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0 से Billionaire कैसे बने? | Billionaires Secret Formula | Sapne Sach Hote Hai |

Sapne Sach Hote Hai

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[0:00]नमस्ते दोस्तों, मैं हूँ आपका दोस्त और आप देख रहे हैं सपने सच होते हैं। आज हम बात करेंगे पैट्रिसिया जी. होरान द्वारा संपादित और जे पॉल गैटी द्वारा लिखित बुक How to be Rich की। हम बात करेंगे उस इंसान की, जिसे दुनिया ने हिस्ट्रीज़ रिचेस्ट कॉर्नर कहा। नाम था जे पॉल गैटी। एक ऐसा अरबपति जिसने उस दौर में करोड़ों कमाए, जब दुनिया मंदी की मार झेल रही थी। अगले कुछ मिनटों में मैं आपको गैटी की उस डायरी के वह पन्ने पढ़कर सुनाऊंगा जिन्हें पढ़कर मिडिल क्लास लोग रातों-रात अपनी सोच बदल लेते हैं। हम जानेंगे कि क्यों गैटी ने अपने घर में Pay phone लगवाया था और कैसे उन्होंने डूबती हुई कंपनियों को सोने की खान बना दिया। अगर आप आज भी उसी पुरानी गरीबी की सोच में जीना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अभी बंद कर दीजिए। लेकिन अगर आपके अंदर वो आग है कि आप अपनी आने वाली सात पीढ़ियों की किस्मत बदलना चाहते हैं, तो एक सेकंड के लिए भी पलक मत झपकाना। क्योंकि आज हम अमीर दिखने की नहीं, अमीर बनने की बात करेंगे। तैयार हैं? तो चलिए शुरू करते हैं चैप्टर वन, द मिलियनेयर माइंडसेट से। लेकिन उससे पहले कमेंट में अपनी हाजिरी लगाइए और लिखिए आई एम बॉर्न टू बी रिच। क्योंकि जो आप बोलेंगे, वही सच होगा। चैप्टर एक: द मिलियनेयर माइंडसेट। दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के 95% लोग जिंदगी भर कोल्हू के बैल की तरह मेहनत करते हैं। फिर भी एक साधारण जीवन ही जी पाते हैं। वहीं दूसरी तरफ, सिर्फ 5% लोग ऐसे हैं जिनके पास दुनिया की आधी से ज्यादा दौलत है। क्या उन 5% लोगों के पास कोई जादुई चिराग है या वो आपसे ज्यादा बुद्धिमान हैं? जी नहीं। जे पॉल गैटी, जो अपने समय में दुनिया के सबसे अमीर इंसान थे, अपनी किताब हाउ टू बी रिच के पहले ही चैप्टर में एक कड़वा लेकिन सच्चा राज खोलते हैं। वो कहते हैं, अमीर बनना किस्मत का खेल नहीं, बल्कि एक माइंडसेट का खेल है इस चैप्टर में। मैं आपको वह तीन गुप्त मंत्र बताने वाला हूँ जो जे पॉल गैटी ने खुद इस्तेमाल किए। अगर आज आपने इस माइंडसेट को समझ लिया तो यकीन मानिए आपके अमीर बनने के सपने को सच होने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक पाएगी। वीडियो को एक सेकंड के लिए भी स्किप मत करना क्योंकि जो बात मैं आखिरी दो मिनट में बताऊंगा, वो आपकी पूरी जिंदगी बदल देगी। मंत्र नंबर एक: भेड़ चाल से बाहर निकलना। द नॉन-कन्फर्म्ड माइंडसेट। चैप्टर एक की शुरुआत में ही गैटी एक बहुत बड़ी बात कहते हैं। अगर आप वही कर रहे हैं जो सब कर रहे हैं तो आपको वही मिलेगा जो सबको मिल रहा है। इसे एक उदाहरण से समझिए। ज्यादातर लोग क्या करते हैं? एक सुरक्षित नौकरी ढूंढते हैं। महंगी चीजें ईएमआई पर खरीदते हैं और पूरी जिंदगी बस उन किस्तों को चुकाने में निकाल देते हैं। गैटी इसे गुलाम मानसिकता कहते हैं। एक अमीर इंसान कभी भी भीड़ का हिस्सा नहीं बनता। 