[0:07]कभी अवसर बदल जाते हैं कभी मौसम बदल जाते हैं। परिस्थितियां बदल जाती हैं। लेकिन एक अच्छा खिलाड़ी हर मौसम में हर मैदान में खेलने का हौसला रखता है।
[0:25]ये आसमा छिन गया तो क्या? नया ढूंढ लेंगे, हम वो परिंदे नहीं जो उड़ना छोड़ देंगे। मत पूछ हौसले हमारे आज कितने विश्वभद हैं,
[0:46]एक नई शुरुआत, नया आरंभ तय है। माना अभी हम नि:शब्द हैं। ये पारावर छूट गया तो क्या? नया सागर ढूंढ लेंगे, हम वो कश्तियां नहीं जो तैरना छोड़ देंगे।
[1:11]कदम चलते रहेंगे जब तक श्वास है, परिस्थिति से परे स्वयं पर हमें विश्वास है। एक रास्ता मिला नहीं तो क्या, नई राहें ढूंढ लेंगे, हम वो मुसाफिर नहीं जो चलना छोड़ देंगे।
[1:38]ख्वाबों को महकता रखते हैं, हम मंजिलों से राबता रखते हैं, नशा हमें हमारी फितरत का, हर हार करती है बुलंद, इरादा जीत का। ये मुकाम नहीं हासिल तो क्या? नए ठिकाने ढूंढ लेंगे, हम वो शय नहीं जो अपनी तलाश छोड़ देंगे। हम वो परिंदे नहीं जो उड़ना छोड़ देंगे।
[2:19]आपकी सविता



