[0:08]आओ मिल जाए हम, अब रहो कभी से तुम। टीवी का निराले हम, टीवी का निराले हम। आओ मिल जाए हम, अब रहो कभी से तुम। टीवी का निराले हम, टीवी का निराले हम। नमस्कार, आज हम आपको देते हैं टीवी की कुछ जानकारी, जिसका समय रहते इलाज ही है समझदारी।
[0:41]देखो यह खांसी कोई आम नहीं। यदि है तीन हफ्तों से जारी। जांच कराओ अभी से ही पता करो है या नहीं टीवी की बीमारी। चलो चलो डॉट सेंटर में चलते हैं। डॉट सेंटर जा के, बलगम की जांच है करानी। होगी बिल्कुल मुफ्त जांच, नहीं होगी कोई परेशानी। अगर वो टीवी की बीमारी, तो मत घबराना। मुफ्त मिलेगी दवाई, बस नियमित है जाना।
[1:16]नमस्ते। इनकी बलगम की जांच पॉजिटिव आई है। पॉजिटिव मतलब? मतलब इनको टीवी की बीमारी है। हे भगवान ये क्या बीमारी लग गई इन्हें। अब मेरा क्या होगा, कहीं मैं मर तो नहीं जाऊंगा? नहीं नहीं, टीवी का इलाज संभव है। बस नियम से आपको 6 से 8 महीने दवाइयां लेनी हैं, जो कि आपकी नजदीकी डॉट सेंटर पे बिल्कुल मुफ्त मिलेंगी। साथ-साथ आपको पौष्टिक आहार भी लेना होगा। पर हम कैसे करेंगे हम बहुत गरीब हैं। आप इसकी भी चिंता ना करें, सरकार की तरफ से आपको आपके खाते में ₹500 हर महीने दिए जाएंगे। बस आप इनका ख्याल रखें और उनसे इनको पौष्टिक आहार दें। तो यह बीमारी घातक तो नहीं है कहीं मेरे परिवार को ना लग जाए? हां आपको बहुत सावधानी बरतनी होगी। इनको हमेशा खांसते और छींकते समय रूमाल का ही उपयोग करना होगा। ऐसे करने से और अपने पूरे दिन का बलगम एक डिब्बी में ही रखें। और इसको फेंकते समय 15 से 20 मिनट उबालकर ही फेंके, ऐसा करने से आपके आसपास के लोगों को यह बीमारी नहीं लगेगी। अच्छा। हर टीवी के रोगी को ये है बताना, 6 से 8 महीने दवाइयां हैं खाना। जो इसमें कर दिया कोई बहाना तो देखो क्या-क्या पड़ेगा सहना। 3 महीने बाद।
[2:43]नमस्ते। नमस्ते। अब मैं अपने आपको स्वस्थ महसूस करता हूं। क्या मैं दवाई खानी छोड़ सकता हूं? नहीं, अगर आपने अपना इलाज बीच में ही छोड़ दिया तो यह बीमारी और भयंकर रूप ले लेगी। आपकी टीबी एमडीआर टीबी में तब्दील हो जाएगी। एमडीआर टीबी? ये क्या होती है? एमडीआर टीबी यानी यह मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट टीबी है। इसमें काफी दवाइयों का असर होना बंद हो जाता है और इलाज भी तकरीबन 24 महीने तक चलता है। और अगर आपने एमडीआर टीबी का इलाज बीच में छोड़ दिया तो यह एक्सडीआर टीबी में तब्दील हो जाएगी और एक्सडीआर टीबी में पेशेंट का बच पाना भी मुश्किल हो जाता है। अच्छा।
[3:20]डॉट सेंटर देगा मदद तुमको पूरी। टीवी के इलाज में नियम है जरूरी। एमडी और एचडीआर से बनी रहेगी दूरी, अगर इलाज की प्रक्रिया नहीं रही है पूरी। इलाज पूरा होने पर।
[3:41]आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। अगर आपने मुझे समय पर जागरूक नहीं किया होता तो मैं यह इलाज बीच में ही छोड़ देता। इससे अपने और अपने परिवार का स्वास्थ्य खतरे में डाल देता। आप मेरे लिए भगवान हो। भगवान आपकी रक्षा करें और आपकी सरकारी नौकरी लगवाएं। आपके बच्चों का एडमिशन अच्छे कॉलेज में करवाएं और उनकी भी सरकारी नौकरी लगवाएं। नहीं, इसमें शुक्रिया की कोई बात नहीं, यह हमारा फर्ज था। यह फर्ज तो हम सबका है। आओ बनाएं टीबी मुक्त भारत।