1930 के दशक की बात है, जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डूब रही थी। लोग डर के मारे अपनी जमीनें और बिजनेस बेच रहे थे। उस वक्त गैटी ने क्या किया? उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी लगा दी और तेल के कुएं खरीदने शुरू कर दिए। लोग उन्हें पागल कह रहे थे लेकिन गैटी को पता था कि जब सब डर रहे हों तभी इतिहास रचने का मौका होता है। मंत्र नंबर दो: अपनी कीमत खुद तय करना। बी योर ओन मास्टर। अब सुनिए सबसे महत्वपूर्ण बात। गैटी लिखते हैं, आप कभी भी किसी दूसरे के लिए काम करके असल मायने में अमीर नहीं बन सकते। इसे गहराई से समझिए। जब आप किसी और के लिए काम करते हैं तो आप अपनी बुद्धि, अपना कीमती समय और अपनी ऊर्जा किसी और के सपने को सच करने के लिए बेच रहे होते हैं। वो कंपनी आपको सिर्फ उतना ही पैसा देगी जिससे आपका गुजारा हो सके और आप अगले दिन फिर से काम पर आ सकें। इसका मतलब यह नहीं कि आप आज ही इस्तीफा दे दें। इसका मतलब यह है कि आपकी सोच एक मालिक की होनी चाहिए। याद रखिए दुनिया का हर अमीर इंसान प्रॉफिट कमाकर अमीर बना है। सैलरी लेकर नहीं। प्रॉफिट की कोई सीमा नहीं होती लेकिन सैलरी की एक छत होती है जिसे आप कभी पार नहीं कर पाएंगे। मंत्र नंबर तीन: समय और पैसे का निवेश। द वेल्थ मल्टीप्लायर। तीसरी बात जो इस पूरे चैप्टर की जान है, वो है पैसे का सम्मान। गैटी का एक मशहूर किस्सा है। उनके पास अरबों डॉलर थे लेकिन जब उनके घर में मेहमान आते थे तो उन्होंने वहां एक पे फोन, मतलब सिक्कों वाला फोन लगवाया था ताकि मेहमान उनके खर्च पर लंबी कॉल ना करें। दुनिया ने उन्हें कंजूस कहा लेकिन गैटी का जवाब था मैं कंजूस नहीं हूँ। मैं फिजूलखर्ची का दुश्मन हूं। मिडिल क्लास माइंडसेट क्या करता है? जैसे ही थोड़े एक्स्ट्रा पैसे आए, नया फोन ले लिया, पार्टी कर ली। अमीर माइंडसेट क्या करता है? वह पहले उस पैसे को ऐसी जगह लगाता है जहां से और पैसा पैदा हो। गैटी कहते हैं कि पैसा एक बीज की तरह है। अगर आप बीज को ही खा जाएंगे, तो पेड़ कैसे बनेगा? आपको अपनी इनकम का एक हिस्सा, चाहे वो 10% ही क्यों ना हो, उसे एसेट्स में डालना सीखना होगा। वही एसेट्स एक दिन आपकी आजादी का टिकट बनेंगे। दोस्तों, हाउ टू बी रिच का पहला चैप्टर हमें सिर्फ एक बात सिखाता है। अमीर होना एक चुनाव है चॉइस है। अगर आप तैयार हैं उस 5% क्लब में शामिल होने के लिए तो अभी कमेंट बॉक्स में पूरे गर्व के साथ लिखिए, आई हैव अ मिलियनेयर माइंडसेट। आपके शब्द ही आपके हकीकत का निर्माण करते हैं। चैप्टर दो: हाउ टू बी रिच। बिजनेस शुरू करने के तीन पक्के नियम। जे पॉल गैटी कहते हैं कि विचार बीज हैं, लेकिन बिजनेस वो जमीन है जहां वो बीज फल देते हैं। गैटी ने 24 