[0:00]नमस्कार प्रिय दर्शकों आज मैं आपको हाथ पर योग बताने जा रहा हूं। यह चार योग हैं जो हथेली में उंगलियों पर बनने वाले चिन्हों से बनते हैं। आप अपने हाथ की उंगलियों को देखेंगे तो वहां चक्र और शंख के निशान बने बनते हैं। अगर आप ध्यान से देखें तो बिल्कुल समझ में आपके आ जाएगा कौन-कौन वो योग हैं? तो वो है कमल योग वापी योग वायु योग और प्रभंजन योग। कैसे बनता है? आइए आपको मैं बता दूं शास्त्र कहता है कि दाहिने और बाएं दोनों हाथों की दसों उंगलियों पर अगर चक्र का चिन्ह हो तो इसको कहते हैं कमल योग। कमल योग अगर किसी व्यक्ति की हथेली में हो तो सीधी सी बात है कि 10 उंगली पर चक्र होने का मतलब है कि व्यक्ति अद्वितीय माने आम शब्दों में कहूं तो आप कल्पना कर लीजिए कि जितना एक धनवान से धनवान व्यक्ति हो समाज में मान प्रतिष्ठा सम्मान ये सब कुछ दिलाने वाला होता है। यह बहुत उच्च कोटि का योग है अगर ऐसे किसी व्यक्ति की हथेली में योग हो और वो राजनीति में हो तो ऐसा व्यक्ति राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पद तक वो पहुंच जाता है। अब आता है दूसरा वापी योग वो कैसे बनता है? आइए आपको बता दूं 10 में से अगर नौ उंगलियों में चक्र के चिन्ह हो। कोई भी 10 में से नौ उंगलियों पर अगर चक्र का चिन्ह हो तो इसको कहते हैं वापी योग। यह भी बहुत अद्भुत है उसी प्रकार एक उंगली में कम हो रहा है तो ऐसा व्यक्ति किसी भी सामान्य से सामान्य परिवार से निकल कर के एक अद्भुत सफलता हासिल करता है जीवन काल में एक श्रेष्ठ सफलता हासिल करता है। माने प्रशंसा के लिए मैं दो चार शब्द कह सकता हूं लेकिन यह जो दोनों योग मैंने कमल और वापी यह दोनों योग बताए दोनों ही अत्यंत श्रेष्ठ राज योग हैं। अब इसके बाद बारी आती है वायु योग की वायु योग भी बहुत श्रेष्ठ है इसमें क्या करना है देख लीजिए। दाहिने हाथ की किसी भी चार उंगली पर मान लीजिए कि दाहिने हाथ में इसमें इसमें इसमें इसमें या किसी भी चार उंगली में अगर चक्र का चिन्ह आपको दिखाई पड़े तो इसी को कहते हैं वायु योग। वायु योग में भी जन्मा व्यक्ति अपने जीवन काल में बहुत श्रेष्ठ सफलता हासिल करता है। यह भी एक सामान्य से उठ कर के बड़े पद तक ले जाने वाला योग है। और इसके बाद अंत में बारी आती है चौथे योग की वह योग कैसे बनता है? आइए आपको बता दूं कि दाहिने हाथ में पांचों उंगलियों में से तीन किसी भी तीन उंगली पर अगर चक्र का चिन्ह आपको दिखाई पड़े तो इसको कहते हैं प्रभंजन योग। यह चौथा योग है किसी भी तीन उंगली को आपका चुनाव कर लेना है जरूरी नहीं कि अंगूठे पर हो तर्जनी पर हो सकता है मध्यमा पर हो सकता है किसी भी तीन उंगली पर अगर चक्र का चिन्ह है तो यह प्रभंजन योग है। दर्शकों यह चारों के चारों योग जिसमें से कमल और बापी और अत्यंत श्रेष्ठ बहुत कम देखने को मिलते हैं। वायु और प्रभंजन यह देखने को मिल जाते हैं अगर आप देखेंगे तो वायु और प्रभंजन योग मिल जाएंगे यह योग भी बहुत हैं श्रेष्ठ अगर आपके हाथ में हैं तो निश्चित रूप से अपने कर्मों के बदौलत आप जीवन काल में बहुत श्रेष्ठ सफलता हासिल करेंगे। इसमें और भी योग है मैं आने वाले दिनों में आपको बारी-बारी करके वह सब बताऊंगा जिसमें शंख के चिन्ह भी शामिल हैं तो आज मैंने आपको बताया चार योग हथेली में कमल योग, वापी योग, वायु योग और प्रभंजन योग। केवल चक्रों के निशानों को देखना है दसों उंगलियों में हो तो इसको कहते हैं कमल योग नौ पर हो तो वापी योग इसके बाद दाहिने हाथ की चार उंगलियों पर हो तो इसको कहते हैं वायु योग और दाहिने हाथ की तीन उंगलियों पर हो तो इसको कहते हैं प्रभंजन योग मिला लीजिए अपने हाथ में। मैं फिर से कहता हूं कि शब्दों में अगर मैं केवल कह सकता हूं तो दो शब्द ऐसा व्यक्ति अतुल्य संपदा का मालिक समाज में प्रतिष्ठित और सम्मानित व्यक्ति होता है। तो आज के लिए बस इतना ही कल पुनः एक नए योग के साथ आप सबके सम्मुख हाजिर होंगा तब तक के लिए मुझे इजाजत दीजिए नमस्कार।
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ungli me chakra (ऊँगली में चक्र का चिन्ह)palm reading guide BY- NARMDESHWAR SHASTRI [211]
PT. NARMDESHWAR SHASTRI
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