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PERT | Educational Management & Administration | TETs/OSSTET/SETs/UGC NET | Inculcate Learning

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[0:00]हेलो नमस्कार वेलकम टू इंकल्केट लर्निंग। एजुकेशनल मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन बहुत सारे टीचिंग एग्जाम्स में मेंशंड है। जैसे उड़ीसा टेट में भी मेंशन था और भी बहुत सारे एग्जाम्स में पूछ लिया जाता है या प्रिंसिपल से रिलेटेड जो एग्जाम्स होते हैं क्योंकि एडमिनिस्ट्रेशन का काम है आपका वहां पे। इसी के साथ-साथ यूजीसी नेट एजुकेशन का जो पेपर हमारा होता है पेपर टू उसमें भी यह एजुकेशनल मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन मेंशन है यूनिट नाइन में ठीक है। और उसमें बहुत सारे पर्टिकुलर टॉपिक्स हैं जैसे सीपीएम हो गया जो हम ऑलरेडी कवर कर चुके हैं।

[0:32]पर्ट जो कि हम आज कवर करने वाले हैं, स्वट एनालिसिस भी हमें कवर करना है। टेररिज्म का टॉपिक हो गया जिसमें जिसको हम साइंटिफिक मैनेजमेंट जो है उसके नाम से भी जानते हैं। सो ऐसे बहुत सारे टॉपिक्स हैं जो हमें कवर करने हैं, कुछ एक हम कवर कर चुके हैं।

[0:46]सो ये इंपोर्टेंट हो जाते हैं स्पेसिफिकली जहां पे हमें क्या है इनकी एब्रिवेशन की फुल फॉर्म पता होनी चाहिए कि क्या मतलब है इसका? क्योंकि अगर मतलब पता होगा ना तो या फिर फुल फॉर्म पता होगी तो हम कहीं ना कहीं अंदाजा भी लगा सकते हैं, थोड़ा सा कैलकुलेटेड एजुकेटेड गेस लगा सकते हैं कि मतलब क्या होगा इसके अंदर। ठीक है?

[1:05]सो पर्ट मॉडल की आज हम बात करेंगे। दिस इज प्रेजेंटेड बाय मी रवीना अगर आपको वीडियोस इनफॉर्मेटिव लग रही हैं, सो लाइक शेयर सब्सक्राइब जो है आप इंकलकेट लर्निंग को कर दीजिएगा। बहुत जरूरी है सब्सक्राइब करना।

[1:19]ठीक है सो चलिए पर्ट मॉडल के बारे में डिस्कस करते हैं। फुल फॉर्म हमें पता होनी चाहिए पी से प्रोग्राम ई से इवेलुएशन आर से रिव्यू एंड टेक्नीक। सो कोई भी प्रोग्राम का जब हम इवेलुएट करते हैं कि कैसे चलेंगी चीजें क्या कॉस्ट रहेगी, क्या टाइम जो है उसका कंज्यूम होगा उस प्रोग्राम को कंप्लीट होने में और रिव्यू सो वो जब इवेलुएशन और रिव्यू करते हैं किसी भी चीज का तो वो एक टेक्नीक है ये जो कि किसी भी प्रोग्राम और इवेलुएशन प्रोग्राम को इवेलुएट और रिव्यू करने के लिए हेल्पफुल रहेगी।

[1:48]ठीक है पता होनी चाहिए हमें। सो वाइडली यूज्ड मेथड है प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन के लिए जब हम लार्ज स्केल प्रोजेक्ट की बात करते हैं यानी बड़े प्रोजेक्ट्स की बात करते हैं। 1950s में ये डेवलप हुआ था। बेसिक फीचर अगर हम बात करें पर्ट स्टाइल प्लानिंग का तो क्या है कि हम क्रिटिकल एक्टिविटीज के बारे में देखना चाहते हैं कि कौन सी एक्टिविटी किस पे डिपेंड है या किसमें कितना टाइम लगेगा क्या चीजें होंगी।