साल की उम्र में अपना पहला लाख डॉलर कमाया था। कैसे? उन्होंने कौन से ऐसे नियम अपनाए जो आज के दौर में भी उतने ही कारगर हैं? अगर आप अपनी 9 से 5 की नौकरी से थक चुके हैं या अपना कुछ शुरू करना चाहते हैं तो अगले सात मिनट आपकी जिंदगी के सबसे कीमती सात मिनट होने वाले हैं। चलिए जानते हैं एक अरबपति के बिजनेस सीक्रेट्स। नियम नंबर एक: अपनी पसंद का क्षेत्र चुनें। द पैशन एंड नॉलेज रूल। उस काम में हाथ कभी मत डालो जिसके बारे में तुम पूरी तरह से नहीं जानते। अक्सर लोग क्या करते हैं? अरे शर्मा जी का लड़का रेस्टोरेंट खोलकर बहुत कमा रहा है चलो मैं भी खोल लेता हूं। यह बर्बादी का पहला कदम है। गैटी कहते हैं कि आपको उस फील्ड में जाना चाहिए जिसमें या तो आपकी गहरी दिलचस्पी, पैशन हो या फिर आपको उसका पूरा ज्ञान, नॉलेज हो। गैटी ने तेल ऑयल के बिजनेस को इसलिए चुना क्योंकि उन्होंने उसे रग रग से समझा था। सीख: बिजनेस वह नहीं जो 'ट्रेंड' में है, बिजनेस वह है जिसे आप दूसरों से बेहतर समझ सकते हैं। क्या आप अपने काम के बारे में रात को 2:00 बजे भी पूरे होश में बात कर सकते हैं? अगर हां तो वही आपका असली बिजनेस है। नियम नंबर दो: विस्तार और बचत का संतुलन। एक्सपेंशन वर्सेस फ्रुगैलिटी। बिजनेस में सबसे बड़ी गलती लोग तब करते हैं जब थोड़ा सा मुनाफा, प्रॉफिट आने लगता है। जैसे ही पहला लाख आया लोग ऑफिस बढ़ा कर लेते हैं, नई कार ले लेते हैं। गैटी का नियम कहता है, अपने बिजनेस को बढ़ाओ, अपनी विलासिता लग्जरी को नहीं। जब गैटी की कंपनी बढ़ रही थी, वो एक-एक पैसे का हिसाब रखते थे। वो कहते थे कि बिजनेस का पैसा बिजनेस का है, आपका नहीं। उस पैसे को वापस बिजनेस में लगाओ ताकि वह और बड़ा बन सके। उदाहरण अगर आपका एक छोटा सा स्टोर अच्छा चल रहा है तो उस मुनाफे से नया फोन मत खरीदिए बल्कि दूसरा स्टोर खोलने की प्लानिंग कीजिए। अमीर इंसान एम्पायर बनाता है, मिडिल क्लास इंसान सिर्फ खर्च बढ़ाता है। नियम नंबर तीन: रिस्क और जिम्मेदारी। टेकिंग द लीड। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण नियम, जिम्मेदारी लेना सीखो। ज्यादातर लोग बिजनेस इसलिए नहीं करते क्योंकि वो डरते हैं। गैटी कहते हैं कि एक सफल बिजनेसमैन वो है जो हार की जिम्मेदारी खुद लेता है और जीत का श्रेय अपनी टीम को देता है। उन्होंने जब अपनी पहली बड़ी ऑयल डील की थी, तो वह बहुत बड़ा रिस्क था। अगर वो फेल होते तो सब खत्म हो जाता। लेकिन उन्होंने डर को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। सीख अगर आप सुरक्षित खेलना चाहते हैं तो नौकरी कीजिए लेकिन अगर आप इतिहास रचना चाहते हैं तो आपको अनिश्चितता अनसर्टेनिटी से प्यार करना होगा। बिजनेस में कोई गारंटी नहीं होती सिर्फ संभावनाएं होती हैं और उन संभावनाओं को सच करना ही एक असली लीडर का काम है। पॉल गैटी का यह चैप्टर हमें याद दिलाता है कि दुनिया में कोई भी नौकरी आपको वह आजादी नहीं दे सकती जो एक सफल बिजनेस दे सकता