[0:00]रोनाल्डो ने क्यों इंटरव्यू में कहा कि I'm always the best. वही शाहरुख क्यों हमेशा ये बोलते हैं I am the best. और आखिर क्यों माइक टायसन डायरेक्ट यह कहते हैं The best ever. एक्चुअली में इन सब के पीछे इनका घमंड, एटीट्यूड या फिर एरोगेंट नेचर नहीं है, बल्कि एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल टैक्टिक है जो किसी के लिए भी एक ग्रोथ बूस्टर का काम कर सकता है. यानी कि द सेल्फ प्रोफेसी इफेक्ट. जिसके अकॉर्डिंग एक्चुअली में हमारे वर्ड्स सिर्फ शब्द नहीं है बल्कि एक स्पेल की तरह काम करते हैं. जो सिर्फ हमें सुनाई नहीं पड़ते बल्कि हमारे ब्रेन की इनर न्यूरल केमिस्ट्री को बदल सकते हैं. खुद ब्रूसली ने यह कहा था, Don't speak negatively about yourself. Even as a joke. यानी कि ब्रेन एक ओबीडिएंट सोल्जर की तरह होता है. वह जज नहीं करता कि कमांड सही है या गलत. वह सिर्फ फॉलो करता है. यही रीज़न है कि ब्रूसली ने इसको ओवरकम करने के लिए एक फाइव वॉइस फ्रेमवर्क दिया था जो हर इंसान को खुद से बोलना चाहिए. जिसमें फर्स्ट लाइन है I am the best. सेकंड I can do it alone. थर्ड God is always with me. फोर्थ I am a winner. एंड फिफ्थ Today is my day.
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