[0:01]सिखा दिया आदर करना, बातें सुनना।
[0:07]सिखा दिया आदर करना, बातें सुनना, अपनी बात रखना और ख्वाब बुनना। अम्मा, क्यों तुमने नहीं सिखाया?
[0:22]सिखा दिया सबका साथ निभाना और सबसे प्रेम जताना। उनकी मजबूरी थी उनको यही आता था सिखाना। सिखा दिया सबका साथ निभाना और सबसे प्रेम जताना। जी चाहे जब उड़ जाना, खुद अपनी ताकत बन पाना। अम्मा, क्यों तुमने नहीं सिखाया?
[0:46]अम्मा, अम्मा क्यों तुमने नहीं सिखाया? जो चाहूं वो कर सकती हूं। जी सकती हूं खुद के लिए भी मैं, चाहूं तो पहाड़ चढ़ सकती हूं।
[1:03]अब जो जो तुमने नहीं सिखाया। प्रोटोगनिस्ट मेरी मां है। अपनी मां को कह रही है। अब जो जो तुमने नहीं सिखाया, वो सब बिटिया को सिखाऊंगी।
[1:22]अब जो जो तुमने नहीं सिखाया, वो सब बिटिया को सिखाऊंगी। और घर के काम का तो पता नहीं, पर हां सपने इससे बुनवाऊंगी।
[1:37]और उगेंगे जब इसकी पीठ पर पंख नए, तो उनकी हवा भी अम्मा मैं खुद ही बन जाउंगी। अब जो जो तुमने नहीं सिखाया, वो सब बिटिया को सिखाऊंगी। वो सब बिटिया को सिखाऊंगी।