है। आज आपसे मेरा एक सवाल है। अगर पैसा और डर कोई रुकावट ना हो तो आप कौन सा बिजनेस शुरू करना चाहेंगे? अपनी उस ड्रीम बिजनेस का नाम नीचे कमेंट्स में लिखिए। जब आप उसे लिखते हैं तो आप ब्रह्मांड यूनिवर्स को एक सिग्नल भेजते हैं कि आप तैयार हैं। अब हम बात करेंगे चैप्टर तीन की जहां हम जानेंगे कि गैटी अरबों रुपए बचाने के बाद भी कंजूस क्यों नहीं कहलाए? चैप्टर तीन इस पूरी किताब का सबसे विवादित लेकिन सबसे ज्यादा आंखें खोलने वाला हिस्सा है। यहां हम जे पॉल गैटी के उस कंजूसी वाले टैग के पीछे के असली मास्टरमाइंड लॉजिक को समझेंगे। चैप्टर तीन: फ्रुगैलिटी एंड इन्वेस्टमेंट। अरबपति की 'कंजूसी' का असली राज। दोस्तों क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक इंसान जिसके पास इतना पैसा है कि वह पूरा शहर खरीद सके। उसने अपने घर में आने वाले मेहमानों के लिए एक पे फोन, सिक्कों वाला फोन लगवाया था। लोग उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा कंजूस कहते थे लेकिन जे पॉल गैटी का जवाब सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। उन्होंने कहा था, मैं कंजूस नहीं हूं। मैं बस फिजूलखर्ची का दुश्मन हूं क्योंकि फिजूलखर्ची आपके और आपकी आजादी के बीच की दीवार है। आज के चैप्टर तीन में हम जानेंगे कि कैसे बचत करना गरीबी की निशानी नहीं, बल्कि अमीरी की पहली सीढ़ी है। अगर आप भी महीने के आखिर में खाली जेब लेकर बैठते हैं तो यह पांच मिनट आपके लिए लाइफ सेवर होने वाले हैं। चलिए गैटी के उस दिमाग को समझते हैं जिसने सिक्कों को अरबों डॉलर में बदल दिया। मंत्र नंबर एक: छोटी बचत, बड़ी जीत। द पावर ऑफ स्मॉल लीग्स। गैटी का एक बहुत ही पावरफुल कोट है। एक छोटा सा छेद पूरे जहाज को डुबो सकता है। इसे आज के द्वार से जोड़कर देखिए। हम अक्सर सोचते हैं कि ₹500 की नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन या ₹200 की रोजाना की बाहर की कॉफी से क्या फर्क पड़ता है? गैटी कहते हैं कि यहीं से आपकी अमीरी की मौत शुरू होती है। अमीर इंसान कभी यह नहीं देखता कि वस्तु की 'कीमत' क्या है, वो यह देखता है कि उस पैसे को अगर कहीं इन्वेस्ट किया जाए तो उसकी 'फ्यूचर वैल्यू' क्या होगी। उदाहरण अगर आप महीने के सिर्फ ₹3000 बचाकर सही जगह लगाते हैं तो 20 साल बाद वह करोड़ों बन सकते हैं। गैटी ने Pay phone इसलिए लगवाया था क्योंकि वो उन चंद रुपयों को बचाने के भूखे नहीं थे। वो उस सिद्धांत के पक्के थे कि बिना सोचे समझे खर्च करना एक मानसिक बीमारी है। मंत्र नंबर दो: दिखावे की मौत। डेथ ऑफ शो-ऑफ। गैटी लिखते हैं कि मिडिल क्लास हमेशा अमीर दिखने की कोशिश में गरीब बना रहता है। जब उनके पास पैसा आता है तो वह सबसे पहले एक महंगी कार या ब्रांडेड कपड़े खरीदते हैं ताकि समाज में उनकी इज्जत बढ़े। गैटी का नियम साफ था जब तक आपकी संपत्ति एसेट्स इतनी ना बढ़ जाए कि वह आपकी विलासिता का खर्च उठा सकें, तब तक अपनी लाइफस्टाइल को साधारण