[0:01]दीवाली के दिन एक साधु बाबा बोले बच्चा तेरी रक्षा करेगा बोले आज दीवाली है हमारा कमंडल खाली है भरवा दे
[0:11]ज्यादा नहीं बस पांच रुपए दिलवा दे हमने कहा बाबाजी दिलवाना होता तो पांच क्या पांच लाख दिलवा देते सारा हिंदुस्तान आपके नाम करवा देते हम भारतीय नौजवान हैं हमारे पास अंधा भविष्य लंगड़ा वर्तमान और गूंगे बयान है सरकार काम नहीं देती बाप पैसा नहीं देता दुनिया इज्जत नहीं देती महबूबा चिट्ठी नहीं देती लोग दीवाली के दिन दिए जलाते हैं हम दिल जला रहे हैं इच्छाओं को आंसुओं में तलकर त्यौहार मना रहे लोग हिंदुस्तान में रहकर लंदन को मात करते हैं हिंदी का झंडा थाम कर अंग्रेजी की बात करते हैं और हमसे कहते हैं कि अपनी संस्कृति को अपनाओ अब हम आजाद हैं त्यौहार मनाओ त्यौहार आदमी को देश की संस्कृति से जोड़ता है और संस्कृति जोड़ती है आदमी को रोशनी से मगर बाबाजी कथनी और करनी में बड़ी दूरी है जिस देश की रोशनी कमरों में बंद हो उस देश में त्यौहार थोपी हुई मजबूरी है बाबाजी बोले दुखी मत हो बच्चा तू किस्मत वाला है दीवाली के दिन हमारे दर्शन कर रहा है तुझे आशीर्वाद देने का मन कर रहा है हमने कहा अपने मन को रोकिए आशीर्वाद दाताओं के पैर छूते-छूते कमर झुक गई जीवन की गाड़ी आगे बढ़ने से रुक गई वो बोले तू हमारे आशीष का अपमान कर रहा है हम त्रिकालदर्शी हैं वेदांती हैं देख हमारे मुंह में एक भी दांत नहीं बच्चा हंसने की बात नहीं लोग इस जमाने में कपड़े पहनकर भी नंगे हैं हम एक लंगोटी में नंगापन ढांक रहे हैं संतों के देश में धूल फांक रहे हैं खाली कमंडल हाथ में लेकर घर-घर अलख जगाते हैं और लोग हमें चोर समझ कर भगाते हैं सूरदास को चैन नहीं मिला तो नैन फोड़ लिए हमें अन्न नहीं मिला तो दांत तोड़ लिए वे सूरदास हम पोपलदास वे अतीत के गौरव हम वर्तमान के संतरास हमने कहा बाबाजी आप तो साहित्यकारों को मात कर रहे हैं साधु होकर संतरास की बात कर रहे हैं वे बोले तू हमें नहीं पहचानता हमारा वर्तमान देख रहा है भूतकाल नहीं जानता आज से दस बरस पूर्व हम अखिल भारतीय कवि थे लोग हमारी बकवास को अनुप्रास और अश्लीलता को अलंकार कहते थे बड़े-बड़े संयोजक हमारी आंटी में रहते थे हमने शब्दों से अर्थ कमाया है कविता को मंच पर नंगा नाच नचाया है उसी का फल चल रहे हैं तन पर भभूत मल रहे हैं खाली कमंडल लिए फिर रहे हैं हमने कहा दुखी मत हो बाबा आपका कमंडल खाली हमारी जेब खाली भाड़ में जाए होली और चूल्हे में जाए दीवाली