[2:10]सेम चीजें कुछ कुछ हद तक सेम चीजें हमने सीपीएम में बात की थी बट फिर भी इनमें कुछ एक डिफरेंसेस हैं जो हम बात करेंगे फर्दर। हेरोल्ड कर्जन ने क्या किया प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जो उनकी बुक थी उसमें पर्ट को डिफाइन किया कि पर्ट जो है एक मैनेजमेंट प्लानिंग और कंट्रोल का टूल है। यानी इस टेक्नीक के थ्रू हम प्लान कर सकते हैं, मैनेज कर सकते हैं, चीजों को और कंट्रोल कर सकते हैं।

[2:32]सो वो कंट्रोल में या इसमें सारी चीजों में इवेलुएशन और रिव्यू भी आ जाएगा। सो एक तरीके से जैसे हम कहीं जाते हैं तो हमें मैप चाहिए होता है रोड मैप चाहे वो अब आजकल तो google मैप हो गए हमारे पास इंटरनेट खोला google मैप डन। तो वो देख सकते हैं हम। सो वैसे ही जब कोई प्रोग्राम या कोई प्रोजेक्ट हम शुरू करते हैं सो उसके लिए भी हमें पता होना चाहिए ना कि फर्दर अगला स्टेप क्या होगा, कैसे करनी है चीजें कैसे होंगी। सो वो एक रोड मैप की तरह जो है ये पर्ट जो है वो काम करेगा।

[3:03]ठीक है जी ये चीज याद रखनी है हमें। चीफ फीचर अगर हम बात करें तो नेटवर्क डायग्राम रहेगा। नेटवर्क डायग्राम की बात या एक ओवरऑल कैसे होंगी चीजें उसकी बात हम सीपीएम में भी करते हैं बट यहां के नेटवर्क डायग्राम में क्या फर्क है कि हमें रूल्स और टर्म्स पर्टिकुलरली देखनी पड़ेंगी कि नेटवर्क डायग्राम को कैसे बनाना है।

[3:20]ठीक है जैसे हर एक एक्टिविटी को हम एक सिंगल एरो से जो है क्या करेंगे डिनोट करेंगे, रिप्रेजेंट करेंगे कि मान लो ए इवेंट था वहां पर कोई एक्टिविटी हुई और ए से बी पे हम पहुंचे ठीक है यह एक्टिविटी वन हो गई ऐसे लगा लीजिए या उल्टा कर लीजिए वन से टू एक्टिविटी पे पहुंचे इवेंट पे और ये ए एक्टिविटी के थ्रू हम पहुंचे कि हमने ए काम किया देन हम सेकंड पे मूव हुए ठीक है तो ये हम एरो से रिप्रेजेंट करेंगे यहां पे।

[3:48]पर्टिकुलरली इन्होंने बोल दिया। ऑल एक्टिविटीज प्रोसीडिंग एनी एक्टिविटी मस्ट बी कंप्लीटेड यानी कोई भी एक्टिविटी अगर हम दूसरे पे जा रहे हैं सो पहले से ही फर्स्ट इवेंट कंप्लीट होना चाहिए। या फिर ये जो हमने किया मान लो सी बन गया यहां पे और फर्स्ट और सेकंड एक्टिविटी है तो अगर हम सेकंड एक्टिविटी पे मूव कर रहे हैं तो ये फर्स्ट एक्टिविटी ऑलरेडी कंप्लीट होनी चाहिए।

[4:09]ठीक है सो नेटवर्क शुड बी डव्लप्ड ऑन द बेसिस ऑफ लॉजिकल डिपेंडेंसीज बिटवीन वेरियस एक्टिविटीज ऑफ द प्रोजेक्ट। ऐसे आपको देखने को मिलेगा। इवेंट मार्किंग होगी स्टार्ट एक्टिविटीज उनको हम क्या बोलेंगे टेल इवेंट्स ये जो जहां पे हेड और टेल बोल देते हैं ना ये एरो का ये क्या है हेड है और यहां पे हम क्या मान के चलेंगे इसको टेल।