रखो। सीख: अगर आप ₹50000 कमाते हैं और ₹40000 का फोन रखते हैं तो आप अमीर नहीं, आप एक महंगे गुलाम हैं। असली रईसी बैंक बैलेंस और पोर्टफोलियो में होती है ना कि इंस्टाग्राम की तस्वीरों में। मंत्र नंबर तीन: निवेश का अनुशासन। इन्वेस्टमेंट डिसिप्लिन। अब आता है सबसे जरूरी हिस्सा बचाए हुए पैसे का करना क्या है? गैटी कहते हैं कि पैसा अगर तिजोरी में पड़ा है तो वह मर रहा है। उसे काम पर लगाओ। निवेश का मतलब सिर्फ शेयर बाजार नहीं है। निवेश का मतलब है अपनी स्किल्स बढ़ाना, अपना बिजनेस बढ़ाना या ऐसी जगह पैसा डालना जहां से वह खुद को मल्टीप्लाई कर सके। गैटी ने कभी भी टिप या लकी चांस पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने हमेशा रिसर्च की और तब निवेश किया जब बाजार में खून खराबा था। मार्केट क्रैश था। सीख: पेशेंस ही निवेश की सबसे बड़ी चाभी है। अगर आप रातों-रात अमीर बनना चाहते हैं तो आप जुआ खेल रहे हैं लेकिन अगर आप धीरे-धीरे और लगातार निवेश कर रहे हैं तो आप गैटी बन रहे हैं। दोस्तों जे पॉल गैटी का यह चैप्टर हमें एक बहुत बड़ी चुनौती देता है। क्या आप अगले 30 दिनों तक अपनी एक ऐसी फिजूलखर्ची रोक सकते हैं जिसकी आपको जरूरत नहीं है? चाहे वह बाहर का खाना हो या कोई गैर जरूरी शॉपिंग। अगर आप यह चैलेंज लेने को तैयार हैं तो कमेंट्स में लिखिए सेविंग इज माय पावर। चैप्टर पांच: रूल्स ऑफ इन्वेस्टमेंट। मंदी में अमीर बनने का गुप्त तरीका। दोस्तों क्या आप जानते हैं कि जब दुनिया का शेयर बाजार क्रैश होता है और चारों तरफ हाहाकार मचता है तब जे पॉल गैटी जैसे लोग जश्न मनाते हैं? क्यों? क्योंकि वह जानते हैं कि अमीरी मंदी के मलबे में छिपी होती है। जब आम आदमी अपना सब कुछ बेचकर डर के मारे भाग रहा होता है, तब एक असली इन्वेस्टर अपनी किस्मत लिख रहा होता है। आज के चैप्टर पांच में हम निवेश के वह तीन अचूक नियम सीखेंगे जिन्होंने गैटी को उस दौर का सबसे अमीर आदमी बनाया। अगर आप भी स्टॉक मार्केट, रियल एस्टेट में निवेश करने से डरते हैं तो अगले सात मिनट आपके डर को कॉन्फिडेंस में बदल देंगे। चलिए जानते हैं कि पैसे से पैसा बनाने की असली मशीन कैसे काम करती है। नंबर एक: भीड़ के विपरीत चलना। द कॉन्ट्रैरियन स्ट्रेटेजी। गैटी का सबसे पहला और कड़ा नियम। हमेशा भीड़ के विपरीत चलो। इसे ध्यान से समझिए। जब सब लोग किसी शेयर या जमीन के बारे में बात कर रहे हो और उसकी कीमतें आसमान छू रही हो, तो समझ जाइए कि वहां से भागने का समय आ गया है। और जब सब कह रहे हों कि बाजार डूब गया अब कुछ नहीं बचेगा, वहीं सही समय है खरीदने का। गैटी ने अपना सारा तेल का साम्राज्य तब खड़ा किया जब तेल की कीमतें कौड़ियों के भाव थी। सीख अगर आप वहीं खरीद रहे हैं जो सब खरीद रहे हैं तो आप कभी मल्टीबैगर रिटर्न नहीं पाएंगे। अमीर बनने के लिए आपको सस्ता खरीदना और महंगा बेचना सीखना होगा ना कि इसका उल्टा। नियम नंबर दो: निवेश की गहराई। रिसर्च ओवर लक। अक्सर लोग