाद।

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