[4:30]तो जो इस साइड इवेंट होगा जैसे मान लिया यहां ए है या वन है तो ये वन क्या हो गया टेल इवेंट हो गया और जो एरो की साइड है वो क्या हो गए यहां पे हेड इवेंट हो गए जो कंप्लीट ये एक्टिविटी रहेगी वो यहां पे मेंशन कर देंगे हम ठीक है देयर शुड नॉट बी एनी डुप्लीकेशन ऑफ इवेंट नंबर्स इन अ नेटवर्क कि हमने बहुत बड़ा नेटवर्क जो है अगर बना लिया अगर हम ऐसे कर रहे हैं ये देखिए इस तरीके से हमने बहुत बड़ा इवेंट बना लिया तो हम वहां पे एक्टिविटी का जो नंबर है मैं यहां पे वन टू थ्री फोर में से कुछ नहीं लिख सकती रिपीट नहीं होगा ठीक है डुप्लीकेशन नहीं होगा ताकि कोई कन्फ्यूजन ही ना हो।

[5:05]अब कुछ एक इवेंट्स के नाम आपको देखने को मिलेंगे जैसे मर्ज इवेंट यानी वन टू थ्री ये जो ए बी सी एक्टिविटी से मिलके फोर नंबर बना यहां पे तो ये फोर इवेंट को हम क्या बोलेंगे मर्ज इवेंट जो है हम बोलेंगे। एक बर्स्ट इवेंट हो सकता है कि उल्टा मतलब जहां से और एक्टिविटी या और इवेंट्स निकल रहे हैं जैसे जो सेकंड नंबर इवेंट है इससे थर्ड फोर्थ फिफ्थ ये सारे इवेंट्स बर्स्ट आउट हो रहे हैं ना निकल रहे हैं।

[5:28]सो वो सेकंड को हम क्या बोलेंगे बर्स्ट इवेंट बर्स्ट नहीं बर्स्ट इवेंट बोलेंगे। अच्छा फिर एक वर्ड आता है डमी एक्टिविटी या फिर आइडेंटिटी डमी भी जिसको बोल दिया जाता है। एक एग्जांपल के थ्रू समझते हैं मान लीजिए वन टू थ्री ये एक सेट वन है हमारे पास कोई भी एक्टिविटीज का इवेंट्स का ये सेट टू है।

[6:01]ठीक है अब मैं मान के चल रही हूं ये जो ए एक्टिविटी है ये क्या है डिलीवरी ऑफ न्यू मशीनस बी है इंस्टॉल करनी है नई मशीनस सी है रिमूव करनी है जो पहले की मशीनस हैं और डी में उनको डिस्पोज करना है।

[6:14]ठीक है सो अगर हम देख के चलें सो ये वैसे तो पैरेलली ही हो सकती हैं कि डिलीवरी हो रही है मशीनस की नई मशीनस इंस्टॉल हो रही हैं साथ ही साथ रिमूव हो रही है चीजें ठीक है तो वो साथ की साथ हो सकते हैं ये दोनों के दोनों सेट लेकिन अगर देखा जाए तो जब हमने बोला कि ये जो डिस्पोज है एक्सिस्टिंग मशीन का अब हम एक्सिस्टिंग मशीन को डिस्पोज करें उससे पहले इंस्टॉल तो होनी चाहिए ना नई मशीनस।

[6:36]अगर नई मशीनस इंस्टॉल नहीं हुई हमने एक्सिस्टिंग को डिस्पोज कर दिया तो गड़बड़ हो गई ना वहां पे तो हमारे लिए। सो वो डिस्पोज वाला जो ये डी इवेंट है ये लॉजिकली उससे पहले यहां पे बी इवेंट का होना जरूरी है। सो जब हम इस इवेंट को डॉटेड एरो से डिनोट कर देते हैं तो ये क्या बन जाएगा आइडेंटिटी डमी या डमी एक्टिविटी जो है वो बन जाएगा।

[6:59]ए एंड बी कैन बी परफॉर्म्ड सीरियली। द एक्टिविटीज सी एंड डी कैन आल्सो बी परफॉर्म्ड सीरियली। बट प्रैक्टिकली, द एक्टिविटी डी ऑफ सेट टू कैन ओनली बी परफॉर्म्ड आफ्टर कंप्लीटिंग द एक्टिविटी बी ऑफ सेट वन। सो अ डमी लाइन इज ड्रॉन बिटवीन नोड टू एंड नोड फाइव इंडिकेटिंग दैट द एक्टिविटी डी कैन ओनली बी परफॉर्म्ड आफ्टर द इवेंट टू इज ओवर।