निवेश को जुआ, गैंबलिंग समझते हैं। वो सोचते हैं कि किस्मत अच्छी हुई तो पैसा डबल हो जाएगा। गैटी कहते हैं कि किस्मत सिर्फ उन पर मेहरबान होती है जो पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरते हैं। उन्होंने कभी भी किसी के कहने पर या टिप पर निवेश नहीं किया। वो खुद जमीन पर जाकर तेल के कुओं की जांच करते थे। आंकड़ों को पढ़ते थे और भविष्य का अंदाजा लगाते थे। उदाहरण अगर आप किसी कंपनी के शेयर खरीद रहे हैं तो क्या आपको पता है कि वह कंपनी क्या बनाती है, उसका मालिक कौन है? अगर नहीं तो आप निवेश नहीं कर रहे आप सट्टा लगा रहे हैं। गैटी का मंत्र था ज्ञान ही सबसे बड़ा रिटर्न देता है। नियम नंबर तीन: धैर्य की शक्ति। द पावर ऑफ पेशेंस। तीसरा नियम जो सबसे मुश्किल है, धैर्य। गैटी लिखते हैं कि निवेश एक पेड़ लगाने जैसा है। आप आज बीज बोकर कल फल की उम्मीद नहीं कर सकते। ज्यादातर लोग निवेश तो कर देते हैं लेकिन जैसे ही बाजार थोड़ा नीचे गिरता है, वह घबराकर अपना पैसा निकाल लेते हैं और घाटा सहते हैं। गैटी ने कई बार अपनी संपत्तियों को दशकों तक अपने पास रखा। वह जानते थे कि वक्त के साथ कंपाउंडिंग कंपाउंडिंग का जादू चलता है। सीख बाजार के उतार-चढ़ाव से मत डरिए। अगर आपकी रिसर्च सही है तो समय के साथ आपका पैसा बढ़ेगा ही बढ़ेगा। जल्दबाजी में अमीर बनने की कोशिश अक्सर आपको गरीब बना देती है। दोस्तों जे पॉल गैटी का यह चैप्टर हमें सिखाता है कि पैसा कमाना आसान है लेकिन उसे निवेश करके बढ़ाना एक कला है। आज आपसे मेरा एक सवाल है। क्या आप आज से ही अपनी कमाई का 10% हिस्सा सही जगह निवेश करने का संकल्प लेते हैं? अगर हां तो कमेंट में पूरी हिम्मत के साथ लिखिए आई एम अ स्मार्ट इन्वेस्टर। अब हम बात करेंगे चैप्टर छह की जहां हम जानेंगे कि अमीर होने के बाद अपनी साख और इज्जत कैसे बचाई जाती है। इसे मिस मत करना क्योंकि आपकी असली अमीरी सिर्फ पैसों में नहीं होती। चैप्टर छह: द आर्ट ऑफ लिविंग रिच। अमीर होने के बाद की असली चुनौती। दोस्तों मान लीजिए आज आपके बैंक अकाउंट में ₹100 करोड़ रुपए आ जाए। क्या आपकी सारी मुश्किलें खत्म हो जाएंगी? जे पॉल गैटी, जो अपने समय के सबसे अमीर इंसान थे, कहते हैं कि पैसा कमाना एक जंग है लेकिन उस पैसे के साथ गरिमा से जीना एक कला है। बहुत से लोग अमीर तो बन जाते हैं लेकिन वह अपनी साख, अपनी सेहत और अपने रिश्तों को खो देते हैं। गैटी ने सिखाया है कि असली रईसी सिर्फ बैंक बैलेंस में नहीं बल्कि आपके चरित्र और आपकी जीवनशैली में होती है। अगर आप सिर्फ दौलतमंद नहीं बल्कि माननीय, रिस्पेक्टेड बनना चाहते हैं तो यह चैप्टर आपके लिए एक आई ओपनर होगा। चलिए अमीरी के उस पार की दुनिया देखते हैं। मंत्र नंबर एक: सादगी ही असली विलासिता है। गैटी का पहला और सबसे चौंकाने वाला नियम। दिखावे के लिए कभी मत जियो। अक्सर नए-नए अमीर बने लोग सोने की घड़ियां और चमकीली कारें दिखाकर दुनिया को इंप्रेस करना चाहते हैं। गैटी