[0:00]ये अभिषेक बनर्जी का घर है। देखिए, इतना बड़ा बिल्डिंग बनाया है अभिषेक बनर्जी। एक एमपी के लिए यहां पे कम से कम 300 से 350 पुलिस रहता था। आपको धमका कर निकाल देता था, कोई नहीं जा सकता था। हम यहां के लोकल आदमी यहां से नहीं जा सकते थे। हम लोग आतंक में रहते थे कि कुछ न कुछ करेगा ये। उनका बयान देखेंगे जो बोल रहा था 4 तारीख को हम देख लेंगे। 4 तारीख को कौन दिल्ली का बाप का बेटा है 12:00 बजे के बाद मेरे पास आना हम सामने में खड़े रहेंगे। अभी बहुत अच्छा स्थिति में है हम लोग और ये जो बदलाव लाया है, बहुत अच्छा चीज हुआ है हम लोग के लिए।
[1:14]अभी जो स्थिति है, देखिए कितना माहौल कितना ठंडा है, देखिए। पूरा साफ सुथरा है, रास्ता में लोग आदमी लोग जा रहे हैं, पूरा खाली है। अभी पहले का जो रास्ता था बहुत दिक्कत होता था। हम लोग के सामने एक एसएसकेएम हॉस्पिटल बोल के है, पीजी हॉस्पिटल जैसे हम जानते हैं। वहां पे एक बासरूट था यहां पे। नाकतला बोल के नागटला बास जाती थी, वो भी बास बंद कर दिया, सिर्फ इनके वजह से। ये अभिषेक बनर्जी का घर है। देखिए, इतना बड़ा बिल्डिंग बनाया है अभिषेक बनर्जी। जो यहां के लिए कुछ भी काम नहीं किया। आदमी लोगों को डरा के, भय दिखा के जैसे कि आप लोग मतलब हम लोग आतंक में रहते थे, कुछ न कुछ करेगा ये। जो आप उनका बयान देखेंगे जो बोल रहा था 4 तारीख को हम देख लेंगे। 4 तारीख को कौन दिल्ली का बाप का बेटा है 12:00 बजे के बाद मेरे पास आना हम सामने में खड़े रहेंगे। अभी देखिए पूरा स्थिति माहौल पूरा ठंडा है, लोग शांति में रह रहे हैं, शांति में चल रहे हैं। अभी बहुत अच्छा स्थिति में है हम लोग और ये जो बदलाव लाया है, बहुत अच्छा चीज हुआ है हम लोग के लिए। यहां का जो सिक्योरिटी था अभी तो कोलकाता पुलिस पूरा चेंज हो गया ना। अभी तो उन लोगों का हाथ में कुछ है नहीं। सरकार बदल हो गया, नया सरकार आया तो नया सरकार तो ऐसा मनेगा नहीं। सिक्योरिटी हट गया जो से पुलिस एक एमपी के लिए यहां पे कम से कम 300 से 350 पुलिस रहता था। यहां वहां दोनों मिला के। अभी देखिए, पूरा खाली, पूरा रास्ता बिल्कुल खाली है, आदमी लोग शांति से जा रहा है किसी को कोई दिक्कत नहीं है। ना कोई आवाज है, ना कोई ये है। अगर पहले वाला रास्ता था आपको धमका के निकाल देता था, कोई नहीं जा सकता था। हम यहां के लोकल आदमी यहां से नहीं जा सकते थे। इस तरह का मतलब जोर जबरदस्ती उनका चलता था। सौरव बनर्जी।