[7:27]ठीक है सो ये जो है एक तरीके से डमी एक्टिविटी हो गई। इन डमी एक्टिविटीज में कोई भी टाइम कंज्यूमिंग या रिसोर्स कंज्यूम नहीं होगा क्योंकि चीजें तो वैसे ही होनी थी बट हमने क्या कर दिया एक चीज फिक्स सी हो गई हमारे पास कि किसके बाद कौन सी एक्टिविटी होगी।

[7:42]नो इवेंट इज कंसीडर्ड कंप्लीटेड, अंटिल ऑल द एक्टिविटीज लीडिंग टू इट हैव बीन कंप्लीटेड। सो कोई भी इवेंट तब तक कंप्लीट नहीं माना जाएगा जब तक एक्टिविटीज जो उससे कनेक्टेड हैं वो वहां पे कंप्लीट ना हो जाएं। यानी सेकंड इवेंट तब कंप्लीट माना जाएगा जब ए एक्टिविटी का काम जो है वो कंप्लीट हो जाए।

[7:59]अब तीन तरीके के टाइम की इसमें बात करते हैं हम पर्ट में एक है ऑप्टिमिस्टिक टाइम एक है मोस्ट लाइकली टाइम एक है पैसिमिस्टिक टाइम। ठीक है ऑप्टिमिस्टिक मतलब एटलीस्ट कि कितना लीस्ट कम से कम कितना टाइम है उस एक्टिविटी को कंप्लीट होने के लिए यानी कि कोई प्रॉब्लम नहीं आ रही है कोई इंटरफेरेंस नहीं हो रही है कोई हर्डल्स नहीं आ रहे हैं कोई दिक्कत नहीं हो रही है स्मूथली जा रहा है तब हम देखना चाह रहे हैं कि मिनिमम कितना टाइम लगेगा।

[8:21]जैसे अगर आप खतरों के खिलाड़ी देख रहे होते हो तो उसमें वो बोलते हैं ना कि पर्टिकुलर कई बार टाइम फिक्स कर देते हैं कि ये स्टंट आपको छह मिनट में करना है ठीक है सो वो क्या है वो अगर आप बहुत स्मूथली आराम से करेंगे जल्दी-जल्दी तो छह मिनट में वो इवेंट कोई भी कंप्लीट कर सकता है उस स्टंट को ठीक है सो ये क्या हो गया ऑप्टिमिस्टिक टाइम अब मान लो कुछ हर्डल आ गई या नॉर्मल सरकमस्टेंसिस नहीं हुए या वर्स्ट कंडीशंस हो गई तब ये इवेंट का टाइमिंग क्या रहेगा कि सब कुछ खराब हो रहा है उसके बाद भी हम फिक्स कर रहे हैं कि 12 मिनट में ये स्टंट कंप्लीट हो जाएगा दैट मींस वो क्या है पेसिमिस्टिक टाइम है।

[8:50]कि वर्स्ट कंडीशंस आ गई ना तो भी वो चीज कंप्लीट होगी। हम यहां प्रोजेक्ट की बात कर रहे हैं मैं एग्जांपल स्टंट का दे रही हूं एक ही बात हो गई कि कोई भी वर्स्ट सिचुएशन आ जाए तब उस स्टंट को कंप्लीट होने में कितना टाइम लगेगा तो वो क्या रहेगा पेसिमिस्टिक टाइम। हाउ मच टाइम इज रिक्वायर्ड टू कंप्लीट द एक्टिविटी अंडर नॉर्मल सरकमस्टेंसिस नॉर्मल सरकमस्टेंसिस में मतलब कभी थोड़े बहुत हर्डल्स आ रहे हैं बहुत ज्यादा वर्स्ट सिचुएशन है नहीं सो उस टाइम पे जब आप कंप्लीट करते हैं किसी चीज को तो वो रहेगा मोस्ट लाइकली टाइम।