इसे सस्ते लोगों की निशानी मानते थे। वो कहते थे कि एक असली अमीर इंसान को किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं होती। उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। सीख: अपनी दौलत का इस्तेमाल अपनी सुख सुविधा के लिए करें ना कि दूसरों को नीचा दिखाने के लिए। जब आप सादगी से रहते हैं तो आप उन मतलबी लोगों से बच जाते हैं जो सिर्फ आपके पैसे के पीछे भागते हैं। याद रखिए सिंहासन पर बैठने वाला राजा अगर जमीन पर भी बैठ जाए तो भी वह राजा ही रहता है। मंत्र नंबर दो: अपनी साख की रक्षा। प्रोटेक्ट योर रेपुटेशन। गैटी लिखते हैं कि आपका नाम आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है। बिजनेस में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। पैसा आएगा और जाएगा लेकिन अगर एक बार आपकी साख मीन्स गुडविल चली गई तो दुनिया की सारी दौलत उसे वापस नहीं ला सकती। गैटी ने हमेशा अपने वादों को निभाया चाहे उसमें उनका नुकसान ही क्यों ना हो रहा हो। उन्होंने सिखाया कि एक अमीर इंसान को हमेशा अपने शब्दों का पक्का होना चाहिए। उदाहरण अगर आपने किसी को जुबान दी है तो उसे पूरा कीजिए। लोग आपके साथ इसलिए काम नहीं करते कि आपके पास पैसा है बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि वह आप पर भरोसा करते हैं। अपनी ईमानदारी को कभी भी चंद रुपयों के लिए मत बेचिए। मंत्र नंबर तीन: निरंतर सीखना। नेवर स्टॉप लर्निंग। तीसरा और सबसे गहरा मंत्र अमीर वो है जिसका दिमाग हमेशा भूखा रहता है। गैटी के पास दुनिया का सारा सुख था लेकिन वह आखिरी सांस तक पढ़ते रहे, नई भाषाएं सीखते रहे और नई तकनीकों को समझते रहे। वह कहते थे कि जिस दिन आपने सोचना बंद कर दिया कि 'मुझे सब पता है', उसी दिन से आपकी बर्बादी शुरू हो जाती है। सीख पैसा आपके हाथ से छीना जा सकता है लेकिन आपका ज्ञान कोई नहीं छीन सकता। अपनी बुद्धिमत्ता (Intelligence) पर निवेश करना कभी बंद मत कीजिए। एक अमीर इंसान हमेशा एक विद्यार्थी (Student) बना रहता है। दोस्तों हाउ टू बी रिच किताब हमें सिर्फ पैसा कमाना नहीं बल्कि एक विरासत लेगेसी छोड़ना सिखाती है। जे पॉल गैटी की इस यात्रा से हमने सीखा कि अमीर बनना एक सफर है, मंजिल नहीं। आज इस पूरी वीडियो के खत्म होने पर मैं आपसे एक आखिरी सवाल पूछता हूं। क्या आप सिर्फ पैसा कमाना चाहते हैं या एक ऐसा इंसान बनना चाहते हैं जिस पर दुनिया गर्व करें? अगर आप एक ग्रेट लीडर और अमीर इंसान बनने के लिए तैयार हैं तो कमेंट में लिखिए लेजेंडरी। मुझे उम्मीद है कि जे पॉल गैटी के इन सिद्धांतों ने आपकी सोच बदली होगी। इस वीडियो को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जिन्हें आप अपने साथ अमीर बनते देखना चाहते हैं। लाइक और सब्सक्राइब करना मत भूलना क्योंकि आपकी तरक्की ही हमारा मिशन है। तो सपने देखते रहिए दोस्तों क्योंकि सपने सच होते हैं।

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