[0:00]एक आदमी कई साल मेहनत करता रहा और जो भी पैसे कमाता, वह अपनी बूढ़ी मां को भेज देता. उसकी मां उनमें से जरूरत के कुछ पैसे रख लेती और बाकी सब गरीबों में बांट देती. कई साल बाद वह आदमी अपने घर लौटा तो उसने अपनी मां से पूछा, मां जो पैसे मैं आपको भेजता था वह कहां है? मां बोली, बेटा वह पैसे तो मैंने भगवान को दे दिए. वह हैरान होकर गुस्से से बोला, अगर तुमने पैसे भगवान को दे दिए तो क्या भगवान वह पैसे मुझे वापस देगा? मां बोली हां, अगर तुम उसे ढूंढ लोगे तो वह तुम्हें सब पैसे वापस कर देंगे. यह सुनकर वह आदमी भगवान को ढूंढने निकल गया. कई दिनों के सफर के बाद जब वह एक जंगल से गुजर रहा था तो अचानक एक घोड़ा दौड़ता हुआ उसके पास आया और बोला ए इंसान कहां जा रहे हो? आदमी बोला भगवान को ढूंढने जा रहा हूं. घोड़ा बोला अगर भगवान तुझे मिले तो पूछना कि मैं इतना कमजोर और डरा हुआ क्यों रहता हूं? आदमी ने वादा किया और आगे बढ़ गया. कुछ दूर जाने के बाद एक पेड़ के नीचे आराम करने बैठा. अचानक पेड़ के तनों से आवाज आई ए मुसाफिर कहां जा रहे हो? आदमी बोला भगवान को ढूंढने जा रहा हूं. पेड़ भी बोला अगर भगवान मिले तो पूछना मेरा तना क्यों सूखता जा रहा है? आदमी ने पेड़ से भी वादा किया और आगे चल पड़ा. रास्ते में उसे एक बुजुर्ग संत मिला. संत ने पूछा कहां जा रहे हो मुसाफिर? आदमी ने पूरा वाक्य सुनाया मां के पैसे घोड़े का सवाल पेड़ की शिकायत. संत मुस्कुराए और बोला, भगवान तो अभी कुछ देर पहले तुम्हारे पैसे वापस करने तुम्हारे घर की तरफ ही गए हैं. और तुम जो सवाल लेकर आए हो उनके जवाब तुम्हें मैं दे देता हूं. घोड़े से कहना जब तक तुम पर कोई इंसान सवारी नहीं करेगा तब तक तुम इसी तरह कमजोर और डरा हुआ रहोगे. और पेड़ से कहना तुम्हारे नीचे खजाना दफन है. जब तक वह खजाना नहीं निकाला जाएगा, तुम हरे-भरे नहीं हो सकते. यह सुनकर आदमी ने संत का शुक्रिया किया और चल पड़ा. सबसे पहले वह घोड़े के पास गया और उसे जवाब सुनाया. घोड़ा बोला तुम भी तो इंसान हो, तुम मुझे सवारी के लिए रख लो ताकि मैं ठीक हो जाऊं. वह घोड़े पर बैठकर पेड़ की तरफ चल पड़ा. पेड़ ने कहा अगर ऐसी बात है तो वह खजाना तुम ही निकाल लो. और मुझे मरने से बचा लो. अब आदमी ने पेड़ की जड़ों में खुदाई की तो वहां से बहुत सारे सोने चांदी के सिक्के निकल आए. उसने खुशी-खुशी वो सिक्के थैली में डाले और घोड़े पर सवार होकर घर की तरफ रवाना हो गया. घर पहुंचने पर मां ने पूछा सुनाओ बेटा क्या तुमने भगवान को ढूंढ लिया? वह मुस्कुराया और बोला, हां मां मैंने भगवान को ढूंढ लिया और जो तुमने भगवान को दिया था, उससे कई गुना ज्यादा उसने मुझे लौटा भी दिया. सो अगर जिंदगी में तुमने भगवान के नाम पर कुछ भी दिया है ना यकीन मानो भगवान तुम्हें किसी भी बहाने से कई गुना वापस लौटाएगा.

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