[9:28]सो एक्सपेक्टेड टाइम जब हम कैलकुलेट करेंगे कि वो पूरी चीज कब कंप्लीट हो सकती है कि मान लो ये स्टंट का ही एग्जांपल लेके चलें हम खतरों के खिलाड़ी का कि छह मिनट का हमने क्या बोला ऑप्टिमिस्टिक टाइम है 12 मिनट का पैसिमिस्टिक टाइम है और मोस्ट लाइकली टाइम हम क्या लेके चल रहे हैं आठ मिनट का।

[9:47]ठीक है सो एक्सपेक्टेड टाइम कितना होना चाहिए? ये फार्मूला जो है हमारे पास ये टाइम कैलकुलेट करेगा। यानी ऑप्टिमिस्टिक टाइमिंग जैसा इस एग्जांपल में हम छह मिनट लगा के चल रहे हैं फिर है मोस्ट लाइकली जो कि आठ लगा के चल रहे हैं 8 * 4 हो जाएगा प्लस 8 * 4 = 32 फिर ये आ जाएगा पैसिमिस्टिक टाइम यानी 12 एंड अपॉन में 6।

[10:07]सो ये जो निकल के आएगा ये क्या है? ये उस एक्टिविटी को या उस स्टंट को कंप्लीट करने के लिए एक्सपेक्टेड टाइम जो है वो रहेगा। आई होप आपको ये चीज समझ आई होगी। पर्ट रिक्वायर्स सर्टेन टाइम एस्टिमेट्स टू बी एसोसिएटेड विद द कंप्लीशन ऑफ एवरी एक्टिविटी। सो एक टाइम जो है वो यहां पे हर एक्टिविटी के साथ मेंशंड रहेगा कि कौन सी एक्टिविटी कितने टाइम में कंप्लीट होगी तो टाइम पे बहुत ज्यादा फोकस होता है जब हम पर्ट की बात करते हैं।

[10:33]स्ट्रक्चर देखें पर्ट के चार्ट का तो जैसे यहां पे दिख रहा है ये इवेंट्स हैं ए बी सी डी ई एफ जी एच ये जो दिख रहे हैं आपको ठीक है ए जो है वो क्या रहेगा टेल इवेंट रहेगा क्योंकि यहां से चीजें शुरू हो रही हैं। ठीक है बी जो है बर्स्ट बर्स्ट इवेंट रहेगा क्योंकि यहां से बर्स्ट आउट हो के सी एफ और डी जो है वो निकल रहे हैं और एच के ऊपर ये ई एफ और जी जो है आ के यहां पे मर्ज हो रहे हैं सो ये क्या हो जाएगा मर्ज इवेंट हो जाएगा।

[11:04]सो ये इवेंट्स लॉजिकली दिख रहे होंगे आपको बस इनके नाम थोड़ा सा याद रखिएगा। अगर बेसिक स्टेप्स बात करें पर्ट की तो सबसे पहले तो ऑब्जेक्टिव्स का डिफाइन करना जो हम नॉर्मली हर एग्जांपल में या हर टेक्नीक में जो है करते हैं कि डिफाइन करनी है हमें चीजें कि कैसे होंगी क्या होंगी क्या करना है प्रोजेक्ट क्या है।

[11:20]फिर हम उसको प्लान करेंगे कि कैसे करना है ठीक है प्लान करने के बाद हम शेड्यूल करेंगे चीजों को कि कितना टाइम लगेगा कैसे स्टार्ट होगी चीजें कैसे फिनिश होंगी वो सारी की सारी चीजें हम शेड्यूल में दिखाएंगे।

[11:34]शेड्यूल के बाद हम रिसोर्सेज को एलोकेट करेंगे कि हमने सब कुछ कर लिया अब हमें लेबर चाहिए फाइनेंस चाहिए इक्विपमेंट्स चाहिए स्पेस चाहिए रिसोर्सेज चाहिए। सो वो रिसोर्स को एलोकेट करने का नेक्स्ट स्टेप रहेगा। रिसोर्स एलोकेशन के बाद कंट्रोल आ जाएगा जो कि फाइनल फेज रहेगा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का जिसमें हम क्या करते हैं क्रिटिकल पाथ मेथड भी कई बार यूज कर लेते हैं कि कैसे जो है चीजों को यूज करना है क्रिटिकल पाथ जो है वो वहां पे निकालना है।

[11:59]एडवांटेजेस की बात करें तो ये स्टार्ट डेट और एंड डेट जो है वो हेल्प डिटरमाइन करने में हमें हेल्प मिलती है यहां पे कि प्रोजेक्ट कब कंप्लीट होगा कितने फाइनेंस लगेंगे क्या चीजें होंगी मेजर फोकस यहां पे किस पे है टाइम पे है कि स्टार्टिंग कब होगी और एंड कब होगा सो टाइम पे बहुत ज्यादा फोकस दिया जाता है जब हम पर्ट की बात करते हैं।

[12:18]मैथमेटिकली थोड़ा सा सिंपल हो गया क्योंकि सारी चीजें इन्होंने डिफाइन की है कि ऐसे जो है इवेंट्स होंगे ये ये इवेंट्स होंगे ऐसे आप टाइम कैलकुलेट करेंगे तो वो सारी चीजें यहां पे मेंशन होती है तो मैथमेटिकली थोड़ा सा इजी हो जाएगा। इट इज वेरी यूजफुल एट वेरियस स्टेजेस ऑफ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट क्रिटिकल पाथ और सेलेक्ट टाइम प्रोवाइड करेगा मतलब एटलीस्ट कितना टाइम लग रहा है जो हमने अभी बात की ना ऑप्टिमिस्टिक टाइम की सो वो सारी चीजें हैं तो वो हेल्पफुल रहेंगे हमारे लिए।

[12:45]इट हेल्प्स टू डिटरमाइन वेदर द प्रोजेक्ट इज गोइंग एज पर शेड्यूल और नॉट जैसे हमने शेड्यूलिंग की थी स्टेप्स में देखा था वैसे ही चीजें चल रही हैं या नहीं चल रही हैं चीजें हो रही हैं या नहीं हो रही हैं कोई जो क्रिटिकल पाथ एक्टिविटी है उसका क्या इफेक्ट हो रहा है किसी भी दूसरी एक्टिविटी के ऊपर कॉस्ट कितनी लगेगी रिसोर्सेज कैसे यूज हो रहे हैं सो वो सारी चीजें यहां पे मेंशन हैं।

[13:08]फोकस टाइम पे है बहुत ज्यादा है सो किसी भी चीज की अति तो खराब होती है तो डिसएडवांटेज में हम ये चीज ले सकते हैं कि टाइम पे जो है वो टाइम फोकस्ड मेथड है ये। विदिन टाइम कंप्लीट करने की ये बात करते हैं। सब्जेक्टिव एनालिसिस की बात करते हैं ओवरऑल क्योंकि जो आप प्रोजेक्ट हेड कर रहे हैं जो प्रोजेक्ट आप देखना चाह रहे हैं वो सब प्रोजेक्ट अलग-अलग होंगे ना सो कोई भी ऑब्जेक्टिविटी की बात नहीं हो रही है, प्रिडिक्शन इन एक्यूरेसी कई बार हो सकती है या और भी इश्यूज हो सकते हैं जो कि हर एक प्रोग्राम में होते हैं।

[13:37]ठीक है जी सो ये था पर्ट एनालिसिस या पीईआर टी टेक्नीक के थ्रू हम कैसे जो है प्रोजेक्ट को मैनेज करेंगे या इवेलुएट या रिव्यू करेंगे तो ये टाइम फ्रेम जो हमने बताए थे तीन तरीके का टाइम वगैरह तो ये याद रख लीजिएगा। फुल फॉर्म याद रख लीजिएगा। दिस वाज ऑल अबाउट टुडे अगर कुछ समझ नहीं आया है तो कमेंट करके पूछ लीजिएगा समझ आ गया है इनफॉर्मेटिव लगी है वीडियो तो इंकलकेट लर्निंग को सब्सक्राइब कर दीजिएगा और बाकी फ्रेंड्स के साथ शेयर कर दीजिएगा ताकि उन लोगों के लिए भी हेल्पफुल हो जाए। दिस वाज ऑल अबाउट टुडे थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग बी हैप्पी एंड कीप स्माइलिंग।

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